: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : आरबीआई ने दी सशर्त ढील, खत्म हुई 24000 रुपये हर हफ्ते निकासी की सीमा

आरबीआई ने दी सशर्त ढील, खत्म हुई 24000 रुपये हर हफ्ते निकासी की सीमा



नई दिल्ली: सोमवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से सर्कुलर जारी कर शर्त के साथ हर हफ्ते 24000 रुपये निकासी की सीमा में ढील दी है। आरबीआई ने इसमें किसी नई लिमिट का जिक्र नहीं किया है। ऐसा माना जा रहा है कि आरबीआई ने बैंकों से कैश निकासी की सीमा इस शर्त के साथ खत्म कर दी है कि कोई भी व्यक्ति 29 नवंबर से वैध करेंसी (10, 20, 50, 100, 500 और 2000 रुपये के नोट) के रूप में जितना कैश बैंकों में जमा करेंगे उतना ही निकाल सकेंगे। यह लिमिट 24000 रुपये हर हफ्ते की मौजूदा लिमिट के ऊपर होगी। लेकिन अगर आप बैंकों में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कर रहे हैं तो आप पहले के नियम के मुताबिक एक हफ्ते में सिर्फ 24,000 रुपये ही निकाल पाएंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 8 नवंबर को 500 और1000 रुपये के बड़े नोट बैन करने की घोषणा की थी।
सरल भाषा में समझिए तो यदि आपने आज अपने खाते में 5000 रुपये वैध करंसी के रूप में जमा किये। तो आप इस हफ्ते 24000 + 5000 = 29000 रुपये निकाल सकते हैं। यह फैसला लोगों की सैलरी आने से ठीक पहले सिस्टम में करंसी का प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसलिए नहीं निकाल सकते पहले की जमा की हुई रकम:
जानकारी के मुताबिक अब तक राशि की पहले जांच की जाएगी और उन खातों को खंगाला जा रहा है जिनमें नोटबंदी के बाद अचानक बड़ी राशि जमा की गई। इसलिए मौजूदा समय में पहले की जमा राशि आप तय सीमा के मुताबिक ही निकाल पाएंगे।
केंद्रीय बैंकों ने बैंकों को दिए निर्देश:
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर सहित सभी बैंकों के चेयरमैन, एमडी, सीईओ को दिशानिर्देश जारी किए। केंद्रीय बैंक का मानना है कि खातों से निकासी की मौजूदा लिमिट को देखते हुए कुछ जमाकर्ता अपना पैसा अकाउंट्स में जमा करने में संकोच कर रहे थे।
आरबीआई ने क्यों किया फैसला:
आरबीआई का मानना है कि कैश विदड्राल की लिमिट के चलते लोग नई करेंसी बैंकों में जमा नहीं कर पा रहे थे। इस वजह से बाजार में नए नोटों का सर्कुलेशन का सामान्य नहीं हो पा रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि सैलरी की तारीख नजदीक आने की वजह से आरबीआई ने यह राहत दी है। इसीलिए आरबीआई ने यह राहतभरा फैसला किया है।
बैंकों में जमा हुए इतने करोड़ रुपये:
आंकड़ों के मुताबिक 500 और 1,000 के पुराने नोटों में कुल 8.45 लाख करोड़ रुपये जमा और बदले जा चुके हैं। यह आंकड़ा 27 नवंबर तक का है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में यह जानकारी दी। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस दौरान बैंकों ने काउंटर और एटीएम के जरिए 2.16 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। 33,948 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले गए हैं। लोगों ने बैंक काउंटरों या एटीएम के जरिए 2,16,617 करोड़ रुपये निकाले हैं।
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