: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 09/09/16

देखें कैसे खौलते तेल के कडा़हे में बैठता है यह बौद्ध भिक्षु, सच जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान




अगर आपसे कोई कहे कि खौलते तेल में बैठ सकते हो तो आप तपाक से यही बोलोगे कि ये कैसा सवाल है। भला कोई खौलते तेल में बैठ सकता है लेकिन ऐसा भी हो सकता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ तस्‍वीरें सामने आई हैं। जिनमें एक बौद्ध भिक्षु खौलते तेल के कड़ाहे में बैठ रहा है। इसका वीडियो भी सामने आया है। आइए जानें इसके पीछे का रहस्‍य...
काफी तेजी से वायरल
खौलते तेल के कड़ाहे में बैठने का काम कोई सामान्‍य इंसान तो शायद ही कर सके हैं, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही अजीब कारनामा दिख रहा है। थाईलैंड स्थित नांग बु लपू प्रांत में एक बौद्ध भिक्षु खौलते तेल में बैठ रहे हैं। इनके बारे में जो भी सुनता कुछ पलों के लिए शॉक्‍ड हो जाता है। लोगों को यकीन नहीं होता है। जिससे लोग इनके करतब को देखने के लिए खुद उस स्‍थान पर आते हैं जहां पर यह बौद्ध भिक्षु खौलते तेल के कड़ाहे में बैठते हैं। इसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही हैं। इतना ही नहीं इस कारनामे का वीडियो भी सामने आया है।
जिस समय यह बौद्ध भिक्षु खौलते तेल के कड़ाहे में बैठते हैं उनके शरीर में कोई हलचल नहीं होती हैं। सबसे खास बात तो यह है कि वह कोई 5 या 10 मिनट नहीं बैठते हैं बल्‍कि कई घंटे बैठते हैं। हालांकि उनकी इस अनोखी क्रिया के बारे में स्‍थानीय लोगों का कहना है कि यह कड़ाहे और शरीर दोनों पर किसी जड़ी बूटी का इस्‍तेमाल करते हैं। जिससे इनके शरीर पर आग की लपटों व तेल के खौलने का असर नहीं होता है। वह बेहद सामान्‍य प्रतिक्रियाएं देते रहते हैं। हालांकि अपने इस करतब के बारे में बौद्ध भिक्षु ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।


आर्थिक तंगी से किसान ने आत्म हत्या की


क़र्ज़ में डूबे किसान ने पेड़ से लटककर आत्म हत्या



वाज़ीरगंज : थाना क्षेत्र के ग्राम नौली हरनाथ पुर में गांव वालों के मुताबिक कर्ज में डूबे किसान ने पेड़ से लटककर आत्म हत्या कर ली । पुलिस ने मौके पर पहुचकर शव को पीएम को भेज दिया है । सुबह 4 बजे खेत पर निकले रंजीत यादव 42 पुत्र लाल सिंह निवासी नौली हरनाथपुर ने क़र्ज़ का दबाव व आर्थिक तंगी में दिनेश चंद्र के खेत में खड़े नीम के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी । बताते हैं गरीबी से तंग आकर अपने खेत में पेड़ से लटक कर जान दे दी | राब्जीत और भूमि विकास बैंक और केजीबी मई बसई का तक़रीबन दो लाख का कर्जा था जिस कारण वो काफी दिनों से मानसिक परेशान था । रणजीत के पत्नी के अलावा 4 बच्चे हैं । परिजनों को जब घटना की जानकारी हुई तो परिवार में कोहराम मच गया है । पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पीएम के लिए भेज दिया है । इधर एसडीएम ने मौके का मुआयना कर पीड़ित परिवार को ढांढस बनाया है ।




बदायूं-बिजनौर राजमार्ग SH-51 मंजूर होने के बाद भी नहीं काम शुरू

बदायूं-बिजनौर राजमार्ग एसएच 51 मंजूर होने के बाद भी अछूता



इस्लामनगर : जिले भर में चारों ही तरफ सड़कों को बेहतर जाल बुन कर यहां काफी काम किया गया है पर अब तक बदायूं बिजनौर एसएच 51 पर काम शुरू नहीं हो सका है। इस्लामनगर वालों को उम्मीद है कि कि यहां भी काम शुरू हो ताकि विस चुनाव से पहले यहां के लोग भी गैर जनपदों को फर्राटा भर सकें।
बदायूं से बिल्सी, इस्लामनगर, बहजोई, संभल, हसनपुर, गजरौला, मंडी धनौरा, नजीबाबाद होकर बिजनौर तक इस स्टेट हाइवे के बनने से काफी राहत और लोगों का सफर सुहाना हो जाएगा। इस पर चौड़ीकरण, फोरलेन निर्माण होने से न केवल तरक्की के द्वार खुलेंगे बल्कि क्षेत्र का नया रंग रूप भी सामने आ जाएगा। मुख्यमंत्री के भाई सांसद धर्मेंद्र यादव इस मार्ग को लेकर बेहद संजीदा है। यही वजह है कि इसे उप्र सरकार ने अपनी प्राथमिकता वाली योजनाओं में शुमार कर लिया है। इस मार्ग के फोरलेन होने से राजधानी दिल्ली जाने आने मे समय की बचत तो होगी, साथ ही जाम से भी निजात मिल जाएगी। इसके अलावा नजीबाबाद होकर हरिद्वार जाने के लिए भी समय की बचत होगी। इस्लामनगर से हरिद्वार की दूरी करीब दो सौ पचास किलोमीटर है। अगर हाइवे पर जल्द काम शुरू हो जाए तो यहां के लोगों के दिन बहुर जाएंगे। सपा के सांसद, विधायक, मंत्री सहित मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख मुलायम ¨सह यादव का इस जिले से गहरा नाता रहा है। ऐसे में क्षेत्र वासी इस पर जल्द काम शुरू होने की आस लगाए हैं।
इनसेट-
बिजनौर जाने में लगते हैं कई घंटे
वर्तमान में बदायूं से बिजनौर जाने के लिए फोरलेन रोड नहीं है। बिजनौर जाने के लिए कई घंटों का सफर तय करना पड़ता है। पूरे रास्ते में जगह-जगह जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। फोरलेन निर्माण के बाद बिजनौर का सफर आसान होगा और वाहन भी फर्राटा भरते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।
इनसेट-
दिल्ली, हरिद्वार जाने का सफर होगा आसान
फोरलेन सड़क मार्ग बन्ने से दिल्ली, हरिद्वार, जाने के लिए फोरलेन रोड पर रफ्तार के साथ वाहन भरेंगे फर्राटा तो प्रदेश की अर्थ व्यवस्था की रफ्तार भी फर्राटा भरेगी। दिल्ली से व्यापार करने वाले भी खुशहाल होगें और क्षेत्र के लोग सुलभ रास्ता होने पर हरिद्वार भी जा सकेंगे।


लाभार्थियों का चयनित प्रशिक्षण शुरू

पंजाब नैशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में उप्र सरकार की कृषि स्नातकों



बदायूं : पंजाब नैशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में उप्र सरकार की कृषि स्नातकों के प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना के अंतर्गत चयनित 17 लाभार्थियों का प्रशिक्षण का शुभारंभ उप कृषि निदेशक आरपी चौधरी ने किया। जिसमें आर सेटी निदेशक नवल किशोर ¨सह तथा आर सेटी बदायूं का समस्त स्टाफ, कृषि विभाग से सर्वेश कुमार, शंकर कुमार आदि उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए पंजाब नैशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना की तथा कृषि स्नातकों के सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम की कामना करते हुए चयनित लाभार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णय की विस्तृत चर्चा एवं उसके लाभ ले बारे में बताया।



प्रेग्नेंट बहू को गोद में उठाकर ऐसे भागा ससुर लेकिन




 मिर्जापुर : गर्भवती बहू को बचाने के लिए उसे गोद में उठाकर एक 70 साल का बूढ़ा ससुर करीब अस्‍पताल में 100 मीटर तक भागदौड़ करता रहा। इसके बावजूद इलाज नहीं मि‍ला और नवजात सहि‍त उसकी मौत हो गई।

उसका कहना है कि‍ अस्‍पताल के डॉक्‍टरों की लापरवाही के कारण उसके बहू की मौत हुई है।
 मामला मि‍र्जापुर जि‍ले के लालगंज थाना इलाके का है।
 रवि‍वार को वहां रहने वाली प्रेग्‍नेंट अंशु पाण्डेय की तबि‍यत अचानक बि‍गड़ गई।
वहां से उसे एंबुलेंस द्वारा मि‍र्जापुर के जिला महिला अस्पताल पहुंचाया गया। उसके साथ परि‍जन और ससुर गए।

  • इमरजेंसी में पहुंचाने के 5 घंटे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आई। वहां मौजूद नर्स ने उसे ड्रिप लगा दिया।
  • 3 बजे सुबह से 8 बजे तक इस इमरजेंसी वार्ड में उसे देखने कोई डॉक्टर नहीं आया। वह दर्द से तड़प रही थी।
  • ससुर ले गए प्राइवेट डॉक्‍टर के पास
  • अस्‍पताल की लापरवाही से बहू को तड़पता देख ससुर मजबूरी में उसे उठाकर प्राइवेट डॉक्टर को दिखाने ले गए।
  • वहां पेशेंट को क्रि‍टिकल कंडीशन में देखकर डॉ. ने वापस सरकारी अस्पताल भेज दिया।
  •  वापस जिला महिला अस्पताल आने पर उसे स्‍ट्रेचर नहीं मि‍ला।
  • ससुर ने उसे अपनी गोद में उठाया और इमरजेंसी वार्ड की ओर दौड़ लगा दी।
  • करीब 9 बजे वहां पहुंचने पर कि‍सी डॉक्‍टर से मुलाकात नहीं हुई।
  •  नर्स से कहने के बावजूद इलाज नहीं हुआ।


क्‍या कहते हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी


  • इस बारे में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी संजय पाण्डेय से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि डॉक्टरों की यहां 24 घंटे ड्यूटी है।
  • अगर डॉक्‍टर नहीं होते हैं तो उन्‍हें बुलाया जाता है।

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