: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | छोटी सी बात को न मानने से दुनिया में रोज़ मरते हैं 800 बच्चे

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | छोटी सी बात को न मानने से दुनिया में रोज़ मरते हैं 800 बच्चे





सेहत  | ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे से एक दिन पहले Unicef (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) ने एक ऐसा आंकड़ा जारी किया है जिसे जानकार सबके होश उड़ गए हैं। सिर्फ हाथ न धोने की आदत का पालन न करने की वजह से दुनिया भर में हर दिन 800 से ज्यादा बच्चे मौत के मुंह में चले जाते हैं। इन बच्चों की मौत असल में हाथ न धोने की गलती से होने वाली निमोनिया और डायरिया जैसी बीमारियों से होती है।

Unicef की ओर से जारी की गयी रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता की कमी के करण हर साल दुनिया भर में तीन लाख बच्चों की डायरिया से मौत हो जाती है। इन मौतों को सही तरीके से हाथ धोकर रोका जा सकता है। यूनिसेफ के 'जल एवं स्वच्छता' के वैश्विक प्रमुख संजय विजेसेकेरा ने कहा, 'हर साल निमोनिया और डायरिया जैसी बीमारियों से 14 लाख बच्चों की मौत हो रही है। बच्चों और उनके परिवारों को हाथ धोने के फायदे के प्रति जागरुक कर के मौतों को काफी कम किया जा सकता है।'

संजय के मुताबिक शौचालय के इस्तेमाल के बाद और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने से डायरिया के मामलों में 40 प्रतिशत तक की कमी आती है। सही तरीके से हाथ धोने से बच्चे में संक्रमण की दर तो कम होती ही है, वे बीमारी से बचने के कारण स्कूल में भी ज्यादा समय दे पाते है।' यूनिसेफ के आकड़ों के मुताबिक एक ग्राम मल में सौ अरब बैक्टीरिया होते हैं और वैश्विक स्तर पर पांच में से सिर्फ एक आदमी ही शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ धोता है। ऐसे में शौच के बाद सही तरीके से हाथ धोने वाले बच्चों में डायरिया का खतरा 40 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

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