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बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | आज का सुविचार 06/11/216






  • यदि कोई दुर्बल मानव तुम्हारा अपमान करे तो उसे क्षमा कर दो, क्योंकि क्षमा करना ही वीरों का काम है, परंतु यदि अपमान करने वाला बलवान हो तो उसको अवश्य दण्ड दो | 
  •  क्षमा से क्रोध को जीतो, भलाई से बुराई को जीतो, दरिद्रता को दान से जीतो और सत्य से असत्यवादी को जीतो 
  •  दानी कभी दुःख नहीं पाता, उसे कभी पाप नहीं घेरता |
  •  कोई इन्सान दो आदमियों की एकनाथ खिदमत नहीं कार सकता; चाहे प्रभु की उपासना कर लो, चाहे कुबेर की |
  •  न्याययुक्त व्यवहार करना, सौंदर्य से प्रेम करना तथा सत्य की भावना को ह्रदय में धारण करके विनयशील बने रहना ही सबसे बड़ा धर्म है |
  •  दोष निकलना सुगम है, उसे अच्छा करना कठिन | 
  •  गुरु का भी दोष कह देना चाहिए |
  •  धीरज सारे आनंदों और शक्तियों का मूल है |
  •  धैर्य कडुवा होता है, पर उसका फल मीठा होता है |
  •  असफलता नहीं, अपितु निकृष्ट ध्येय ही अपराध है | 
  •  महान ध्येय का मौन में ही सृजन होता है | 

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