: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 09/10/16

ये औरतें जूतों से पानी पीने को मजबूर हैं और हम महिला-सशक्तिकरण की बात करते हैं


राजस्थान : दक्षिणी राजस्थान के भीलवाड़ा में आज भी पिछड़ापन पसरा हुआ है. वहां कोई महिला-सशक्तिकरण की बात नहीं करता, Feminism के Hashtag लगा कर लोग कुछ लिखते नहीं दिखाई देते. विकास की आंधी वहां अभी पत्ते भी नहीं हिला पायी है.

भूत-बाधा दूर करने के जो तरीके इन औरतों पर आज़माए जाते हैं, वो अमानवीयता की मिसाल बन सकते हैं.
ऐसी प्रतिगामी परम्पराएं आज भी यहां चली आ रही हैं, जो तर्कसंगतता की धज्जियां उड़ा दें.अंधविश्वास पर आधारित इन सभी परम्पराओं में एक चीज़ समान है, ये दम घोंट रही हैं उस औरत का, जो आज भी पितृसत्ता की बेड़ियों में जकड़ी हुई है. उसे अपने विमुक्त होने की शायद उम्मीद भी नहीं है.

झाड़-फूंक करने वाले मंदिर के पुजारी इन औरतों के भूत उतारने के लिए क्रूरता की कोई भी हद पार करने से नहीं चूकते.
औरतों को सिर पर जूते रख कर कई किलोमीटर तक चलते देखा जाना, यहां आम बात है. हर तरह की गंदगी से सने जूते, जिन्हें छूने की भी आप कल्पना नहीं करना चाहेंगे, ये औरतें उन्हें अपने मुंह में दबाकर लाती हैं और इन जूतों में भर कर पानी पीती हैं.

भूत-बाधा जितनी बड़ी हो, इनको दी जाने वाली यातना भी उतनी ही कड़ी होती है. इन्हें 200 सीढ़ियों पर घसीटा जाता है. ये सब कुछ किया जाता है, बस इनका भूत उतारने के लिए.
 1995 में भीलवाड़ा के बंकाया माता मंदिर गए थे. उन्हें बताया गया था कि इस मंदिर में भूत भगाने से जुड़ी धार्मिक क्रियाएं होती हैं. वहां जो दृश्य उन्होंने देखे और अपने कैमरे में कैद किये, वो उन्हें अन्दर तक झकझोर गए.

वो बताते हैं कि औरतों के साथ ऐसी बर्बरता देखना और उन्हें आस्था के नाम पर इन परम्पराओं को मानने पर मजबूर होते देखना रोंगटे खड़े कर देता है. 21 साल पहले जो उन्होंने देखा वो तो हृदयविदारक था ही, पर उससे ज़्यादा दुःख उन्हें ये देता है कि ये परम्पराएं आज भी उस इलाके में जारी हैं. आज भी औरतें जूतों से पानी पी रही हैं.

1979 में  हर साल लगने वाले पुष्कर मंदिर के एक खेल पर भी काम किया था. इस खेल में ऊंटों के साथ अमानवीयता की जाती थी. इसके कुछ समय बाद ही इस खेल को बंद कर दिया गया.

इससे हमारे समाज की विडंबना साफ़ झलकती है. हम औरतों से ज़्यादा संवेदनशीलता तो जानवरों के लिए रखते हैं. तभी आज तक इन औरतों को इस कुप्रथा से नहीं बचाया जा सका है.

इस कुप्रथा से गुज़रने वाली औरतों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है गहरा असर

यहां लायी जाने वाली ज़्यादातर औरतें या तो किसी मानसिक बीमारी से जूझ रही होती हैं या उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ करार देने के लिए ही उनके ससुराल वाले उन्हें यहां लाते हैं. कई बार उनका मकसद बस औरतों को उनकी ‘सही जगह’ याद दिलाना होता है.

इस अनोखे अस्पताल की ‘मरीज’ अकसर ‘ज़्यादा बोलने वाली’ या ससुराल में ‘ठीक से न रहने वाली’ औरतें ही बनती हैं. हैरानी की बात ये है कि ये उपचार लेने इस मंदिर में कोई आदमी नहीं आता. शायद भूत भी शिकार चुनने में भेद-भाव करते होंगे.

जो औरतें वाकई किसी मानसिक परेशानी से जूझ रही होती हैं, उन्हें ये यातनाएं और बुरी स्थिति में पहुंचा देती हैं.

ऐसा भी नहीं है कि अन्धविश्वास के नाम पर ऐसा सिर्फ ग्रामीण महिलाओं के साथ ही हो रहा है. कई पढ़े-लिखे लोग भी इन भूत उतारने वाले बाबाओं के झांसे में आ जाते हैं. अन्धविश्वास को लोग धर्म से जोड़ देते हैं, यही कारण है कि भारत में इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं.

औरतें आसानी से ऐसे ढोंगियों का निशाना बन जाती हैं क्योंकि उनके घरवाले भी इस अन्धविश्वास में यकीन रखते हैं कि झाड़-फूंक से किसी बीमारी को ठीक किया जा सकता है. इस समस्या की वजह स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं और Professionals का अभाव होना भी है.
आज भी कई औरतें इन अमानवीय ‘चिकित्सकों’ के चंगुल में फंसी हुईं हैं. जब तक ऐसी कुप्रथाएं समाज में हैं, महिला-सशक्तिकरण की केवल बातें ही की जा सकती हैं. क्योंकि असल में उनकी स्थिति आज भी यही बनी हुई है. वो कुप्रथाओं की कंकड़ भरी सड़कों पर कई किलोमीटर नंगे पांव चल कर आती है और पितृसत्ता के जूतों से शोषण का पानी पीती हैं क्योंकि यही परंपरा है.

आज़ादी के सत्तर साल पूरे करने की ओर बढ़ रहे इस देश का एक चेहरा ये भी है. मानव अधिकारों का गला घोंटती और औरतों के दमन की परंपरा को सींचती ये प्रथाएं यदि इस देश की संस्कृति का हिस्सा हैं, तो क्या हम सब के लिए ये शर्म की बात नहीं है? जब तक ये जड़ से मिटा नहीं दी जातीं, क्या हमें अपने भारतीय होने पर गर्व करना चाहिए?


चीता पुलिस पर हमले का दर्ज होगा मुकदमा

सुभाषनगर पुलिया के पास बुधवार देर रात चीता पुलिस पर हमले के मामले में मुकदमा दर्ज किया जायेग



बरेली : सुभाषनगर पुलिया के पास बुधवार देर रात चीता पुलिस पर हमले के मामले में मुकदमा दर्ज किया जायेगा। वारदात की जानकारी पर यह बात एसएसपी आरके भारद्वाज ने कही। सुभाषनगर थाने का चीता सिपाही सुरेंद्र बुधवार देर रात अपने हमराही के साथ गश्त पर था। रात करीब ढाई बजे सुभाषनगर पुलिया के पास तीन बदमाश अंधेरे में खड़े दिखे। चीता को देख तीनों रेलवे लाइन की तरफ भाग गए थे। थोड़ी देर बाद चीता सिपाही सुरेंद्र बाइक से फिर उधर से गुजरा तो तीनों बदमाश दिख गए। टोकने पर बदमाशों ने गाली गलौज करते हुए उसे बाइक से गिरा दिया और पिटाई कर दी। इसी दौरान एक बदमाश ने तमंचे से सिपाही के सिर पर वार कर दिया। जिससे वह लहूलुहान हो गया। सिपाही को पिटता देख राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी तो बदमाश भाग निकले थे।



मुस्लिम सब-इंस्पेक्टर ने थाने में स्थापित की गणेश प्रतिमा





मुंबई : एक ओर जहां दंगे-फसाद की खबरें आती हैं, वहीं असलम खातिब जैसे लोगों की मिसाल भी देखने को मिलती है। असलम पुलिस सब-इंस्पेक्टर हैं और उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश की है। अपने आला अधिकारियों की इजाजत लेकर असलम ने महात्मा फूले पुलिस थाने के परिसर में एक गणेश प्रतिमा स्थापित की। बुधवार को उन्होंने अपनी पत्नी नूरजहां के साथ मिलकर सत्यनारायण की पूजा भी की।

असलम पिछले 6 साल से मुंबई पुलिस में हैं। उन्होंने बताया कि कोल्हापुर स्थित अपने गृह नगर में वह हिंदू त्योहारों में शरीक हुआ करते थे। इसी साल महात्मा फूले थाने में उनका तबादला हुआ। यहां आकर असलम को पता चला कि यहां गणेशोत्सव नहीं मनाया जाता है। ऐसे में उन्होंने यह त्योहार मनाने का फैसला किया।

असलम कहते हैं, 'हमें सभी त्योहारों का सम्मान करना चाहिए और साथ मिलकर उन्हें मनाना चाहिए। यही वजह है कि मैंने थाना परिसर में प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया।'




भोली-भाली 'मां' के चेहरे के पीछे का सच है खौफनाक





जयपुर  : राजस्थान की राजधानी जयपुर में 15 दिन पहले हुई चार महीने की बच्ची माही की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जयपुर पुलिस ने माही की हत्या के आरोप में उसकी मां नेहा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार शास्त्री नगर इलाके में 26 अगस्त को हुई बच्ची की हत्या उसकी मां नेहा गोयल ने ही की है. पुलिस के मुताबिक बेटे की चाह में नेहा ने बेरहमी से मासूम की हत्या की और शव एसी बॉक्स में छिपा दिया. चार महीने पहले बेटी के जन्म पर फेसबुक पर खुशी का इजहार करते हुए फोटो पोस्ट करने वाली नेहा अब मुंह छिपाती नजर आई. दिल्ली के एक बड़े घर की बेटी नेहा का जयपुर में ससुराल है और उसके ससुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हैं. अगली स्लाइड्स में पढ़ें, मां ने ही बेरहमी से बेटी को मार डाला.
नेहा का पीहर दिल्ली है और उसके पिता कारोबारी हैं. 11 साल पहले नेहा की शादी जयपुर के राकेश से हुई थी. नेहा के 8 साल की एक बेटी के बाद चार महीने पहले एक और बेटी का जन्म हुआ था. नेहा ने दूसरी संतान बेटा चाहती थी और इसके लिए हवन भी कराया था और बेसब्री से बेटे के जन्म का इंतजार कर रही थी. लेकिन... अगली स्लाइड में पढ़ें अागे की कहानी
नेहा के ससुर और मृतक बच्ची के दादा बाबूलाल गोयल के अनुसार उनकी बहू पढ़ी लिखी और अच्छे घर से है. हमारे घर में भी कोई कमी नहीं है और घर में कभी बेटी के जन्म पर कोई अफसोस नहीं जताया गया. नेहा ने ऐसा क्यों किया ये तो वो ही जाने... अगली स्लाइड में पढ़ें, नौकरानी ने पाला
जिस बच्चे के जन्म का नेहा बेसब्री से इंतजार कर रही थी उसके जन्म के बाद से उससे नफरत करने लगी थी. जानकारी के अनुसार रात में भी बच्ची को नौकरानी ही सुलाती थी, हालांकि घटना वाली रात नेहा ने बच्ची को अपने पास सुलाया था और उसका शव नेहा के कमरे के पास ही एसी बॉक्स में मिला था
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि नेहा पिछले चार माह यानि माही के जन्म से ही तनाव में थी. नेहा की पहली संतान के बाद दो बार गर्भधारण हुआ लेकिन खराब हो गए यह चौथी बार गर्भधारण था. फिलहाल, नेहा ने पुलिस की पूछताछ में अपराध कबूल कर लिया है. गुरुवार को कोर्ट ने नेहा को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

5 फीट से 2 फीट की रह गई शांति देवी, एक हादसा

25 साल पहले घर के बाहर छप्पर रखा जा रहा था शांति देवी के 





 कानपुर :  कानपुर के धरऊ गांव की शांति देवी आजकल चर्चा का केन्द्र बनी हुई है. जहां 25 साल पहले एक हादसे के जख्म ठीक होने के बाद अस्पताल से लौटी शांति देवी का कद अचानक घटने लगा है.
कभी सवा पांच फीट की रहीं शांति देवी की लंबाई अब महज दो फीट रह गई है. अब 60 साल शांति देवी चल-फिर नहीं पातीं हैं.

दरअसल, करीब 25 साल पहले घर के बाहर छप्पर रखा जा रहा था. घर के बाकी लोगों की तरह शांति देवी भी मदद कर रही थीं. इसी दौरान छप्पर की एक धन्नी सरकी फिर पूरा छप्पर शांति देवी के ऊपर आ गिरा.
वह बुरी तरह घायल हो गईं. पति गंगाचरण कुशवाहा तथा अन्य लोग हास्पिटल ले गए. कुछ दिनों बाद ठीक हुई तो उन्हें घर ले आए.
बेटे विमलेश ने बताया कि करीब तीन महीने बाद उन्होंने शरीर की पूरी हड्डियों में दर्द की शिकायत की. कुछ समय बाद शांति देवी के कद में कमी आनी शुरू हो गई. चार महीने में आधा फीट तक लंबाई कम हुई.
फिर डॉक्टर को दिखाया तो कई जांच हुईं. दवा भी हुई मगर फायदा नहीं हुआ. एक शहर से दूसरे शहर के डॉक्टरों के यहां दौड़ लगाती रहीं, मगर लंबाई घटनी कम नहीं हुई. कुछ साल में ही शांति देवी की लंबाई डेढ़ फीट कम हो गई.
वहीं फायदा नहीं होने पर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए. थक-हार कर घर के लोग बैठ गए. अब शांति देवी की लंबाई केवल दो फीट बची है. कद में थोड़ी थोड़ी कमी अभी भी आ रही है.


महिला-पुरुष अनुपात समान हो तो बेहतर





बदायूँ :अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एसके राय ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के पोषण और सुरक्षित प्रसव पर विशेष ध्यान दिया जाए। जटिल गर्भावस्था के लक्षण वाली महिलाओं के प्रसव में कोई दिक्कत न हो। कहा कि 2030 तक यह लक्ष्य रखा गया है कि महिला- पुरुष का अनुपात बराबर हो जाए। इस मौके पर डॉ आरके सिंह मेहरा, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, माया सिंह समेत अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से महिला दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर एवं संगोष्ठी का आयोजन न्यायालय परिसर में हुआ। इस मौके पर अध्यक्ष व जिला जज शमशाद अहमद ने महिला सशक्तीकरण और समानता के अधिकार को गंभीरता से लागू करने की बात कहीं। न्यायालय  परिसर में महिलाओं को और अधिक सुविधायें देने का आश्वासन दिया। इस मौके पर रोहिताश सिंह गंगवार, जितेन्द्र मिश्रा समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। मुहम्मदाबाद संवाददाता के मुताबिक, महिला दिवस पर क्षेत्र पंचायत के परिसर में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि बाल विकास परियोजना अधिकारी आरपी मौर्य ने महिलाओं के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त 

हेयर प्रॉब्लम्स का परफेक्ट सॉल्यूशन है मेथी दाना



मेथी देखने में तो हैं छोटे, मगर गुण है अनेक। ये अपने महक और स्वाद के द्वारा पूरे व्यंजन के स्वाद को बदल देने की क्षमता रखते हैं। वैसे तो मेथी का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है, लेकिन भारतीय रसोईघरों में मेथी का इस्तेमाल साधारणतः करी, सब्ज़ियों से बने व्यंजन, दाल आदि के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इन सबके अलावा मेथी के बहुत सारे औषधीय गुण भी हैं, जिसके बारे में शायद बहुत कम ही लोग जानते हैं। मेथी में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, नियासिन, पोटेशियम, आयरन, और एल्कलॉयड (क्षाराभ- वनस्पतियों का मूल तत्व) होते हैं। इसमें डाओस्जेनिन नामक यौगिक (कम्पाउन्ड) होता है जो एस्ट्रोजन सेक्स हार्मोन जैसा काम करता है। इस यौगिक के कारण ही मेथी बहुगुणी बन जाता है, जिसके कारण वह स्वास्थ्य से लेकर सौन्दर्य सभी क्षेत्रों में अपना जादू चला पाता है।

मेथी के बीजो में एक पूर्ववर्ती हार्मोन होता है, जो बाल की कूप के विकास और पुनर्निर्माण में लाभ करता है। यह प्राकृतिक टॉनिक को नम और चमकदार बनाकर उनमें उछाल और चमक वापस लाने में मदद करता है। अतिप्राचीन काल से बालों की समस्याओं के इलाज के लिए मेथी के बीजों का उपयोग किया जाता रहा है, इसलिए आप बिना सोचे उन का उपयोग कर सकते हैं।


बालों की समस्या से राहत
बालों की समस्या से लड़ने के लिए अपने आहार में मेथी को शामिल करें या बालों पर मेथी का पेस्ट भी लगा सकते हैं, इससे आपके बाल काले और घने बन जायेंगे। अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या पतले हो गए हैं तो नारियल के तेल में मेथी के दानों को उबालकर रात भर भिगोकर रखें। अगले दिन सुबह इस तेल को बालों में लगायें, इससे बालों का झड़ना कम हो जाएगा।
मेथी दाना में काफी मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है, जो गंजेपन को खत्म करने में मदद करता है। इसके अलावा, जहां इसमें मौजूद पोटैशियम समय से पहले बालों को सफेद होने से बचाता है वहीं, lecithin बालों के जड़ों को मजबूत बनने में मदद करता है, लेकिन ये तो इसके बस कुछ फायदे हैं।

हम आपको बताते हैं बालों से जुड़े मेथी दाने के फायदे और इसे इस्तेमाल करने के तरीकों के बारे में।

बढ़ाएं बाल, जड़ें करें मजबूत
-मेथी दाने को पानी में 24 घंटे के लिए भिगो कर रख दें. अब इसे निचोड़ कर पानी से निकाल लें और इस मेथी दाने के पानी से बालों को धोएं। इस पानी को लगभग 3 घंटे तक अपने बालों में रहने दें और फिर गुनगुने पानी से बालों को धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए ऐसा हर रोज़ करें। इसके लिए आपको मेथी दाने से बने हेयर मास्क की मदद लेनी होगी। मेथी दाने को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और इसमें नारियल का दूध मिलाएं। इस पेस्ट को अपने बाल और स्कैल्प पर लगाएं। आधे घंटे बाद शैम्पू से बालों को धो लें।

-दो चम्मच मेथी दाने लें और इन्हें अच्छी तरह पीस लें। इसमें में अब एक चम्मच नारियल तेल या ऑलिव ऑयल मिलाएं। इस पेस्ट को उस जगह पर लगाएं जहां से आपके बाल सबसे ज़्यादा झरते हैं या खराब हो चुके हैं। 10 मिनट बाद बालों को धो लें।

कंडिश्निंग मेथी करें डेंड्रफ दूर
-कुछ मेथी दाने लें और थोड़ी देर इन्हें पानी में भिगो कर रख दें. बाद में इस भीगे मेथी दाने को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट में एक चम्मच नींबू का रस अच्छी तरह मिला लें और अब इस पेस्ट को अपने स्कैल्प पर लगाएं। हफ्ते में ऐसा तीन बार करें और पाएं डैंड्रफ से हमेशा के लिए छुटकारा।

-8 से 10 ग्राम भीगे मेथी दाने लें और इन्हें पीसकर कर बारीक पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को अपने पूरे बाल और स्कैल्प पर लगाएं। सूख जाने के बाद बालों को अच्छी तरह धो लें। बस और क्या? पाएं सॉफ्ट और सिल्की बाल।

एक रुपया आपको भी बनाएगा लखपति


भला कौन लखपति नहीं बनना चाहता, लेकिन उसके लिए तो चाहिए रात-दिन की मेहनत। इसके बावजूद आज बढ़ते खर्चों के दौर में भला इतना आसान कहां है लखपति बनना। आप भी यही सोचते हैं न। वहीं अगर हम आपसे कहें कि ऐसा बनने के लिए आपको इतनी ज्‍यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी, तो चौंक तो जरूर जाएंगे आप। जी हां, ये सच है। आप मानें या न मानें, लेकिन सिर्फ एक रुपया आपको लखपति बना सकता है। आइए जानें, कैसे...।

आपको करना होगा ये 
आपके पास अगर एक रुपये का कोई ऐसा सिक्‍का जो विन्‍टेज है, तो ये आपको चुटकियों में लखपति बना सकता है। दरअसल ऐसे किसी भी सिक्‍के की कीमत 3 लाख रुपये तक की हो सकती है। आंध्र प्रदेश के एक व्‍यापारी के पास ऐसे ही सिक्‍कों का कलेक्‍शन है। इन सिक्‍कों को हाल ही में उन्‍होंने 3 लाख रुपये में बेचा है। अब आप सोचिए कि क्‍या आपके पास भी कोई ऐसा सिक्‍का है। अगर है तो, आप भी उसको ऑनलाइन पोर्टल पर बेचकर रातों-रात अमीर बन सकते हैं।

मिलिए इनसे, ये हैं वो कारोबारी 
आंध्रप्रदेश में इन विंटेज सिक्‍कों को बेचने वाले इन कारोबारी का नाम है बी चंद्रशेखर। चंद्रशेखर सड़क के किनारे ऐसे ही विंटेज सिक्‍कों का स्‍टॉल लगाते हैं। उनका ये स्‍टॉल वर्ल्‍ड तेलगु कॉन्‍फ्रेंस के सामने लगता है। यहां वर्ल्‍ड तेलगु कॉन्‍फ्रेंस में अक्‍सर होने वाली एग्‍जीबिशन के दौरान बड़ी संख्‍या में लोग इनके स्‍टॉल पर भी पहुंचते हैं और इनसे सिक्‍कों की खरीदारी करते हैं। ये स्‍टॉल ही उनकी आमदनी का जरिया है। बता दें कि यहां एक-एक विंटेज सिक्‍के की कीमत 3 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

ये थी सिक्‍के की खासियत
अब आप सोच रहे होंगे कि चंद्रशेखर ने जिस सिक्‍के को 3 लाख रुपये में बेचा, आखिर उसकी खासियत क्‍या थी। उस सिक्‍के की खासियत थी कि उसे 1973 में मुंबई मिंट में ढाला गया था। अब आपको बता दें कि आखिर ये मुंबई मिंट है क्‍या। मुंबई मिंट भारत की सबसे पुरानी मिंट है। इस मिंट का निर्माण अंग्रेजों ने करवाया था। ये उस समय की बात है जब मुंबई को आर्थिक नजरिए से सबसे अच्‍छा शहर माना जाता था। यहां बने सिक्‍कों की खासियत ये थी कि इनपर डायमंड शेप का एक डॉट होता था। एक इंटरव्‍यू के दौरान चंद्रशेखर ने बताया कि उनके पास अब से करीब 65 साल पुराने सिक्‍के हैं। ये वो सिक्‍के हैं, जो वास्‍तविक रूप में स्‍मारक या एतिहासिक हैं।
ऐसा बताया चंद्रशेखर ने 
चंद्रशेखर ने बताया कि उन्‍होंने ऐसा ही एक और रुपये का सिक्‍का बेचा और उसकी कीमत 2 लाख रुपये बताई। उनका वह सिक्‍का 1985 का बना हुआ था। इस सिक्‍के पर तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरागांधी की तस्‍वीर छपी थी। इस सिक्‍के को कोलकाता मिंट में बनाया गया था। सिर्फ यही नहीं, इसके अलावा दो आने से लेकर 50 पैसे तक के सिक्‍के उन्‍होंने बेचे हैं। ऐसे सिक्‍कों के लिए उनको 50 हजार से 60 हजार रुपये तक मिले हैं। जानकारी है कि हैदराबाद मिंट को 1903 में हैदराबाद में स्‍थापित किया गया था। इसको निजाम की निगरानी में शुरू किया गया था। यहां बने सिक्‍कों की एक अलग खासियत है। आपके पास जो सिक्‍का है अगर उसपर नीचे की ओर एक टूटे डायमंड का चिह्न बना है तो वो निशानी है उसके हैदराबाद मिन्‍ट में बने होने की। दरअसल हैदराबाद मिंट में शुरुआत में सिक्‍कों पर स्‍टार मार्क का इस्‍तेमाल किया। बाद में उसको बदलकर उसे डायमंड शेप में बदल दिया गया। हालांकि कुछ सिक्‍कों पर टूटा डायमंड अभी भी बना हुआ है।

जांच-हाईकोर्ट: पति ने नहीं बनाए शारीरीक संबंध, साबित करने के लिए पति कराएगा

पति का दावा है कि उसकी पत्नी ने कभी उसके साथ शारीरीक संबंध कायम नहीं किये। इसी आधार पर उसने 5 साल पहले तलाक के लिए आवेदन किया था। 




मुंबई। हाईकोर्ट ने मुंबई फैमिली कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है जिसमें कहा गया था कि एक पति संबंध बनाने में असमर्थ पत्नी की जांच की मांग कर सकता है। फैमिली कोर्ट में दायर एक मामले मे पति का दावा है कि उसकी पत्नी ने कभी उसके साथ शारीरीक संबंध नहीं बनाए। इसी आधार पर उसने 5 साल पहले तलाक के लिए आवेदन किया था।इस जोड़े की शादी दिसंबर 2010 में हुई थी। उस समय महिला की उम्र जहां 33 साल थी, वही पति की उम्र 38 साल थी। दोनों की यह दूसरी शादी थी। पति द्वारा 2011 में दायर की गई तलाक याचिका में मुंबई फैमिली कोर्ट ने जुलाई में दिए अपने फैसले में महिला से कहा था कि मुंबई के सर जेजे अस्पताल में आपको शारीरिक और मनोवैज्ञानिक जांच करवानी होगी। मामले की सुनवाई करते हुए फैमिली कोर्ट ने महिला की मेडिकल जांच कराए जाने का आदेश दिया था और यह पता लगाने का निर्देश दिया कि क्या वह महिला 'नपुंसक' है। इस फैसले के खिलाफ महिला ने उच्च न्याययालय में अपील की थी जिसे हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया।

ग्राम प्रधान, 26 को लखनऊ जाएंगे


राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की उसावां ब्लॉक की बैठक हुई। प्रधानों की समस्याओं



बदायूं : राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की उसावां ब्लॉक की बैठक हुई। प्रधानों की समस्याओं पर विचार व्यक्त किए गए। प्रधानों से 26 सितंबर को लखनऊ में पहुंचने का आह्वान किया गया। रामवीर ¨सह को ब्लॉक अध्यक्ष चुना गया। ब्लॉक की कार्यकारिणी में नरेशपाल ¨सह उपाध्यक्ष, धनंजय ¨सह, विष्णु दयाल, श्यामादेवी, ममता शाक्य, मुनीशा आदि को संगठन में जिम्मेदारी दी गई है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख राजेश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, श्यामा ¨सह, उदयवीर ¨सह, पप्पू शर्मा, सीताराम, सरनाम, आदि रहे।


बिसौली प्यारेलाल की हुई थी लूट के बाद हत्या

बिसौली कोतवाली क्षेत्र में मिली प्यारे लाल की लाश पुलिस के गले की फांस बनती जा र



बदायूं: बिसौली कोतवाली क्षेत्र में मिली प्यारे लाल की लाश पुलिस के गले की फांस बनती जा रही है। पुलिस ने सड़क हादसे में मौत होने का दावा कर खुद को फंसा लिया है। शव की शिनाख्त होने के बाद स्थिति साफ हुई है कि सड़क हादसे में नहीं बल्कि उसको बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया था। मौका-ए-वारदात के पास से पकड़कर पुलिस के हवाले किए गए हत्यारोपी से बरामद रकम को हड़पने के लिए पुलिस ने उसका भी तमंचे में चालान कर दिया। परिजनों के आने से पुलिस पूरी तरह से बैकफुट पर आ गई है।
तीन दिन पहले बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पनौड़ी मोड़ के पास एक व्यक्ति की खून से लथपथ लाश पुलिस को मिली थी। पुलिस ने सड़क हादसा बताते हुए पोस्टमार्टम को भेज दिया। शुक्रवार को शव की शिनाख्त करने पहुंचे कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव हरहरपुर के लोगों ने उसकी पहचान की तो मामला आईने की तरह साफ हो गया। लोगों ने उसकी शिनाख्त 40 वर्षीय प्यारे लाल पुत्र कल्लू के रूप में की। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के परिजनों ने बताया कि गांव के ही ओमकार और बरेली के आंवला कोतवाली क्षेत्र में आने वाले गांव धर्मपुर निवासी भजनलाल से प्यारे लाल की गहरी दोस्ती थी। तीनों का एक दूसरे के घर पर आना जाना था। इस बीच भजनलाल ने अपनी कुछ जमीन का सौदा प्यारेलाल से किया तो बीते 6 सितंबर को दोनों के साथ प्यारे लाल आंवला रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन का बैनामा कराने गया था। उसके पास दो लाख 80 हजार रुपये थे। इसी रुपये के लालच में भजनलाल और ओमकार ने मिलकर उसके रुपये लूटे और बाद में पनौड़ी ढाबे के पास उसकी हत्या कर दी। वह दोनों उसकी लाश एक खेत में फेंककर चले आए। इस दौरान ढाबा स्वामी जोगेंद्र और कुछ लोगों ने भजनलाल को देख लिया था। भजनलाल का अंगौछा और पर्स लाश के पास गिर गया था जिसको लेने के लिए वह शाम के वक्त पहुंचा तो ढाबा स्वामी ने उसको पकड़ लिया। उसको पकड़ने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बताया जाता है कि ढाबे पर उसने हत्या स्वीकार की थी लेकिन उसके पास मौजूद रकम को हड़पने और हत्या का मामला दबाने के लिए पुलिस ने उसका तमंचे में चालान कर दिया। अब मामला सामने आने के बाद पुलिस की बोलती बंद हो गई है। मृतक के भाई ने भी दोनों पर लूट के बाद हत्या का आरोप लगाया है।
सिर में प्रहार कर उतारा गया था मौत के घाट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्यारे लाल की मौत की वजह सिर में गंभीर प्रहार करने से पुष्ट की गई है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का दावा है कि पहले उसके साथ मारपीट की गई बाद में सिर में कोई लोहे की चीज से प्रहार किया गया जिससे सिर की हड्डी टूटने से उसकी मौत हो गई।
'भजनलाल ढाबे पर हंगामा कर रहा था। इसकी सूचना पर उसको पकड़ा गया। उसके पास से मात्र दो हजार रुपये और एक तमंचा बरामद हुआ था। तमंचे में उसको जेल भेजा गया। हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी। परिजन जो भी तहरीर देते हैं उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- जमीरुल हसन, कोतवाल बिसौली



पिता-पुत्र समेत तीन पर मुकदमा

गांव में शौचालय का निर्माण कार्य कर रहे दलित राजमिस्त्री को तीन लोगों ने मार पीट घायल कर 




बदायूं : गांव में शौचालय का निर्माण कार्य कर रहे दलित राजमिस्त्री को तीन लोगों ने मार पीट घायल कर दिया और जातिसूचक गालियां दीं। पीड़ित ने पिता पुत्र समेत तीन के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली क्षेत्र के गांव रसूलपुर डांस निवासी जयवीर पुत्र गंगाधर का कहना है कि वह गांव में बनाए जा रहे शौचालय का निर्माण कार्य कर रहा था। ईटें कम पड़ने पर प्रधानपति ने रामविलास के घर से उठा लेने को कहा।जब वह ईंटें उठाने गया तो तीन लोगों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया और जातिसूचक गालियां दीं।पीडित ने रामविलास, सुनील और रामदास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इधर, गांव मुडारी सिधारपुर निवासी चंद्रपाल पुत्र राम दयाल का कहना है कि गांव की ही सीमा ने उसकी पुत्री को मक्का के भुट्टे तोड़ कर दिए थे तभी पांच लोगों ने उसकी पुत्री पर अपने खेत से भुट्टे तोड़ने का आरोप लगाते हुए गालियां देनी शुरू कर दी और गालियों का विरोध करने पर मारपीट कर घायल कर दिया।

एक की मौत, 23 घायल वाहनों की भिड़ंत में

कोतवाली क्षेत्र में बस और ट्रक की आमने-सामने से हुई भिड़ंत में बस ड्राइवर की मौके पर ही मौत


बदायूं : कोतवाली क्षेत्र में बस और ट्रक की आमने-सामने से हुई भिड़ंत में बस ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं। ट्रक छोड़कर चालक फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।

शुक्रवार को दोपहर के वक्त कस्बा दातागंज से सवारियां भरकर बरेली को बस जा रही थी। इसी दौरान बौरा मोड़ पर बरेली की ओर से आ रहे ट्रक से बस की भिड़ंत हो गई। हादसा इतनी रफ्तार पर हुआ कि बस क्षतिग्रस्त हुई और उसमें दातागंज निवासी चालक नत्थू (45) पुत्र लल्ला मियां की मौके पर ही मौत हो गई। बस सवार ओमवरी, बुधपाल, रमादेवी, नफीसा, सुब्रा बेगम, गौरव, सुमन, कंचन, ¨रकू, शिवम, अनुज, रामपाल, कृष्णा देवी समेत 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद रोड पर जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के बाद घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिला अस्पताल में भर्ती घायलों में चार की हालत नाजुक बताई जाती है।


ज़िले में सूरजपुर के हर घर में 'शौचालय की किरण '

खुले में शौच मुक्त समाज बनाने के लिए दैनिक जागरण के छोड़ो जंगल जाना अभियान


बदायूं : खुले में शौच मुक्त समाज बनाने के लिए दैनिक जागरण के छोड़ो जंगल जाना अभियान बदलाव का वाहक बन चुका है। गांवों के हर घर में शौचालय बनवाने की मुहिम छिड़ गई है। ग्रामीण अपने दूसरे काम रोककर घर में शौचालय बनवाने में लग गए हैं। बदलाव की इस मुहिम का हिस्सा बना है जगत ब्लॉक का सूरजपुर गांव। यहां ग्रामीण बिना किसी सरकारी इमदाद के अपने घरों में शौचालय बनवा रहे हैं। ताकि अपनी मां, बहनों को खुले में शौच की जलालत से मुक्त करा सकें। प्रयास अब शुरू हुए हैं तो लगातार ही आगे बढ़ेंगी ऐसा ग्रामीण भी सोचते हैं और प्रयास कर रहे हैं कि यह सिलसिला न रुके न थमे।
दैनिक जागरण ने खुले में शौच मुक्त अभियान शुरू किया। इस मकसद से कि हर घर में शौचालय बनें। महिलाएं, बच्चे, बड़े सभी शौचालय का उपयोग करें। बीमारी से मुक्त रहें। सामाजिक सम्मान बना रहे। जागरण के इस अभियान को लोगों ने न सिर्फ सराहा, बल्कि इससे जुड़े। प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई। शासन ने संज्ञान लिया। जिले भर में शौचालय के लिए एक मुहिम से छिड़ गई। अब तक करीब 20 गांव ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके हैं। जगत क्षेत्र के सूरजपुर गांव के लोगों ने जब बदलाव के इस सिलसिले को महसूस किया। तब वह भी अपने घरों में शौचालय बनवाने लगे। खासतौर से गांव के गरीब लोग जो शौचालय बनवाने के लिए धन नहीं जुटा पा रहे थे। उन्होंने भी साहस दिखाया। तन पेट काटकर पहले घर में सबसे जरूरी, शौचालय को बनवाने की जिम्मेदारी उठाई। ताकि मां, बहन, बेटियां खुले में शौच को न जाएं।

घर में शौचालय न होना, सामाजिक स्तर पर भी शर्मिंदगी महसूस कराता है। जब महिलाएं खुले में शौच को जाती। तब दिल को ठेस लगती। गरीबी की वजह से घर में एक शौचालय तक न बन सका। पर दैनिक जागरण के अभियान ने हमें जगाया। हमने ठान लिया कि मोबाइल बेशक न चलाएं, पर शौचालय जरूर बनवाएंगे। - See more at

पालिका के खिलाफ फिर भरी व्यापारियों ने हुंकार


सिटी मजिस्ट्रेट की मध्यस्थता के बाद भी पालिका ने अपना वायदा पूरा नहीं किय



बदायूं: सिटी मजिस्ट्रेट की मध्यस्थता के बाद भी पालिका ने अपना वायदा पूरा नहीं किया। नाराज व्यापार मंडल ने आज कलेक्ट्रेट में बैठक कर फिर से सड़क पर आने को हुंकार भरी है ताकि शहर के बजबजा रहे नाले और नालियों की सफाई कराई जा सके। व्यापार मंडल ने एक बार फिर ज्ञापन पत्र और मामले में मुख्यमंत्री को अवगत कराया है।
राष्ट्रवादी उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कृष्ण गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गत दिनों सिटी मजिस्ट्रेट की मध्यस्थता में वार्ता की गई पर उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। गत दिनों बारिश में शहर में भीषण जल भराव हुआ था और व्यापारियों का काफी नुकसान हो गया था। जब इस बात को प्रमुखता से उठाया गया तो सिटी मजिस्ट्रेट और पालिका के अधिशासी अधिकारी ने कहा कि बारिश में नाले साफ नहीं हो सकते हैं। पर अब पिछले दिनों से अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। अब न तो बारिश हो रही है न ही मानसून है पर फिर भी पालिका अपने वायदे को पूरा नहीं कर रही है। ऐसे में अब सड़कों पर उतरने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा है। सिटी मजिस्ट्रेट से भी इस बारे में व्यापारियों ने अब कोई शिकायत नहीं की है। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन पत्र बना कर भेजा गया है ताकि परेशानियां दूर हो और बजबजा रहे नाले और नालियों के अलावा शहर में जहां तहां फेंके गए कूड़े को भी उठवाया जाए। ताकि शहर साफ सुथरा हो और जहां तहां संक्रामक रोग फैलने की आशंकाओं को दूर किया जा सके। बैठक में विमल रस्तोगी, पंकज रस्तोगी, राकेश गुप्ता, केके भारद्धाज, सनी सक्सेना, राजीव रस्तोगी, शुभम अग्रवाल, शिव शंकर गुप्ता व अन्य साथी मौजूद रहे।


अलापुर में युवक की हत्या कर लाश फेंकी


अलापुर थाना क्षेत्र के गांव उदमई के जंगल में युवक लईक की हत्या कर लाश फेंक दी गई। मृतक लईक




बदायूं : अलापुर थाना क्षेत्र के गांव उदमई के जंगल में युवक लईक की हत्या कर लाश फेंक दी गई। मृतक लईक के परिजनों ने पत्नी और सालों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस घटना की तफ्तीश कर रही है।
उदमई निवासी लईक अहमद (28) मंडी समिति में काम करता था। गुरुवार को वह मंडी से गया और शाम के वक्त अचानक लापता हो गया। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजन उसकी तलाश में निकले। रात भर रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की गई लेकिन कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार को दोपहर के वक्त उपरैला के जंगल में कुछ लोगों ने लईक की लाश पड़ी देखी। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस के साथ परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मौके पर मौजूद मृतक के भाई रफीक अहमद ने बताया कि लईक का तीन साल से अपनी पत्नी और सालों से विवाद चल रहा था। कई बार पंचायतें हुईं लेकिन बात नहीं बन सकी। इसी विवाद के दौरान ससुरालीजनों ने उसको प्यार से बुलाकर हत्या कर लाश जंगल में फेंक दी। पुलिस ने रफीक की तहरीर के आधार पर मृतक की पत्नी चंदा बी, साले बबलू, नन्हे, आरिफ, शाकिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। देर रात तक किसी भी हत्यारोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस का कहना है कि वह सभी ¨बदुओं पर जांच कर रहे हैं।


शिक्षिका पर छात्रा को पीटने का आरोप

सिसैया गांव के प्राथमिक विद्यालय में विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ने वाली एक छात्रा ने प्रध




बदायूं : सिसैया गांव के प्राथमिक विद्यालय में विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ने वाली एक छात्रा ने प्रधानाध्यापक नाजिमा बेगम से शौच जाने की इच्छा जाहिर की। प्रधानाध्यापक ने इंटरवेल में जाने की बात कहकर बच्ची को बिठा दिया। परेशान बच्ची को शौच हो जाने पर प्रधानाध्यापक ने उसकी पिटाई कर दी। बच्ची ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती बताई तो घर वालों ने विद्यालय पहुंचकर शिकायत की तो उनसे भी अभद्रता की गई। इसी बीच शिक्षिका का बच्चा स्कूल के एक छात्र से गिर जाने पर उसे भी पीटा गया। बच्चे की हालत बिगड़ने पर प्रधानाध्यापक ने उसे घर भेज दिया। परिजनों ने शिकायत की तो उनके साथ बदसलूकी किए जाने का आरोप है। बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि हमें शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वहीं प्रधानाध्यापिका नाजिमा बेगम ने बताया कि कुछ लोग आते हैं और धमकाते हैं। वहीं लोग पैसे की डिमांड करते हुए षड्यंत्र कर रहे हैं। गत दिनों भी इसी तरह से धमकाया गया था। इसकी शिकायत मैं आला अधिकारियों से करूंगी। सभी आरोप मनगढंत हैं।



बेकाबू दारोगा ने सफाई कर्मी को बेल्टों से पीटा

थाना पुलिस एक बार फिर चर्चा में आई है। इस बार सिपाही और दारोगा के बीच मारपीट नहीं बल्कि थान



बदायूं : थाना पुलिस एक बार फिर चर्चा में आई है। इस बार सिपाही और दारोगा के बीच मारपीट नहीं बल्कि थाना परिसर में ही सफाई कर्मचारी को जमकर पीटा गया है। कार्रवाई से बचने के लिए दारोगा ने पीड़ित के शराब के नशे में होने की फर्द तैयार की है।
शुक्रवार को थाने में तैनात एक दारोगा ने रौब दिखाते हुए सफाईकर्मी सुखपाल ¨सह से थाना परिसर में पड़े गोबर हटाने को कहा। सफाई कर्मचारी उस वक्त परिसर में झाड़ू लगा रहा था। उसको कुछ देर हुई तो दारोगा दबंगई पर उतारू हो गया। दारोगा ने थाना परिसर में ही बेल्टों से उसको पीटना शुरू कर दिया। पिटाई होती देख लोगों ने उसे जैसे-तैसे बचाकर थाने से जाने को कहा तो दारोगा ने फिर से उसको पकड़ लिया। बाद में उसको शराब के नशे में बताते हुए मेडिकल परीक्षण कराने ले गया। चर्चित दारोगा इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। आतंक से कोई भी बोलने को तैयार नहीं होता।


zhakkas

zhakkas