: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूं.लाइसेंस नहीं फिर भी लगते हैं बारूद के ढेर

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूं.लाइसेंस नहीं फिर भी लगते हैं बारूद के ढेर





बदायूं : दीवाली जब जब करीब आती है तो रईस आतिशबाज की छोटी बिटिया शाजिया की आंखों में वह मंजर ताजा हो जाता है जिसमें उसने सब कुछ खो दिया था। हृदय विदारक इस हादसे को भले ही चार साल होने को जा रही हैं लेकिन अपनों को खोने का गम मासूम के दिल से नहीं निकला है। जिम्मेदारों की अनदेखी की वजह से हुए इस हादसे में उस मासूम से माता-पिता का साया छिना था। एक के बाद एक तीन लाशें पल भर में बिछ़ीं तो वह पड़ोस के ही अपने एक रिश्तेदार के घर पर थी। हालांकि इस हादसे के बाद प्रशासन ने घनी बस्तियों में चल रहे आतिशबाजी के कार्य को बंद किया तो सभी लाइसेंस भी निरस्त कर दिए थे। कड़ी चौकसी बरती गई लेकिन समय बदलने के साथ ही अब उस ओर कोई मानीट¨रग नहीं की जा रही है। इसी ढील का नतीजा है कि फिर से घनी बस्तियों में चोरी छिपे बारूद के ढेर लगने लगे हैं।

खुफिया एजेंसियों की नजर से दूर शहर में करीब आधा दर्जन ठिकानों पर आतिशबाजी बनाने का कार्य किया जा रहा है। घनी बस्तियों में होने वाले इस काम से किसी भी वक्त कोई और विस्फोट हो सकता है। इस बात को लेकर आसपास के लोग काफी ¨चतित हैं। दीवाली करीब आते ही आतिशबाज चोरी छिपे आतिशबाजी तैयार कर रहे हैं तो इस धंधे से जुड़े व्यापारियों ने अभी से गोदाम भरने शुरू कर दिए हैं। फायर ब्रिगेड से न तो कोई एनओसी ली गई है और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई अनुमति। फिर भी पूरी तैयारी के साथ बड़े पैमाने पर यह धंधा किया जा रहा है। कबूलपुरा, सोथा, लालपुल के आसपास धंधेबाज दीवाली के करीब आते ही सक्रिय हैं जिससे लोग काफी भयभीत हैं। लोगों को इस बात का भय है कि बस्तियों में किसी वक्त कोई विस्फोट हुआ तो पता नहीं क्या से क्या हो जाए। सबसे खास बात यह है कि त्योहार करीब आने के बाद भी जिम्मेदारों ने कोई सर्च आपरेशन नहीं चलाया है।

शहर में त्योहार करीब आते ही चाइनीज पटाखों की भी खेप उतरने लगी है। यह पटाखे इंसान की आंखों को खतरा पैदा करते हैं तो दमा और सांस की भी बीमारियों को बढ़ावा देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो तेज आवाज के साथ सतरंगी छटा बिखेरने वाले यह चाइनीज पटाखे काफी खतरनाक हैं। घनी बस्तियों में इनके चलाने से लोग बीमारी की जद में आ जाते हैं। डॉक्टर इन पटाखों से दूर रहने की सलाह अभी से दे रहे हैं।

शस्त्र कार्यालय से दीपावली पर आतिशबाजी की बिक्री करने के लिए आवेदकों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। शहर में गांधी ग्राउंड में सामूहिक रूप से आतिशबाजी की दुकानें लगाने की तैयारी है। इसी तरह तहसीलों और कस्बों में भी खुली जगह में आतिशबाजी की दुकानें लगाई जाएंगी। शस्त्र कार्यालय में आ रहे आवेदनों पर एसडीएम और सीओ की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर ही लाइसेंस निर्गत किए जाएंगे।

किसी के पास आतिशबाजी में पटाखे आदि बनाने का लाइसेंस नहीं है। इस बात की जानकारी हमने जुटा ली है। घनी बस्तियों के बीच अगर कोई चोरी छिपे आतिशबाजी तैयार कर रहा है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि त्योहार के करीब कोई अप्रिय घटना न होने दी जाए।


  •  अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी

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