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बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूँ,सनातन संस्कृति की मूल हैं गाय माता





बदायूँ, | नगर के बिरुआबाड़ी मंदिर के गीता भवन में श्रीमद ब्रह्मदत्त गौशाला की ओर से दिव्य गौकथा का आयोजन किया गया। इसमें विख्यात संत गोपाल मणि जी महाराज ने कहा कि गौ माता हमारी संस्कृति की मूल हैं। वेद शास्त्रों में गाय को मां का सम्मान दिया गया है, शास्त्रों में स्पष्ट है कि गाय विश्व की माता है। 80 करोड़ हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का प्रतीक गाय है। साथ ही उन्होंने गाय के दिव्य गुणों के बारे में बताया।

संत ने कहा कि गाय हमारे भाग्य की रेखा को बदलती है। गौ दर्शन सबसे अच्छा दर्शन है और गौ सेवा सर्वोत्तम सेवा है। इस दौरान अशोक खुराना, संजीव वैश्य, आलोक प्रकाश, पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता, दीपमाला गोयल, अंबरीश गोयल, सुनील गुप्ता, मुरारी सक्सेना, नवीन गुप्ता, विमला देवी मिश्रा, सुरेश चंद्र गुप्ता, केशव वैश्य, शिवेंद्र मोहन खुसरिया आनंद कुमार, मनोज कुमार, गिरधारी राठौर, सतेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। इस दौरान भारतीय गौ क्रांति मंच के जिलाध्यक्ष के रूप में वरिष्ठ गौसेवक केशव वैश्य एवं महिला जिलाध्यक्ष के रूप में दीपमाला गोयल को मनोनीत किया गया।

जिले में 16वें पड़ाव पर पहुंची गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा
बदायूं। गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाए जाने के लिए संत गोपाल मणि जी महाराज गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा निकाल रहे हैं। यह यात्रा 676 जिलों में घूमेगी। यात्रा 164वें पड़ाव पर पहुंची। यह यात्रा नौ मई 2016 को उत्तराखंड गंगोत्री धाम से प्रारंभ हुई थी। इसका समापन 18 फरवरी 2018 को दिल्ली में होगा। अब तक यात्रा जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के जिलों जा चुकी है। जिले में इस यात्रा का स्वागत किया गया।

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