: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 10/02/16

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | रुहेलखंड की आइसक्रीम का दुनिया चखेगी स्वाद







बदायूं : रुहेलखंड के चर्चित उत्पादों में अभी तक बरेली का सूरमा ही सबकी जुबां पर आता रहा है, लेकिन जल्द ही यहां की आइसक्रीम हर किसी की जुबान पर होगी। मंडल स्तर पर मिल्क प्रोडक्शन प्लांट लगाने की मंजूरी मिली है। पशु पालकों को दूध का बाजार मुहैया कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों पर यहां प्रतिदिन एक लाख लीटर दूध से आइसक्रीम तैयार की जाएगी। सरकार ने गुजरात की आइडीएमसी कंपनी को इस प्लांट को चलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। दावा किया जा रहा है कि यहां बनने वाली आइसक्रीम देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक निर्यात की जाएगी।
मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की कवायद बदायूं जिले से शुरू हुई थी। कामधेनु, मिनी कामधेनु और माइक्रो कामधेनु योजना से लाखों लीटर दूध उपलब्ध हो रहा है। पशुपालकों के लिए आसानी से दूध का बाजार उपलब्ध हो सके, इसलिए यहां प्लांट लगवाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन स्तर पर महीनों मंथन करने के बाद मंडल मुख्यालय पर एक अरब 35 करोड़ की परियोजना मंजूर हो चुकी है। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर से दूध मंगाकर बरेली आइसक्रीम तैयार की जाएगी। अभी तक पराग के माध्यम से जिले से दूध एकत्रित करके प्रोडक्शन सेंटर मेरठ भेजना पड़ता है। वहां मिल्क पाउडर समेत कई तरह के मिल्क उत्पाद तैयार किए जाते हैं। मेरठ की दूरी यहां से अधिक होने के कारण दूध वहां तक पहुंचाने में खर्च अधिक आता है, जिससे पशुपालकों को मुनाफा कम होता है। अब बरेली में ही दूध पहुंचाना आसान हो जाएगा। बताया जा रहा है कि अगले साल मई तक इस प्लांट की स्थापना कराकर हैंडओवर कराने का समय निर्धारित कर दिया गया है। यह प्रोडक्शन प्लांट चालू हो जाने पर समूचे रुहेलखंड मंडल में दूध उत्पादन के व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
बदायूं से निर्यात हो रहा 35 हजार लीटर दूध
जिले में पांच कामधेनु, 34 मिनी कामधेनु, 27 माइक्रो कामधेनु डेरियां मंजूर हो चुकी हैं। अधिकांश चालू हो भी चुकी हैं, जिनमें 1100 दुधारू पशु पाले जा रहे हैं। डेरी संचालकों से दूध लेकर पराग उन्हें मेरठ भेजता है। वर्तमान में प्रतिदिन 35 हजार लीटर दूध मेरठ भेजा जा रहा है। सभी डेरियां चालू हो जाने के बाद दूध की मात्रा डेढ़ गुनी हो जाएगी।
हर ब्लाक में दो-दो मिनी चि¨लग प्लांट
दूध एकत्रित करके उसे ठंडा करने के लिए पराग की ओर से हर ब्लाक में दो-दो मिनी चि¨लग प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनकी क्षमता तीन हजार से लेकर पांच हजार लीटर तक है। जहां कामधेनु डेरी है वहां डेरी में ही इसे संचालित किया जा रहा है।
वर्जन ..
बदायूं में मिल्क प्रोसिंग प्लांट लगवाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसे शासन ने मंडल मुख्यालय पर संचालित कराने की मंजूरी दे दी है। इस प्लांट पर आइसक्रीम बनाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए गुजरात की कंपनी आइडीएमसी को जिम्मेदारी दी गई है। आगामी मई माह तक प्लांट तैयार कराकर हैंडओवर कराना है। यह प्लांट चालू हो जाने पर पशुपालकों को बहुत लाभ मिलेगा।
 डीपी ¨सह, जिला प्रबंधक पराग

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | भारत में जन्मा मुस्लिम पुलिस अधिकारी अमेरिका में हिन्दू मंदिर का सुरक्षा प्रभारी






वाशिंगटन: मुंबई में जन्मा एक मुस्लिम पुलिस अधिकारी अमेरिका के इंडियानापोलिस शहर के सबसे बड़े हिन्दू मंदिर का सुरक्षा प्रभारी है। यह चुनाव से पहले धार्मिक असहिष्णुता के बढ़ने के बीच धर्मों के बीच सहयोग और सामाजिक सद्भाव का उदाहरण है।

स्थानीय पुलिस विभाग के लेफ्टिनेंट जावेद खान ताइक्वांडो में ब्लैक ब्लेट और किक बॉक्सिंग में चैंपियन हैं। वह मंदिर के सुरक्षा निदेशक हैं। मुंबई में जन्मे और पुणे के लोनावला में पले बढ़े खान को मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मंदिर का एक अभिन्न हिस्सा मानते हैं।

खान ने एक इंटरव्‍यू में कहा, ‘‘हम सब एक हैं, यही मेरा संदेश है। हम सब ईश्वर की संतान हैं। एक ही ईश्वर है जिसकी हम अलग अलग नाम और रूपों में पूजा करते हैं।’’ खान 2001 में इंडियानापोलिस में आ बसे थे। वह इससे एक साल पहले अमेरिका आए थे। वह विभिन्न मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए 1986 से भारत से कई बार अमेरिका गए थे।

उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले उनकी बेटी ने इस हिन्दू मंदिर में एक तेलुगू लड़के से शादी की जिसके बाद वह मंदिर में लोगों को जानने लगे। खान ने कहा, ‘‘जल्द ही मुझे लगा कि वहां सुरक्षा की जरूरत है। फिर मैंने अपनी सेवाएं देने की पेशकश की। मैं अब मंदिर का सुरक्षा निदेशक हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं मंदिर जाता हूं, मुझे नहीं लगता कि मैं अमेरिका में हूं, मुझे लगता है कि मैं भारत में हूं।’’ मंदिर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ. मोहन राजदान ने कहा कि मंदिर में आने वाला हर व्यक्ति खान को जानता है और उनका सम्मान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज के समय में ऐसा (किसी मुस्लिम को मंदिर की रक्षा करने का) उदाहरण नहीं दिखता। इससे एक बड़ा संदेश मिलता है।’’

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार| इंडियाना में 60 साल की एक महिला ने दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया

अमेरिका में 60 साल की महिला पहली बार बनी मां, जुड़वां बच्चों को जन्म दिया



ह्यूस्टन: अमेरिका के इंडियाना में 60 साल की एक महिला ने दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है. दोनों बच्चों का जन्म बीते रविवार को हुआ था और दोनों का वजन पांच पाउंड है.

क्लॉडेट कुक और उनके पति ने पिछले साल अपना परिवार शुरू करने का फैसला किया और इसके लिए वे एक आईवीएफ विशेषज्ञ से जाकर मिले. इस विशेषज्ञ ने उन्हें इस दिशा में हरी झंडी दे दी. अब क्लॉडेट पहली बार मां बन चुकी हैं. मां बनने का यह अनुभव उन्हें अपने 60वें जन्मदिन के बाद हुआ है.

क्लॉडेट के पति ने कहा, 'आइजैक पहले बाहर आया और फिर आईजैह आई.' क्लॉडेट ने अपने पति रोस कुक का हाथ पकड़े हुए कहा, 'मैं रोने लगी. मुझे ऐसा लग रहा था, जैसा टीवी में दूसरे लोगों को प्रसव कक्ष में देखकर लगता है. तब आप कहते हैं... हे भगवान. और इस बार (उस स्थान पर) मैं थी. यह बेहद आनंद का पल था... यह बहुत प्यारा था.' उन्होंने कहा, 'उस पल में सबकुछ बदल गया. एक बार जब उनका (बच्चों का) जन्म हो जाता है तो आपकी जिंदगी बदल जाती है.'

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | ऐसी जगह जहां 40 साल से ज्यादा कोई नहीं जीता, जो जी गया उसे मारा जाता है





राष्ट्रीय, | ऐसे रहस्यमयी देश के बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। यहां लंबी AGE तक कोई भी इंसान नहीं जीता और जो जी गया उसका बुरी तरह से MURDER कर दिया जाता है।
आज के समय में मेडिकल वर्ल्ड ने काफी तरक्की कर ली है। बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज ढूंढ लिया गया है। ऐसे में अगर हम ये कहें की दुनिया में कुछ ऐसे भी देश है जहां लोग 50 साल से ज्यादा नहीं जी पाते। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही 10 देशों के बारे में।

वैसे तो आज के समय में काफी कम बीमारियां ही ऐसी हैं जिनका इलाज नहीं है। दुनिया में सेंट्रल अफ्रीका को सबसे गरीब देशों में गिना जाता है। आपको बता दें कि यहां के लोग 46 साल से ज्यादा नहीं जी पाते। दरअसल, इस देश के लोग मलेरिया, HIV/AIDS और मीजल्स जैसी जानलेवा बीमारियों से घिरे रहते हैं।

इस वजह से उनकी मौत जल्दी हो जाती है। जिनकी जान बीमारियों से बच जाती है, वो यहां फैले क्राइम से नहीं बच पाते। सेंट्रल अफ्रीका में मर्डर रेट काफी ज्यादा है। इस वजह से भी यहां के लोगों की उम्र लंबी नहीं होती।

दुनिया के सबसे गरीब देशों में है शुमार
चड काफी लंबे सम्बे समय से पोलिटिकल वायलेंस से जूझ रहा है। इस देश को दुनिया के गरीब देशों में गिना जाता है। ये देश करप्शन में भी टॉप पर है। यहां के ज्यादातर लोग 48 साल से ज्यादा नहीं जी पाते।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बरेली, कल छह घंटे ब्लॉक रहेगा रेलवे रूट






बरेली : सबसे व्यस्त बरेली जंक्शन से बरेली सिटी के बीच का रेल रूट तीन अक्टूबर को छह घंटे तक ब्लॉक रहेगा। यह ब्लॉक बरेली जंक्शन व सिटी स्टेशन के बीच पुल संख्या 1032 के स्टील गार्डर बदलने के लिए रहेगा। इस दौरान पैसेंजर से लेकर एक्सप्रेस ट्रेनों तक का संचालन प्रभावित होगा। उत्तर रेलवे ने इस दौरान प्रभावित ट्रेनों के ठहरने और अन्य परिवर्तन को व्यवस्थित करने के लिए सूचना जारी कर दी। ब्लॉक सुबह 10 से शाम चार बजे तक रहेगा।

बरेली रूट से चलेगी हावड़ा-जम्मूतवी

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि 55343 कासगंज-बरेली सिटी पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। 12332 जम्मूतवी-हावड़ा हिमगिरि एक्सप्रेस, 13152 जम्मूतवी कोलकाता एक्सप्रेस, 15910 लालगढ़-डिब्रूगढ़ अवध आसाम एक्सप्रेस को मुरादाबाद से चंदौसी होकर सीधे चनेहटी निकाला जाएगा। इस दौरान बरेली जंक्शन पर इन ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा। 15044 काठगोदाम लखनऊ एक्सप्रेस को ब्लॉक के वक्त इज्जत नगर में ही एक घंटा तक रोका जाएगा।
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बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह को पहुंचा दिव्यांग




बरेली: शुक्रवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जजी परिसर में पानी की टंकी पर चढ़ी तो शनिवार को विकलांग आत्मदाह करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच गया। तब जबकि गेट गार्द तैनात थी। विकलांग मिंट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाता, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नजर उस पर पड़ गई। उसे दबोचकर सुभाषनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
आत्मदाह करने आए दिव्यांग को पुलिस थाने ले गई। कलेक्ट्रेट के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भंडारी ने ट्राइ साइकिल से आए दिव्यांग को देखकर उससे पूछ लिया, कैसे आए। उसने सीधा जवाब दिया, आत्मदाह करने। इसी बीच उसने मिंट्टी के तेल की पिपिया भी निकाल ली। माचिस और लाइटर उसकी जेब में था। तब भंडारी ने समझदारी का परिचय देते हुए दिव्यांग को बातों में उलझा लिया। उससे कहा कि छुंट्टी के सबब साहब नहीं हैं, इसलिए अभी कुछ करने से फायदा नहीं होगा। उसे आत्मदाह से रोक दिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों को आवाज देकर गेट से बुला लिया। दिव्यांग के पास मिंट्टी का तेल देखकर उनके होश उड़ गए। दिव्यांग को दबोच लिया और उससे पूछताछ की। उसने अपना नाम रमेश बताया। सुभाषनगर के गांव महेशपुर ठकुरान का रहने वाला है। घर में ही मोबाइल की शाप चलाता था। चचेरे भाइयों ने उसे वहां से निकाल दिया। मारपीट भी की। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली लेकिन कार्रवाई नहीं कर रही है। सुभाषनगर पुलिस को बुलाकर दिव्यांग को सौंप दिया। पुलिस ने उसे रात तक थाने में बैठा रखा है। अभी कोई कार्रवाई नहीं की है।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | आठवीं कक्षा की छात्रा की हैंडराइटिंग देख कंप्यूटर भी रह जाए हैरान


आठवीं कक्षा की छात्रा की हैंडराइटिंग देख कंप्यूटर भी रह जाए हैरान प्रकृति मल्ला नामक स्टूडेंट नेपाल



राष्ट्रीय,| जब हम स्कूल में पढ़ते थे तो माता-पिता और टीचर्स सबसे ज्यादा ध्यान हैंडराइटिंग पर लगाते थे। जिसकी हैंडराइटिंग खराब होती थी उसको डंडे भी पड़ते थे। लेकिन हम यहां पर एक ऐसी स्टूटेंड की स्टूडेंट के लिए उसकी Hand Writing बहुत मायने रखती है। अगर अच्छी Hand Writing हो तो टीचर पर Impression अच्छा पड़ता है। बचपन में हम सभी ने अपनी हैंडराइटिंग सुधारने की बहुत कोशिश की लेकिन कुछ की सुधरी और कई तो इसके पीछे टीचर से पिटे भी। लेकिन आज हम जिस लड़की की Hand Writing की बात कर रहे हैं। उसकी Hand Writing देखकर कंप्यूटर महाशय भी शरमा जाएंगे। प्रकृति मल्ला नामक स्टूडेंट नेपाल की रहने वाली है और उसकी Hand Writing को नेपाल में सबसे खूबसूरत Hand Writing के तौर पर चुना गया है। पढ़ें- ये है हड्डियों वाला चर्च, 40 हजार लोगों की हड्डियों से बनाया गया है वह अभी आठवीं क्लास की स्टूडेंट है और सैनिक आवासीय महाविद्यालय में पढ़ाई करती हैं। उसकी लिखावट देखने के बाद इस बात में फर्क करना मुश्किल हो जाता है कि क्या वाकई यह हाथों से लिखा गया है या फिर यह कंप्यूटर का डिजाइनर Font है। बड़े-बड़े उसकी Hand Writing को देख हैरान हो जाते हैं।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | फैजगंज बेहटा . में राहगीर को बंधक बनाकर लूटा






बदायूँ | फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में बदमाशों ने एक और राहजनी की घटना को अंजाम देकर सनसनी फैला दी है। हर बार की तरह पुलिस ने लूट की इस घटना को भी दबाने के लिए मुकदमा दर्ज नहीं किया। ताबड़तोड़ लूट और राहजनी की घटनाओं से इलाके के लोगों में दहशत फैली हुई है।
शुक्रवार की देर रात फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव दासपुर निवासी ज्ञानचंद्र बिसौली से बाजार करने के बाद घर वापस जा रहा था। इसी दौरान गांव के पास ही करीब आधा दर्जन बदमाशों ने उसकी चलती बाइक में डंडा मार दिया। डंडा लगने से ज्ञानचंद्र घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसके जमीन पर गिरते ही बदमाशों ने उसको बंधक बना लिया। बदमाशों ने उसके पास मौजूद छह हजार की नकदी और मोबाइल लूट लिया। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश उसको बंधक ही छोड़कर फरार हो गए। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को आशंका हुई। परिजन ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश में निकले तो वह रोड किनारे पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने उसको बंधनमुक्त करने के बाद पुलिस को सूचना दी। राहजनी की सूचना मिलते ही पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस ने सुबह थाने पर तहरीर देने की बात कहते हुए मौके जाने की जहमत नहीं उठाई। शनिवार सुबह लूट का शिकार थाने पहुंचा तो पुलिस ने तहरीर लेने के बाद उसको टहला दिया।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | सहसवान, निशा ने रोशन किया सहसवान का नाम

 इच्छाशक्ति मजबूत हो तो संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती। यह साबित कर दिखाया है


बदायूं : यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती। यह साबित कर दिखाया है प्रमोद इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा निशा खान ने। जिसने खेल के पर्याप्त संसाधन न होने के बावजूद राज्य स्तरीय वेट लि¨फ्टग प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर न केवल विद्यालय का बल्कि सहसवान का नाम भी रोशन किया है।
विज्ञान वर्ग की छात्रा निशा खेल के साथ साथ पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देती है। उसने हाईस्कूल परीक्षा विज्ञान वर्ग से 69 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है। निशा ने लखनऊ में हुई राज्य स्तरीय वेट लि¨फ्टग प्रतियोगिता में 58 किलोग्राम वर्ग में 60 किग्रा वजन उठाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
नगर के चौकी नंबर चार के पास रहने वाले और मजदूरी पर लोहे का काम करने वाले लाल मुहम्मद की पुत्री निशा अपने पांच भाई बहनों में दूसरे नंबर की है। उसको बचपन से ही पढ़ाई के साथ साथ खेलने का शौक था। पिता ने भी बेटी की रुचि को देखते हुए पूरा सहयोग दिया। निशा ने पहली बार विद्यालय स्तर पर वेट लि¨फ्टग प्रतियोगिता में जीत दर्ज की। खेल शिक्षक अनूप कुमार ¨सह ने उसे प्रशिक्षण देना शुरू किया। विद्यालय स्तर पर विजय पताका फहराने के बाद इस युवा खिलाड़ी ने पीेछे मुड़कर नहीं देखा।
इसी का नतीजा रहा कि जिला स्तर पर प्रथम, मंडल स्तर पर द्वितीय और पिछले दिनों मुरादाबाद के मेथोडिस्ट ग‌र्ल्स इंटर कॉलेज में हुई राज्य स्तरीय वेट लि¨फ्टग प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। निशा अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता लाल मुहम्मद माता शबाना और शिक्षक अनूप कुमार ¨सह को देती हैं।


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