: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | एसओ इस्लामनगर और उनकी टीम पर हत्या का मुकदमा

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | एसओ इस्लामनगर और उनकी टीम पर हत्या का मुकदमा








बदायूँ | पुलिस हिरासत में कालीन व्यापारी जैनुल आब्दीन की मौत के मामले में एसओ इस्लामनगर और उनकी हमराह टीम के खिलाफ सीओ बिल्सी अभिषेक यादव ने हत्या का मुकदमा कराया है। एसएसपी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। एसएसपी ने लापरवाही के आरोप में एसओ इस्लामनगर सीपी सिंह और दो सिपाहियों को शुक्रवार को ही सस्पेंड कर दिया था। एसओ और उनकी पूरी टीम पर हत्या का मामला दर्ज होने के बाद इस्लामनगर थाने में हड़कंप मचा है।

इस्लामनगर थाना क्षेत्र में मुड़ियाधुरेकी-बेहटा पाठक रोड पर 11 जुलाई को एक जली हुई मारुति वैन मिली थी। वैन में जला हुआ एक शव भी था। इस शव की शिनाख्त सहसवान के मोहल्ला शहबाजपुर निवासी जैनुल आब्दीन पुत्र शौकत के रूप में की गई थी। अज्ञात लोगों के खिलाफ इस्लामनगर थाने में उसकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस को पता लगा कि जैनुल आब्दीन जीवित है। उसने इंश्योरेंस की 65 लाख की रकम हड़पने को यह ड्रामा किया था। करीब ढाई महीने बाद 26 अक्तूबर को पुलिस ने जैनुल को बुलंदशहर के डिबाई से दबोच लिया था। उसे इस्लामनगर थाने में रखा गया था। मारुति वैन में मिला शव किसका था? इस बारे में पुलिस जैनुल से पूछताछ कर रही थी। गुरुवार रात जैनुल की पुलिस हिरासत में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस्लामनगर एसओ सीपी सिंह दावा करते रहे कि उसकी मौत हार्टअटैक से हुई है। तीन डॉक्टर के पैनल ने पोस्टमार्टम किया तो पता लगा कि जैनुल की मौत की वजह हैंगिंग है। इसके बाद एसएसपी महेंद्र यादव ने एसओ इस्लामनगर सीपी सिंह, कांस्टेबल गौरव कुमार और विशु कुमार को सस्पेंड कर दिया था। शनिवार को एसएसपी के आदेश पर सीओ बिल्सी अभिषेक यादव ने एसओ इस्लामनगर सीपी सिंह और उनकी टीम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद थाने में हड़कंप मचा हुआ है। अब अधिकारी इस मामले में बयान देने से भी बच रहे हैं।
 इस्लामनगर थाने का ड्यूटी अफसर भी सस्पेंड
हिरासत में कालीन व्यापारी की मौत के मामले में एसओ इस्लामनगर सीपी सिंह, कांस्टेबल गौरव कुमार और विशु कुमार को सस्पेंड करने के बाद एसएसपी ने शुक्रवार देर रात थाने के दिवस अधिकारी इतेश तोमर को भी सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों की मानें तो मामले में कुछ और लोगों पर भी गाज गिर सकती है। सूत्रों ने बताया कि जैनुल ने थाने की हवालात में खुदकुशी की थी। घटना के वक्त इतेश तोमर बतौर ड्यूटी अफसर तैनात थे। इतेश तोमर ने पूरे मामले को घुमाने की कोशिश की। अधिकारियों को सच्चाई नहीं बताई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब सच्चाई सामने आई तो अफसर भी दंग रह गए। इसके बाद एसएसपी ने ड्यूटी अफसर इतेश तोमर को भी सस्पेंड कर दिया। 

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