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बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | प्राइवेट डॉक्टर भी जुड़ेंगे सुरक्षित मातृत्व अभियान से





नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास में निजी डॉक्टरों को भी शामिल करने के लिए शुक्रवार को 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' शुरू किया।
इसके तहत देश भर में निजी प्रैक्टिस कर रहे या निजी अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टर महीने की नौ तारीख को स्वेच्छा से अपनी मुफ्त सेवा सरकारी अस्पताल को दे सकेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) और स्त्री रोग विशेषज्ञों के सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ऑफ ओब्सटेट्रिक एंड गायनाकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (फॉगसी) ने भी इसमें पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया है।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को इस अभियान के लिए विशेष वेबसाइट और मोबाइल एप भी जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार गर्भवती महिलाओं को बेहतर सेवा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों रेडियो पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम मन की बात में निजी डॉक्टरों से अपील की थी कि वे भी इसमें सरकार का सहयोग करें। इसके बाद बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने इसके लिए इच्छा जताई।
इस अभियान की वेबसाइट के जरिए निजी डॉक्टर खुद को रजिस्टर कर सकेंगे। उसके बाद उन्हें संबंधित सरकारी अस्पताल के साथ रजिस्टर कर दिया जाएगा।
कितने निजी डॉक्टरों के कार्यक्रम से जुड़ने की उम्मीद है, यह पूछने पर आइएमए के अध्यक्ष एसएस अग्रवाल ने कहा, 'कुछ समय बीतने दीजिए, फिर आप यह गिनती कर सकेंगे कि किस-किस ने इसमें भागीदारी नहीं की है। सभी निजी डॉक्टर इच्छुक हैं।'
स्वास्थ्य सचिव सीके मिश्र ने कहा कि अभी सरकार सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही निजी डॉक्टरों की सेवा लेने पर काम कर रही है। क्योंकि यहां बाकी सुविधाएं भी मुफ्त उपलब्ध हैं। मंत्रालय के मुताबिक अगले चरण में निजी डॉक्टरों को अपने संस्थानों में भी हर महीने की नौ तारीख को ऐसी सेवा देने की अपील की जा सकती है।.

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