: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : तो ये है मोदी के स्वाइप मशीन वाले भिखारी का असली राज

तो ये है मोदी के स्वाइप मशीन वाले भिखारी का असली राज






नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिसंबर को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अपनी रैली के दौरान एक व्हाट्सऐप वीडियो का जिक्र किया था जिसमें एक भिखारी भीख मांगने के लिए स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करता है। पीएम मोदी द्वारा जिक्र किए जाने के बाद ही इस वीडियो में दिखे स्वाइप मशीन वाले भिखारी की तलाश मीडिया ने शुरू कर दी। इंडियन एक्सप्रेस की खोज में पता चला कि ये वीडियो हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी न्यूमरो ग्राफिक क्रिएटिव सलुशंस प्राइवेट लिमिटेट ने अपने प्रचार के लिए बनवाया था। ये वीडियो नवंबर 2013 में बनाया गया था और यूट्यूब पर 16 जनवरी 2014 को  अपलोड किया गया था। ये कंपनी डाटा प्रोसेसिंग और विजुअलाइजेशन का काम करती है।

न्युमरो ग्राफिक की सह-संस्थापक कुलप्रीत कौर ने इंडियने एक्सप्रेस को बताया, “ये एक प्रमोशनल वीडियो है जो हमने बनाया था। हमने वीडियो शूट करने के लिए भिखारी को स्वाइप मशीन दी थी।” वीडियो में दिखने वाली महिला कुलप्रीत कौर ही हैं। कुलप्रीत ने बताया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मार्च 2013 में न्युमरो ग्राफिक की शुरुआत की थी। कुलप्रीत ने कहा, “हम क्रिएटिव वीडियो से अपनी कंपनी का प्रचार करना चाहते थे।” हमने कई बार देखा कि ट्रैफिक लाइट पर लोग छुट्टे न होने की वजह से भिखारियों को पैसे नहीं दे पाते। हमने क्रिएटिव सलुशंस टीम के तौर पर हमने भिखारी को पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन देकर छुट्टे की समस्या से निजात पाने वाला ये वीडियो बनाने के बारे में सोचा।

कुलप्रीत ने बताया कि उनकी टीम ने ये वीडियो हैदराबाद के जुली हिल्स ट्रैफिक सिग्नल पर मोबाइल फोन से बनाया था। कुलप्रीत कहती हैं, “हमें नोटबंदी या नकद-मुक्त अर्थव्यवस्था के लिए प्रयासों के बारे में तब कुछ भी नहीं पता था।” हैदराबाद के बंजारा हिल्स के साई बाबा मंदिर पर हर गुरुवार को ढेर सारे भिखारी इकट्ठा होते हैं। कुलप्रीत और उनके दोस्तों को वहां एक भिखारी मिल गया जो कुछ पैसों के बदले ये रोल करने को तैयार हो गया। कुलप्रीत कहती हैं, “हालांकि मैं उसका नाम पूछना भूल गई।”

कुलप्रीत और उनकी टीम उस भिखारी को लोकेशन पर ले आई और उसे स्वाइप मशीन देकर अभिनय करने के लिए कहा। भिखारी ने ठीक वैसा ही किया जैसा उसे कहा गया था। कुलप्रीत कहती हैं, “लाल बत्ती होने पर हमने शूटिंग शुरू की और हरी बत्ती होने तक उसे पूरा कर लिया।” कुलप्रीत के अनुसार शूटिंग के बाद भिखारी स्वाइप मशीन लौटाकर अपनी राह चला गया। कुलप्रीत कहती हैं, “प्रधानमंत्री के भाषण के बाद हमारा वीडियो वायरल हो गया है।”

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