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ट्रंप के फैसले से डरे नोएडा के हजारों कॉलसेंटर कर्मी





नोएडा। एनसीआर में चल रहे काॅलसेटरों में नोटबंदी का असर बेसक नहीं पड़ा हो, लेकिन कर्मचारियों में एक माह बाद ट्रंप के शपथ ग्रहण करने के बाद आने वाले फैसलों का डर जरूर बना हुआ है। दरअसल, अमेरिका में प्रेसिडेंट चुने के जाने के बाद ट्रंप ने बाहर के देशों में चल रही सभी यूएस काॅलसेंटर आैर कंपनियों को वापस लौटने का फरमान सुनाया है। हालांकि, अभी तक ट्रंप ने शपथ नहीं ली है। वह जनवरी में के लास्ट वीक में शपथ ले सकते हैंं। एेसे में शपथ लेने के बाद उनका क्या रुख होगा। क्या काॅलसेंटर आैर यूएस कंपनियां वापस चली जाएंंगी। एेसे में रोजगार छिनने के डर से हजारों काॅलसेंटर कर्मियों में इसका डर बना हुआ है। काॅलसेंटर कर्मियों का यह डर उनसे बात करने में नजर आया। एक यूएस बेस्ट काॅलसेंटर कर्मचारी ने बताया कि अब तक तो सब कुछ अच्छा चल रहा है, लेकिन जनवरी में क्या होगा। इसका डर बना हुआ है। इसका कारण अमेरिका में नवनिर्वाचित प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप की वह घोषणा है, जो उन्होंने चुनाव जीतने के तुरंत बाद देश से बाहर सभी यूएस कंपनियों को अपने देश लौटने का सुनाया है। अभी तक इसका कंपनी पर कोर्इ असर नहीं है, लेकिन उनके शपथ लेने आैर इस संबंध में कोर्इ बड़ा फैसला लेने पर कंपनी वापस जा सकती है। एेसे में यहां काम कर रहे लोगोंं की नौकरी चली जाएगी। इससे यहां काम कर रहे हजारों लोग बेरोजगार हो सकते हैं। नोएडा के सेक्टर-58 स्थित इंटरनेशनल काॅलसेंटर कर्मी अंकित ने बताया कि नोटबंदी पर उनके यहां कोर्इ असर नहीं हुआ है। उनके यहां पहले से ही अकाउंट में सैलरी आती है। उसके साथ ही हमारा सब काम आउटसोर्स है। एेसे में न तो काम पर कोर्इ असर आैर न ही सैलरी या छंंटनी जैसी कोर्इ बात है। सब कुछ अच्छा चल रहा है, लेकिन जनवरी माह के बाद क्या होगा। इसका थोड़ा सा डर जरूर बना हुआ है।

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