: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : कहीं भारत के नक्शे से गायब न हो जाए उत्तराखंड !

कहीं भारत के नक्शे से गायब न हो जाए उत्तराखंड !





देहरादून। उत्तराखंड में पहले आग ने जंगलों को खाक कर दिया। उसके बाद भारी बारिश ने लोगों की जान ली, और अब खबर आ रही है कि प्रदेश में भयानक भूकंप आने वाला है। ये Earthquake इतना तेज़ होगा कि शायद भारत के नक्शे से पूरा प्रदेश की गायब हो जाए। इसका खुलासा एक रिपोर्ट में किया गया है।

Earthquake से पूरा देश होगा प्रभावित
उत्तराखण्ड भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और किसी भी समय बेहद शक्तिशाली Earthquake की चपेट में आ सकता है। हालांकि इन रिपोर्ट्स में निश्चित समय का जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन आशंका है कि यह भूकंप जनवरी में आ सकता है।

विज्ञान प्रौद्योगिकी और भू विज्ञान राज्य मंत्री वाइएस चौधरी ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के हिमालयी क्षेत्र पर सिंगापुर की भू वेधशाला ने कई शोध पत्र जारी किए हैं। जो बताते हैं कि यह केंद्रीय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और पिछले 500 सालों के दौरान इस इलाके में कोई भी बड़ा भूकंप नहीं आया है। ऐसे में बड़ी संभावना है कि हाल के सालों में किसी बेहद शक्तिशाली भूकंप का सामना करना पड़ जाए।
वहीं अमेरिकी वैज्ञानिक साइमन क्लैम्परर ने कहा कि बड़ा भूकंप 80 से सौ साल के बाद आता है। मध्य हिमालय क्षेत्र में बड़ा भूकंप आए 213 साल बीत चुके हैं। वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के शोध में Earthquake पट्टियों के सक्रिय होने की पुष्टि हुई है। पट्टियों की सक्रियता हिमालय क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका बढ़ा रही है।

हिमालय क्षेत्र में बड़ा Earthquake 1803 में आया था

इस क्षेत्र में आए भूकंपों का अध्ययन हो रहा है। इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग ने स्थिति का अध्ययन और आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के संबंध में काम शुरू कर दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य हिमालय क्षेत्र में बड़ा भूकंप 1803 साल में आया था। इसके झटके से दिल्ली में कुतुब मीनार का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके साथ ही मथुरा  और आसपास के क्षेत्र में नुकसान हुआ था। इस भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी के पास था। इसके बाद इस क्षेत्र में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया। इसी वजह से वैज्ञानिक एक और बड़े भूकंप को लेकर आशंकित हैं।

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