: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : अखिलेश-प्रशांत की 3 घंटे चली मीटिंग, 129 सीटों पर हुई चर्चा; CM बोले- सपा-कांग्रेस गठबंधन चाहते हैं तो कौन रोकेगा

अखिलेश-प्रशांत की 3 घंटे चली मीटिंग, 129 सीटों पर हुई चर्चा; CM बोले- सपा-कांग्रेस गठबंधन चाहते हैं तो कौन रोकेगा





लखनऊ. यूपी में महागठबंधन की संभावनाओं के बीच सोमवार को अखिलेश यादव और कांग्रेस स्‍ट्रैटजिस्‍ट प्रशांत किशोर के बीच 3 घंटे तक मीटिंग चली। बताया जा रहा है कि मीटिंग में गठबंधन और 129 सीटों को लेकर चर्चा हुई है। बता दें, इससे पहले अखिलेश ने प्रशांत किशोर को मीटिंग के लिए समय नहीं दिया था। ऐसे में अब इस मीटिंग के बाद फिर से कयास लगने शुरू हो गए हैं कि कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन हो सकता है। मीटिंग में अखिलेश ने चुनावी फायदों को समझा...
- सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश और पीके के बीच सीएम आवास पर चली लंबी मीटिंग में सीएम ने प्रशांत से कांग्रेस से गठबंधन के चुनावी फायदों को समझा।
- बताया जा रहा है कि मीटिंग में 129 सीटों को लेकर चर्चा हुई है। साथ ही पीके ने दूसरे दलों के साथ गठबंधन, जातीय समीकरण जैसी चीजों के बारे में भी अखिलेश को बताया।
- मीटिंग के बाद ये भी तय हुआ है कि अगली मीटिंग में सपा और कांग्रेस के कई बड़े नेता भी शामिल होंगे।
पीके से पहले मुलायम से हुई अखिलेश की मीटिंग
- इस मुलाकात से पहले अखिलेश, मुलायम सिंह से भी उनके आवास पर जाकर मिले थे, जहां 45 मिनट तक दोनों के बीच मीटिंग चली।
- मीटिंग से बाहर आने के बाद सीएम ने कहा कि चुनाव नजदीक है। सभी पहलू पर नेताजी विचार कर लें। अगर सपा-कांग्रेस गठबंधन चाहते हैं तो कौन रोकेगा।
- बता दें, इस बीच मुलायम सिंह दो दिन के दौरे पर दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
गठबंधन को लेकर मुलायम के टच में हैं प्रशांत किशोर
- बता दें, प्रशांत किशोर यूपी में गठबंधन को लेकर मुलायम सिंह से दो बार मिल चुके हैं।
- 6 नवंबर को शिवपाल यादव की मौजूदगी में दो फेज में दोनों के बीच करीब 6 घंटे तक बातचीत हुई थी। मीटिंग में अखिलेश को भी शामिल होना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे थे।
- उस समय ही अखिलेश ने प्रशांत को मिलने का वक्त भी नहीं दिया था।
- वहीं, इसके पहले 1 नवंबर को दिल्‍ली में मुलायम और प्रशांत की मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग को कराने में अमर सिंह का बड़ा रोल बताया गया था।
एक मंच पर साथ आए थे बड़े नेता
- लखनऊ में 5 नवंबर को हुए सपा के रजत जयंती प्रोग्राम में मुलायम सिंह ने समाजवादियों को एक मंच पर लाने की कोशिश की थी।
- प्रोग्राम में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव, आरएलडी चीफ अजित सिंह, जेडीयू के सीनियर लीडर केसी त्यागी मौजूद थे।
- एचडी देवगौड़ा ने कहा भी था, 'सांप्रदायिक ताकतों से निपटने के लिए सेक्युलर लोगों को साथ आना होगा।'
- इन सारी स्थितियों को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि यूपी में भी बिहार की तर्ज पर महागठबंधन हो सकता है।

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