: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिल्सी,सुबह तड़के ही दिल्ली के लिए सवारियां ढो रही प्राइवेट बसें

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिल्सी,सुबह तड़के ही दिल्ली के लिए सवारियां ढो रही प्राइवेट बसें






बिल्सी में उप संभागीय परिवहन निगम अधिकारियों की अनदेखी के कारण दर्जन से अधिक बसें डग्गामार में संचालित होकर दिल्ली के लिए सवारी ढोकर मुनाफा कमा रहे हैं। रोडवेज विभाग को प्रतिदिन हजारों की आय को चूना लगाया जा रहा है। सुबह साढ़े चार बजे से अ‌र्द्धरात्रि तक डग्गामार बसें बेरोक-टोक धड़ल्ले से दौड़कर सवारी ढोती हैं।
बिल्सी, इस्लामनगर, बहजोई, संभल, गजरौला के रास्ते दिल्ली के लिए सुबह तड़के साढ़े चार बजे से लेकर रात्रि 12 बजे तक डग्गामार प्राईवेट बसें रोडवेज से कम किराए पर 160 से 180 दिल्ली का किराया बिना टिकिट दिए धड़ल्ले से सवारियों को दिल्ली पहुंचा रहे हैं। दिल्ली वाडर पर खड़ी होकर यही बसें गजरौला, संभल, बहजोई, बिल्सी बिसौली, सहसवान के राते होकर बदायूं पहुंचती है। डग्गामार बसों पर उपसंभागीय परिवहन अधिकारी अपने कार्यालय बदायूं रोड स्थित पर जांच करें तो कई बसें डग्गामार हिरासत में आ सकती है। राजनैतिक पहुंच रखने वाले लोगों की बसें पुलिस के आर्थिक समझौता से आरटीओ बहजोई, अमरोहा, गजरौला, गाजियाबाद की अनदेखी के कारण धड़ल्ले से संचालित हो रही है। दिल्ली वार्डर से यात्री भर कर चलने वाली डग्गामार बसों में व्यापार कर विभाग को चूना लगाकर प्रतिदिन कारोबारी दिल्ली से खरीददारी कर प्राइवेट डग्गामार बसों से सामान लाते हैं। संभल, बहजोई, बिल्सी, इलामनगर, उघैती, बदायूं, में दिल्ली से खरीदा रेडीमेड व मोबाइल आदि समान उतारा जाता है। प्रतिदिन लाखों का सामान खरीदकर लाने वाले धंधेबाजों पर व्यापार कर विभाग भी अपना शिकंजा नहीं कस पा रहा है। प्राइवेट डग्गामार बसों पर अंकुश लग जाए तो दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसों की आमदनी बदायूं, बरेली डिपो की डेढ़ गुनी हो जाएगी। फिर भी परिवहन निगम चुप्पी साधे हुए है।
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