: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : US में हिलेरी की जीत के लिए इंडिया के इस गांव में हवन शुरू,

US में हिलेरी की जीत के लिए इंडिया के इस गांव में हवन शुरू,





लखनऊ. | अमेरिका में होने वाले प्रेसिडेंशियल इलेक्‍शन को लेकर इंडिया का भी एक गांव चर्चा में है। दरअसल, लखनऊ के जबरौली गांव में हिलेरी क्लिंटन की जीत के लिए हवन-पूजन शुरू कर दिया गया है। बता दें, 17 जुलाई 2014 को इस गांव में बिल क्लिंटन पहुंचे थे, जिसके बाद उस दौरे को लेकर यहां काफी हलचल हुई थी। 2 साल बाद गांव हिलेरी क्लिंटन के लिए हो रहे हवन को लेकर फिर चर्चा में है और सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। इस गांव को क्लिंटन फाउंडेशन ने गोद लिया था। लोगों ने कहा- हिलेरी भारत आएं तो गांव भी आएं...
- जबरौली गांव के लोगों का मानना है कि जिस वक्‍त बिल क्लिंटन यहां आए थे, उस समय कुछ दिनों के लिए ही सही, लेकिन गांव की सूरत बदल गई थी।
- उसी तरह अगर हिलेरी क्लिंटन इलेक्शन जीतती हैं तो हो सकता है कि वे अपने भारत दौरे के दौरान गांव भी आएं।
- इसीलिए लोग उनकी जीत के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं और हवन भी कर रहे हैं।
गांव के लोगों को मिलने नहीं दिया गया था...
- बिल क्लिंटन के दौरे के दौरान लोगों को लगा था कि गांव में विदेशी राष्ट्रपति आ रहे हैं तो यहां का कायाकल्प हो जाएगा।
- उनके आने से पहले गांव में थोड़ा-बहुत बदलाव भी हुआ था। कई सरकारी बिल्डिंग्‍स भी पेंट की गई थीं।
- जिस खस्ताहाल सड़क से क्लिंटन को गुजरना था, वो भी टेम्परेरी तौर पर नई बनी थी।
- ग्रामीणों के मुताबिक, बिल ने गांव में करीब 4 घंटे समय बिताया, लेकिन गांव के लोगों को उनसे मिलने नहीं दिया गया था।
बिल के आने को लेकर गांव में मना था जश्‍न
- गांव के प्रधान रमेश चंद्र गौर ने बताया था कि गांव में उस वक्‍त हर घर में बिल क्लिंटन के आने का जश्न मना था।
- हर कोई यही सोचता था कि उनके आने से गांव में एक बड़ा बदलाव होगा, लेकिन ये सब कुछ घंटों की शोबाजी थी।
- गांव का एक भी आदमी उनके पास तक नहीं पहुंच सका था।
कौन हैं डोनाल्‍ड ट्रम्‍प और हिलेरी क्लिंटन?
- बता दें, यूएस इलेक्शन में डोनाल्ड ट्रम्प रिपब्लिकन पार्टी से, तो हिलेरी क्लिंटन डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट हैं।
- ट्रम्प 2001 तक डेमोक्रेटिक पार्टी के रजिस्टर्ड कैंडिडेट थे, जबकि हिलेरी 1968 से पहले तक रिपब्लिकन थीं।
- हिलेरी डेमोक्रेट कैंडिडेट हैं तो ट्रम्प रिपब्लिकन कैंडिडेट हैं, लेकिन पहले दोनों का अपोजिट पार्टी से नाता रहा है।
- हिलेरी बताती हैं कि वे रिपब्लिकन सोच के साथ बड़ी हुई हैं। उनके पिता रिपब्लिकन थे। हिलेरी 1964 में रिपब्लिकन प्रेसिडेंट कैंडिडेट रहे बोरिस मोरिस गोल्डवॉटर से काफी प्रभावित थीं।
- हिलेरी के मुताबिक, 1964 में उन्होंने उस समय के प्रेसिडेंट लिंडन बी जॉनसन से काफी इंस्पायर हुईं। 1968 में वे डेमोक्रेटिक हो गईं।
- डोनाल्ड ट्रम्प पहले डेमोक्रेटिक पार्टी को सपोर्ट करते थे। 2001 तक वे इस पार्टी के रजिस्टर्ड मेंबर थे।
- ट्रम्प ने 2009 में रिपब्लिकन पार्टी में रजिस्ट्रेशन कराया। पहले वे रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों को चुनावी चंदा देते रहे हैं।
कोई भी जीते, लेकिन बनेगा रिकॉर्ड
- ट्रम्प जीते तो वे यूएस के सबसे उम्रदराज प्रेसिडेंट होंगे। 14 जून 1946 को उनका जन्म हुआ। 70 साल के हैं।
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