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रामगोपाल ने लिखी एक और चिट्ठी, बोले- आसुरी शक्तियों से घिरे हैं नेताजी | बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार





उत्तर प्रदेश | साल के लिए निकाले जाने के बाद रामगोपाल यादव ने फिर एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी।
बड़े भाई है ‌बल्कि राजनीति में मेरे गुरू भी रहे हैं और रहेंगे। मैं ताउम्र उनका सम्मान करता रहूंगा। वह इस वक्त जरूर कुछ आसुरी शक्तियों से घिरे हुए हैं। जब वह इन ताकतों से मुक्त होंगे तब उन्हें सच्चाई का एहसास होगा।
उन्होंने लिखा कि मैं समाजवादी पार्टी में रहूं या न रहूं। इस धर्मयुद्घ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हूं और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने तक रहूंगा। मुझे पार्टी से निकाले जाने का कोई दुख नहीं है। मेरे ऊपर जो घटिया आरोप लगाए गए हैं। उससे मुझे पीड़ा जरूर हुई है। लोकतांत्रिक राजनीति में अन्य दलों के नेताओं से मिलना कोई अपराध नहीं।
रामगोपाल ने बताया कि सैफई में एक पारिवारिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‌बुलाने के लिए जरूर मैं नेताजी के साथ मोदी जी से मिला था। पिछले दिनों भाजपा के एक सांसद ने पहले शिवपाल सिंह के पुत्र की शादी के उपलक्ष्य में एक भोज दिया था, फिर पार्टी के ही एक सांसद ने भाजपा के उस सांसद के स्वागत में भोज दिया था। उस कार्यक्रम में नेताजी व मुलायम दोनों ही मौजूद थे। ये बातें उठाना घटिया सोच को दर्शाता है।

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