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सदर सीट पर सपा ने खेला मुस्लिम कार्ड




बदायूं : सपा के गढ़ में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अचानक बढ़ गई हैं। फाइनल टिकट जारी कर सपा ने सदर के साथ दातागंज और बिल्सी के समीकरण भी बदल दिए हैं। सदर में अपनी सीट पर कब्जा बरकार रखने की नीयत से मुस्लिम कार्ड खेला है। जबकि बिल्सी में टिकट बदलकर अपने पुराने प्रत्याशी को ही फिर मैदान में उतारा है जबकि दातागंज युवा प्रत्याशी पर दांव लगाया है। सपा का टिकट घोषित हो जाने से पखवारे भर से लगाए जा रहे तमाम कयासों और अटकलों पर भी विराम लग गया है।
सपा मुखिया मुलायम ¨सह का बदायूं से गहरा रिश्ता है। उनके भतीजे सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस रिश्ते को और प्रगाढ़ बनाया है। वर्तमान में जिले की छह में से चार सीटें सत्ताधारी पार्टी सपा के पास हैं। तीन सीटों बिसौली में आशुतोष मौर्य, सहसवान में ओमकार ¨सह यादव और शेखूपुर में आशीष यादव मौजूदा विधायकों को अपेक्षा के अनुरूप टिकट मिल गया है। सदर सीट सपा के लिए चुनौती बनी हुई है, वजह यह है कि मौजूदा विधायक आबिद रजा पार्टी से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह पिछले दिनों कांग्रेस से आए फखरे अहमद शोबी को मैदान में उतारा है। सदर सीट पर शोबी चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। पिछली बार वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे तब उन्हें चौथा स्थान मिला था। इससे पहले 2007 के चुनाव में भी वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे तब भी उन्हें चौथा स्थान ही प्राप्त हुआ था। उसके पहले 2002 में भी वह चुनाव लड़े थे तब भी स्थिति कुछ इसी तरह की रही थी। उसके पहले 1996 में बसपा के टिकट पर भी भाग्य आजमा चुके हैं। अब सपा ने उन्हें मौका दिया है, प्रत्याशी के साथ पार्टी के लिए भी इस सीट को बचाये रखने बड़ी चुनौती होगी।
सहसवान से विधायक ओमकार ¨सह सरकार में राज्यमंत्री हैं, बिसौली विधायक आशुतोष मौर्य भी मजबूत स्थिति में हैं और शेखूपुर से विधायक आशीष यादव भी दो बार से विधायक हैं। इन लोगों को टिकट मिलना पहले से ही तय था और अपेक्षा के अनुरूप इनका टिकट फाइनल हो गया है। बिल्सी में सपा ने पहले उदयवीर शाक्य को टिकट देकर मैदान में उतार दिया था। हालांकि उनके टिकट को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं, जब विमल कृष्ण अग्रवाल को बिल्सी विधानसभा क्षेत्र का प्रभार सौंपा गया था तभी साफ हो गया था कि वही चुनाव लड़ेंगे। आज उनका टिकट भी घोषित हो गया। विमलकृष्ण बिल्सी से पिछला चुनाव लड़ चुके हैं और दूसरे नंबर पर रहे थे। दातागंज में पहले पार्टी ने पूर्व विधायक प्रेमपाल ¨सह के युवा पुत्र अवनीश यादव को टिकट दिया है, लेकिन इनका टिकट काटकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना ¨सह के पुत्र कैप्टन अर्जुन ¨सह को मैदान में उतारा है। यह जिला पंचायत सदस्य हैं और कुछ दिनों पहले ही उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। सपा की तस्वीर साफ हो जाने के बाद अब विपक्षी दलों में भी रणनीति बनने लगी है। अब सभी की निगाहें भाजपा के टिकट पर लगी हैं।
सदर सीट पर सपा किसी मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतारेगी यह तो पहले से तय था। इसलिए आधा दर्जन लोग टिकट की दौड़ में शामिल थे। दौड़ में शामिल नेताओं में कुछ सांसद धर्मेंद्र यादव का खुद को करीबी बता रहे थे तो कुछ सपा मुखिया मुलायम ¨सह यादव के करीब होने की बात कह रहे थे। कुछ दिनों पहले ही फखरे अहमद शोबी सपा में शामिल हुए थे और अब टिकट भी मिल गया। पहले से तैयारी कर रहे सपा नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

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