: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 10/06/16

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | राम करें काम तो दाम रामू के खाते में नहीं जाएंगे






बरेली : ऊपर से पैसा नहीं आ रहा है। तय मानदेय का पैसा आ रहा है, पीएफ कैसे जमा करें?। गुरुवार को हुई बैठक में कई विभाग के जिम्मेदारों ने इस तरह के बहाने बनाए तो पीएफ कमिश्नर जेपी चौहान का पारा चढ़ गया। कहा, जब कार्रवाई करूंगा तो सबकुछ आ जाएगा।
वह आइवीआरआइ में सरकारी कार्यालयों में पीएफ अनुपालन पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आठ जिलों के सरकारी कार्यालयों के प्रतिनिधियों से उन्होंने कहा कि सभी लोग उन्हें निर्धारित प्रारूप में अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी मुहैया कराएं। कर्मचारियों को पीएफ दिलाने की आगे की जिम्मेदारी उनकी है। काम राम करें और दाम रामू के खाते में चला जाए, अब यह नहीं हो सकेगा। पीएफ अधिनियम का सही से पालन नहीं करने वालों और गलती करने को रियायत नहीं मिलेगी। कार्यक्रम में प्रवर्तन अधिकारी एके पालीवाल ने पावर प्वाइंट के माध्यम से प्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों के बारे में बताया। संविदा कर्मियों के पीएफ अनुपालन के लिए फर्म पंजीकरण की प्रक्रिया दी। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से प्रतिमाह पीएफ की राशि जमा करने की जानकारी दी। इसके अलावा चेताया कि संविदा कर्मियों के पीएफ के लिए ठेकेदार द्वारा जमा की जा रही राशि का सत्यापन कार्यालयों को करना आवश्यक है। दोषी पाए जाने पर वेतन का 25 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से और 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना पड़ेगा। साथ ही आइपीसी 406 और 409 के तहत छह माह की जेल का प्रावधान है। डीपीए संतोष श्रीवास्तव ने तकनीकी विषयों के बारे में बताया। इस मौके पर कोषागार के लेखाधिकारी सियाराम, सीएमओ कार्यालय में अकाउंटेंट अरविंद कुमार सक्सेना, रेलवे कारखाना चीफ आफिस सुपरीडेंट जेएस भदौरिया, एनईआर वर्कशाप के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजय किशोर समेत तमाम कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | छोटी बहन से सामूहिक दुष्कर्म बड़ी बहन को बंधक






सहसवान  | गांव के रास्ते पैदल ही एक शादी समारोह में शिरकत करने जा रहीं दो सगी बहनों को हथियार बंद छह लोगों ने अगवा कर लिया। बड़ी बहन को बांध कर बाजरे के खेत में डाल दिया और छोटी बहन से सामूहिक दुष्कर्म किया। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने पांच लोगों को नामजद करते हुए छह के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पीड़िता को बुधवार को मेडिकल के लिए भेजा गया। वारदात तीन अक्तूबर की शाम छह बजे हुई। सभी आरोपी अभी फरार हैं। सहसवान क्षेत्र के एक गांव की दो बहनें जिनमें एक की उम्र 20 और एक की 15 साल है। कुर्बानपुर गांव में हो रही शादी में शामिल होने के लिए सोमवार को घर से निकली थीं। आरोप है कि रास्ते में नवाबगंज-कुर्बानपुर गांव के बीच हथियारबंद छह लोगों ने दोनों को अगवा कर लिया। खींच कर बाजरे के एक खेत में ले गए। वहां बड़ी बहन को रस्सी से बांधकर डाल दिया। छोटी बहन को सभी ने हवस का शिकार बनाया। बाद में ये बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

इसके बाद घर पहुंच कर दोनों ने परिवार वालों को आपबीती बताई। लड़कियों का चाचा मंगलवार सुबह इनको लेकर सहसवान कोतवाली पहुंचा। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद वह एसएसपी सुनील सक्सेना से मिले। एसएसपी ने एसपी देहात संजय राय और सीओ सहसवान केके सरोज को जांच के आदेश दिए। दोनों अधिकारियों ने मंगलवार शाम को घटनास्थल का मौका मुआयना कर लड़कियों से बात की। मंगलवार देर रात रात सहसवान पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर आरोपी अतीक, अच्छन, पुत्तन, मुसब्बिर और पप्पू को नामजद करते हुए छह लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया।
पीड़िता जो आरोप लगा रही थी और उसकी जो तहरीर मिली, उस आधार पर छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद काफी चीजें साफ हो जाएंगी। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सच क्या है? यह विवेचना में सामने आ जाएगा।
-सुनील सक्सेना, एसएसपी

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | मुख्यमंत्री ने किया डायल 100 एप का शुभारम्भ, सिर्फ 15 मिनट में पहुंचेगी पुलिस

मुख्यमंत्री ने किया डायल 100 एप का शुभारम्भ, सिर्फ 15 मिनट में पहुंचेगी पुलिस



लखनऊ । मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज राज्य व्यापी डायल 100 परियोजना के लोगो और एप का शुभारंभ किया। जिससे अब आपदा में फंसे व्यक्ति की सूचना पर 15 से 20 मिनट में पुलिस पहुंच जायेगी।

l मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज राज्य व्यापी डायल 100 परियोजना के लोगो और एप का शुभारंभ किया। लोगो और एप का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने लोकभवन, आडिटोरियम किया गया। डायल 100 के लोगो में उत्तर प्रदेश पुलिस के शेर वाले चिन्ह को छोड़कर बाकी सब अलग ढंग से बनाया गया है।

मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी डायल 100 परियोजना पूरे प्रदेश के लिए है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आपदा में फंसे किसी व्यक्ति की सूचना पर 15 से 20 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर                         

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | हनुमान जी के विवाह से पिता बनने की पूरी कहानी







महावीर हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी माना जाता है। यह बात पूरी तरह सत्य है लेकिन ऐसा नहीं है कि हनुमान जी अविवाहित थे। हनुमान जी का पूरी रीति रिवाज और मंत्रों के साथ विवाह हुआ था और इनका एक पुत्र भी था।

लेकिन विवाह और पुत्र प्राप्ति में कोई संबंध नहीं है इसलिए विवाहित और पिता बनने के बाद भी हनुमान जी ब्रह्मचारी ही माने जाते हैं। अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह संभव कैसे है तो आपकी यह दुविधा भी दूर हो जाएगी जब आप हनुमान जी के विवाह का रहस्य जानेंगे।
संकट मोचन हनुमान जी के ब्रह्मचारी रूप से तो सब परिचित हैं..
उन्हें बाल ब्रम्हचारी भी कहा जाता है…
लेकिन क्या अपने कभी सुना है की हनुमान जी का विवाह भी हुआ  था ??
और उनका उनकी पत्नी के साथ एक मंदिर भी है ??
जिसके दर्शन के लिए दूर दूर से लोग आते हैं..
कहा जाता है कि हनुमान जी के उनकी पत्नी के साथ दर्शन करने के
बाद घर मे चल रहे पति पत्नी के बीच के सारे तनाव खत्म हो जाते हैं.
हनुमानजी और उनकी पत्नी सुवर्चला का मंदिर तेलंगाना(पहले आन्ध्र प्रदेश) के खम्मम जिले में है यह एक प्राचीन मंदिर है।  हनुमान जी का यह मंदिर काफी मायनों में ख़ास है..
ख़ास इसलिए की यहाँ हनुमान जी अपने ब्रम्हचारी रूप में नहीं बल्कि गृहस्थ रूप में अपनी पत्नी सुवर्चला के साथ विराजमान है.
यहां हनुमानजी और उनकी पत्नी सुवर्चला की प्रतिमा विराजमान है। यहां की मान्यता है कि जो भी हनुमानजी और उनकी पत्नी के दर्शन करता है, उन भक्तों के वैवाहिक जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और पति-पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है।

खम्मम जिला हैदराबाद से करीब 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अत: यहां पहुंचने के लिए हैदराबाद से आवागमन के उचित साधन मिल सकते हैं। हैदराबाद पहुंचने के लिए देश के सभी बड़े शहरों से बस, ट्रेन औरहवाई जहाज की सुविधा आसानी से मिल जाती है।
हनुमान जी के सभी भक्त यही मानते आये हैं की वे बाल ब्रह्मचारी थे.
और बाल्मीकि, कम्भ, सहित किसी भी रामायण और रामचरित मानस में
बालाजी के इसी रूप का वर्णन मिलता है..
लेकिन पराशर संहिता में हनुमान जी के विवाह का उल्लेख है.
इसका सबूत है तेलंगाना(पहले आन्ध्र प्रदेश) के खम्मम ज़िले में बना  खास मंदिर जो प्रमाण है हनुमान जी की शादी का।
ये मंदिर याद दिलाता है रामदूत के उस चरित्र का जब उन्हें विवाह के बंधन में बंधना पड़ा था।
लेकिन इसका ये अर्थ नहीं कि भगवान हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी नहीं थे।
पवनपुत्र का विवाह भी हुआ था और वो बाल ब्रह्मचारी भी थे।
कुछ विशेष परिस्थियों के कारण ही बजरंगबली को सुवर्चला के साथ विवाह बंधन मे बंधना पड़ा।
हनुमान जी ने भगवान सूर्य को अपना गुरु बनाया था। हनुमान, सूर्य से अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे…
सूर्य कहीं रुक नहीं सकते थे इसलिए हनुमान जी को सारा दिन भगवान

सूर्य के रथ के साथ साथ उड़ना पड़ता और भगवान सूर्य उन्हें तरह- तरह की विद्याओं का ज्ञान देते।
लेकिन हनुमान जी को ज्ञान देते समय सूर्य के सामने एक दिन धर्मसंकट खड़ा हो गया।
कुल ९ तरह की विद्या में से हनुमान जी को उनके गुरु ने पांच तरह
की विद्या तो सिखा दी लेकिन बची चार तरह की विद्या और ज्ञान ऐसे थे जो केवल किसी विवाहित को ही सिखाए जा सकते थे.
हनुमान जी पूरी शिक्षा लेने का प्रण कर चुके थे और इससे कम पर वो मानने को राजी नहीं थे।
इधर भगवान सूर्य के सामने संकट था कि वो धर्म के अनुशासन के कारण किसी अविवाहित को कुछ विशेष विद्याएं नहीं सिखला सकते थे।
ऐसी स्थिति में सूर्य देव ने हनुमान जी को विवाह की सलाह दी..और अपने प्रण को पूरा करने के लिए हनुमान जी भी विवाह सूत्र में बंधकर शिक्षा ग्रहण करने को तैयार हो गए।
लेकिन हनुमान जी के लिए दुल्हन कौन हो और कहा से वह मिलेगी इसे लेकर सभी चिंतित थे.. ऐसे में सूर्यदेव ने अपने शिष्य हनुमान जी को राह दिखलाई।
सूर्य देव ने अपनी परम तपस्वी और तेजस्वी पुत्री सुवर्चला को हनुमान जी के साथ शादी के लिए तैयार कर लिया।
जब हनुमानजी विवाह के लिए मान गए , सूर्य देव ने हनुमानजी से कहा कि सुवर्चला परम तपस्वी और तेजस्वी है और इसका तेज तुम ही सहन कर सकते हो। सुवर्चला से विवाह के बाद तुम इस योग्य हो जाओगे कि शेष 4 दिव्य विद्याओं का ज्ञान प्राप्त कर सको। सूर्य देव ने यह भी बताया कि सुवर्चला से विवाह के बाद भी तुम सदैव बाल ब्रह्मचारी ही रहोगे, क्योंकि विवाह के बाद सुवर्चला पुन: तपस्या में लीन हो जाएगी।
इसके बाद हनुमान जी ने अपनी शिक्षा पूर्ण की और सुवर्चला सदा के लिए अपनी तपस्या में रत हो गई।
इस तरह हनुमान जी भले ही शादी के बंधन में बांध गए हो लेकिन शाररिक रूप से वे आज भी एक ब्रह्मचारी ही हैं.
लेकिन हनुमान जी के विवाह के बारे में बताने से पहले आपको यह बता दें कि हनुमान जी और उनकी पत्नी का एक मंदिर भी है और ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में जाकर पति-पत्नी हनुमान जी और उनकी पत्नी का दर्शन करते हैं उनका वै

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | दैनिक राशिफल



मेष का दैनिक राशिफल
मानसिक शान्ति के लिए तनाव के कारणों का समाधान करें। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। अपने बच्चों के लिए योजना बनाने के लिहाज़ से अच्छा दिन है। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। मतभेदों की एक लम्बी श्रृंखला के पनपने के कारण आपको सामंजस्य बिठाने कें मुश्किल आएगी।

वृष का दैनिक राशिफल
किसी ऊँचे और ख़ास इंसान से मिलते समय घबराएँ नहीं और आत्मविश्वास बनाए रखें। यह सेहत के लिए उतना ही ज़रूरी है, जितना काम-धंधे के लिए पैसा। हँसी-मज़ाक में कही गयी बातों को लेकर किसी पर शक़ करने से बचें। परिवार के सदस्यों की सेहत से जुड़ी दिक़्क़तें आपको मानसिक परेशानी दे सकती हैं। उपहार/भेंट वग़ैरह भी आज आपके प्रिय का मूड बदलने में नाकाम रहेंगे। यात्रा और भ्रमण वग़ैरह न सिर्फ़ आनन्ददायक सिद्ध होंगे, बल्कि काफ़ी शिक्षाप्रद भी रहेंगे।

मिथुन का दैनिक राशिफल
आज आपके पास ख़ुद के लिए पर्याप्त समय होगा, तो मौक़े का फ़ायदा उठाएँ और अच्छी सेहत के लिए पैदल सैर पर जाएँ। नए क़रार फ़ायदेमंद दिख सकते हैं, लेकिन वे उम्मीद के मुताबिक़ लाभ नहीं पहुँचाएंगे। निवेश करते समय जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। दोस्तों के साथ कुछ करते वक़्त अपने हितों को अनदेखा न करें – हो सकता है कि वे आपकी ज़रूरतों को ज़्यादा गंभीरता से न लें। अपने प्रिय की ग़ैरमौजूदगी में आप ख़ुद को बिल्कुल खाली महसूस करेंगे। लंबित परियोजनाएँ पूरी होने की दिशा में बढ़ेंगी।

कर्क का दैनिक राशिफल
बुज़ुर्गों को अपनी सेहत का ख़याल रखने की ख़ास ज़रूरत है। पैसा अचानक आपके पास अएगा, जो अपके ख़र्चों और बिल आदि को सम्हाल लेगा। रिश्तेदारों की वजह से कुछ तनाव पैदा हो सकता है। हालात पर क़ाबू पाने के लिए अपने ऊपर नियंत्रण रखें। जल्दबाज़ी का कोई भी फ़ैसला आपको उनसे दूर कर सकता है, जो आपके दिल के क़रीब हैं। अगर आप अपने प्रिय को पर्याप्त समय न दें, तो वह नाराज़ हो सकता/सकती है। आज आपको ढेरों दिलचस्प निमंत्रण मिलेंगे- साथ ही आपको एक आकस्मिक उपहार भी मिल सकता है।

सिंह का दैनिक राशिफल -
दूसरों की आलोचना करने की आपकी आदत के कारण आपको भी आलोचना का शिकार होना पड़ सकता है। अपना ‘सेंस ऑफ़ ह्यूमर’ दुरुस्त रखें और पलटकर तल्ख़ जवाब देने से बचें। ऐसा करने पर आप आसानी से दूसरों की कड़ी टिप्पणियों से निजात पा लेंगे। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा करेगा। रोमांटिक ज़िन्दगी में बदलाव मुमकिन है। किसी लघु या मध्यावधि पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर अपनी तकनीकी क्षमताओं में निखार लाएँ। आपको याद रखने की ज़रूरत है कि भगवान उसी की मदद करता है, जो ख़ुद अपनी मदद करता है।

कन्या का दैनिक राशिफल -
आज आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। आपकी परेशानी आपके लिए ख़ासी बड़ी हो सकती है, लेकिन आस-पास के लोग आपके दर्द को नहीं समझेंगे। शायद उन्हें लगता हो कि इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। आज आपका दुःख बर्फ़ की तरह पिघल जाएगा। अगर आप किसी परिस्थिति से घबराकर भागेंगे- तो वह आपका पीछा हर निकृष्ट तरीक़े से करेगी।

तुला का दैनिक राशिफल -
कुछ दिलचस्प पढ़कर थोड़ी दिमाग़ी कसरत करें। आर्थिक तौर पर सिर्फ़ और सिर्फ़ एक स्रोत से ही लाभ मिलेगा। ज़रूरत से ज़्यादा जज़्बाती होना आपका दिन बिगाड़ सकता है- ख़ास तौर पर तब जब आप अपने प्रिय को किसी और के साथ थोड़ा ज़्यादा दोस्ताना मिज़ाज का होते हुए देखेंगे। आपके पास आज अपनी क्षमताओं को दिखाने के मौक़े होंगे। आपको ऐसी जगहों से महत्वपूर्ण बुलावा आएगा, जहाँ से आपने इसकी कभी कल्पना भी न की हो।

वृश्चिक का दैनिक राशिफल -
काम का दबाव और घरेलू मतभेद तनाव की वजह बन सकते हैं। बैंक से जुड़े लेन-देन में काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। एक मज़ेदार शाम के लिए दोस्त आपको अपने घर पर बुलाएंगे। रोमांचक दिन है, क्योंकि आपका प्रिय आपको तोहफ़े/उपहार दे सकता है। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आज कुछ ऐसा दिन है जब चीजें उस तरह नहीं होंगी, जैसी आप चाहते हैं।

धनु का दैनिक राशिफल - 
ख़ुशी से भरा अच्छा दिन है। परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों को तरजीह दें। उनके सुख-दुःख के भागीदार बनें, ताकि उन्हें महसूस हो कि आप वाक़ई उनका ख़याल रखते हैं। आज प्रेम-संबंधों में अपने स्वतन्त्र विवेक का इस्तेमाल कीजिए। बाहरी लोगों के हस्तक्षेप के बावजूद आपको जीवनसाथी के द्वारा हर संभव तरीके से समर्थ मिलेगा।

मकर का दैनिक राशिफल 
रचनात्मक शौक़ आज आपको सुक़ून का एहसास कराएंगे। मनोरंजन और सौन्दर्य में इज़ाफ़े पर ज़रुरत से ज़्यादा वक़्त न ख़र्च करें। परिवार के सदस्य सहयोगी होंगे, लेकिन उनकी काफ़ी सारी मांगें होंगी। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा।

कुम्भ का दैनिक राशिफल
अपनी ख़ुशियों को दूसरों के साथ साझा करना आपकी सेहत को भी बेहतर करेगा। लेकिन ख़याल रखें कि इसे नज़रअंदाज़ करना बाद में भारी पड़ सकता है। आपके नज़दीकी लोग निजी जीवन में परेशानियाँ खड़ी कर सकते हैं। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। महत्वपूर्ण लोगों के साथ बातचीत करते वक़्त अपने शब्दों को ग़ौर से चुनें।

मीन का दैनिक राशिफल - 
गर्भवती महिलाओं के लिए अतिरिक्त सावधान रहने का दिन है। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैसा होगी। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। आप दोनों के बीच का सामंजस्य आपके दुखों के निवारण में मददगार होगा। यात्रा और भ्रमण वग़ैरह न सिर्फ़ आनन्ददायक सिद्ध होंगे, बल्कि काफ़ी शिक्षाप्रद भी रहेंगे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बरेली मुख्यमंत्री का आना तय, पूरे कर लें काम





बरेली: मुख्यमंत्री का इस माह आना तय है। सभी अफसर उनकी घोषणा वाले काम पूरे कर लें, ताकि उनका लोकार्पण कराया जा सके। डीएम पंकज यादव ने यह निर्देश कलेक्ट्रेट की मासिक समीक्षा बैठक में दिए। यह भी बताया कि कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने के लिए 13 करोड़ 54 लाख रुपये मिल गए हैं। ऐसी बाउंड्रीवाल का चयन करने के निर्देश दिए, जो गैर विवादित है।
इसके अलावा गरीब परिवार की लड़कियों की शादी अनुदान को 8.10 करोड़ आवंटित हुए हैं। यह पैसा अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग की लड़कियों की शादी के लिए वितरित होगा। डीएम ने सभी एसडीएम से कहा कि प्राप्त आवेदनों की जांच कराकर ऑनलाइन रिपोर्ट संबंधित विभाग को उपलब्ध करा दें, जिससे कि उन्हें जल्द लाभ हासिल हो सके। बैठक में समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना को लेकर भी चर्चा। यह 14 सितम्बर 2016 से लागू हो गई है। 75 हजार रुपये वार्षिक से कम आय वाले समस्त परिवार आच्छादित हैं। प्रदेश सरकार ने इसका प्रीमियम भी बीमा कंपनी को दे दिया है। व्यक्ति की मृत्यु पर 5 लाख और बीमारी में फ्री इलाज की सुविधा का प्राविधान है। राशन की निलंबित दुकान एक माह और निरस्त का दो माह में निस्तारण कर लें। हर ग्राम पंचायत में खेलकूद को भूमि का चयन कर सूची उपलब्ध कराएं। दशहरा व दीपावली के दृष्टिगत विस्फोटक सामग्री का विक्रय नियंत्रण में रखें। जनप्रतिनिधियों को यथोचित सम्मान प्रदान करें। डीएम ने विकास कार्यो की विस्तार से समीक्षा की।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | किस रावण को मारने की बात कर रहे मुख्यमंत्री : केशव





उत्तर प्रदेश | भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि अखिलेश यादव अपराध और भ्रष्टाचार रूपी रावण को मारने में फेल हैं। वह अब किस रावण को मारने की बातकर रहे हैं।
लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दशहरे में रावण को मारने की बात कही तो भाजपा ने पलट कर सवाल पूछ लिया। प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि अखिलेश यादव अपराध और भ्रष्टाचार रूपी रावण को मारने में तो पूरी तरह फेल हैं। वह बताएं कि अब किस रावण को दशहरे में मारने की बात कर रहे हैं। प्रदेश की जनता इसे जानना चाहती है।

यूपी 100 का लोकार्पणः दशहरा पर मिलेगा रावण मारने का अवसर: अखिलेश

मौर्य ने कहा कि सपा सरकार की उपलब्धियों में जनता के हिस्से में ध्वस्त कानून-व्यवस्था, हत्या, लूट, दुष्कर्म जैसे अपराधों में रिकार्ड बढ़ोतरी, गरीबों के कल्याण की बजाय कमजोरों की जमीन पर कब्जा और भ्रष्टाचारियों को प्रदेश से बाहर करने की बजाय उनसे समझौता कर लिया है। गायत्री प्रजापति जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपी को पुन: मंत्रिमंडल में वापसी करने जैसे कई मामले हैं जिनका जवाब नहीं है। केशव ने यूपी 100 को ध्वस्त बताया और कहा कि पुलिस डायल करने वालों को ही उल्टा लटका देती है।


गरीब जनता मर रही और सरकार सिर्फ कागजों पर डेंगू रोक रहीः हाईकोर्ट






उत्तर प्रदेश  | डेंगू पर सरकारी हीलाहवाली से गुस्साए हाईकोर्ट ने साफ कहा कि सरकार सिर्फ कागजों पर डेंगू रोक रही है। डेंगू पर सरकारी हीलाहवाली से गुस्साए हाईकोर्ट ने साफ कहा कि सरकार सिर्फ कागजों पर डेंगू रोक रही है। नगर विकास सचिव व प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) को जमकर फटकार लगाते हुए अदालत ने राजधानी में सिर्फ एक मौत के सरकारी दावे पर कटाक्ष किया और कहा कि दो वकीलों की शोकसभा तो हम लोग कर चुके हैं।
28 जिलों में डेंगू का प्रकोप देख सीएम सख्त, डीएम को कमान
डेंगू के संबंध में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि शहर में डेंगू के चलते अब तक मात्र एक मौत हुई है। इस जवाब पर न्यायालय भी हैरान हो गया। न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति डॉ. विजयलक्ष्मी की खंडपीठ ने कहा कि डेंगू के कारण हमारे दो अधिवक्ताओं की मौत पर तो कुछ दिन पहले शोक प्रकट किया गया था। न्यायालय ने पूछा कि जनता की अनदेखी कर ऐसी रिपोर्ट आखिर कैसे तैयार हो जाती है। एमपी सिंह द्वारा दायर उक्त याचिका पर न्यायालय के पूर्व के आदेश के अनुपालन में नगर विकास सचिव श्रीप्रकाश सिंह व प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरुण कुमार सिन्हा पेश हुए।
अदालत-मुख्य सचिव डेंगू से चिंतित, डॉक्टर-मंत्री छिपाने में जुटे
सुनवाई के दौरान लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एसएनएस यादव भी मौजूद रहे। न्यायालय ने अखबारों में आए दिन डेंगू से मरीजों की होने वाली मौतों के समाचारों पर भी सरकार से सफाई मांगी। न्यायालय ने अधिकारियों के हलफनामे पर भी असंतोष जाहिर किया। सरकार की ओर से पेश सैकड़ों पन्नों की रिपोर्ट देखने के बाद न्यायालय ने कहा कि यह महज खानापूरी है और इस देखने से लगता है कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है और महज खानापूर्ति हो रही है। न्यायालय ने दोनों अधिकारियों को सात अक्टूबर को रिपोर्ट के साथ पुन: हाजिर होने का आदेश दिया है। चेतावनी भी दी कि यदि अगली सुनवाई पर सरकार की ओर से ठोस रिपोर्ट न आयी तो कठोर आदेश पारित किए जाएंगे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | लोहिया गांव जटा में विद्युतीकरण न होने पर डीएम खफा







बदायूं : वित्तीय वर्ष 2014-15 में चयनित लोहिया ग्राम जटा में अब तक विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण न किए जाने पर डीएम पवन कुमार ने विभागीय अभियंताओं की जमकर क्लास ली। उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि अब इसमें कोई भी हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी, प्रत्येक दशा में 15 दिन के अंदर लोहिया ग्राम जटा प्रकाशमान हो जाना चाहिए। बुधवार को वह विकास भवन में विकास कार्यों की मासिक समीक्षा कर रहे थे।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से पूछा कि वर्ष 2016-17 में चयनित लोहिया ग्रामों के संपर्क मार्गों की क्या स्थिति है। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि सभी गांव संतृप्त हैं। डीएम ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए कि वह सभी संपर्क मार्गों का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। डीएम ने बाबुओं पर निर्भर रहकर आँखें बंद कर हस्ताक्षर करने की अव्यवस्था पर कड़ी नारा•ागी जताते हुए अधिकारियों को हिदायत दी कि जो भी पत्रावली, अभिलेख उनके सामने आए उसको पढ़ने और समझने के पश्चात ही हस्ताक्षर करें, जो पूछा जाए उसी का जवाब दें। कृषि विभाग की ओर से सितंबर में किसी भी कृषक को लाभांवित न करने की दी गई जानकारी पर कड़ी नारा•ागी जताई।
मतदेय स्थलो पर हैंडपंप लगाने, रैम्प बनवाने तथा शौचालय का निर्माण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। जल निगम द्वारा अभी कार्य शुरू न करने तथा प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी को शौचालय निर्माण की जानकारी न होने पर डीएम ने कड़ी चेतावनी दी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, प्रभारी डीपीआरओ जय ¨सह यादव समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बीएलओ नहीं बना रहा पहचान पत्र






उझानी | उझानी में कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों की कैंप कार्यालय पर बैठक का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नगर में बीएलओ ने किसी वार्ड में अभी तक नए पहचान पत्र नहीं बनाए हैं। जिससे कांग्रेसियों में आक्रोश है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर कहा कि नगर के प्रत्येक वार्ड में नए पहचान पत्र अतिशीघ्र बनवाएं जाएं। यदि पहचान पत्र नहीं बनाए गए तो इस से संबंधित आलाधिकारी का पुतला दहन करने की कड़ी चेतावनी दी है। इस मौके पर नगराध्यक्ष अरूण पाराशर, मुजाहिद खां, सत्यपाल कश्यप, प्रशांत तोष्नीवाल, ऋषिपाल राठौर, राजकुमार कश्यप, शमशाद अल्वी, नीरज जैन, अवधेश वर्मा आदि कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिसौली और सहसवान में रूट मार्च







बदायूं : जिले में त्योहारों के मद्देनजर बिसौली और सहसवान में रूट मार्च किया गया। पुलिस फोर्स के साथ एसएसपी सुनील सक्सेना ने रूट मार्च की अगुवाई की। सुबह से देर शाम तक दोनों ही कस्बों में चप्पे-चप्पे को निहारा गया।
सहसवान में बुधवार को एसएसपी के नेतृत्व में कई थानों के पुलिस फोर्स ने कस्बे में रूट मार्च किया। कस्बे के प्रमोद इंटर कालेज, नवादा, कोतवाली इलाका, मुख्य बाजार, विल्सनगंज, नसरुल्लागंज, पठान टोला, बजरिया, तहसील गेट, शहबाजपुर आदि स्थानों पर त्योहारों के मद्देनजर भयमुक्त समाज का संदेश दिया गया। इस दौरान एसपी देहात संजय राय समेत बिसौली, बिल्सी सीओ मौजूद रहे।
बिसौली में आमजन में कानून के प्रति विश्वास पैदा करने के लिए नगर में पुलिस और पीएसी ने फलैग मार्च किया। हाईवे के अलावा नगर की गलियां भी बूटों और सायरन की आवाज से थर्रा उठीं। नगर मे एसएसपी सुनील सक्सेना के नेतृत्व में रामलीला मैदान से फलैग मार्च शुरू हुआ। इसके बाद बुध बाजार, सराय और गदरपुरा होते हुए जवान हाईवे पर आ गए। इस फलैग मार्च को देखने के लिए सड़को ंपर दोनों ओर लोगो की भारी भीड जुट गई। जब जवान सराय से गदरपुरा में जा रहे थे तो देानों ओर दोपहिया वाहनों को रोक दिया गया। फलैग मार्च में तहसीलदार महेंद्र कुमार, सीओ प्रकाश कुमार आदि शामिल रहे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | पीसी शर्मा व मस्ताना की जमानत अर्जी खारिज







बदायूं : प्रभारी डीजीसी हत्याकांड में आरोपी पीसी शर्मा एवं अब्दुल नवी उर्फ मस्ताना की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी ने खारिज कर दी। पूर्व में गिरीश एवं यासीन उर्फ बाबा की जमानत अर्जी उक्त अदालत में खारिज हो चुकी है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आरोपी पीसी शर्मा एवं अब्दुल नवी उर्फ मस्ताना की जमानत अर्जियां दी गई थीं। बुधवार को सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार ¨सह राठौर एवं विपर्णा गौड़ एडवोकेट ने कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलों को रखा। उन्होंने कोर्ट में साधना शर्मा के एक्सीडेंट होने से पूर्व व बाद में आरोपियों की कॉल डिटेल को पेश किया। बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में बहस के दौरान वादनी द्वारा भ्रमित कर पीसी शर्मा को फंसाने की बात कही गई। न्यायाधीश ने कहा आरोपियों की संलिप्तता को गंभीर अपराध में होना परिलक्षित होती है। जमानत पर मुक्त होने के बाद अभियोजन व साक्षियों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अभियुक्त मस्ताना उर्फ अब्दुल नवी, एवं प्रेमचंद्र शर्मा के जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाते हैं। इससे पूर्व इसी अदालत द्वारा आरोपी गिरीश मिश्रा एवं यासीन उर्फ बाबा की जमानत अर्जी खारिज की जा चुकी है।
आरोपी ¨पटू व मोहब्बत चल रहे हैं फरार
प्रभारी डीजीसी हत्याकांड के दो अन्य आरोपी ¨पटू व मोहब्बत फरार चल रहे हैं। हालांकि उनके विरूद्ध सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने उन्हें फरार घोषित करते हुए नोटिस चस्पा के आदेश दिए थे। आदेश के तीस दिन बाद उनकी संपत्ति कानूनन कुर्क हो जानी चाहिए थी। लेकिन अवधि पूरी हो जाने के बाद भी अदालत के आदेश का पालन पुलिस द्वारा नहीं किया गया।

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