: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : नाबालिग ने लिखा खत, मम्मी को मेरे मामा ने गायब कर दिया और निर्दोष पापा जेल में

नाबालिग ने लिखा खत, मम्मी को मेरे मामा ने गायब कर दिया और निर्दोष पापा जेल में





बनारस। ‘ पुलिस अंकल मेरी मम्मी को मेरे मामा ने गायब कर दिया है और मेरे निर्दोष पापा पिछले 10 महीने से जेल में है। हमारा अब कोई सहारा नहीं है इसलिए मुझे इच्छा मृत्यु की इजाज़त दे दीजिये।’ ये इबारत लिखकर बुधवार को आई जी ज़ोन एस के भगत के ऑफिस पर चंदौली जनपद की रहने वाली 13 वर्षीय आकांक्षा पाण्डेय पहुंची तो प्रशासनिक अमले में खलबली मच गयी। मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए डीआईजी विजय भूषण ने एक राजपत्रित अधिकारी जांच के लिए नियुक्त कर जांच के आदेश दे दिए है।

चंदौली के बर्थारा ग्राम निवासी ओमप्रकाश पाण्डेय की बड़ी पुत्री आकांक्षा पाण्डेय (13 वर्ष) बुधवार सुबह अपने लिए इच्छा मृत्यु की मांग के साथ आई जी ज़ोन कार्यालय पहुंची। इतनी छोटी सी उम्र में इच्छा मृत्यु की मांग आखिर क्यों ? इस सम्बन्ध में आकांक्षा ने बताया कि ‘ हमारे पिता ओमप्रकाश पाण्डेय को पिच्च्ले साल दिसंबर माह में पुलिस पकड ले गयी और तब से वो जेल में हैं। जिस दिन वो जेल में गये उसके दो दिन पहले मम्मी गुडिया देवी भी घर से नाना की तबियत खराब होने और उन्हें देखने जाने की बात कहकर मामा के साथ गयी तो आज तक नहीं लौटी। बाद में पता चला कि पापा को मम्मी के अपहरण के मामले में जेल भेजा गया है। जबकि मम्मी हमसे कहकर हमारे मामा चंद्रशेखर तिवारी के साथ नाना के घर गयी थी। जिसकी मै चश्मदीद हूं। मेरा इस सम्बन्ध में 5 बार बयान थाना चंदौली में दर्ज होने कि तारीख़ दी गयी पर एक बार भी थाने पर हमारा बयान दर्ज नहीं किया गया।

पिछले 10  महीने से हम और मेरी छोटी बहन और छोटा भाई दादी के पास रहते है। वो किसी तरह हमें दो वक़्त की रोटी दे रही है। पैसे के अभाव में हमारी पढ़ाई भी छूट चुकी है। हम आज यहां आई जी ज़ोन से मिलकर अपने पिता के लिए न्याय या अपने लिए इच्छा मृत्यु की मांग करने आयें है। आकांक्षा के साथ आये वकील मयंक कुमार सिंह ने बताया कि 14 नवम्बर 2015 को आकांक्षा की मम्मी गुडिया देवी आकांक्षा के अनुसार अपने मामा के साथ गयी थी, लेकिन आकांक्षा के मामा चंद्रशेखर ने ओमप्रकाश पाण्डेय के ऊपर दहेज़ प्रताड़ना का मुकदमा 15 दिसंबर को लिखवा दिया। जिसमे बाद में अपहरण की धारा 364 बढ़ा दी गयी है। जबकि आकांक्षा के अनुसार उसकी मम्मी मामा के साथ गयी थी। अतः आज हम यहां न्याय की आस में आयें है।

इस सम्बन्ध में डीआईजी विजय भूषण ने बताया कि ‘ एक नाबालिग लड़की अपनी इक्छा मृत्यु के लिए आई जी ज़ोन के ऑफिस पहुंची थी। जिसकी समस्या को सुनकर एसपी चंदौली से बात हुई है। प्रारंभिक जांच के बाद एक राजपत्रित अधिकारी को इस प्रकरण की जांच के लिए नियुक्त किया गया है। जांच के बाद दोषियों के ऊपर सख्त कार्यावाही होगी।

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