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बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | आरोपी इशरत की जमानत अर्जी खारिज




बदायूं : प्रभारी डीजीसी हत्या कांड के पांचवें आरोपी इशरत की जमानत याचिका प्रभारी जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने खारिज की।

मालूम हो कि 23 मई 2016 की शाम साढ़े छह बजे प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा कचहरी का कामकाज निपटाने के बाद शाम साढ़े छह बजे निवास स्थान उझानी स्कूटी से जा रही थीं। स्कूटी नौकर बिहारी चला रहा था। वह पीछे बैठी थीं। जिरौलिया के पास कार ने पीछे से स्कूटी में टक्कर मार दी, जिससे वह गिर गईं बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उझानी थाने में उनकी छोटी बहन विपर्णा गौड़ एडवोकेट ने हत्या करने के आरोप में उझानी थाने में पीसी, मस्ताना, राजू, ¨पटू, इशरत, गिरीश, यासीन बाबा आदि के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में शिथिलता होने के कारण विपर्णा ने विवेचना को क्राइम ब्रांच बरेली को स्थानांतरित करा दिया था। उक्त मामले में पीसी, मस्ताना, गिरीश, यासीन बाबा आदि आरोपियों की जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी ने जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी ने न्यायालय की सभी जमानत अर्जियां अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव के यहां ट्रांसफर कर दीं। श्री श्रीवास्तव ने इशरत की जमानत अर्जी की सुनवाई की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस नहीं की। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जवाहर ¨सह यादव व विपर्णा गौड़ एडवोकेट ने बहस की। उन्होंने न्यायालय के समक्ष आरोपियों की कॉल डिटेल में दर्शाई गई कॉलों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि घटना से पहले व घटना के पश्चात सभी आरोपियों से एक-दूसरे से वार्तालाप हुई है। इसके अलावा इशरत के पास से रुपये बरामद हुए तब कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करने के आदेश दिए।

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