: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : छह डाक घरों के 26 खातों से हुआ 72 लाख का गबन

छह डाक घरों के 26 खातों से हुआ 72 लाख का गबन



डाक विभाग में एटीएम कार्ड चोरी करने के बाद खातों से किए गए करीब 72 लाख रुपये के गबन मामले में कई नए तथ्य उजागर हुए हैं। डाक विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले में कार्रवाई के नाम पर भेदभाव कर रहे हैं। गबन के आरोप में निलंबित किए गए 12 डाक कर्मियों के निलंबन की मियाद को 180 दिन और बढ़ा दिया गया है। डाक विभाग में यह घोटाला जुलाई के पहले सप्ताह में सामने आया था। घोटाला खुलने के बाद सचिन वर्मा नाम के एक डाक कर्मी ने फांसी लगाकर खुदकुशी भी कर ली थी।
डाक विभाग ने पिछले साल एटीएम सेवा शुरू की थी। डाक विभाग के कुछ कर्मचारियों ने बंद हो चुके 26 खातों को मुख्य डाक घर में ट्रांसफर किया। यह खाते दातागंज, सहसवान, बिल्सी, बिसौली, गुन्नौर और बबराला उप डाक घरों के थे। बाद में इन खातों में ऑनलाइन किया गया। इनमें मोटी रकम होना दर्शा कर इनके एटीएम जारी कराए और इन एटीएम के जरिए करीब 72 लाख रुपये गबन कर लिए। मामले में अब तक 13 लोगों को सस्पेंड किया जा चुका है। गौर करने वाली बात यह है कि विभाग ने कार्रवाई के मामले में भी भेदभाव किया है। दातागंज और सहसवान के डाक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जबकि बिल्सी, बिसौली, गुन्नौर और बबराला में अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में जांच की निष्पक्षता सवालों के घेरे में है। जांच के दौरान कई चीजें साफ हो गई हैं। छह उप डाकघरों से 26 खातों को मुख्य डाक घर में ट्रांसफर किया गया था। इसमें विभाग के तीन सिस्टम मैनजर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
- कहां कितना गबन
उप डाकघर    खाते    रमक
दातागंज    3    12.50 लाख
गुन्नौर        3    13.43 लाख
बबराला    3    9.56 लाख
सहसवान    4    19 लाख
बिल्सी        3    10 लाख
बिसौली    10    2.75 लाख
एटीएम जारी करने वालों पर कार्रवाई नहीं
बदायूं। गबन के लिए कुल 26 खातों का इस्तेमाल किया गया। इन खातों के एटीएम दो डाक कर्मियों की आईडी से जारी किए गए। एक आईडी से 10 और दूसरी से 16 एटीएम जारी हुए। सूत्रों की मानें तो एटीएम कार्ड चोरी करने के बाद एटीएम से रुपये निकालने वाले कुछ डाक कर्मियों की वीडियो फुटेज भी है। पोस्ट मास्टर जनरल के कार्यालय में यह वीडियो फुटेज सुरक्षित है। एटीएम कार्ड जारी करने वाले डाक कर्मियों पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। घोटाला साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है। लेकिन, डाक विभाग ने अब तक साइबर क्राइम सेल से भी मदद नहीं मांगी है।
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निलंबित किए गए डाक कर्मियों के निलंबन की मियाद को बढ़ा दिया गया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है उसी प्रकार से मामले में कार्रवाई चल रही है। जन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है उनको सस्पेंड किया जा चुका है। उच्च अधिकारियों की जानकारी में पूरा प्रकरण है। मैं इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधिक्षक

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