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हाईवे पर जाओ तो संभालकर चलाना वाहन





बदायूं : शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शुमार रखने वाली यातायात व्यवस्था को सु²ढ़ करने के लिए तमाम हाईवे बनवाए गए। जिसके अंतर्गत एक हाईवे बदायूं से बरेली के लिए बनाया गया है। इस पर तेज रफ्तार में वाहन चलाना किसी खतरे से कम नहीं है। हाईवे पर कई जगहों पर गड्ढे हो चुके हैं। तो कई गड्ढों को मिट्टी व कंकरीट से भर दिया गया है। वाहनों की आवाजाही से यह हाईवे पर फैल गया है। यहां वाहनों के ब्रेक लगाने पर हादसे होते रहते हैं।
बदायूं से बरेली जाने वाली सड़क जब फोरलेन हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली। सोचा कि बाहरी जिलों में जाने के लिए रास्ता आसान हो गया। कुछ दिन तो हाईवे पर फर्राटा भरा गया। घंटों की दूरी मिनटों में पूरी होने लगी, पर चंद दिनों में ही हाइवे पर दरार पड़ने लगीं। बड़े-बड़े गड्ढे होने लगे तो अपनी जिम्मेदारों ने कंकरीट युक्त मिट्टी डालकर पल्ला झाड़ लिया। रसूलपुर आदि कई जगहों पर गड्ढों की मिट्टी हाईवे से ऊंची होने की वजह से रात में सामने से आ रहे वाहन की रोशनी की वजह से वह दिखाई नहीं देता और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। चार पहिया वाहन का चेचिस मिट्टी से टकरा जाता है। तो रात के समय ही हाईवे पर पड़ी बजरी पर ब्रेक लगाने से वाहन फिसल जाता है।
गड्ढों को भरने के लिए पुलिया किनारे डाला गया कंकरीट
हाईवे बना तो बीच में पड़ने वाली सभी पुलियों की हालत सुधारी गई। नए सिरे से सभी पुलिया बनवाई गईं। जिसमें कुछ पुलियों के किनारे पर हाईवे धंसने लगा तो यहां भी कंकरीट डाल दी गई। जिससे वाहन की तेज रफ्तार होने की वजह से बाइक सवार धोखा खा जाते हैं।
एक ही स्थान पर लगे दो माइलस्टोन
हाईवे पर पड़ने वाले बिनावर क्षेत्र के गांव बरखेड़ा के पास तकरीबन बीस मीटर की दूरी पर दो माइलस्टोन लगे हैं। जो बरेली की दूरी 31 किलोमीटर और वहां से बदायूं की दूरी 16 किलोमीटर प्रदर्शत कर रहे हैं। इनमें एक तो हाईवे पर लगा है तो दूसरा खेत के साइड धूल फांक रहा है।

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