: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | डीएम के दिए थे कड़े निर्देश, दमकल वाहन भी नहीं आए नजर :मिनी कुंभ

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | डीएम के दिए थे कड़े निर्देश, दमकल वाहन भी नहीं आए नजर :मिनी कुंभ





बदायूँ  | मिनी कुंभ से विख्यात ककोड़ा मेले को जहां भव्यता प्रदान करने के लिए मंडल व जिला स्तरीय अधिकारी मुकम्मल तैयारियों के लिए निर्देश दे चुके हैं।  वहीं अधिनस्थों को इसकी कोई परवाह नजर नहीं है। उदाहरण यह है कि सोमवार को  झंडी पूजन होना है और ठीक एक दिन पहले यानि रविवार तक सफाई कर्मचारी नदारद  रहे। जबकि मेला के आरंभ से पहले ही हमेशा सफाई कर्मचारी पहुंचते रहे हैं।  इस बार स्थिति उलट है। दमकल की टीम भी नहीं पहुंच पाई है।

मेला की सफाई  व्यवस्था के लिए लगाए गए सात नोडल अधिकारी, तीन ईओ व चार एडीओ पंचायत,  ग्राम पंचायत अधिकारी नगर पंचायत की ओर से लगाए गए हैं, लेकिन फिर भी सफाई व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। इतना ही नहीं रेत में घास, फूंस में टेंट लगने लगे हैं। दमकल का भी टेंट लग चुका है। फायर ब्रिगेड नदारद है। मेला कोतवाली में रेडियो वायरलेस सेट जहां हमेशा झंडी पूजन से  पूर्व ही लगा दिया जाता था। वह भी अभी तक नहीं लगा है। कंट्रोल रूम बनने के साथ ही मेला मुख्यालय के संपर्क में रहेगा। जबकि प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ होने लगी है। दुकानें सजना शुरू हो गई हैं। आधे से ज्यादा लग भी चुकी हैं। श्रद्धालु भी पहुंचना शुरू हो गए हैं।
वहीं आज मेला ककोड़ा में झंडी पूजन किया जाएगा। ककोड़ा देवी मंदिर से गंगा तट पर झंडी को ले जाया जाएगा।  जिला पंचायत अध्यक्ष मधुचंद्रा, डीएम पवन कुमार, मेलाधिकारी जंगबहादुर  यादव समेत तमाम अधिकारी गण गंगा तट पर हवन पूजन कर और दुग्धाभिषेक कर मेले  को सफल बनाने की कामना करते हुए आह्वान करेंगे। इसके साथ ही मेला आरंभ हो जाएगा। इससे पूर्व सभी तैयारियां पूरी होना आवश्यक है। बता दें कि सभी  विभागों की समीक्षा बैठक भी की
गंगा में नहीं होगा विसर्जन
कादरचौक। गंगा को गंदगी से मुक्त रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जाएगी।
अभियंता  संजय शर्मा ने बताया कि गंगा में किसी भी प्रकार का विर्सजन नहीं किया जाएगा। गंगा तट पर गड्ढे खोदे गए हैं। इनमें ही भू-विर्सजन किया जाएगा। ताकि गंगा प्रदूषण मुक्त रहे।
खेल, तमाशे, झूले का सामान पहुंचा
कादरचौक।  मेले में खेल, तमाशे, झूलों का सामान पहुंचने के साथ लगना भी शुरू हो गया  है। वहीं खान-पीन की दुकानें भी सज गई हैं। लोगों ने पहुंचकर इसका लुत्फ भी  लेना शुरू कर दिया है। वहीं श्रद्धालु भी पहुंचना शुरू हो गए हैं। कटरी  में रौनक नजर आने लगी है। इधर,
मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए पाकेर  ऐम्यूजमेंट कंपनी के मैनेजर आरके पंडित ने बताया कि मेला में झूला, मौत का  कुआं, ड्रैगन, टोराटोरा, चांदतारा, कलमबाक्स, नाव, मशहूर जादूगर, किंगपासा,  माया जादूगर, पिघलने वाली लड़की, भूतबंगला, शीशे का खजाना, सिनेमा हाल के  अलावा बच्चों के छोटे खेल तमाशे भी पहुंच गए हैं। वहीं भारत सर्कस का सामान भी पहुंचने लगा है। हापुड़ से भी खेल तमाशे का सामान पहुंचना शुरू हो गया  है

No comments:

Post a Comment

zhakkas

zhakkas