: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मी की गला रेतकर हत्या

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मी की गला रेतकर हत्या







स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मी श्रीपाल की उसके ही घर में दोस्तों ने गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के वक्त श्रीपाल की पत्नी प्रीति भी घर पर मौजूद थी, लेकिन उसका कहना है कि वह किसी को नहीं पहचानती। श्रीपाल के चार दोस्त बुधवार रात उसके घर पर शराब पीने आए थे। प्रीति ने इन लोगों के लिए खाना भी बनाया। पुलिस मामले में पड़ताल कर रही है।

इस्लामनगर थाने के कस्बा रुदायन के वार्ड नंबर एक निवासी श्रीपाल (26) पुत्र राधेलाल रुदायन स्वास्थ्य केंद्र में स्वीपर था। बुधवार रात श्रीपाल के दो दोस्त उसके घर आए। कुछ देर रुकने के बाद वह दोनों श्रीपाल के साथ उसकी बाइक से चले गए। इसके बाद रात में करीब 11 बजे दो श्रीपाल की बाइक और एक अन्य बाइक से दो लोग फिर से श्रीपाल के घर आए। बकौल श्रीपाल की पत्नी प्रीति उससे पति ने कमरे में जाने को कह दिया। वह कमरे में चली गई। बाहर के कमरे में श्रीपाल और उसके दोस्त थे। सभी शराब पी रहे थे। रात में एक बजे तक वह जागती रही। इसके बाद वह सो गई।
गुरुवार सुबह जब प्रीति जागी, तो उसके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। उसके शोर करने पर पड़ोस के पप्पू ने दरवाजा खोला। जब उसने दूसरे कमरे में देखा तो पति श्रीपाल मृत पड़ा था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। इसके बाद प्रीति ने खबर आंवला स्थित अपने मायके वालों को दी। इसी दौरान पुलिस भी आ गई। मौका मुआयना के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रीति की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

चौकाने वाले पहलू आ सकते हैं सामने 
रुदायन/इस्लामनगर। स्वास्थ्य विभाग के स्वीपर श्रीपाल की हत्या के पीछे कई ऐसी पहेलियां हैं, जिनको सुलझाना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। मृतक की पत्नी प्रीति का कहना है कि जो चार लोग बुधवार रात उसके घर आए उनको वह नहीं जानती। पड़ोसियों की मानें तो दो लोग अक्सर श्रीपाल के घर आते थे। पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह है कि श्रीपाल की हत्या के दौरान उसकी पत्नी और दो मासूम बेटियां भी घर में थीं। खुद प्रीति का कहना है कि वह रात एक बजे तक जागती रही। उसने सभी लोगों के लिए खाना भी बनाया था। आखिर रात में किस तरह से श्रीपाल की हत्या की गई कि उसकी चीख तक नहीं निकली। इतना तो साफ है कि हत्यारे श्रीपाल के करीबी ही हैं। वारदात का खुलासा होने पर कई चौंकाने वाले पहलू भी सामने आने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। सवाल यह भी है कि श्रीपाल की पत्नी के कमरे का दरवाजा बाहर से किसने बंद किया।

मृतक आश्रित कोटा में मिली थी नौकरी
इस्लामनगर। श्रीपाल के पिता राधेश्याम भी स्वास्थ्य विभाग में स्वीपर थे। नौकरी के दौरान ही उनकी करीब पांच साल पहले मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद श्रीपाल को स्वास्थ्य विभाग में मृतक आश्रित कोटा के तहत नौकरी मिली थी। वह रुदायन स्वास्थ्य केंद्र पर ही तैनाती पाने में भी सफल हो गया था। मृतक की एक बेटी की उम्र करीब तीन और एक की डेढ़ साल है।

मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना के संबंध में कुछ क्लू मिले हैं। हत्या की वजह साफ नहीं हो रही है। जल्द वर्कआउट कर दिया जाएगा।

  •   संजय राय, एसपी देहात

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