: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : पुलिस से भिड़ने को तैयार थीं आक्रोशित महिलाएं

पुलिस से भिड़ने को तैयार थीं आक्रोशित महिलाएं



फिरोजपुर गांव में धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ को लेकर मंगलवार को बड़ा बवाल हो सकता था। ग्रामीणों के प्रदर्शन के दौरान कई बार टकराव के हालात बने। खास यह कि पुरुषों के साथ महिलाओं में भी खासा आक्रोश रहा। पुलिस कार्रवाई पर वे काफी नाराज थीं। पुुलिस और प्रशासन ने सूझबूझ से काम लिया, नहीं तो हालात बिगड़ सकते थे।

जाम लगाने वाले ग्रामीणों और महिलाओं का गुस्सा देखकर पुलिस को कई बार वैकफुट पर आना पड़ा। हालात खराब होने पर आसपास के थानों से भी फोर्स को बुला लिया गया। कई बार गुस्साए लोग पुलिस पर हमलावर भी हुए। उनका कहना था कि पुलिस पक्षपात कर रही है। एक दीवार गिराने पर तो 52 लोगों पर एफआईआर तुरंत कर ली गई और दूसरी दीवार गिराने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नोकझोंक के दौरान कई बार लाठी चार्ज तक की नौबत आ गई। हालांकि, अधिकारियों ने किसी तहत से लोगों को समझाबुझा कर मामले को निपटा लिया।
दरअसल रविवार रात को वर्ग विशेष के धार्मिक स्थल की दीवार गिराने के मामले में पुलिस ने 52 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और सोमवार शाम इनमें पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कई लोगों के घरों में पुलिस ने दबिश दी। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं से बदसलूकी भी की गई। महिलाओं में इसका गुस्सा रहा। बरेली रोड पर लाठी-डंडे लेकर जाम लगाने वाली महिलाएं एफआईआर की कार्रवाई वापस लेने और हिरासत मेें लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग कर रही थीं। महिलाओं और पुलिस के बीच कई बार तनातनी भी हुई। बाद में एसपी सिटी अनिल यादव ने सभी को छोड़ने का भरोसा दिया तब महिलाएं शांत हुईं।
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बाहर से नहीं आएगा कोई धर्मगुरु
दातागंज। अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच गांव में ही बैठक हुई। इसमें एक पक्ष के दिनेश, पुष्पेंद्र, सुखराम, तेजराम, दीपक, संदीप, भोगराज, सुरेश और दूसरे पक्ष के बिलाल बहमद, शफीक अहमद, डॉ. उस्मान, सिराजुद्दीन, मौसम अली आदि रहे। तय हुआ कि 52 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लिया जाएगा। गांव में कोई नई परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी। साथ ही गांव में किसी दूसरे स्थान का धर्मगुरु भी नहीं आएगा।

यह माहौल खराब करने के लिए किसी खुराफाती की हरकत है। दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। गांव में तनाव जैसी अब कोई बात नहीं है। एहतियात के तौर पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है।
-अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी

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