: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 08/31/16

शकील का बदायूं फिर शर्मसार हुआ


बदायूं : बदायूं की शान रहे शकील बदायूंनी की धरती पर एक और बदनुमा दाग लगा है। इस बार जो घटना सामने आई है उससे खूनी रिश्ते ही सिसक गए हैं। देश दुनिया में बदायूं के गौरवमयी किरदार को कलंकित कर देने वाले कटरा सआदतगंज कांड की तरह हुई इस वारदात से सभी दंग हैं। दिल्ली का निर्भया कांड हो या फिर मूसाझाग सामूहिक दुष्कर्म कांड हर साल कोई न कोई कलंकित टीका यहां के लोगों को शर्मिंदा करता रहा है।
वर्ष 2014 की 28 मई को कटरी में छिपा गांव कटरा सआदतगंज एकाएक देश-दुनिया में छा गया। एफआइआर थी दो नाबालिग बहनों की आबरू लूटने के बाद उनके शव फंदे पर टांग देने की। इस घटना से जहां जिले को कलंकित चादर ओढ़नी पड़ी वहीं इलाका सियासी अखाड़ा भी बना था। हालांकि सीबीआइ ने इस मामले में एफआर लगाई थी लेकिन कोर्ट में अभी भी मामला विचाराधीन है। इस घटना से लोग उभरे भी नहीं थे कि इसी साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर की रात को मूसाझाग थाने के अंदर खाकी के ही दो का¨रदों ने अपहरण कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में भी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे तो फिर से बदनुमा दाग झेलना पड़ा। इस मामले में शासन गंभीर हुआ तो आरोपियों को बर्खास्त करते हुए उन्हें जेल भेजा गया। यह दो बड़ी घटनाएं थमी भी नहीं कि सदर कोतवाली क्षेत्र में लालपुल के पास एक द¨रदे ने घर के बाहर चारपाई पर सो रही डेढ़ महीने की मासूम से दुराचार की घटना को अंजाम देकर एक और कलंक का टीका लगा दिया। इस तरह की तमाम कलंकित घटनाओं से जिला कांपता रहा तो आबरू सिसकती रही। मंगलवार को वजीरगंज इलाके के गांव गोठा में कथित पिता बने सगे तहेरे भाई ने ही कक्षा नौ की छात्रा की आबरू लूटकर घर के अंदर ही उसकी हत्या कर दी। कटरा कांड से मिलती जुलती इस वारदात के बाद एक और शर्मिंदगी भरी आंधी यहां चली है।
दिल्ली के निर्भया कांड से ही लगा था कलंक
दिल्ली के चर्चित निर्भया कांड का जब खुलासा हुआ तो उसमें एक आरोपी बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र का था। नाबालिग आरोपी का नाम प्रकाश में आया तो दुनिया भर में लोग बदायूं वासियों को घृणित नजरों से देखने लगे। इस मामले से तरक्की पर इस तरह ब्रेक लगा कि दिल्ली तो छोड़ा किसी भी महानगर में बदायूं के नाम से छात्रों और नौकरपेशा युवकों को किराये पर कमरे मिलना बंद हो गए थे।

बदायूं प्रदेश में नंबर वन एनआरएलएम में



बदायूं : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति में बदायूं प्रदेश में पहले स्थान पर है। बेहतर कामकाज के लिए जिले की टीम को शासन ने प्रशस्ति पत्र दिया है। इससे पूरे जिले की टीम उत्साहित है और अधिक से अधिक महिलाओं को समूह से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। महिला समूहों को सबसे अधिक ऋण देने वाले सहकारी बैंक सालारपुर के शाखा प्रबंधक को भी पुरस्कृत किया गया है।


जिले में अब तक आजीविका मिशन में 717 महिला समूहों को 15 हजार के हिसाब रिवा¨ल्वग फंड दिया जा चुका है। तमाम समूहों को एक लाख दस हजार रुपये के हिसाब से पीआईएल दिया जा चुका है जबकि 344 समूहों को 50-50 हजार का ऋण मुहैया कराया जा चुका है। इसके अलावा सालारपुर ब्लॉक की प्रशिक्षित महिलाओं को आंतरिक सीआरपी बनाकर दूसरे ब्लाकों में प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किया गया है। इन्हीं उपलब्धियों की समीक्षा की गई तो प्रदेश स्तर पर बदायूं को प्रथम स्थान मिला है। प्रभारी उपायुक्त एनआरएलएम संतोष कुमार, जिला प्रबंधक तकसीर अहमद, हरिप्रसाद गौतम को प्रशस्ति पत्र मिला है। साथ ही सबसे अधिक ऋण मुहैया कराने वाले सहकारी बैंक सालारपुर के शाखा प्रबंधक सौरभदीप ¨सह को भी सम्मानित किया गया है। लखनऊ में ग्राम्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री अर¨वद कुमार बोस ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। उपायुक्त एवं जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री से प्रशस्ति पत्र मिलने के बाद जिले की टीम का मनोबल बढ़ा है। अब और मेहनत से काम कराया जा रहा है।

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