: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 09/06/16

सहसवान में पहली बार हो सकती है अल्पसंख्यक महिला की उम्मीदवार





बदायूं। विधानसभा चुनाव में सहसवान से अल्पयंख्यक समाज की महिला को उम्मीदवार बनाकर फिर से चौकानें का काम करेगी।शहर की राजनीति में चर्चा का केंद्रविंदु बनने वाले नेता जी की पत्नी सहसवान विधानसभा सीट से एक ऐसे राजनेतिक दल की उम्मीदवार बनकर सामने आ सकतीं हैं जिसका अब तक उनसे छत्तीस का आंकड़ा था। विदित रहे कि पिछले दिनों शहर के एक बहुचर्चित व्यक्ति को अपने राजनेतिक घर में होने वाले विवाद के उपरांत बाहर का रास्ता दिखाया गया था जिसके उपरांत नेता जी परदेसी राजनेतिक पर हमले करने वाली ब्यानबाजी तो कर रहे हैं लेकिन अपने राजनेतिक भविष्य की रणनीति पर चुप्पी साधे बैठे हैं। बताते हैं कि अपनी भूमिका को लेकर आम आदमी की निगाह में खामोशी की चादर ओढऩे वाले नेता जी दिल्ली में जाकर भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी से मिले और अपनी पत्नी के लिए सहसवान से टिकट की चाहत से अवगत कराया। अब इस बात में कोई दम तो नहीं लग रहा लेकिन नोएडा के एक उद्योगपति की मध्यस्था से होने वाली बातचीत किसी तरह राजनेतिक गलियारों में पहुंचते हुए आम आदमी के कानों तक जा पहुंची जो राजनेतिक फूस में आग की चिंगारी बनने का काम कर रही है। ऐसा लगता है कि पिछले विधानसभा चुनाव में सहसवान सीट से अल्पसंख्यक उम्मीदवार को मैदान में उतारने वाली यह बहुचर्चित पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव में सहसवान से अल्पयंख्यक समाज की महिला को उम्मीदवार बनाकर फिर से चौकानें का काम करेगी।


'ज़ीका वायरस' को, भारत को भी है इसका खतरा





क्या है जीका
जीका एक किस्म का वायरल इंफेक्शन है, जिससे बुखार, रैश, जोड़ों में दर्द, आंखों में लाली आदि होते हैं. यह मुख्य तौर पर एडिस मच्छर की वजह से फैलता है और गर्भवती मां के जरिए कोख में पल रहे बच्चे को भी हो सकता है.

जीका एक ऐसी बीमारी है जो नवजात में खासा देखा जा रहा है. जीका वायरस से संक्रमित बच्चों के सिर और साइज अपेक्षा से छोटे हैं. इस तरह के असामान्य लकवाग्रस्त हालत को गूलियन बॅरे सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है.

जीका वायरस के संक्रमण से मस्तिष्क संबंधी कई जटिलताएं हो सकती हैं और उन संवेदी तंत्रिकाओं को भी नुकसान पहुंच सकता है जो तापमान, दर्द, कंपन और छुअन को त्वचा से महसूस करती है.

यौन संबंधों के जरिए संक्रमण



जीका मच्छर काटने के अलावा संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध स्थापित करने से भी होता है. ओरल सेक्स और गुदा मैथुन के साथ सामान्य यौन संबंधों के जरिए भी जीका का संक्रमण हो सकता है.
अगर गर्भावस्था के दौरान जीका हो जाए तो यह भ्रूण में ही माईक्रो स्फैली का कारण बन सकता है.
जीका वायरस वाले क्षेत्रों से लौट रहे सैलानियों को यौन संबंध बनाने से आठ सप्ताह तक परहेज करना चाहिए या सुरक्षित यौन संबंध ही बनाएं.
गर्भधारण की योजना बना रहे जोड़ों को आठ सप्ताह के लिए रुक जाना चाहिए.
अगर पुरुष में इसके लक्षण नजर आएं तो छह महीने के लिए रुक जाना चाहिए.

जीका का निदान

ब्लड टेस्ट या यूरिन टेस्ट के जरिए जीका वायरस के होने का पता लगाया जा सकता है. अगर जीका का ठीक से इन टेस्ट में पता नहीं चल पाता तो डॉक्टर कुछ और ब्‍लड टेस्ट करवाते हैं जैसे चिकनगुनिया और डेंगू के लिए करवाएं जाते हैं.
एडवांस लैब्स से मॉलिकुलर टेस्टिंग भी करवाई जाती है जिससे जीका की सही पुष्टि की जा सके.
जो लोग जीका प्रभावित क्षेत्रों से आएं हैं या जिन्होंने जीका संक्रमित व्यक्ति से सेक्स संबंध बनाए हैं उनके कुछ ब्लड टेस्ट, सीमन टेस्ट, वैजाइनल फ्लूड और यूरिन टेस्ट करवाएं जाते हैं.
जीका का इलाज
इसका कोई खास इलाज नहीं हैं, बस मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए, अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए और बुखार पर नियंत्रण करने के लिए पैरासीटामोल का प्रयोग करना चाहिए. एस्प्रिन बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए. बच्चों में एस्प्रिन से गंभीर खतरा हो सकता है.

जीका से बचाव


  1. जीका वायरस से बचने के लिए एडिस की सक्रियता के समय घर के अंदर ही रहना चाहिए.
  2. यह दिन के वक्त सूरज के चढ़ने से पहले या छिपने के बाद सुबह जल्दी या शाम को काटते हैं.
  3. अच्छी तरह से बंद इमारतें इस से बचने के लिए सबसे सुरक्षित जगहें हैं.
  4. बाहर जाते हुए जूते, पूरी बाजू के कपड़े और लंबी पैंट पहने.
  5. डीट या पीकारिडिन वाले बग्ग स्प्रे या क्रीम लगाएं.
  6. दो महीने से छोटे बच्चों पर डीट वाले पदार्थ का प्रयोग न करें.
  7. कपड़ों पर पर्मिथ्रीन वाले कीट रोधक का प्रयोग करें.
  8. रुके हुए पानी को निकाल दें.
  9. अगर आप को पहले से जीका है तो खुद को मच्छरों के काटने से बचाएं, ताकि यह और न फैल सके.

क्या कहते हैं डॉक्टर

मैक्स वैशाली के डॉ. पंकजनंद से ज़ीका वायरस को लेकर  संवाददाता ने बात की. डॉ. के मुताबिक, भारत में जीका वायरस के फैलने की पूरी संभावना है लेकिन कुछ कंडीशंस पर भी ध्यान देना जरूरी है. जीका वायरस उसी मच्छर से फैलता है जिससे चिकनगुनिया और डेंगू यानी एडिस मच्छर से. लेकिन अभी तक जीका का कोई मामला सामने नहीं आया है जो कि भारत के लिए अच्छी बात है. सबसे ज्यादा जीका वायरस का खतरा गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चे को है. भ्रूण के दिमाग पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है. जीका से डरने या पैनिक करने की जरूरत नहीं है. हां, थोड़ी सी सावधानी आपको आसानी से जीका से बता सकती है.

बैंक मित्रो का हो रहा शोषण






बदायूँ : भारत सरकार जारी कार्यक्रम प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत बैंक मित्रों की नियुक्ति की गई | जिसमें सरकारी आदेश के अनुसार प्रत्येक बैंक मित्र को  कम से कम Rs 5000/- की राशि का भुगतान होना था
पंजाब नैशनल बैंक ने फरबरी २०१६ से इनमे रूपए १५००/- की कटौती कर दी |, फरवरी २०१६ में बैंक द्वारा जारी सर्कुलर के अनूसार बैंक मित्रों का कमिशन घटा दिया गया |, फरबरी २०१६ से किसी भी  बैंक मित्रों को उनको कमीशन की जानकारी नहीं दे जा रही है| बैंक मित्र द्वारा आईएसओ ट्रांजिशन की कमीसन की पुरी राशी बैंक द्व्रारा हजम कर ली जाती है |और बैंक  मित्रों को कैश हैंडलिंग चार्जेज़ दिया जाता है |

२६ जुलाई २०१६ के सर्कुलर के द्व्रारा बैंक के बैंक मित्रों की रही सभी उम्मीद खत्म कर दी जाती है | इसके अनुसार बैंक मित्र पी0ऍम0जे0डी0बाई के खातों के अतरिक्त किसी अन्य बचत खाते में लेन देन करेगा  तो ग्राहक के खाते से ०.६० प्रतिशत  कैश हैंडलिंग चार्जेज़ जायगा | पंजाब नैशनल बैंक की उक्त नीतियों से बैंक मित्र आहत है अन्य किसी बैंक ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है |

आप से अपील करती है पंजाब नैशनल बैंक द्व्रारा बैंक मित्रों का शोषण बंद किया जाए | और २६ जुलाई का आदेश निरस्त किया जाए |


नवरात्रि में कैसे करें माता दुर्गा को प्रसन्न। जानिए पूजा विधि और विधान



नवरात्रि का पर्व नज़दीक आ रहा है। दुर्गा सपत्शती में लिखा है कि जब असुरों का अत्याचार बढ़ने लगा और देवताओं ने माता दुर्गा से उन्हें प्रसन्न करने का उपाय पूछा तो देवी ने उन्हें चैत्र तथा अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से दशमी तिथि तक देवी के पूजन और व्रत का विधान बताया। उस दिन से ही नवरात्रि उत्सव मनाने की परंपरा का प्रचलन हुआ। इस बार अश्विन मास में नवरात्रि का पर्व 13 अक्टूबर से प्रारम्भ होगा और 22 अक्टूबर दशमी तिथि तक मनाया जाएगा। जानें कैसे करें इस बार नवरात्रि में माता को प्रसन्न।

घट स्थापना व नवरात्रि पूजन विधि।

1. अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को जब नवरात्रि पर्व का आरम्भ होगा प्रातः काल स्नान कर लें।

2. मिट्टी का बर्तन(वेदी) लें और उसमें जौ और गेहूँ दोनों को मिलाकर बो दें।

3. उसी वेदी के समीप धरती का पूजन करें और इस पूजित स्थान के पास कलश की स्थापना करें। कलश सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का होना चाहिए।

4. कलश पर रोली से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और कलश के गले में मौलि लपेटें।

5. कलश स्थापित किए जाने वाली भूिम अथवा चैकी पर अष्टदल कमल बनाएं तत्पश्चात उस पर कलश स्थापित करें।

6. कलश में जल भरें और उसके अन्दर चंदन, दूर्वा, सुपारी, साबुत हल्दी, बादाम शुद्ध स्थान की मिट्टी, सिक्के डालें।

7. कलश पर चावल या जौ से भरा पात्र रखें और उस पर लाल वस्त्र लपेटे हुए नारियल रखें।

8. इसके बाद मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, व मां दुर्गा का आहवाहन करें।

9. सबसे पहले आसन पर बैठकर तीन बार शुद्ध जल ग्रहण करें और अपने ऊपर छिड़कें और बोलें ऊँ केशवाय नमः, ऊँमाधवाय नमः, ऊँनारायणाय नमः। इसके पश्चात हाथ धों लें।

10. इसके बाद हाथ में चावल लेकर मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, व मां सरस्वती, का आहवाहन करें। अब कहें ऊँ श्री दुर्गा देवी माँ-

पंचामृत समर्पयामि - माता के समक्ष पंचामृत चढ़ायें।

जल समर्पयामि - जल चढ़ायें।

नैवेधं समर्पयामि - ताजा बना भोजन चढ़ायें।

मिष्ठान्न समर्पयामि - मिठाई चढ़ायें।

दीपकं दर्शयामि- माता की दीपक से आरती करें।

गंध समर्पयामि - माता के समक्ष अगरबती जलाएं।

पुष्पं समर्पयामि- माता को पुष्प चढ़ायें।

फलं समर्पयामि- माता को फल चढ़ायें।

तांबुल समर्पयामि- माता को सुपारी, लौंग, इलायची युक्त पान चढ़ायें।

वस्त्रं समर्पयामि- माता को वस्त्र चढ़ायें।

धन समर्पयामि- माता को धन चढ़ायें।

इसके बाद माता दुर्गा की आरती उतारनी चाहिए।


नवरात्रि पूजा मंत्र

प्रथम दिन माता शैलपुत्री के मंत्र ऊँ शां शीं शूं शैलपुत्र्ये स्वाहा।। का जाप करें।

द्वितीय दिन माता ब्रह्मचारिणी के मंत्र ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रूं ब्रह्मचारिण्ये नमः स्वाहा।। का जाप करें।

तृतीय दिन माता चंद्रघंटा के मंत्र ऊँ ह्रीं क्लीं श्रीं चन्द्रघंटायै स्वाहा।। का जाप करें।

चतुर्थ दिन माता कूष्माण्डा के मंत्र ऊँ ह्रीं कूष्मांडायै जगत्प्रसूत्यै नमः।। का जाप करें।

पाँचवे दिन माता स्कंदमाता के मंत्र ऊँ ह्रीं सः स्कंदमात्र्यै नमः।। का जाप करें।

छठवें दिन माता कात्यायनी के मंत्र ऊँ ह्रीं श्रीं कात्यायन्यै नमः।। का जाप करें।

सातवें दिन माता कालरात्रि के मंत्र ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः।। का जाप करें।

आठवे दिन माता महागौरी के मंत्र ऊँ ह्रीं श्रीं ग्लौं गं गौरी गीं स्वाहा।। का जाप करें।

नवे दिन माता सिद्धिदात्रि के मंत्र ऊँ ह्रीं सः सिद्धिदात्र्यै नमः।। का जाप करें।

इसके साथ ही मात्रा दुर्गा के मंत्र ऊँ दुं दुर्गाय नमः। एवं ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चै का भी जाप करें।


दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ करने का विशेष महत्व है। दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से घर में शांति रहती है, धन और पुत्र सुख की प्राप्ति होती है। ये पाठ भय से मुक्ति दिलाने वाला, राज्य से लाभ प्राप्त करवाने वाला माना गया है। इस कल्याणकारी पाठ से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और सभी तरह की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

नवरात्रि व्रत की कथा

पीठत नगर में एक ब्रह्माण रहता था। वह भगवती दुर्गा का बड़ा भक्त था। उसके घर में अनेक गुणों वाली सुन्दर सुमति नाम की कन्या का जन्म हुआ। वह कन्या प्रतिदिन शुक्लपक्ष के चन्द्रमा के समान बढ़ने लगी। उसके पिता प्रतिदिन माता दुर्गा की पूजन और हवन करते और वो कन्या वहां उपस्थित होती। एक दिन वह कन्या पूजन में उपस्थित नहीं हुई। ये देखकर उसके पिता को बड़ा क्रोध आया और उसने कहा कि हे पुत्री आज तुमने माँ भगवती का पूजन नहीं किया इस कारण मैं तेरा विवाह कुष्ठ रोगी और दरिद्री मनुष्य से करूँगा।

पिता के वचन सुनकर सुमति को बड़ा दुख हुआ पर वो बोली मैं आपकी पुत्री हूँ। इस कारण आपकी जैसी इच्छा हो मेरा विवाह कर सकते हैं। पर वही होगा जो मेरे भाग्य में लिखा है। पुत्री की ऐसी निर्भयता देखकर ब्राह्मण को और क्रोध आ गया और उसने सुमति का विवाह एक कुष्ठी और दरिद्री के साथ कर दिया। इसके बाद उसने अपनी पुत्री से कहा कि अब देखें केवल भाग्य के भरोसे रहकर तुम क्या करती हो?

सुमति अपने पति के साथ वन में चली गई और उस भयावने स्थान पर बड़ी कष्ट के साथ रात व्यतीत की। उस गरीब बालिका की ऐसी दशा देखकर भगवती उसके पूर्व पुण्य के प्रभाव से प्रकट होकर कहने लगीं कि तुम जो चाहो वो वरदान मांग सकती हो। माता भगवती ने सुमति को बताया कि सुमति पूर्व जन्म में भील की स्त्री थी और अत्यंत पतिव्रता थी। एक दिन उसके पति ने चोरी की जिसके कारण तुम दोनों को जेलखाने में बन्द कर दिया गया। जेल में तुझे और तेरे पति को भोजन और पानी भी नहीं मिला। उस वक्त नवरात्र का समय था इसलिए तुम दोनों का नौ दिन तक नवरात्र का व्रत हो गया। उसी व्रत के प्रभव से मैं तुम्हें वरदान देना चाहती हूँ, इसलिए जो चाहो वो माँग लो। तब सुमति ने माता से कहा कि यदि आप मुझसे से प्रसन्न हैं तो मेरे पति का कुष्ठ रोग दूर कर दीजिए। तब उसके पति का शरीर भगवती दुर्गा की कृपा से निरोगी और कांति युक्त हो गया। ये देखकर सुमति माता दुर्गा को बार-बार प्रणाम कर अनेक बार स्तुति करने लगी। उसकी स्तुति सुनकर माता भगवती प्रसन्न हो उठीं और उसे आशीर्वाद दिया कि उसे अति बुद्धिमान, धनवान, जितेन्द्रिय, प्रसिद्ध उदालय नाम का पुत्र होगा। इसके साथ ही माता भगवती ने सुमति से कुछ और मांगने को कहा। तब सुमति ने माता से व्रति की विधि जाननी चाही।

नवरात्र व्रत विधि

माता ने बताया कि नवरात्रि में नौ दिन तक व्रत करें और यदि दिन भर व्रत नहीं कर सकते तो एक समय भोजन करें। व्रत की कथा पढ़ें। कलश स्थापना करें और वाटिका बनाकर गेहूँ और जौ को प्रतिदिन जल से सींचें। महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की मूर्तियों का विधिपूर्वक पूजन कर विधि पूर्वक पुष्प चढ़ायें। व्रत में सिंघाड़े या कूटू से बनी चीज़ें, दूध, दही, फल, आलू, साबूदाना, मूंगफली, नारियल, गारज, लौकी से बने व्यंजन, संवा के चावल आदि ले सकते हैं। इस प्रकार नौ दिन तक व्रत और पूजन कर फिर हवन करें।

नवरात्रि हवन विधि


हवन सामग्री-

हवन मिश्रण- बाज़ार से पैकेट खरीद लें। हवन की लकड़ी (समिधा)- आम/पीपल की लकड़ी, अन्य साम्रगी- कपूर, अगरबती, कलावा, सुपारी-9, पान, बताशे, पंचफल, हवन कुंड।

1. हवन कुंड में लकड़ी रखें

2. ऊँ पावकाग्नये नमः इस मंत्र को बोलकर अग्नि प्रज्ज्वलित करें।

3. अब बीच की दों ऊँगली से हवन सामग्री थोड़ी-थोड़ी हवन कुण्ड में डालते जाएं और निम्न मंत्र बोलते जाएंः-

ऊँ गणपतये स्वाहा।। इदं गणपतये।

ऊँ विष्णवे स्वाहा।। इदं विष्णवे।

ऊँ शंभवे स्वाहा।। इदं शंभवे।

ऊँ ब्रहमै स्वाहा।। इदं ब्रहमै।

ऊँ लक्ष्मयै स्वाहा।। इदं लक्ष्मयै।

ऊँ पार्वत्यै स्वाहा।। इदं पार्वत्यैै।

ऊँ सरस्वत्यै स्वाहा।। इदं सरस्वत्यैैै।

ऊँ सर्व देवी देवताय।। इदं सर्व दैव्ये।

इस प्रकार अन्य देवी देवताओं, नवग्रहों के नाम भी लिए जा सकते है।

जब समस्त आहुतियाँ हो जायें तो हवन कुण्ड के समक्ष हाथ जोड़ें, आरती करें और जब अग्नि शांत हो जाएं तो कुछ बून्द जल हवन कुण्ड में डालें तथा हवन कुण्ड के धुएं को सारे घर में फेलाकर उसे किसी स्वच्छ जगह रख दें।

कन्याओं को भोजन करायें।


हवन के बाद अष्टमी या नवमी के दिन विधिवत कन्या पूजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि कन्या रूप में पूजन करने से माता दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं। इस दिन नौ छोटी कन्याओं के पैर धोकर उन्हें आसन पर बैठाया जाता है। माता को चने, हलुआ, पूड़ी, खीर आदि का भोग लगाने के बाद कन्याओं को भोजन कराया जाता है। इसके बाद कन्याओं का रोली से तिलक कर उन्हें दक्षिणा दी जाती है। ऐसा करने से आपके जीवन में धन, संपदा, सुख की कोई कमी नहीं रहेगी।

प्राप्त होता है शीघ्र विवाह का आशीर्वाद

वे कन्यायें जिनके विवाह में बिलम्ब हो रहा है वो इस नवरात्रि पर माता पार्वती का पूजन कर माता से शीघ्र विवाह होने का आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं। इसके लिए ऊपर बतायी हुई विधि से माता की आराधना कर व्रत रखें और नवरात्रि में पूर्ण भक्ति के साथ माता के मंदिर में माता को साड़ी और श्रृंगार की सामग्री चढ़ायें। ऐसा करने से विवाह की मनोकामना माता शीघ्र पूरी कर देती है और अच्छे घर-वर की प्राप्ति होती है।


छह दिन से फुंका पड़ा दांदरा का ट्रांसफार्मर

दहगवां क्षेत्र के गांव दांदरा में लगा 16 केवीए का ट्रांसफार्मर छह दिनों से फुंका पड़ा है, जिस



बदायूं: दहगवां क्षेत्र के गांव दांदरा में लगा 16 केवीए का ट्रांसफार्मर छह दिनों से फुंका पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। बिजली न मिलने के कारण ग्रामीणों के घरों में लगे विद्युत उपकरण ठप पड़े हैं। लोग पांच दिनों से ट्रांसफार्मर बदलवाने को बिजली अधिकारियों को चक्कर काट रहे हैं। रविवार को भी गांव लोगों ने बिजली कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की। लोगों ने एसडीओ सहसवान से फोन पर बात कर फुंके हुए ट्रांसफार्मर को बदलवाने की मांग की तो उन्होंने किसी मी¨टग में होने की बात कहकर फोन काट दिया। गांव के पूर्व प्रधान राजकुमार ¨सह, श्यामवीर, अवधेश, भानू प्रकाश ने जिलाधिकारी से गांव में फुंके पड़े ट्रांसफार्मर को बदलवाने की मांग की है।



कार्य बहिष्कार करेंगे , संग्रह अमीन भी करेंगे


उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपकर छह सूत्रीय मांगों को लेक



बदायूं : उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपकर छह सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार से कार्य बहिष्कार की जानकारी दी। प्रांतीय आह्वान पर होने वाले इस आंदोलन में दो दिन तक कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। एसडीएम को दिए ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि उन्हें सेवा लाभ पेंशन मिलना चाहिए। संवर्ग का ग्रेड वेतन दो हजार से बढ़ाकर 2600 किया जाए। पूर्व की तरह नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति की भी मांग उठाई गई। इस दौरान तहसील अध्यक्ष अर¨वद कुमार सागर, मंत्री मकसूद अली, सोमपाल ¨सह, मेहरूद्दीन, ओमप्रकाश ¨सह, मुकेश कुमार, विजय कुमार मौजूद रहे।



भाभी को पीट-पीटकर मार डाला ,तीन देवरों ने


पंपिंग सेट की कोठरी की चाबी को लेकर हुआ विवाद




बदायूँ,  कोतवाली क्षेत्र के गांव खनपुरा बौरा में पंपिंग सेट की कोठरी की चाबी को लेकर हुए घरेलू झगड़े में तीन देवरों ने अपनी भाभी को पीट कर मार डाला। मृतका के पति ईश्वरी और दो बेटियों को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामले में मृतका के भाई धारम सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना सोमवार सुबह की है। अभी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।

दातागंज के गांव खनपुरा बौरा निवासी ईश्वरी चार भाइयों में सबसे बड़ा है। उसके तीन भाई अनेकपाल, धीरपाल और अमर सिंह गांव के पैतृक मकान में रहते हैं। ईश्वरी गांव के बाहर खेत में झोपड़ी डालकर रह रहा था। चार भाइयों के बीच जमीन का बंटवारा हो चुका है। ईश्वरी की मां अनेकपाल, धीरपाल और अमर सिंह के साथ रहती थी। पिछले सप्ताह वह ईश्वरी के पास रहने आ गई थी। गांव में ही परिवार की एक कोठरी है। इनमें पंपिंग सेट रखा जाता है। कोठरी की चाबी ईश्वरी की मां के पास थी।
सोमवार सुबह करीब सात बजे तीनों भाई पंपिंग सेट की कोठरी की चाबी लेने ईश्वरी के घर पहुंचे। उसकी मां ने चाबी देने से इंकार कर दिया। इस बात को तीनों भाई समझे की मां को ईश्वरी ने भड़काया है। तीनों ने ईश्वरी की लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी। ईश्वरी की पत्नी वीरावती (40), बेटी शारदा (16) और सुशीला (13) उसे बचाने आए। तीनों भाइयों ने इन लोगों को भी पीटा। पेट में गंभीर चोट लगने से वीरावती की मौत हो गई। जबकि ईश्वरी, शारदा और सुशीला घायल हो गए। इसके बाद तीनों वहां से भाग गए। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने अनेकपाल, धीरपाल और अमर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मृतका के दो बेटियां और दो बेटे हैं।




कांग्रेस कमेटी महिला चलाएगी नशाखोरी के विरोध अभियान






बदायूं : महिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में तय हुआ कि नशाखोरी रोकने के लिए पार्टी नशाबंदी अभियान चलाएगी। महिलाओं को जागरुक किया जाएगा ताकि लोगों को नशे की लत से बचाया जा सके। नशे के खिलाफ पंद्रह सितंबर तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। जिला व शहर महिला कांग्रेस कमेटी की संयुक्त बैठक को संबोधित करती हुईं मुख्य अतिथि प्रदेश प्रभारी शकुंतला जौहरी ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी आवाज उठाई जाएगी। जिलाध्यक्ष फरहा लोदी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश से आए कार्यक्रमों को ब्लॉक स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक सफल बनाया जाएगा। शहर अध्यक्ष ने विस चुनाव में जिले में एक महिला पदाधिकारी को भी टिकट देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि बिल्सी से एक महिला पदाधिकारी ने टिकट के लिए आवेदन भी किया है। प्रदेश महासचिव ओमकार ¨सह ने कहा कि मातृ शक्ति सबसे बड़ी शक्ति है। रमा ¨सह, अंजू अग्निहोत्री, गंगा देवी, रानी, पूनम, शाहिस्ता, नन्ही देवी, शाहीन, आमना बेगम, निशा बेगम, दिलवरी बेगम, मुनीशा बेगम, मुन्नी शर्मा, सुनीता शर्मा आदि रहीं।



तेज रफ्तार ट्रक ने बुजुर्ग को रौंदा, मौत


उसावां, रोड पार करते समय एक बुजुर्ग महात्मा को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। जिससे उन्होंन




बदायूं (उसावां) : रोड पार करते समय एक बुजुर्ग महात्मा को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सिर और धड़ बुरी तरह कुचल जाने से काफी देर बाद शिनाख्त हो सकी। पुलिस ने ट्रक को चालक समेत कब्जे में ले लिया। शाहजहांपुर जिले के कलान थानांतर्गत दारानगर गांव के 75 वर्षीय बाबा लालदास क्षेत्र के गांव असधरमई से भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर लौट रहे थे। ज्यों ही वह मुरादाबाद-फर्रुखाबाद राजमार्ग पर कस्बे से पश्चिम में स्थित पेट्रोलपंप पर पहुंचे और पानी पीने के लिए रोड क्रास करने लगे। इसी बीच बदायूं की ओर से आ रहे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। जिससे मौके पर ही उनकी सांस थम गई। हादसे के बाद चालक ट्रक भगाने लगा तो पुलिस कर्मियों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। चालक बिहार प्रांत के पूर्वी चंपारण जनपद का रहने वाला है। उसने अपना नाम विकास कुमार पुत्र ¨सहासन यादव बताया है। वह दिल्ली से सेव लादकर मुजफ्फरपुर जा रहा था। शिनाख्त के बाद सूचना पर परिजन पहुंच गए।



बाइक सवार ने दुकानदारों पर फेंका तेजाब

बिसौली में टक्कर मारने के बाद बाइक सवार युवक ने तेजाब फेंक कर दो दुकानदारों को झुलसा दिया।




 बिसौली : में टक्कर मारने के बाद बाइक सवार युवक ने तेजाब फेंक कर दो दुकानदारों को झुलसा दिया। घटना से गुस्साए दुकानदार शटर बंदकर जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंच गए, तभी चंदौसी की तरफ गुजर रहा सांसद धर्मेंद्र यादव का काफिला वहां रुका। सांसद ने पीड़ितों की बात सुनकर अफसरों को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोतवाली के गांव बरखेड़ा निवासी करूआ उर्फ फौजी बाइक से मुहल्ले सराय में होकर गुजर रहा था। बताते हैं कि फौजी की बाइक एक दुकानदार राशिद से टच हो गई। इसी बात को लेकर दुकानदारों ने फौजी को डांटा। भीड़ से घिरा देखकर फौजी चला गया। थोड़ी ही देर बाद वह एक तेजाब की बोतल ले आया और दुकानदारों को खरी खोटी सुनाई। जब लोग दुकानों से नीचे उतर आए तो उसने दो दुकानदार राशिद और सहीम पर तेजाब फेंक दिया और भाग गया। इससे आक्रोशित लोग अपनी अपनी दुकानें बंद कर जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंच गए। लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष था। तभी वहां से गुजर रहे सांसद धर्मेंद्र यादव ने कोतवाली पर भीड़ देखकर अपनी गाड़ी रुकवा ली। सांसद को देखकर भीड़ ने उन्हें पूरी स्थिति बताई। सांसद ने एसएसपी से बात की। कोतवाल जमीउल हसन ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि पूरी जानकारी पुलिस अधिकारियों को हैं। न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी




बिल्सी मंदिर परिसर में पौधरोपण

बिल्सी : तहसील मुहल्ला आठ साहबगंज के युवाओं की गठित पौधरोपण समिति के तत्वावधान में सोमवार को





बिल्सी  :तहसील मुहल्ला आठ साहबगंज के युवाओं की गठित पौधरोपण समिति के तत्वावधान में सोमवार को बिल्सी के निकटवर्ती गांव नाई ¨पडरी में सैमर बाबा मंदिर परिसर में यूकेलिप्टस की पौध रोपित की गईं। समिति के उपाघ्यक्ष प्रशांत जैन उर्फ सोनू ने कहा कि पेड़-पौधों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। प्राणियों को सांस लेने के लिए आक्सीजन की जरूरत होती है। पेड़-पौधे जहरीली कार्बन डाईआक्साइड को सोखकर आक्सीजन छोड़ते हैं। अध्यक्ष नितिन वाष्र्णेय, नितिन वाष्र्णेय, प्रशांत जैन, हनी वाष्र्णेय, शिवा वाष्र्णेय, अमन शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।



लेखपाल, धरना पर डटे रहे किया प्रदर्शन

बदायूं : उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपाल सोमवार को भी धरने पर डटे रहे। मालवीय आ



बदायूं : उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपाल सोमवार को भी धरने पर डटे रहे। मालवीय आवास गृह पर धरना-प्रदर्शन किया और शाम को कैंडल मार्च निकालकर डीएम आवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष भोजराज ¨सह ने संगठित रहकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। जिला मंत्री रामनिवास मिश्र ने कहा कि सरकार उनसे काम तो भरपूर ले रही है, लेकिन सुविधाएं बढ़ाने की मांग को अनसुना किया जा रहा है। सदर तहसील इकाई के अध्यक्ष मुहम्मद रिजवान खां ने कहा कि गत दिवस विधानसभा का घेराव करने के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गई हैं, इसलिए कलमबंद हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा है। विवेक सक्सेना ने भी विचार व्यक्त किए। शाम को लेखपाल कैंडिल मार्च करते हुए डीएम आवास पर पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर तेजपाल ¨सह, सर्वेश ¨सह, ज्ञानेंद्र ¨सह, अम्बरीश कुमार गुप्ता, कमल ¨सह यादव, विनोद शर्मा, श्याम कुमार, कमल ¨सह, नेत्रपाल ¨सह, संजय गुप्ता, रूपेंद्र ¨सह शाक्य, जुगेंद्र पाल ¨सह यादव मौजूद रहे।

मतदाता सूची में नाम शामिल करें


बदायूं : सोमवार को बिल्सी तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी विधान जायसवाल ने बीएलओ के साथ बैठक आहूत की।




बदायूं : सोमवार को बिल्सी तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी विधान जायसवाल ने बीएलओ के साथ बैठक आहूत की। उन्होंने बीएलओ से 15 से 31 अक्टूबर तक मतदाता संक्षिप्त पुननिरीक्षण अभियान में नए मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वे करने तथा एक जनवरी 2017 में 18 वर्ष आयु पूर्ण करने वालों के नाम मतदाता सूची में बढ़ाए जाने तथा मतदाता सूची से वंचित महिलाओं के नाम वरीयता पर बढ़ाने दो जगह मतदाता सूची में नाम को एक जगह काटा जाने को कहा। उन्होंने कहा प्रत्येक मतदाता से घोषणा पत्र भरवाया जाएगा कि उसका नाम दूसरे अन्य स्थान की मतदाता सूची में नहीं है। नई वोटर लिस्ट ग्रामों में पहुंच पढ़कर सुनाने, नए मतदाताओं से क्षेत्र में निवास होने, 18 वर्ष आयु पूर्ण होने का प्रमाण पत्र लिया जाएगा। उन्होंने कहा 18 व 25 सितंबर को विशेष बूथ डे होगा।





डीएम खफा, 340 शिकायतें लंबित होने पर


     बदायूं: प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं डीएम पोर्टल समेत आवेदक की ओर से स्वयं ऑनलाइन भेजी गई शिकायतें 



बदायूं: प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं डीएम पोर्टल समेत आवेदक की ओर से स्वयं ऑनलाइन भेजी गई शिकायतें तथा जन सेवा केंद्रों एवं तहसील दिवसों में प्राप्त होने वाली कुल 340 शिकायतें लगभग 46 अधिकारियों के स्तर पर निस्तारण के लिए लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी प्रताप ¨सह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट अजय कुमार श्रीवास्तव सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी ने लंबित शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि प्रधानमंत्री के पोर्टल पर 40, मुख्यमंत्री के पोर्टल से भेजी गई 76, डीएम के पोर्टल पर 106 तथा शिकायतकर्ता की ओर से स्वयं ऑनलाइन भेजी गई 113, जनसेवा केंद्रों के माध्यम से प्राप्त तीन एवं तहसील दिवसों से सम्बंधित ऑनलाइन प्राप्त होने वाली 2 कुल 340 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं।






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