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दुर्भाग्य है कि हम ताजमहल से आगे नहीं बढ़ पाए: मोदी




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ताजमहल का नाम सुनकर दुनिया भर के लोगों को लगता है कि जाना चाहिए। लेकिन, दुर्भाग्य से हम ताजमहल से आगे नहीं बढ़ पाए।

उन्होंने कहा कि दुनिया में जहां भी प्राचीन सभ्यताएं रही हैं, उन देशों के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आइकोनिक चीजें महत्वपूर्ण होती हैं। भारत में हमारे राजा-महाराजाओं ने हर इलाके में किले और भवन बनवाएं हैं जिनकी अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। लेकिन दुर्भाग्य से इन किलों और भवनों की उपेक्षा के कारण हम ताजमहल से आगे नहीं बढ़ पाए। पीएम मोदी ने अपील की कि किलों से टूरिज्म का माहौल बनाएं और शिवाजी के बनवाए गए किलों से इसकी शुरुआत होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने खुद पुरातत्व विभाग से अनुरोध करने का वादा किया।

मुंबई में छत्रपति शिवाजी स्मारक के भूमिपूजन के बाद पीएम मोदी ने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा स्मारक होगा। मोदी ने शिवाजी महाराज के जल प्रबंधन की तारीफ की और कहा कि मुद्रा नीति, सामुद्रिक सुरक्षा को उन्होंने पहचाना और नौसेना गठित कर अरब सागर में कब्जा कर चुके पुर्तगालियों को खदेड़ा।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों की पहचान सिर्फ उनके किसी एक कार्य से नहीं हो सकती। इसी तरह छत्रपति शिवाजी का जीवन घोड़ा, तलवार, हार और जीत से परे है। भगवान राम से शिवाजी की तुलना करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने श्री राम की तरह गरीबों और किसानों को संगठित कर युद्ध के लिए तैयार किया।

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