Budaun express is an online news portal & news paper news in Budaun .Badaun to keep you updateed with tha latest news of your own district covering

Breaking

November 30, 2016

BJP आलाकमान को भा गए मनोज तिवारी, मिली दिल्‍ली की कमान




नई दिल्ली (जेएनएन)। उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद और भोजपुरी अभिनेता-गायक मनोज तिवारी को सतीश उपाध्याय की जगह दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें दिल्ली की कमान दिए जाने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की नजर पूर्वांचली वोटों पर है।
इनके समर्थन से भाजपा अगले वर्ष होने वाले नगर निगमों के चुनाव में जीत हासिल करना चाहती है। तिवारी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने की चर्चा पिछले कई महीने से थी लेकिन किसी न किसी कारणवश हर बार मामला टल जा रहा था।
मनोज तिवारी के सियासी सुर-ताल, गाना गाकर बताया CM केजरीवाल का हाल
बुधवार सुबह पार्टी हाई कमान ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए उनके नाम की घोषणा कर दी। जिसके कुछ देर बाद वह प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के मार्ग दर्शन और कार्यकर्ताओं की मेहनत से आने वाले चुनावों में भाजपा एतिहासिक जीत हासिल करेगी।



कार्यालय में पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। उनके पदभार ग्रहण करते समय निवर्तमान अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के साथ ही केंद्रीय मंत्री और चांदनी चौक के सांसद डॉ. हर्षवर्धन व केंद्रीय खेल राज्यमंत्री विजय गोयल सहित सभी सांसद, दिल्ली प्रदेश भाजपा प्रभारी श्याम जाजू, नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता, प्रदेश भाजपा के सभी पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
जानिए, पूर्वांचल में लोकप्रिय नेता मनोज तिवारी को क्यों मिली दिल्ली की कमान
पूर्वांचल के मतदाताओं को जोडऩे में मिलेगी मदद
फरवरी 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी को 70 में से मात्र तीन सीटें मिली थी जिसके बाद से ही प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा शुरू हो गई थी लेकिन उस समय उपाध्याय ने अपनी कुर्सी बचा ली थी।
मनोज तिवारी पूर्वांचल के लोगों में खासे लोकप्रिय हैं। इसलिए उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने से भाजपा को लाभ मिलेगा। दिल्ली की लगभग 40 फीसद आबादी पूर्वांचलियों की हैं और इसमें से बड़ी संख्या अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों में रहती है। जहां आम आदमी पार्टी का अच्छा जनाधार है।
बताया जा रहा है कि मनोज तिवारी के नाम पर सहमति तीनों एमसीडी के 13 वॉर्डों में हुए उपचुनावों से पहले ही बन गई थी, लेकिन बीच में उप चुनावों की वजह से प्रदेश अध्यक्ष को बदलने के मसले को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। अब जाकर इसका एलान हुआ है।
मनोज तिवारी का सियासी सुर, केजरीवाल को बताया विदेशी दुश्मन का एजेंट
बिहार के रहने वाले हैं
45 वर्षीय मनोज तिवारी मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) से उच्च शिक्षा हासिल की है।
बीएचयू क्रिकेट टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। 2009 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन भाजपा के योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भारी मतों से हरा दिया था। उसके बाद 2014 में वह भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने उन्हें उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा जहां से जीतकर वह संसद पहुंचे।

No comments:

Post a Comment

zhakkas

zhakkas