: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 08/30/16

रूस भी हो सकता है नाराज भारत-अमेरिका डील से झल्लाया चीन-पाक,


  बीजिंग। चीन की सरकार मीडिया का कहना है कि अमेरिका के साथ भारत का रक्षा समझौता करना एशिया में  उसे चीन-पाकिस्तान का दुश्मन बना सकता है।

 बीजिंग। अमेरिका के साथ भारत के ‘लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ को लेकर पड़ोसी देशों के चेहरे पर साफ तौर से शिकन देखी जा सकती है। चीन की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत का अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग समझौता करना चीन और पाकिस्तान को गुस्सा दिला सकता है उसका दोस्त रूस भी नाराज हो सकता है। इतना ही नहीं, भारत का यह कदम एशिया में नई दिल्ली के लिए 'रणनीतिक तौर' पर समस्या खड़ी कर सकता है। भारत के रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर और अमेरिकी रक्षामंत्री एश्टन कार्टर के बीच रक्षा समझौते से पहले चीन की सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपने संपादकीय में कहा कि अगर ये रक्षा समझौता अमेरिका के साथ होता है तो इससे भारत अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता खो देगा। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच जो मंगलवार को लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) हुआ है उसके तहत भारत और अमेरिका एक दूसरे की मिलिट्री सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पॉकेट मनी के नाम पर खर्च कर डाले 8.78 करोड़ रुपये, अखिलेश के मंत्रियों ने

   यूपी विधानसभा में मंगलवार को सरकार के मंत्रियों द्वारा पॉकेट मनी खर्च करने का ब्योरा पेश किया गया. इसके मुताबिक, अखिलेश सरकार के मंत्रियों ने मार्च 2012 से मार्च 2016 तक पॉकेट मनी में 8 करोड़ 78 लाख 12 हजार 474 रुपये खर्च कर डाले हैं. इसमें यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव एकमात्र ऐसे मंत्री हैं, जिन्होंने पॉकेट मनी पर कुछ भी खर्च नहीं किया.

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बता दें कि बीजेपी विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना के सवाल पर सरकार की ओर से मंत्रियों द्वारा पॉकेट मनी खर्च करने का ब्योरा दिया गया. इसमें पॉकेट मनी पर सबसे ज्यादा रकम संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमारी कोरी ने खर्च किया है. उन्होंने अब तक 22,93,800 रुपये खर्च कर डाले हैं. इस फेहरिस्त में आजम खान भी पीछे नहीं हैं. उन्होंने अब तक 22,86,620 रुपये खर्च किए हैं.

किस मंत्री ने खर्च किया कितना-

- संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमारी कोरी ने 22,93,800 खर्च किए हैं.

- कैबिनेट मंत्री आजम खान ने 22,86,620 रुपये खर्च किए.

- कैलाश चौरसिया जो कि सबसे अधि‍क खर्च करने वालों में तीसरे स्थान पर हैं, उन्होंने 22,85,900 रुपये खर्च किए हैं.

- शिवकुमार बेरिया पूर्व मंत्री हैं. उन्होने अपने मंत्री काल में 21,93,000 रुपये खर्च किए थे.

- ग्राम विकास मंत्री अरविंद कुमार सिंह 'गोप ने 21,87,900 रुपये खर्च किए.

- भूमि विकास और जल संसाधन राज्य मंत्री जगदीश सोनकर ने 21,53,000 रुपये खर्च किए.

- खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री रामकरन आर्य ने 21,08,000 रुपये खर्च किए.

- श्रम मंत्री शाहिद मंजूर ने 21,25,400 रुपये खर्च किए.

- ओमप्रकाश सिंह ने 20,51,200 रुपये खर्च किए.

- कमाल अख्तर ने 20,58,200 रुपये खर्च किए.

- राममृर्ति वर्मा ने 20,34,600 रुपये खर्च किए.

- फरीद अहमद ने 20,05,587 रुपये खर्च किए.

- व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास राज्यमंत्री प्रो. अभिषेक मिश्रा ने 18,94,103 रुपये खर्च किए.

- कृषि मंत्री विनोद सिंह ऊर्फ पंडित सिंह ने 19,74,955 रुपये खर्च किए हैं.

- परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह ने 18,86,600 रुपये खर्च किए हैं.

- खेल व युवा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामसकल गुर्जर ने 18,35,423 रुपये खर्च किए हैं.

- बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने 3,80,774 रुपये खर्च किए.

- राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी ने 2,63,400 रुपये खर्च किए.

- पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री साहब सिंह ने 1,81,000 रुपये खर्चे.

- समाज कल्याण राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध ने 1,92,500 रुपये खर्च किए हैं.

- स्टाम्प व पंजीयन मंत्री रघुराज प्रताप सिंह ने 7,50,300 रुपये खर्च किए हैं.

- पूर्व मंत्री कामेश्वर उपाध्याय काफी कम समय के लिए मंत्री थे, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 67,400 रुपये खर्च किए.

- महिला कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सैय्यदा शादाब फातिमा भी इस सूची में शामिल हैं. उन्होंने 72,500 रुपये ही खर्च किए.

खर्च करने की कितनी है सीमा
मंत्रियों के लिए पॉकेट मनी खर्च करने की सीमा की बात करें तो इसकी एक सीमा है. इसके तहत मंत्री प्रदेश में यात्रा के दौरान 25,00 रुपये प्रतिदिन और प्रदेश के बाहर, लेकिन देश के भीतर 3000 रुपये प्रतिदिन ही खर्च कर सकते हैं.

भारत और अमेरिका का पाकिस्तान को कड़ा संदेश


नई दिल्ली। भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वह हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम पर कार्रवाई करे। भारत और अमेरिका के बीच खुफिया जानकारी साझा करने पर सहमति हुई है। साथ ही भारत ने अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी को पाकिस्तान की ओर से हो रही घुसपैठ के बारे में जानकारी दी गई।

भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों देशों के बीच आतंकवाद पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ पर्यावरण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। स्वराज ने बताया कि सीमा पार आतंकवाद को लेकर कैरी को अवगत कराया गया। समुद्री सुरक्षा पर सहयोग मजबूतर करने पर भी दोनों देशों में सहमति बनी।
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों ही देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेदभाव नहीं होना चाहिए। दोनों देशों की ओर से पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया गया कि वह हाफिज मोहम्मद सईद, जैश ए मोहम्मद और दाऊद पर कार्रवाई करनी चाहिए। आतंकवाद शांति एवं पूरी दुनिया के लिए खतरा है। सुषमा एनएसजी में सहयोग के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया।


मिलिए पाकिस्तान के दबंग हिंदूू राजपरिवार से, आज भी करते हैं राज...


पाकिस्तान में आज भी एक दबंग राजपूत राजपरिवार राज कर रहा है जिनकी रक्षा खुद मुसलमान करते है। और इनकी चर्चा पुरे पाकिस्तान और हिंदुस्तान में है। बताया जाता है कि पाकिस्तान में इस परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हम्मीर सिंह के पिता चंदपाल सिंह पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी में हुआ करते थे। लेकिन बाद में इन्होने अपनी खुद की नई पार्टी का गठन किया। और उसका नाम पाकिस्तान हिन्दू पार्टी रखा। चंदपाल सिंह पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमन्त्री जुल्फिकार अली भुट्टों और बेनजीर भुट्टो के बेहद करीबी मित्र थे और आज भी उन्हें याद करते हैं। 

पाकिस्तान के सिंध में रहने वाली इस रॉयल राजपूत फैमिली के वर्तमान प्रमुख सदस्य हम्मीर सिंह सोढा है। जो पाकिस्तान के अमरकोट के राजपरिवार से ताल्लुक रखते है। इनके पिताजी का नाम चंदपाल सिंह है जो पाकिस्तान में 7 बार सांसद नेता और पाकिस्तान के केंद्रीय मन्त्री के रूप में भी रह चुके है। 2004 में चंदपाल सिंह की मृत्यु पर पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री सय्यद रजा युसूफ गिलानी ने भी शोक प्रकट किया था।

अमरकोट का नाम अब उमरकोट किया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद राणा हम्मीरसिंह व उनके परिवार का प्रभाव बरकरार है। हम्मीर सिंह के परिवार में कई रिश्ते भारत के राजघरानों में भी हुए हैं। जहां उनकी पत्नी रानी सा. सुभ्रदा राजस्थान के हनुमानगढ़ के रावतसर के रावत तेज सिंह की पुत्री है, वहीं राजा हम्मीर की सुपुत्री राजकुमारी संगीता का विवाह जयपुर के राजपूत घराने में हुआ है।  

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की इस राजपूत रॉयल फैमिली की रक्षा यहां के स्थानीय निवासी भी करते है। उनका मानना है कि, यह रॉयल फैमिली राजा पुरु के वंशज है। इसलिए आज भी यहाँ की लोग इस परिवार के लिए जान की बाजी लगाने को तैयार रहते हैं। पाकिस्तान में सिर्फ यही एकमात्र हिन्दू राजपरिवार है जिन्हें राजा का दर्जा मिला हुआ है। 

इस्लामी आतंकवादियों की धमकियों के मद्देनजर अब इस राजपूत परिवार के सदस्यों की रक्षा में हर समय आधुनिक हथियारों से लैस बॉडीगार्ड तैनात रहते हैं। उल्लेखनीय है कि सिर्फ हम्मीर सिंह ही नहीं पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अमरकोट और कनोता में कई राजपूत परिवार आज भी ठप्पे से राजसी जीवन जी रहे हैं।   


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ALOK PARASHARI
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पेनाल्टी शूट आउट में जीते शिक्षक

बदायूं : मदर एथीना स्कूल में राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यान चंद की ज



बदायूं : मदर एथीना स्कूल में राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यान चंद की जयंती पर शिक्षकों और छात्रों के बीच फुटबॉल मैच आयोजित किया गया। रोमांचक मुकाबले में सभी ने खेल का आनंद लिया। पहले हॉफ में शिक्षकों की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और 1-0 की बढ़त बना ली। लेकिन दूसरे हॉफ में छात्रों की टीम ने कड़ी टक्कर दी। छात्रों की ओर से ऋषभ यादव ने शानदार गोल करके अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद मैच बेहद रोमांचक दौर में पहुंच गया। शिक्षकों की ओर से शोएब जावेद, ललित ¨सह, अंकुर सक्सेना और ऑस्मंड डेविड आदि ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया तो छात्रों की टीम से ऋषभ यादव, आशीष यादव, वैभव वाष्र्णेय और ब्रजकिशोर आदि ने मैच अपने नाम करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। कड़कती धूप के बीच भी दोनों टीमों का संघर्ष जारी रहा और दूसरे हॉफ के अंत तक हार-जीत का निर्णय नहीं हो सका। मैच रैफरी ने हार-जीत के लिए पेनाल्टी कॉर्नर का नियम अपनाया। इसमें शिक्षकों का अनुभव उनके काम आया और वे मुकाबला 4-3 से अपने नाम करने में सफल रहे। निदेशक चयनिका सारस्वत ने दोनों टीमों को बधाई दी। भारतीय हॉकी में मेजर ध्यानचंद के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या शीबा खान ने खेल के क्षेत्र में भारत की वर्तमान स्थिति को रेखांकित किया।


67 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

  बदायूं : सोलह हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय म


बदायूं : सोलह हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में महिला अभ्यर्थियों की विद्यालय आवंटन की काउंस¨लग कराई गई। दोपहर के समय विद्यालयों का विकल्प भरे जाने के बाद देर शाम 67 महिला व पुरुष अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए। पंद्रह दिनों की भीतर उन्हें आवंटित किए गए विद्यालय में ज्वाइन करना होगा। निर्धारित तिथि में ज्वाइन न करने पर नियुक्ति निरस्त मानी जाएगी।
प्राथमिक विद्यालयों के लिए संचालित 16 हजार शिक्षक भर्ती में बदायूं में शिक्षक-शिक्षिकाओं के 84 पद रिक्त हैं। जिसके लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काउंस¨लग कराकर उनके मूल प्रमाण पत्र जमा कर लिए गए थे और 29 अगस्त को नियुक्ति पत्र देने का आश्वासन दिया गया था। जिसके आधार पर अभ्यर्थी सोमवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे और वहां लगी सूची देखकर महिला अभ्यर्थियों ने बीएसए के समक्ष विद्यालय का विकल्प भरा। पुरुषों को रोस्टर प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों का आवंटन हुआ। बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि 15 दिनों के अंदर सभी को विद्यालय में ज्वाइन करना जरूरी है।

मनचलों को दबोचने शक्ति मोबाइल रवाना

बदायूं : शहर में अब मनचलों को दबोचने के लिए शक्ति मोबाइल रवाना की गई है। तीस महिला पुलिसकर्मियों को

बदायूं : शहर में अब मनचलों को दबोचने के लिए शक्ति मोबाइल रवाना की गई है। तीस महिला पुलिसकर्मियों को शहर भर में शोहदों से निपटने का जिम्मा दिया गया है। उनके लिए 15 शक्ति मोबाइल देते हुए एसएसपी ने रवाना किया।
सोमवार को पुलिस लाइंस चौराहे से एसएसपी सुनील सक्सेना ने हरी झंडी दिखाते हुए शक्ति मोबाइल को रवाना किया। इस दौरान एसएसपी ने बताया कि प्रथम चरण में 15 शक्ति मोबाइल आवंटित की गई हैं, जिनपर तीस महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगी। खासतौर से भीड़भाड़ वाले इलाके में यह शक्ति मोबाइल दिन में गश्त करेगी। इसके साथ ही महिला कालेजों के आसपास कालेज टाइम में गश्त की जाएगी। महिला सुरक्षा प्रभारी आशा देवी ने बताया कि किसी भी स्थान पर छात्राओं और महिलाओं से छेड़छाड़ की सूचना मिलते ही शक्ति मोबाइल तुरंत मौके पर पहुंचेगी। दावा किया गया है कि पुलिस की इस पहल से शहर में छेड़खानी की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इस दौरान एसपी सिटी अनिल कुमार यादव, एसपी देहात संजय राय, सीओ सिटी आनंद कुमार पांडेय, कोतवाल एसपी उपाध्याय, एसओ सिविल लाइंस अशोक कुमार मौजूद रहे।

सात सौ बच्चों को पढ़ाने के महज तीन शिक्षक

 बदायूं : राजकीय इंटर कॉलेज में सात छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी मात्र तीन शिक्षकों पर ही है। बच्च



बदायूं : राजकीय इंटर कॉलेज में सात छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी मात्र तीन शिक्षकों पर ही है। बच्चे कॉलेज तो आते हैं, थोड़ी देर घूम-फिर कर वापस घर चले जाते हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। जिसको लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सड़क पर प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों समेत कॉलेज के छात्रों ने जिम्मेदारों के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन के संयोजक सहदेव सागर ने कहा कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो जल्द ही राजकीय इंटर कॉलेज की दुर्दशा हो जाएगी। छात्र कॉलेज से चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करेगी। इस मौके पर अभिषेक, अजय, अतुल, राजवेंद्र, वैभव महाजन, सचिन, योगेश, रवेंद्र, जीत ¨सह, राहुल, हर्षित, विकास पटेल, अर्जुन कुमार, विरेश कुमार, आदेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

बिल्सी में रोड होल्डअप कर लूटपाट

     बदायूं : क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता को पति समेत ससुरालीजनों ने मारपीट कर उसे घर से भगा दिया। 



बदायूं : क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता को पति समेत ससुरालीजनों ने मारपीट कर उसे घर से भगा दिया। पुलिस ने घायल विवाहिता को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा है। थाना क्षेत्र के गांव ओया निवासी वीरेंद्र पुत्र कल्लू के साथ 16 माह पूर्व सहसवान कोतवाली के मुहल्ला शहबाजपुर निवासी सोहन लाल ने पुत्री नन्हीं उर्फ पार्वती की शादी की थी। विवाहिता का आरोप है कि उसका पति शादी के बाद से दहेज में एक मोटर साइकिल और भैंस की मांग को लेकर मारपीट कर उत्पीड़न करता था। सोमवार को पति ने परिजनों की मदद से विवाहिता को मारपीट मारपीट कर घर से भगा दिया। विवाहिता के पिता सोहनलाल ने दहेज में मोटर साइकिल, और भैंस की मांग को लेकर मारपीट घर से भगाने का पति वीरेंद्र, सास और ससुर कल्लू के विरूद्ध थाना में मुकदमा दर्ज कराया है।




3 तरीके से चीन को घेर रहे मोदी: दबदबा बढ़ाने के लिए US से बड़ी मिलिट्री डील हुई, बलूचिस्तान के जिक्र के बाद वियतनाम भी जाएंगे

   वॉशिंगटन. भारत तीन तरीके से चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है। इंडिपेंडेंस-डे की स्पीच में मोदी ने 


बलूचिस्तान का जिक्र कर चीन को बयान देने को मजबूर कर दिया था। इसी के बाद लंदन में चीनी एम्बेसी पर बलूच नेताओं ने प्रदर्शन किए। अब भारत ने चीन को रोकने के मकसद से यूएस के साथ बड़ा डिफेंस एग्रीमेंट किया है। मनोहर पर्रिकर की मौजूदगी में सोमवार को हुई इस डील के तहत दोनों देश एक-दूसरे के नेवल बेस और एयर बेस का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं, मोदी अगले महीने बीजिंग में जी-20 समिट से पहले चीन के विरोधी देश वियतनाम जाएंगे। तीन तरह से चीन को ऐसे घेर रहा भारत...

1- मोदी ने पर्रिकर को यूएस भेजा, बड़ी मिलिट्री डील कराई
- वॉशिंगटन में सोमवार को डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर और उनके अमेरिकी काउंटरपार्ट एश्टन कार्टन ने लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) पर साइन किए।
- डील का मकसद चीन की ताकत को खासकर समंदर में बढ़ने से रोकना है ।
- समझौते के मुताबिक, दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के इक्विपमेंट्स और नेवल-एयरबेस का इस्तेमाल कर सकेंगी। दोनों देशों को फाइटर प्लेन और वॉरशिप के लिए फ्यूल भी आसानी से मिल सकेगा।
- पर्रिकर ने कहा, "समझौते के तहत भारत-अमेरिकी नेवी एक-दूसरे को ज्वाइंट ऑपरेशन और एक्सरसाइज में सपोर्ट करेंगी।"
- अमेरिका भारत के साथ लंबे समय से ऐसा समझौता चाहता रहा है, जिसमें सिक्युरिटी को-ऑपरेशन के अलावा जानकारियां भी साझा की जा सकें।
- LEMOA के तहत दोनों देश एक-दूसरे से पानी और खाने जैसे रिसोर्सेस की भी शेयरिंग करेंगे। हालांकि, इस समझौते के मायने भारत की धरती पर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती नहीं है।
- वहीं, भारत के किसी मित्र देश से अमेरिका अगर वॉर छेड़ता है तो उसे ये फैसिलिटी नहीं मिलेगी।

2- चीन को घेरने के लिए मोदी जी-20 बैठक से पहले जाएंगे उसके विरोधी देश वियतनाम
- मोदी अगले महीने चीन में होने वाली जी-20 समिट से पहले वियतनाम जाएंगे। 3 सितंबर को मोदी राजधानी हनोई में होंगे। यह किसी भी भारतीय पीएम की पिछले 15 साल में पहली वियतनाम विजिट होगी।
- 4 से 5 सितंबर को चीन में जी-20 समिट होनी है।
- मोदी वियतनाम विजिट साउथ-ईस्ट एशिया में भारत की बढ़ती स्ट्रैटजिक मौजूदगी का भी संकेत होगी।
- अफसरों की मानें तो मोदी इस दौरान वियतनाम को फौजी ताकत बढ़ाने में मदद का प्रपोजल भी दे सकते हैं।
- बता दें कि चीन और वियतनाम के बीच 1970, 1980 और 1990 के दशक में जंग हो चुकी है। दोनों के बीच साउथ चाइना सी को लेकर विवाद है।

3-- इंडिपेंडेंस-डे की स्पीच में बलूचिस्तान का जिक्र किया तो चिढ़ा चीन, कार्रवाई की धमकी
- चीन के एक थिंक टैंक ने भारत को वॉर्निंग दी है। उसने कहा कि यदि भारत बलूचिस्तान में 46 अरब डॉलर की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर को बनने से रोकेगा तो चीन कार्रवाई से गुरेज नहीं करेगा।
- चीन के इंटरनेशनल रिलेशन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर हू शीशेंग ने कहा कि मोदी का बलूचिस्तान का जिक्र चीन की 'ताजा चिंता' है। भारत के अमेरिका से बढ़ते सैन्य संबंध और साउथ चाइना सी पर उसका रवैया चीन के लिए खतरे की घंटी के समान है।
- वहीं, चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, "मोदी अपना सब्र खो चुके हैं और उन्होंने दुश्मनी के कट्टर लहजे को अपना लिया है।"

4- ग्लोबल टाइम्स में 'मोदी की उकसावे वाली कार्रवाई से भारत पर बढ़ता खतरा' नामक रिपोर्ट में कहा गया, "जब भारत बलूचिस्तान में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार करता रहा है तब मोदी क्यों पब्लिकली इसका जिक्र करते हैं? कश्मीर पर भी वे इतना उकसावे वाला कदम उठाते हैं?

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