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बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बालिकाओं ने सीखा स्ट्रेचर बनाना, ऊंचाई से उतारना






बदायूँ | अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में चल रहे प्रखर बाल संस्कारशाला की ओर से कादरचौक क्षेत्र के प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालय निधानपुरा में बालिकाओं को आत्मरक्षा और आग से दूसरों का जीवन बचाने के गुर सिखाए गए।

गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि बालिकाएं आत्मरक्षक बनें और प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने के लिए हमेशा तैयार रहें। आपदा कभी कहकर नहीं आती। प्रकृति थोड़े-थोड़े अंतराल में भूकंप की पुनरावृतियां करके चेतावनी देती है। ऐसे में प्रकृति से खिलवाड़ करना छोड़ दें। बालिकाओं ने आपदा के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार देना भी सीखा। प्रधानाध्यापक परमवीर सिंह दीवला ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की प्रत्येक समस्या का समाधान हैं। प्रशिक्षण पाकर बालिकाएं आत्मरक्षक बनेंगी और राष्ट्र की सेवा के लिए सृजन सैनिकों के रूप में हमेशा तैयार रहेंगी।
बच्चों को मरीज को ले जाना, स्ट्रेचर बनाना, ऊंचाई से उतारना, गहराई से निकालना, भोजन तैयार करना आदि का ट्रेनिंग दी गई। शिक्षिका लतारानी ने कहा कि जैसी समस्या वैसे समाधान के लिए बालिकाएं आत्मरक्षक बनकर स्वयं को तैयार रखें। शिक्षिक हरिश्चंद्र ने बच्चों के कार्यों की प्रसंशा की। इस मौके पर शिक्षक नेत्रपाल शर्मा, पृथ्वीराज यादव, अर्चना, किरन, सीमा, शिवलेश, काजल, दीक्षा, रेखा, सपना, बबली, करिश्मा, बबिता, रूबी, क्रांति, निशा, पंकज, विवेक, विनयवीर, अंकित, उपेंद्र, शिवम, चरनजीत आदि मौजूद रहे।

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