add by google

add

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूँ,राजनीति का नहीं, परिवार का है विवाद : ओमकार सिंह




बदायूँ  | समाजवादी पार्टी में चल रही उठापटक पर स्थानीय नेता सकते में हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं। रविवार को अधिकतर नेताओं ने अपने मोबाइल फोन के स्विच आफ कर रखे थे। बमुश्किल ग्राम्य विकास मंत्री ओमकार से सिंह से इस बाबत बात हुई तो उन्होंने इसे पारिवारिक विवाद बताया। उनका कहना है कि तीन में सब ठीक हो जाएगा। वहीं श्रम सविंदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. यासीन अली उस्मानी ने कहा कि इस घमासान पर वह बहुत दुखी और चिंतित हैं। उनका कहना है कि फिरकापरस्त ताकतें काम कर रही हैं। केंद्र में बीजेपी की सरकार है। ऐसे में सभी कोशिश करेंगे कि पार्टी में दो धड़े न बने। पार्टी में चल रहे घमासान को शांत करे दोबारा सत्ता में वापसी की जाएगी।

बंदरबांट का है झगड़ा   
रुपये और सत्ता का बंदरबांट करने को झगड़ा हो रहा है। सपा का अंतिम समय चल रहा है। दीपक बुझने से पहले तेज लौ करता है और उसके बाद बुझ जाता है। इसी तरह सपा का सूर्य अस्त होने वाला है।
हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष भाजपा 
सत्ता के लिए नाटक  
सपा नाटकबाजी कर रही है, जिससे लोगों को बेवकूफ बनाकर दोबारा सत्ता में आया जा सके। सपा में कोई भी अनर्गल बयान दे देता है। यह पार्टी अब समाप्ति की ओर है।
हेमेंद्र गौतम, जिलाध्यक्ष बसपा  
यह चुनावी स्टंट है
सपा का पारिवारिक झगड़ा महज चुनावी स्टंट है। सत्ता के लिए घमासान किया जा रहा है। अब तक शांत रहने वाले लोग एकदूसरे पर इल्जाम लगा रहे हैं। यह केवल सपा की पार्टी सुधारने की कोशिश है, लेकिन जनता इसमें फंसने वाली नहीं है। 
साजिद अली, कांग्रेस 
जिला स्तर पर भी सपा में मच चुका घमासान
समाजवादी पार्टी में प्रदेश स्तर मचे घमासान से पहले जिले की सपा कार्यकारिणी में घमासान मच चुका है। इसमें शहर विधायक आबिद रजा को निगम के अध्यक्ष पद से हटाया गया था। उस वक्त जो आग लगी थी, उसकी चिंगारी जिले में अभी तक सुलग रही है। इसे बुझाने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन मामला अब भी गर्म बना हुआ है। इस बारे में सदर विधायक आबिद रजा से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में कोई भी बयान देने से साफ इंकार कर दिया।


Comments

add by google

advs