: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 10/03/16

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | ससुराल से लौटे जरी कारोबारी ने घर में लगाई फांसी

पत्नी के घर नहीं लौटने पर एक जरी कारोबारी ने घर पहुंचकर खुदकशी कर ली




बरेली: पत्नी के घर नहीं लौटने पर एक जरी कारोबारी ने घर पहुंचकर खुदकशी कर ली। सुबह परिजनों ने कमरे में उसका शव पंखे के कुंडे से लटका देखा तो घटना की जानकारी हुई। आरोप था कि युवक पत्नी को जब ससुराल बुलाने पहुंचा तो उसके साथ मारपीट की गई थी। जिससे परेशान होकर युवक ने फांसी लगाई है। तहरीर के बाद पुलिस ने पत्नी समेत पांच ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विधौलिया गांव निवासी शरीफ (30) जरी की शादी डेढ़ साल पहले सुभाषनगर के करेली गांव निवासी हिना से हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही पति पत्नी में तकरार शुरू हो गई। आए दिन मारपीट होने लगी। दोनों के परिवारों के बीच कई बार पंचातय हुई, लेकिन दोनों के रिश्ते में दरार बढ़ती गई है। करीब छह महीने पहले हिना अपने मायके जाकर रहने लगी। जिसके बाद शरीफ ने कई बार हिना को वापस आने को बोला, दबाव बनाया। मगर उसने ससुराल आने से मना कर दिया शनिवार को शरीफ ससुराल पहुंचा और पत्नी को चलने के लिए कहा। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ पत्नी व ससुरालियों ने मारपीट की। जिसके बाद जब वह घर पहुंचा और अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं शरीफ के भाई नासिर की तहरीर के बाद पुलिस ने पत्नी समेत पांच ससुरालियों पर 306 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | इज्जतनगर में खुला सेतु निगम का दूसरा डिवीजन






बरेली : शहर के दो बड़े प्रोजेक्ट अब जल्द पूरे होंगे। सेतु निगम के दूसरे डिवीजन ने इज्जतनगर में अपना कार्यालय खोल दिया है। पुराने डिवीजन से दोनों परियोजनाओं की डिटेल जानकारी लेने के बाद निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए अधिकारी प्रयास में लगे हैं।

शहामतगंज से शाहदाना के बीच ओवरब्रिज और आइवीआरआइ क्रासिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण सेतु निगम को करना है। मुख्यमंत्री घोषणा के इन कामों के लिए शासन पहली किश्त भी जारी कर चुका है। लोगों की जरूरत के इस काम को समय से पूरा करने के लिए सेतु निगम ने शहर में अपना दूसरा डिवीजन खोला है। सेतु निगम के इस दूसरे डिवीजन का दफ्तर इज्जतनगर क्रासिंग के पास सेंट्रल जेल की भूमि पर बनाया है। दूसरी यूनिट के इंचार्ज डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील कुमार गर्ग बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑफिस का स्थान तय कर दिया गया है। इज्जतनगर से ही दोनों पुलों का काम देखा जाएगा। शहामतगंज चौराहे के पास भी साइट ऑफिस बनाया गया है। वहां भी स्टॉफ निर्माण कार्य कराने को रहेगा। उन्होंने बताया कि डिवीजन एक से अब तक कराए गए कामों की जानकारी ली जा रही है। उसके कागजात हैंडओवर होने के बाद पुलों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। दोनों ही पुलों का निर्माण शुरू करने के लिए विभाग को रकम भी मिल गई है।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | मानव तस्करी के तार झारखंड वाया बरेली से दिल्ली






बरेली : मानव तस्करी करके झारखंड की लड़कियों को बरेली के रास्ते दिल्ली में बेचा जा रहा है। मानव तस्करी करने वालों के तार दिल्ली, बरेली और झारखंड से जुड़े हुए हैं। चंद रुपयों के लालच में मासूम बच्चों को दिल्ली के रईस परिवारों का गुलाम बना दिया जाता है। जहां उन पर जुल्मों की इंतहा होती है। ऐसी ही दो बच्चियां भागकर बरेली पहुंची। चाइल्ड लाइन इन बच्चियों के माता-पिता को झारखंड में खोज रही है।
बरेली जंक्शन पर जीआरपी को बीती 24 सितंबर को दो बच्चियां मिली थी। पूछताछ में एक बच्ची रांची और दूसरी झारखंड के गोडो जिला की रहने वाली निकली। जीआरपी ने कोतवाली पुलिस को जानकारी देकर चाइल्ड लाइन को दोनों बच्चियां सौंप दी। चाइल्ड लाइन में जब बच्चियों की काउंसलिंग शुरू हुई तो मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ निकला। परिवार के विश्वसनीय लोगों ने ही बच्चियों को चंद रुपयों के लिए दिल्ली ले जाकर बेच दिया। रांची से आई बच्ची ने बताया कि जहां उन्हें रखा गया वहां उनके जैसी और लड़कियां भी थी, लेकिन उन्हें आपस में बात नहीं करने दिया जाता था। मारा-पीटा जाता, खाना भी नहीं देते थे। मौका देखकर बच्चियां भाग निकली और स्टेशन पहुंचकर बरेली की ट्रेन में चढ़ गई।
मानव तस्कर के साथी बरेली में
बच्चियों ने खुलासा किया कि उन्हें ले जाने वालों के बरेली में सूत्र थे, उनकी बातचीत में कई बार बरेली का नाम सुना था, इसलिए वह लोग बरेली की ट्रेन में सवार होकर यहां पहुंच गई, अपने घर की ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन गलती से वह पकड़ नहीं सकी।
पुलिस की फाइलों में गुमनाम है 49 मासूम
डीसीआरबी के आंकड़े बताते है कि इस तरह के गुमशुदा हुए बच्चों को ढूढ़ने में पुलिस कितनी सक्रिय है। पिछले नौ साल में बरेली के 49 बच्चों को ढूढ़ने में बरेली पुलिस नाकाम रही है। अब इन बच्चों का कोई जिक्र तक नहीं करता।

पिता से मिलाने के बहाने लाया और बेच दिया
10 वर्षीय कल्पना (परिवर्तित नाम) रांची के उरैची कॉलोनी स्टेडियम के पास रहती है। मां रांची में है, जबकि पिता दिल्ली बस अड्डे पर काम करते हैं। कल्पना का कहना है कि वह कभी पिता से नहीं मिली। एक प्रेम नाम का व्यक्ति मां के परिचय में था। उसने मां को कहा कि वह दिल्ली में पिता के पास कल्पना को पहुंचा देगा, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद सुरेश नाम के व्यक्ति के ऑफिस में छोड़ दिया। सुरेश के ऑफिस से सौरभ और पूनम नाम के दंपती अपने घर ले गए, जहां उसको नौकरानी बनाकर रखा। मारपीट के अलावा घर का सारा काम कराया जाता था।
एक रात लॉज में ठहराकर दूसरे दिन बेचा
12 वर्षीय सरिता (परिवर्तित नाम) झारखंड के माली खेड़ा थाना खारीजोर की रहने वाली है। बोली कि उसके गांव से कई लड़कियों को दिल्ली और बरेली लाया गया था। उसके माता पिता ने अपने एक परिचित पर भरोसा करके उसको दिल्ली के लिए भेजा था। यहां एक रात वह उसी आदमी के साथ लॉज में रूकी जिसके बाद उसको सौरभ और पूनम के हवाले कर दिया गया। जब वह उनके घर पहुंची तो वहां एक और लड़की भी बंदिश में मिली। बर्तन, कपड़े साफ करना जैसे तमाम काम पर उन्हें लगा दिया गया। कोई काम गलत हो जाने पर उनकी पिटाई की जाती थी।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | हर गांव में तैनात होंगे कृषि वैज्ञानिक

अधिक लागत व कम उपज के कारण किसानों का फसलों से मोहभंग होता जा रहा है। इसी 



बरेली : अधिक लागत व कम उपज के कारण किसानों का फसलों से मोहभंग होता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार हर गांव में एक कृषि वैज्ञानिक तैनात करने जा रही है। ताकि यह किसानों को बेहतर उत्पादन के टिप्स दे सकें। साथ ही खेत प्रदर्शन भी गांवों में करा सकें।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के नए प्रोजेक्ट में सरकार ने कृषि वैज्ञानिकों की तैनाती का प्रस्ताव शामिल किया है। जिस गांव में बीएससी या एमएससी कृषि से किए हुए युवा होंगे, उन्हें ही प्रशिक्षण देकर सरकार उनके ही गांवों में तैनाती देगी। इसके बदले में सरकार मानदेय भी मुहैया कराएगी। इन कृषि वैज्ञानिकों का हर साल नवीनीकरण कृषि विभाग करेगा। कृषि वैज्ञानिकों का काम खेत की मिट्टी की जांच कराना, खेत प्रदर्शन करना, बहु फसली खेती, कीट व रोगों से बचाव के तरीके बताना, पैदावार होने के बाद मंडी के भाव किसानों को बताना आदि काम रहेंगे। उप कृषि निदेशक डा. हरनाथ सिंह कहते हैं कि यह सरकार की बड़ी योजना है। इससे किसानों को लाभ मिलेगा। पैदावार बढ़ेगी। जब आदेश शासन से इसके लिए मिलेंगे, उसके बाद योजना लागू की जाएगी।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बाप-बेटे को पेड़ से बांधा, महिला के फाड़े कपड़े





बरेली : मकान पर कब्जा करने को लेकर दबंगों ने घर में घुसकर मकान के मालिक को चारा मशीन से व बेटे को पेड़ से बांधकर पीटा। पति को बचाने आई पत्नी को भी बांधकर मकान के आंगन में डाल दिया। कपड़े फाड़ दिए। पुलिस ने दंपती को बंधन मुक्त कराया। मकान स्वामी की तहरीर पर कोतवाली में एनसीआर दर्ज की गई है।
बरौर गाव के एक ग्रामीण ने गाव के एक व्यक्ति से आठ साल पहले मकान खरीदा था। उन्होंने इस मकान का बैनामा न कराकर स्टांप पेपर पर लिखवा लिया था। ग्रामीण तब से इसी मकान में रह रहा था। इसी मकान को गाव के ही एक दंबग तोताराम ने बैनामा के जरिये खरीद लिया। मकान को खाली कराने को लेकर दंबग का विवाद चल रहा था। रविवार को दबंग तोताराम, मदनलाल, कुंवरसेन, छुटकन, डालचंद, अशर्फी लाल व भीम सेन ने लाठी डंडे लेकर उसके मकान पर धावा बोल दिया। आरोप है कि दबंगों ने उसे चारा मशीन से और उसके बेटे को पेड़ से बाध कर पिटाई की। पति व बेटे को बचाने दौड़ी महिला के हाथ बांधकर उसे आंगन में डाल दिया। महिला से छेड़खानी की और कपड़े फाड़ दिए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दंपती व उसके बेटे को बंधन मुक्त कराया।

पीड़ित परिवार की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर ली है। पेड़ से बांधने की बात संज्ञान में नहीं आई है।

राजीव कुमार शर्मा, इंस्पेक्टर नवाबगंज

डीएम की सख्मी से ठीक हो गई डिजिटल एक्सरे मशीन





बदायूं : जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई थीं। तीन दिन पहले डीएम पवन कुमार के छापे में अस्पताल में कई खामियां मिली थीं। उनकी सख्ती का असर हुआ कि रविवार को जब वह अस्पताल पहुंचे तो काफी कुछ सुधरा हुआ मिला। खराब पड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन दो दिन में सही हो गई। स्वतंत्र फीडर से विद्युत आपूर्ति भी सुचारु हो गई है। टूटे टैंक को भी बदलवा दिया गया है।
डीएम ने गत 29 सितंबर को अचानक जिला अस्पताल पहुंचकर छापा मारा था। कई डॉक्टर और अन्य स्टाफ गैरहाजिर था। इसके अलावा तमाम खामियां भी मिली थीं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ और सीएमएस की फटकार भी लगाई थी। रविवार को गांधी जयंती पर अस्पताल में मोतिया¨बद आपरेशन शिविर लगाया गया था। यहां डीएम पहुंचे तो व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं। सीएमओ डॉ.सुनील कुमार और सीएमएस डॉ.प्रवीना माहेश्वरी ने डीएम को बताया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन ठीक करा दी गई है और टूटे पानी के टैंक को भी बदलवा दिया गया है। विद्युत विभाग के अभियंताओं ने जिला चिकित्सालय के अलग विद्युत फीडर को भी सुचारु कर दिया है।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | गौवंशीय पशु के हत्यारों को थाने से छोड़ा




मूसाझाग पुलिस ने मामूली रकम की खातिर गोकशी के आरोपियों को थाने से छोड़ दिया। मामले की जानकार 

बदायूं : मूसाझाग पुलिस ने मामूली रकम की खातिर गोकशी के आरोपियों को थाने से छोड़ दिया। मामले की जानकारी होते ही थाने पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव प्रहलादपुर निवासी राजेंद्र की पशुशाला से दो लोग गौवंशीय पशुओं को खोल ले गए थे। भागते वक्त उनको कुछ ग्रामीणों ने पहचान लिया था। शनिवार की शाम फिर वही दोनों गौवंशीय पशुओं को चुराने की फिराक में पहुंचे तो ग्रामीणों ने पकड़ लिया। दोनों की जमकर पिटाई की गई। इस दौरान आरोपियों ने बताया कि दोनों पशुओं को उन्होंने बिनावर थाना क्षेत्र के गांव सिकरोड़ी निवासी तस्करों के सहयोग से काटकर मांस बेच दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने रात में साठगांठ करने के बाद तस्करों को थाने से छोड़ दिया। रविवार सुबह इस बात की भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने थाने में जमकर हंगामा काटा। बवाल बढ़ता देख पुलिस स्टाफ वहां से फरार हो गया। काफी देर तक हंगामा करने के बाद ग्रामीण वापस चले गए। इस संबंध में एसओ वाहिद खां का कहना है कि इस तरह का मामला उनकी जानकारी में नहीं है।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | नौ कैदियों की समय पूर्व रिहाई का रास्ता साफ






बदायूं : विभिन्न मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे नौ दोष सिद्ध बंदियों के जेल से निकलने का मार्ग प्रशस्त हो गया। डीएम, एसएसपी, प्रोबेशन अधिकारी की कमेटी के सामने पेश तो और भी कैदी किए गए, लेकिन नौ लोगों के लिए समय पूर्व रिहाई की संस्तुति की गई। उम्र कैद की सजा काट रहे 20 कैदियों की रिहाई के लिए सूची तैयार की गई थी। इनमें आठ कैदी ऐसे हैं जो सेंट्रल जेल में बंद हैं, जबकि छह दया याचिका के प्रकरण शामिल रहे। इन कैदियों के मामले में प्रशासनिक और पुलिस स्तर से जांच-पड़ताल कराई जा चुकी है।
जेल का नाम सुनकर हर किसी को पसीना आ जाता है। अपराध करने पर अपराधी को सजा दी जाती है। जेल में रहकर अपराधी पारिवारिक और सामाजिक दुनिया से दूर हो जाता है। जेल में सुधार की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है। शासन स्तर पर व्यवस्था की गई है कि अगर मामूली अपराध में किसी को जेल में बंद कर दिया गया। सजा की अवधि वह पूरा कर चुका है, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो सका है तो उसे रिहा किया जा सकता है। दोष सिद्ध कैदियों के मामले में भी इसी तरह का प्रावधान है। 14 साल तक की उम्र कैद काट चुके ऐसे ही 20 बंदियों की समय पूर्व रिहाई के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनमें से आठ सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं, जबकि चार फतेहगंज जेल में हैं। इनमे ंसे छह ने दया याचिका दाखिल कर रखी है।
मंगलवार को जेल में डीएम पवन कुमार, एसएसपी सुनील कुमार सक्सेना, जिला प्रोबेशन अधिकारी एनके पाठक, जेल अधीक्षक अर¨वद पांडेय की कमेटी के सामने चयनित कैदियों और बंदियों को पेश किया गया। इनमें से नौ कैदियों की समय पूर्व रिहाई के लिए संस्तुति कर दी गई है। शासन से अनुमति का इंतजार है।
इनसेट ..
संस्तुति के बाद भी जेल से नहीं निकल पा रहा 105 साल का कैदी
जेल में सजा काट रहा 105 साल को बाहर निकालने के लिए जिला स्तरीय कमेटी ने संस्तुति तो पहले ही कर दी है, लेकिन आज तक वह बाहर नहीं निकल सका है। वजह यह है कि उसके मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर हो गई है। इसलिए जीवन के अंतिम दिनों में भी वह जेल से बाहर नहीं निकल पा रहा है।
वर्जन ..
दोष सिद्ध बंदियों के मामले में प्रावधान है कि अगर वह 14 साल तक की सजा काट चुके हैं और उनका आचरण सही है तो उन्हें समय पूर्व रिहा करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसी प्रक्रिया के तहत 20 बंदियों के मामले में प्रक्रिया अपनाई गई। कमेटी के सामने उन्हें पेश किया गया जिनमें से नौ की रिहाई की संस्तुति की गई है। शासन के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 पवन कुमार, जिलाधिकारी

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | शिविर में 125 लोगों ने किया रक्तदान





बदायूं : कुमार तनय वैश्य शैक्षिक व दैवीय आपदा सहायता समिति की ओर से भोलाधाम में गांधी जयंती पर निश्शुल्क चिकित्सा परामर्श एवं जांच व रक्तदान शिविर लगाया गया। 125 दानदाताओं ने रक्तदान किया एवं 1526 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गईं। ईसीजी, ब्लड शुगर व फेफड़ों की जांच भी कराई गई।
मुख्य अतिथि अशोक कुमार वैश्य एवं सतीश सरन वैश्य ने शिविर का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय महामंत्री राजेश वैश्य, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशिमा गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश वैश्य, राजीव अग्रवाल, ऑल इंडिया वैश्य फाउंडेशन बरेली महानगर अध्यक्ष, जितेंद्र रस्तोगी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी डॉ. प्रवेंद्र माहेश्वरी, जिला महामंत्री राष्ट्रीय वैश्य एकता बरेली मीरा अग्रवाल भी मौजूद रहे। फोर्टिस अस्पताल नई दिल्ली के सीनियर कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय गुप्ता एवं डॉ. धन्नजय कुमार अपनी टीम के साथ मौजूद थे। इसमें डॉ.अनिल अग्रवाल हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ.रितेश माहेश्वरी, विजय गुप्ता किडनी रोग विशेषज्ञ, डॉ.श्रद्धा माहेश्वरी गाइनोलॉजिस्ट, आशुतोष गुप्ता फिजीशियन व फेफड़ा रोग, डॉ. शलम वैश्य कान, नाक व गला रोग विशेषज्ञ, डॉ. सूर्य प्रकाश वैश्य वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक विनय वैश्य होम्योपैथिक चिकित्सक, डॉ. नैंसी गुप्ता दंतरोग ने मरीजों का परीक्षण किया। शिविर में अध्यक्ष वेदप्रकाश, अरूण गुप्ता, तरुण वैश्य, रवींद्र वैश्य, अजीत वैश्य, रामविलास गुप्ता, सूर्यप्रकाश वैश्य, बद्री नारायण वैश्य, शलभ वैश्य, अमर वैश्य, प्रेम वैश्य, हिमांशु वैश्य, अर¨वद कांत आदि खास सहयोग रहा।

भवन बनने तक तक आसफपुर में चलेगा नवोदय विद्यालय





बिसौली | बिसौली में नवीन भवन के निर्माण होने तक जवाहर नवोदय विद्यालय का आसफपुर के क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में संचालन होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के डिप्टी कमिश्नर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर डीएम को रिपोर्ट भेजी है।
संभल जिला बनने के बाद जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय का निर्माण होना तय था। इस क्रम में आसफपुर विकास खंड के गांव सीकरी में जिले के एकल नवोदय विद्यालय के निर्माण का शासन और प्रशासन ने निर्णय लिया था। इसको लेंकर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी और प्रशासनिक उच्चाधिकारियो ने स्थलीय निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेज दी थी। शासन के निर्देश पर रविवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के डिप्टी कमिश्नर गिरीश चंद्र पाटनी, एसडीएम आरडी राम और नवोदय विद्यालय, बबराला के प्रधानाचार्य ने सीकरी में जाकर प्रस्तावित जगह को देखा। इसके साथ ही नवीन सत्र के संचालन के लिए आसफपुर में स्थित ग्राम्य विकास संस्थान के छात्रावास को भी देखा। छात्रावास के कमरे और वहां की भौगोलिक स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई। चूंकि इस छात्रावास में पूरे प्रदेश के ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, इसलिए गुणवत्ता के आधार पर सब कुछ सही पाया गया। बताते हैं कि गांव सीकरी में नवीन भवन का निर्माण होने तक नवीन सत्र का इसी छात्रावास में संचालन होगा। एसडीएम आरडी राम ने बताया कि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य ध्यान में रखकर शासन और प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

बदायूँ एक्सप्रेस | सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएं त्योहार

 नवरात्र, मुहर्रम, दशहरा व अन्य पर्वों को मद्देनजर रखते हुए थाने में पीस कमेटी की बैठक हुई। 


बदायूं : नवरात्र, मुहर्रम, दशहरा व अन्य पर्वों को मद्देनजर रखते हुए थाने में पीस कमेटी की बैठक हुई। इसमें लोगों से सभी धर्मों और संप्रदायों के त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की गई। थाना प्रभारी रामनरेश माथुर ने कहा कि अनेकता में एकता हमारी विशेषता रही है। सर्वधर्म समभाव भारत की पहचान है। हम लोगों को सभी धर्म और संप्रदायों के त्यौहार तालमेल के साथ मनाने चाहिए। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे दूसरे संप्रदाय के लोग आहत हों। कहा कि जहां स्थानीय लोगों के सहयोग के बिना काबू नहीं पाया जा सकता है। संदिग्ध मनुष्य और क्रिया-कलापों की सूचना तत्काल दें। जिससे अपराधों पर लगाम लग सके। बैठक में प्रमोद यादव, अभय ¨सह, मनोज कुमार, हरीश कुमार, वसीम, अमरपाल और अशोक कुमार, अरसद, अकरम, रामनरेश, प्रमोद, आदेश कुमार और सत्यदेव ¨सह यादव मौजूद रहे।

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