: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 10/07/16

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अगर पत्नी सास-ससुर से अलग रहने की जिद करे तो पति दे सकता है तलाक

कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिन्दू लॉ के मुताबिक कोई भी महिला किसी भी बेटे को उसके मां-बाप के प्रति पवित्र दायित्वों के निर्वहन से मना नहीं कर सकती है।



 कर्नाटक | सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई महिला अपने पति को बूढ़े मां-बाप से अलग रहने को मजबूर करती है तो उसे उसका पति तलाक दे सकता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिन्दू लॉ के मुताबिक कोई भी महिला किसी भी बेटे को उसके मां-बाप के प्रति पवित्र दायित्वों के निर्वहन से मना नहीं कर सकती है। जस्टिस अनिल आर दवे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की खंडपीठ ने कहा कि एक महिला शादी के बाद पति के परिवार की सदस्य बन जाती है। वह इस आधार पर उस परिवार से अपने पति को अलग नहीं कर सकती है कि वो अपने पति की आय का पूरा उपभोग नहीं कर पा रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि माता-पिता से अलग रहने की पश्चिमी सोच हमारी सभ्यता-संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। कोर्ट ने कर्नाटक की एक दंपत्ति के तलाक की अर्जी को मंजूरी देते हुए ये टिप्पणी की है।
सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में लिखा है, “भारत में हिन्दू परिवारों में न तो यह सामान्य बात है और न ही प्रचलन में है कि कोई भी बेटा अपनी पत्नी के कहने पर शादी के बाद बूढ़े मां-बाप को छोड़ दे। खासकर तब, जब बेटा ही परिवार में एकमात्र कमाऊ सदस्य हो। एक बेटे को उसके मां-बाप ने न केवल जन्म दिया बल्कि पाल-पोसकर उसे बड़ा किया, पढ़ाया, लिखाया। अब उसकी नौतिक और कानूनी जिम्मेवारी बनती है कि वह बूढ़े मां-बाप की देखभाल करे। खासकर तब जब उनकी आय या तो बंद हो गई है या कम हो गई है।”
दरअसल, कर्नाटक की इस दंपत्ति की शादी 1992 में हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही महिला अपने पति पर अकेले रहने का दबाव बना रही थी। उसकी क्रूर हरकतों की वजह से बाद में पति ने निचली अदालत में तलाक की अर्जी दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति के नौकरानी के साथ अवैध संबंध हैं, इसलिए वह मुझे तलाक दे रहे हैं लेकिन कोर्ट ने इसे झूठा पाया। निचली अदालत ने तलाक को मंजूर कर लिया। बाद में हाईकोर्ट ने महिला का पक्ष लिया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिन्दू लॉ के मुताबिक कोई भी महिला किसी भी बेटे को उसके मां-बाप के प्रति पवित्र दायित्वों के निर्वहन से मना नहीं कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई महिला अपने पति को बूढ़े मां-बाप से अलग रहने को मजबूर करती है तो उसे उसका पति तलाक दे सकता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिन्दू लॉ के मुताबिक कोई भी महिला किसी भी बेटे को उसके मां-बाप के प्रति पवित्र दायित्वों के निर्वहन से मना नहीं कर सकती है। जस्टिस अनिल आर दवे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की खंडपीठ ने कहा कि एक महिला शादी के बाद पति के परिवार की सदस्य बन जाती है। वह इस आधार पर उस परिवार से अपने पति को अलग नहीं कर सकती है कि वो अपने पति की आय का पूरा उपभोग नहीं कर पा रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि माता-पिता से अलग रहने की पश्चिमी सोच हमारी सभ्यता-संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। कोर्ट ने कर्नाटक की एक दंपत्ति के तलाक की अर्जी को मंजूरी देते हुए ये टिप्पणी की है।
सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में लिखा है, “भारत में हिन्दू परिवारों में न तो यह सामान्य बात है और न ही प्रचलन में है कि कोई भी बेटा अपनी पत्नी के कहने पर शादी के बाद बूढ़े मां-बाप को छोड़ दे। खासकर तब, जब बेटा ही परिवार में एकमात्र कमाऊ सदस्य हो। एक बेटे को उसके मां-बाप ने न केवल जन्म दिया बल्कि पाल-पोसकर उसे बड़ा किया, पढ़ाया, लिखाया। अब उसकी नौतिक और कानूनी जिम्मेवारी बनती है कि वह बूढ़े मां-बाप की देखभाल करे। खासकर तब जब उनकी आय या तो बंद हो गई है या कम हो गई है।”
दरअसल, कर्नाटक की इस दंपत्ति की शादी 1992 में हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही महिला अपने पति पर अकेले रहने का दबाव बना रही थी। उसकी क्रूर हरकतों की वजह से बाद में पति ने निचली अदालत में तलाक की अर्जी दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति के नौकरानी के साथ अवैध संबंध हैं, इसलिए वह मुझे तलाक दे रहे हैं लेकिन कोर्ट ने इसे झूठा पाया। निचली अदालत ने तलाक को मंजूर कर लिया। बाद में हाईकोर्ट ने महिला का पक्ष लिया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बड़ी खबर! भारत-पाकिस्तान सीमा हो सकती है सील




नई दिल्ली। देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से दिसंबर 2018 तक भारत-पाकिस्तान की सीमा सील कर दी जाएगी। इसके लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।  

उड़ी हमले और उसके बाद भारतीय सेना के लक्षित हमले के बाद पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच शुक्रवार को यहां पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और गुजरात में ताजा सुरक्षा
सीमावर्ती राज्यों के चार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद जैसलमेर में गृहमंत्री राजनाथसिंह ने शुक्रवार को कहा कि बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड की स्थापनी की जाएगी साथ ही 2018 तक भारत-पाकिस्तान की सीमा को
उन्होंने कहा कि नई तकनीक के जरिए सीमा को सील किया जाएगा। इस पूरे काम की निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल करेंगे। सिंह ने कहा कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  
राजनाथ‍ से जब राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रया मांगी गई तो उन्होंने सीधे सीधे कुछ भी कहने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि देश के समक्ष जब कोई बड़ी चुनौती हो तो पूरे देश को एकजुट होकर मुकाबला करना
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है, ऐसी स्थिति में हमें अपनी सेना पर भरोसा रखना चाहिए। ऐसे मौके पर किसी भी क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति को संयम से काम लेना चाहिए।  

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | जीएसटी से मध्यम अवधि में भारत की वृद्धि को मिलेगी गति

GST TAX जीएसटी से मध्यम अवधि में भारत की वृद्धि को मिलेगी गति


 अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने शुक्रवार को कहा कि वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के लागू  होने से मध्यम अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। बहुपक्षीय संगठन ने यह भी  कहा है कि भारत ने सुधारों के मोर्चे पर प्रगति दिखाई है और इससे व्यापार निवेश में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
आईएमएफ ने एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय आर्थिक स्थिति पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भारत  का 2016 में सुधारों की दिशा में मजबूत कदम स्वागतयोग्य है और यह जारी रहना चाहिए।  वस्तु एवं सेवाकर के क्रियान्वयन से मध्यम अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि दर में मजबूती तय  है।
इसमें कहा गया है कि रोजगार सृजन और वृद्धि को गति देने के लिहाज से श्रम बाजार में  लचीलापन और उत्पाद बाजार में प्रतिस्पर्धा अनिवार्य बना हुआ है। प्राथमिकताओं में नई कंपनी  कर्ज पुनर्गठन प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने कहा कि भारत ने सुधारों के मामले में जो प्रगति दिखाई  है, उससे व्यापार निवेश में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है, जो मजबूत एफडीआई प्रवाह में  दिख रहा है। पुन: घरेलू मांग को मजबूती मिलेगी।
मध्यम अवधि में कई एशियाई अर्थव्यवस्थाएं आबादी संबंधी लाभ से फायदे में रहेंगी, क्योंकि  भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों में कामकाजी वर्ग की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे  मजबूत वृद्धि को बनाने रखने में मदद मिलेगी।
अपनी रिपोर्ट में आईएमएफ ने कहा कि भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर  2016-17 और 2017-18 में 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह विश्व आर्थिक परिदृश्य के  अप्रैल 2016 के मुकाबले 0.1 प्रतिशत अधिक है। यह सर्वे आईएमएफ करता है। मौजूदा वृद्धि  में सुधार बना रहेगा जिसे निजी खपत से मजबूती मिलेगी।
 आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार मानसूनी बारिश के सामान्य रहने से कृषि को लाभ होगा और  इसके साथ सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि से घरेलू मांग में वृद्धि जारी रहेगी। इसमें कहा  गया है कि पुन: सुधारों के मोर्चे पर प्रगति से धारणा मजबूत होगी और निजी निवेश में सुधार  की उम्मीद है जिससे वृद्धि को और मजबूती मिलेगी।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | हिन्दू धर्म के ज्ञान का संक्षिप्त परिचय

हिन्दू धर्म के ज्ञान का संक्षिप्त परिचय



कम से कम ज्ञात रूप से 90,000 वर्षों से हिन्दू सनातन धर्म का अस्तित्व है। 35,000 वर्ष पहले तक की सभ्यता के पूख्‍ता सबूत पाए गए हैं। 14,000 वर्ष पहले हिन्दू युग की शुरुआत हुई थी। अब तक वराह कल्प के स्वायम्भुव मनु, स्वरोचिष मनु, उत्तम मनु, तामस मनु, रैवत मनु, चाक्षुष मनु तथा वैवस्वत मनु के मन्वंतर बीत चुके हैं और अब वैवस्वत तथा सावर्णि मनु की अंतरदशा चल रही है। मथुरा के विद्वान ऐसा अनुमान लगाते हैं कि सावर्णि मनु का आविर्भाव विक्रमी संवत् प्रारंभ होने से 5630 वर्ष पूर्व हुआ था। माना जाता है कि वैवस्वत मनु का आविर्भाव 6673 ईसा पूर्व अर्थात 8689 वर्ष पहले हुआ था।

6,000 ईसा पूर्व में भारत में बहुत ही विद्वान खगोलशास्त्री विद्यमान थे जिन्होंने वेदों के ज्ञान पर आधारित खगोल विज्ञान का विकास किया और बताया कि धरती सूर्य का चक्कर लगाती और चन्द्रमा धरती का चक्कर लगाता है और धरती में गुरुत्वाकर्षण की शक्ति है। आज इस बात को विज्ञान भी मानता है, गैलीलियो या न्यूटन ने कोई नई बात नहीं बताई थी।

रक्तचाप की खोज, प्लास्टिक सर्जरी, विमान का आविष्कार, बिजली का आविष्कार, गणितीय विद्या, शून्य का आविष्कार, भाषा और व्याकरण का आविष्कार आदि अनेक ऐसे आविष्कार हैं जिनके बारे में तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला के विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाता था।

लोग अल्बर्ट आइंस्टीन के उस वाक्य को भूल जाते हैं जिसमें उन्होंने कहा था- 'हम भारतीयों के बेहद आभारी हैं जिन्होंने हमें गिनना सिखाया जिसके बिना कोई भी वैज्ञानिक खोज करना मुमकिन नहीं था।'

यदि हम शरीर के तंत्रिका तंत्र की बात करें तो इसका उल्लेख पहले से ही वेद, आयुर्वेद और योग की किताबों में मौजूद है। यह जानकारी उसी रूप में मौजूद है जिस रूप में विज्ञान आज इसे प्रकट करता है। विज्ञान की यह जानकारी वेदों में दी गई शरीर के रचना-तंत्र की जानकारी से इतनी मिलती-जुलती है कि इससे सभी हैरान हैं कि 6,000 वर्ष पूर्व यह कैसे पता चला?

परा और अपरा विद्या :
हिन्दू धर्म में ज्ञान को 2 श्रेणियों में रखा गया है। पहला परा विद्या और दूसरा अपरा विद्या। सभी तरह का वैज्ञानिक ज्ञान परा विद्या के अधीन है और वहीं आध्यात्मिक ज्ञान अर्थात परमात्मा और आत्मा का ज्ञान अपरा विद्या के अंतर्गत आता है। वैज्ञानिक ज्ञान ही आध्यात्मिक ज्ञान की ओर ले जाता है।

हिन्दू धर्म के 5 मुख्य आधार हैं- ईश्वर, जीव, काल, प्रकृति और कर्म। इनमें पहले 5 अनंत हैं जबकि कर्म अस्थायी। काल का अर्थ समय। समय ईश्वर का अव्यक्तिगत और अनंत पक्ष है। इसका न आदि है और न अंत। हिन्दू धर्म के ब्रह्मांड की थ्‍योरी बिग बैंग द्वारा दी गई थ्योरी से 104 गुना ज्यादा है। वर्तमान सृष्टि अनगिनत सृष्टियों में से एक है। इसमें धरती पर 84 लाख प्रकार के करोड़ों जीव मौजूद हैं। ईश्‍वर और जीव में यह अंतर है कि ईश्‍वर अजन्मा और अनंत है जबकि जीव उसका सूक्ष्मतम रूप है। जीव शरीर धारण करता रहता है, लेकिन ईश्‍वर अजन्मा और अप्रकट है। ईश्‍वर को परमात्मा एवं जीव को एक आत्मा कहा जाता है। ईश्वर ने कभी न तो मनुष्य रूप में जन्म लिया और न ही किसी के शरीर पर अवतरित होकर कोई संदेश दिया। ऋषियों को जो ज्ञान मिला वह गहन ध्यान के क्षणों में मिला और उन्होंने जब उसे लोगों को सुनाया तो उसे श्रुति कहा गया। यह ज्ञान स्वयं ईश्वर ने दिया था। श्रुति के ज्ञान को जब लोगों ने सुनकर अपनी पीढ़ियों को विस्तृत रूप में अपने अपने तरीके से बताया तो उसे स्मृति ज्ञान कहा गया। इस तरह दो ग्रंथ बने श्रुति और स्मृति। श्रुति ही धर्मग्रंथ है।

प्रकृति में पदार्थ से अलग आत्मा एक सर्वोत्तम कण या परम अणु है जिसमें चेतना और स्वेच्छा है, जो पदार्थ से पूर्णत: विपरीत है लेकिन जो पदार्थ को संचालित करती रहती है। यही चेतना ब्रह्मांड की प्रेरक है और हर जीवित वस्तु में आत्मा रूप में विद्यमान है। हिन्दू धर्म के अनुसार पेड़-पौधों, कीट-पतंगों, गतिशील तत्वों में आत्मा अर्थात चेतना विद्यमान है। इस आत्मा का मूल स्वरूप परमात्मा के समान ही है, जैसे सत, चित्त और आनंद।

सर्वेश्वरवाद या अवतारवाद वेद नहीं पुराणों के अंग है। यह मूल सनातन धर्म की विचारधारा से अलग माने जाते हैं। दरअसल, ये सभी पहलू ईश्वर या परम तत्व के मूलभूत अंग माने जा सकते हैं। वेदों के अनुसार तो ईश्वर एक ही है।

परमात्मा या ईश्‍वर के मुख्‍यत: 3 पहलू हैं। पहला अव्यक्तिगत अर्थात ब्रह्म ज्योति। यह कारण और प्रभाव से ऊपर है। दूसरा पक्ष है परमात्मा, जो सभी जीवों की प्रेरणा है। परमात्मा या परमेश्वर का यह स्वरूप सभी प्राणियों की उत्पत्ति, पालन और विलय के लिए जिम्मेदार है। हर जीवित के पास स्वेच्छा अर्थात स्वतंत्र इच्छा है। परमात्मा आत्मा की व्यक्तिगत इच्छाओं और उनके क्रिया-कलापों के अनुसार ही उनका भविष्य निर्मित करते हैं अर्थात आप जैसा सोचते हैं, वैसा ही पाते हैं। ईश्‍वर का तीसरा पक्ष है भगवान।

इसीलिए वेद कहते हैं कि अपने अंतरतम में झांकों और उसे पवित्र करो। यदि हम अपने अंतरमन की सुनने लगेंगे तो इसका अहसास होगा कि हमें वहां से कैसे संदेश मिल रहा है। हमारा अंतरतम हमें किस मार्ग पर जाने के लिए प्रेरित करता है। कई बार हमें अपने जीवन के समाधान इसी अंतरमन में मिलते हैं। जटिल से जटिल समस्या का समाधान हमारे भीतर ही मौजूद होता है। जो लोग धर्म के मार्ग से भटके हुए हैं उन्हें यह मार्गदर्शन नहीं मिलता है। ऐसे लोगों के लिए तीसरा पक्ष भगवान हैं। भगवान अर्थात ईश्वर के व्यक्तित्व का प्रतिरूप और संदेशवाहक। हम अपने दिन और प्रतिदिन की क्रियाओं में भगवान के मार्गदर्शन को महसूस कर सकते हैं।

ईश्वर की शक्तियां हैं:- संवित शक्ति यानी संज्ञानात्मक शक्ति, संधिनी (आंतरिक) शक्ति, ईश्वर की शक्तियां, हलादिनी शक्ति यानी बाहरी शक्ति।

संधिनी शक्ति से चेतन प्राणियों की रचना हुई। हलादिनी शक्ति से ब्रह्मांड की। इस संसार या भौतिक प्रकृति को 3 गुणों में बांटा गया है- पहला ईश्वरीयता अर्थात सतो, उत्कंठा यानी रजो और तीसरा अनभिज्ञता अर्तात तमो। जीवन की इच्छाओं की पूर्ति के लिए भौतिक प्रकृति ने ईश्वर की इच्छा से इन 3 गुणों को मिलाकर कई रूप धारण किए हैं। सभी चेतन आत्माएं अर्थात मनुष्य, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे आदि सभी अलग अलग-तरह से इस त्रिगुण भौतिक प्रकृति की रचना से प्रभावित होते हैं। सभी प्राणी इस भौतिक प्रकृति में अलग-अलग क्रियाओं में रत हैं।

अनंत काल से प्राणी अपने कर्मों (सोचना, खाना, देखना, सुनना, बोलना, कुछ करना आदि) के अनुसार सुख और दुख भोगते आ रहे हैं। प्राणी चाहे अपने द्वारा किए हुए अगले-पिछले सभी कर्मों को भुला दे या भूल जाएं लेकिन कर्मों के परिणाम उसे भुगतना ही होते हैं। उसकी दशा से ज्ञात होता है कि उसने किस तरह के कर्म किए होंगे। कर्म-चक्र सदैव प्राणियों की इच्छाओं, आकांक्षाओं और कल्पनाओं से संचालित होता रहता है।

सभी जीवों में चेतना का क्रमिक विकास हुआ है। इस सृष्टि में कुल 84 लाख प्रकार के जीव हैं। ये प्रकार घटते और बढ़ते रहते हैं। चेतना के क्रम-विकास के तहत जीव मनुष्य योनि में लाखों योनियों में जन्म लेने के बाद जन्म लेता है। इसीलिए कहा जाता है कि मानव योनि दुर्लभ है। मानव योनि में चेतनता लगभग पूर्णत: विकसित होती है और उसे अपने आत्मा होने का आभास होता है। चेतनता का अर्थ है- होश, जागरण, बोध आदि। मनुष्य ही अपने अस्तित्व के बारे में जानने का जिज्ञासु, पिपासु और मुमुक्षु होता है।

जीव अर्थात जैसे कृमि, जंतु और पशुओं के पास लघु चेतना होती है। वे पेड़ों की भांति आवृत्त नहीं होते। पेड़ और पौधों में भी चेतना होती है लेकिन वे सुप्त अवस्था में रहते हैं। मनुष्य की चेतना उदयमान होती है। मनुष्य अपनी चेतना का विस्तार करने में सक्षम है। हिन्दू धर्म में मानव में जिज्ञासा एक महत्वपूर्ण तत्व है। यह मानव का मौलिक कर्तव्य भी है। जिज्ञासा ज्ञान के विस्तार का एक महत्वपूर्ण अंग है। जिज्ञासा ही ज्ञान और विज्ञान का विस्तार होता है।

जिज्ञासा हर उस रहस्य को जानने के लिए होनी चाहिए जिससे आत्मा या स्वयं के अस्तित्व के होने का रहस्य ज्ञात हो। सत्य का ज्ञान हो। यही जिज्ञासा जब तक मुमुक्षा में नहीं बदल जाती तब तक वह जिज्ञासा ही रहती है।

ज्ञान का अर्जन 3 तरीकों से किया जा सकता है- प्रत्यक्ष ज्ञान, अनुमान ज्ञान और तर्क के द्वारा। इन्द्रियों अर्थात नाक, कान, आंख, स्पर्श, स्वाद आदि द्वारा अर्जित ज्ञान ही प्रत्यक्ष ज्ञान है। अनुमान का अर्थ है किसी अनभिज्ञ वस्तु और किसी दूसरी कल्पनीय वस्तु की आपस में संबंध की तुलना कर उसकी प्रकृति का आकलन करना, जैसे दूर उठ रहे धुएं को देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वहां नीचे कहीं आग जल रही होगी। तर्क से अभिप्राय है कि वह प्रमाण जो प्रत्यक्ष और प्राकृतिक घटना का प्रतिनिधित्व कर सके। ज्ञान अर्जन करने के ये तीनों ही तरीके सत्य को जानने में सक्षम नहीं हैं। ये किसी घटना या सत्य का पूर्ण स्पष्टीकरण नहीं दे सकते हैं।

प्रत्यक्ष की 4 सीमाएं हैं। पहला है भ्रम। इन्द्रियां और मस्तिष्क कई परिस्थितियों में कार्य नहीं कर पाते हैं और भ्रमित हो जाते हैं, जैसे कि मृगतृष्णा। दूसरा है प्रमाद। प्रमाद का अर्थ बेहोशी या अंधापन। प्रमाद में आकर इन्द्रियां कई बार सही निर्णय नहीं कर पातीं और गलत मार्गदर्शन कर गलतियों का कारण बनती है। तीसरा है कर्णपत्वा। हमारी इन्द्रियों की शक्तियां सीमित हैं और वे पूर्ण सत्य का केवल कुछ भाग ही समझ पाती हैं, जैसे कि हम पराबैंगनी और विद्युतीय चुबकत्व को नहीं देख पाते हैं, ठीक वैसे ही कई प्रकार की ध्वनि तरंगों को भी हम सुन नहीं पाते हैं। चौथा है विप्रलिप्सा। अहम या अहंकार में पड़कर इन्द्रियां दूषित हो जाती हैं और व्यक्ति बेईमान बन जाता है।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | नवरात्रि में प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी लेकिन बचें इन 9 गलतियों से



नवरात्रि में भक्ति चरम पर है। इन नवरात्रियों में 9 रातों को जागकर माता दुर्गा एवं उनके विभिन्न रूपों को प्रसन्न करने का विधान है। शक्तिस्वरूपा माता श्री महाकाली, महासरस्वती एवं श्री महालक्ष्मी के रूप में भक्तों का कल्याण करने वाली होती है। इन तीनों की प्रसन्नता से ही मनुष्य समस्त सुखों एवं भोगों को भोगकर मोक्ष को प्राप्त करता है।

श्री महाकाली शक्ति एवं स्वास्थ्य, माता सरस्वती विद्या एवं बुद्धि एवं महालक्ष्मी अष्टलक्ष्मी को प्रदान करने वाली देवी है। इनको प्रसन्न करना भी आसान है।
देवी भागवत के अनुसार नवरात्रि के दिनों में जो यह 9 गलतियां करता है उनसे लक्ष्मी जी अप्रसन्न होती है। जानिए वह 9 बातें कौन सी हैं.

1. जो नखों से तृण तोड़ता है,
2. नखों से पृथ्वी को कुरेदता है,
3.जो निराशावादी है,
4. सूर्योदय के समय भोजन करता है,
5.दिन में सोता है
6 .भीगे पैर अथवा वस्त्रहीन सोता है,
7.निरंतर व्यर्थ की बातें एवं परिहास करता है,
8.अपने अंगों पर बाजा बजाता है,
9.सिर में तेल लगाकर उन्हीं हाथों से अन्य अंगों को स्पर्श करता है, उनके घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है।
गरूड़ पुराण के अनुसार

1 .जिस घर में बर्तन बिखरे पड़े रहते हो,
2. स्त्री एवं माता-पिता का अपमान होता है,
3. जहां हमेशा कलह होती हो,
4. अस्वच्छ वस्त्रों को धारण करने वालों के यहां लक्ष्मी का वास नहीं होता, वह यदि इंद्र भी हो तो लक्ष्मी उसको छोड़कर चली जाती है।
ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार

1.शाम को सोने वाला,
2. स्त्रियों को तंग करने वाला,
3.अशिष्ट दंपति के झगड़े वाले स्थानों पर लक्ष्मी की बड़ी बहन अलक्ष्मी का वास होता है, दरिद्रता प्रदान करने वाली होती है।

अक्ष्मी के पति का नाम दु:सह है अर्थात ऐसे व्यक्तियों को अपार दु:ख भी सहने पड़ते हैं। जिस घर में स्त्रियों एवं बेटियों को सम्मान दिया जाता है, वहां समस्त देवियां सुखपूर्वक निवास करती हैं एवं भक्तों के समस्त मनोरथ को पूर्ण करती हैं।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | दैनिक राशिफल







  •  मेष

व्यापार अच्छा चलेगा। आर्थिक स्थिति प्रसन्नतादायी रहेगी। व्यापार में अधिक लाभ प्राप्ति के योग हैं। अनुकूलता के कारण मन में प्रसन्नता रहेगी।

  • वृष

व्यवसाय का तनाव समाप्त हो सकेगा। संबंधियों के कारण आपकी कीर्ति बढ़ेगी। नए प्रस्ताव मन में उत्साह पैदा करेंगे। खान-पान में सावधानी रखें।

  •  मिथुन

दांपत्य जीवन सुखद होगा। समय अनुकूल है। उसका सदुपयोग करें। जीवनसाथी की भावनाओं को समझें। व्यापारिक स्थिति आशाजनक रहेगी।

  • कर्क

भेंट, उपहार मिलेगा। नौकरी में तबादला तथा पदोन्नति के योग हैं। व्यर्थ के दिखावे एवं आडंबरों से दूर रहें। समय का दुरुपयोग न करें।

  •   सिंह

मित्रों के सहयोग से समस्या का समाधान हो सकेगा। व्यापार में प्रगति के योग हैं। दुस्साहस नहीं करें। आर्थिक निवेश लाभदायक रहेगा।

  • कन्या

धार्मिक आस्था बढ़ेगी। कार्य व्यवसाय में आशातीत सफलता मिल सकेगी। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग एवं समर्थन प्राप्त होगा।

  •  तुला

आय में वृद्धि होगी। कार्य के प्रति दृढ़ता आपको आज कार्य में अनुकूल सफलता दिलाएगी। पिता से मनमुटाव हो सकता है।

  •  वृश्चिक

परिवार में असंतोष रहेगा। समाज में आपके कार्य की आलोचना हो सकती है। व्यापार में हानि की आशंका है। काम में शीघ्रता नहीं करें।

  •   धनु

अपनी बुद्धिमानी से स्थिति सुदृढ़ बना सकेंगे। संतान उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगी। जल्दबाजी में कोई काम न करें।

  •   मकर

पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। परिचय क्षेत्र का विस्तार होगा। व्यापार में लाभकारी परिवर्तन हो सकते हैं। मानसिक दृढ़ता से निर्णय लेकर काम करें।

  •  कुंभ

नवीन गतिविधियाँ लाभकारक रहेंगी। बुद्धि चातुर्य से अनेक कठिनाइयाँ दूर हो सकेंगी। अनावश्यक क्रोध न करें। पारिवारिक सुख व धन बढ़ेगा।

  •   मीन

पुराने संबंधों में यश की वृद्धि होगी। जीवनसाथी के व्यवहार में अनुकूलता रहेगी। जोखिम के कार्य से बचना चाहिए। यश, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बरेली,उत्तर प्रदेश में जब बंदर बस लेकर भागा





बरेली | उत्तर प्रदेश में पिलीभीत से आ रही एक बस जब बरेली में आकर रुकी तो उसके बाद पैसेंजर के इंतजार में ड्राईवर बस के पिछले हिस्सें में लंबी सीट पर जाकर सो गया और जब ड्राइविंग गहरी नींद में सो गया
उत्तर प्रदेश में एक ऐसा हादसा हुआ जिसके बारे में सुनकर हंसी भी आती है चलिए आप को हम एक ऐसी घटना के बारें में बतातें है। यह मामला है उत्तर प्रदेश के बरेली का जहाँ पर एक रोडवेज बस के ड्राईवर ने अपनी बस को एक जगह खड़ी कर के गया। लेकिन उसके बाद उस पर कुछ बंदरो की नजर पड़ गई और फिर इन बंदरो ने जो किया उसके बाद वहां पर खड़े सब लोग अपनी जान बचा कर भाफ्ने लगे लेकीन इन बंदरो ने क्या किया था चलिए हम आप को बतातें है।
उत्तर प्रदेश में पिलीभीत से आ रही एक बस जब बरेली में आकर रुकी तो उसके बाद पैसेंजर के इंतजार में ड्राईवर बस के पिछले हिस्सें में लंबी सीट पर जाकर सो गया और जब ड्राइविंग गहरी नींद में सो गया तो कुछ देर बाद हुआ एक बड़ा हादसा होते होते बचा। लेकिन कुछ ही देर बाद पास के पेड़ पर बैठे कुछ शरारती बंदर बस के अंदर घुस आए और उसके बाद एक बंदर ड्राईवर की सीट पर जाकर बैठ गया उसके बाद उसने बस को स्टार्ट कर दिया और गियर देकर उसने बस को चलाना शुरू कर दिया फिर क्या इसे देख सभी के होश उड़ गए।
बंदर ने बस को गियर में डाल के आगे लेकर बढ़ा और इस ड्राइविंग में उसने दो गाड़ियों को टक्कर भी मार दी। लेकिन बस का ड्राईवर भी बस के पीछे भागते हुए उसने बस को अपने कंट्रोल में ले लिया। लेकिन इस हादसे के कारण वहां सभी लोग बेहद घबरा गए थे। फ़िलहाल उत्तर प्रदेश में इनदिनों बंदरो का खूब आतंक है और उसके कारण लोग काफी परेशान भी है।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बरेली लाठी से पीटकर मार दिया भाई, भतीजी की मरणासन्न





बरेली : दो दिन पहले नामकरण कार्यक्रम के दौरान भाइयों में हुए विवाद को रिश्तेदारों ने बैठाकर सुलझा दिया था। बावजूद छोटा भाई दावत के दौरान सार्वजनिक बेइज्जती को भूला नहीं। जिस भाई की गोद में खेलकर बड़ा हुआ था, उसने उसी के कत्ल की साजिश रच ली। गुरुवार को पहले शराब भी फिर सोते हुए भाई के सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ प्रहार करके लहूलुहान कर दिया। पिता को पिटता देख बचाने आई बेटी को भी नहीं बख्शा। उसे भी पीटकर मरणासन्न कर दिया, डंडे के प्रहार से उसका कान भी कट गया। मरणासन्न हालत में भाई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गाव कुंवरपुर बंजरिया में हरिवन के घर मंगलवार को नामकरण संस्कार की दावत थी। इस दौरान हरिवन का बड़े भाई कृष्णवन से विवाद हो गया। कृष्णवन ने हरिवन को उसकी दो बीघा जमीन का सौदा करने पर डांटा था। कृष्णवन नहीं चाहता था कि परिवार की जमीन बेची जाए। रिश्तेदारों ने हस्तक्षेप करके झगड़ा शात करा दिया था। लोगों को लगा कि पारिवारिक झगड़ा है, निपट गया। जबकि सार्वजनिक रूप से हुई बेइज्जती हरिमन के मन में फांस की तरह चुभ गई थी। बदला लेने के लिए गुरुवार को दोपहर करीब दो बजे हरिमन शराब पीने के बाद डंडा लेकर कृष्णवन के घर में घुस गया। घर में सो रहे कृष्णवन पर हरिमन ने हमला बोल दिया। डंडे से ताबड़तोड कई प्रहार कर दिए, जिससे उसका भाई मरणासन्न हालत में पहुंच गया। पिता को पिटता देख पुत्री भागवती बचाने को दौड़ी तो हरिवन ने उस पर भी डंडे से प्रहार कर गंभीर चोटिल दिया। हमले में भागवती का कान कट गया। इसके बाद वह फरार हो गया।
कृष्णवन की पत्नी मायके में
कृष्णवन की पत्नी गौरी मायके गई हुई थी। बेटा योगेंद्र, छुटकन व पुत्री कमला भी घर पर नहीं थे। घर पर कृष्णवन व उसकी बेटी भागवती ही थे। हत्या की सूचना पाकर पत्‍‌नी गौरी की तबीयत बिगड़ गई है।
वारदात के बाद आरोपी भाई फरार है। परिवार से मिली तहरीर के आधार पर एफआइआर दर्ज की गई है।
गौरव यादव, एसओ

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | जीजीआईसी में घुसकर प्रधानाचार्य को पीटा, कपड़े फाड़े, तोड़फोड़




सैदपुर/वजीरगंज। कस्बा सैदपुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पर गुरुवार दोपहर गुस्साए लोगों ने धावा बोल दिया। प्रधानाचार्य पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कॉलेज में तोड़फोड़ के बाद प्रधानाचार्य सुधीर यादव से मारपीट की। उनके कपड़े तक फाड़ दिए। यहां करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। प्रधानाचार्य ने खुद को एक कमरे में बंद करके बचाया। खबर मिलने पर पहुंची पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। प्रधानाचार्य के खिलाफ छेड़छाड़ की तहरीर दी गई, लेकिन शाम को दोनों ओर से समझौता हो गया।
सैदपुर कस्बे के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शैक्षिक सत्र इसी साल से शुरू हुआ है। यहां प्रधानाचार्य के रूप में सुधीर यादव की तैनाती हुई है। यह कॉलेज फिलहाल जीजीआईसी बदायूं से अटैच है। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे कस्बे के तमाम लोगों ने कॉलेज में अचानक धावा बोल दिया। इन लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की, फिर प्रधानाचार्य सुधीर यादव को पीटा। आरोप था कि प्रधानाचार्य ने एक छात्रा से छेड़छाड़ की है। उसी छात्रा के पिता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर भी दी गई। वहीं प्रधानाचार्य ने भी कॉलेज में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ के साथ सरकारी काम में बाधा डालने की तहरीर थाने में दी। जानकारी मिलने पर जीआईसी के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह मौके पर पहुुंचे। उन्होंने वहां का निरीक्षण कर  रिपोर्ट तैयार की है।
बाद में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। नगर पंचायत चेयरमैन इशरत अली भी थाने पहुंच गए। यहां दोनों पक्षों के बीच लिखित में समझौता हो गया। प्रधानाचार्य सुधीर यादव छेड़छाड़ संबंधी आरोप से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की साजिश रची गई थी।
प्रदर्शन कर की महिला स्टाफ की मांग
वजीरगंज। कस्बे के लोगों ने घटना के बाद प्रदर्शन किया। वह मांग कर रहे हैं कि लड़कियों के कॉलेज में महिला शिक्षकों की तैनाती की जाए। इससे पहले भी ये लोग प्रदर्शन कर चुके हैं। इस पर सुनवाई नहीं हुई है। अब लोगों ने जिलाधिकारी से महिला प्रधानाचार्य और स्टाफ की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
जगत में भी हुआ था विवाद
बदायूं। इससे पहले सुधीर यादव की तैनाती सदर तहसील के ब्लाक जगत में स्थित कन्या जूनियर हाई स्कूल में थी। यहां भी उन पर छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। तब छात्राओं ने विद्यालय जाना बंद कर दिया था। मामला गरमाने पर डीआईओएस ने कार्रवाई करते हुए उनको वहां से हटाकर राजकीय इंटर कॉलेज बदायूं से अटैच कर दिया था।
दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाला अभिभावक बाद में अपनी बात से मुकर गया है।
नरेश कश्यप, एसओ वजीरगंज

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | लक्ष्य से कम राजस्व वसूली हुई तो होगी कार्रवाई






बदायूँ | डीएम ने निर्धारित लक्ष्य से कम वसूली करने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी है कि भविष्य में लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर परिवहन विभाग के पिछले माह में लक्ष्य के सापेक्ष 129 प्रतिशत और खनन अंतर्गत 122 प्रतिशत वसूली करने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शाबासी दी।
कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में गुरुवार को डीएम पवन कुमार ने एडीएम वित्त हवलदार यादव, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव सहित सभी एसडीएम और तहसीलदारों के साथ राजस्व वसूली एवं कर करेत्तर की मासिक समीक्षा की। व्यापार कर विभाग द्वारा 70 प्रतिशत, वन विभाग 21 प्रतिशत, स्टांप 95, मनोरंजन 93, आबकारी 90 तथा विद्युत विभाग द्वारा 94 प्रतिशत ही वसूली की गई है। जिले ने प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से संबंधित तहसील दातागंज में चार तथा सहसवान में एक प्रकरण एक वर्ष से लंबित पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को हिदायत दी है कि इन मामलों को तीन दिन के अंदर निस्तारण अवश्य कर दिया जाए। समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि तहसील दातागंज में 24, सदर एवं सहसवान में 35-35 तथा बिसौली में एक, कुल 95 तहसील दिवस में मिलीं शिकायतों का निश्चित समय सीमा के बाद भी अब तक निस्तारण नहीं किया गया है, इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। एसडीएम से कहा कि तहसील दिवसों में प्राप्त शिकायतों को प्रत्येक दशा में निर्धारित अवधि में गुणवत्ता परक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के माध्यम से आनलाइन प्राप्त होने वाली शिकायतों की भी जिलाधिकारी ने समीक्षा की। वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय से भेजी गई तहसील दिवसों से प्राप्त एवं मंडलायुक्त के स्तर से प्राप्त होने वाली कुल 106 शिकायतें, 32 अधिकारियों के स्तर पर लंबित पाए जाने पर असंतोष प्रकट करते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं। डीएम ने आम आदमी बीमा योजना की भी गहन समीक्षा की तो एडीएम प्रशासन  ने डीएम को अवगत कराया कि आम आदमी भूमिहीन बीमा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 18 से 59 वर्ष के भूमिहीन परिवारों के लिए लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्राकृतिक मृत्यु की दशा में 30 हजार, आंशिक अपंगता की स्थिति में 37 हजार 500 रुपये तथा दुर्घटनावश मृत्यु होने पर 75 हजार रुपयों की आर्थिक सहायता उपलब्ध  कराई जाती है।
अभियान चलाकर लिए जाएं खाद्य पदार्थों के नमूने
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों सहित सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य तेलों, मसालों, दूध पनीर, घी, मिठाई आदि के नमूने अभियान चलाकर लिए जाएं। जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि उनके नगर क्षेत्र में प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।
अनाज वितरण न करने वाले कोटेदार जाएंगे जेल
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान समस्त उप जिलाधिकारियों, जिला पूर्ति अधिकारी तथा पूर्ति निरीक्षकों को हिदायत दी है कि निश्चित अवधि में निर्धारित मानक के अनुसार अनाज वितरण न करने वाले कोटेदारों के साथ कोई रियायत न बरती जाए। उन्होंने कहा कि आए दिन इस संबंध में उन्हें तमाम शिकायतें मिल रही हैं। बिसौली में आयोजित तहसील दिवस में भी कोटेदारों द्वारा मनमानी करने की कई शिकायतें प्राप्त हुईं थीं।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | श्रीराम बारात में नगरवासी बने बाराती, जमकर झूमे






बदायूँ, | मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की बारात में सारा शहर बाराती बना और शहर के विभिन्न मार्गों से शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। इसमें शामिल तमाम सुंदर झांकियों और बैंड की धुनों पर मस्त होकर तमाम श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। जनक जी के दरवाजे पर बारात पहुंचने पर बारात की अगवानी करने वालों की खुशी का ठिकाना न रहा। श्रीराम चरितमानस के बालकांड के दोहा अगवानन्ह जब दीख बराता, उर आनंद पुलक भरि गाता... का स्मरण करा गया।
श्री रामलीला महोत्सव कमेटी की ओर से शहर में श्रीराम विवाह शोभायात्रा बिरुआबाड़ी मंदिर से शुरू होकर पथिक चौक, काली सड़क, मढ़ई चौक, हलवाई चौक, बड़ा बाजार, खैराती चौक, नेहरू चौक, गोपी चौक, लोटनपुरा, जोगीपुरा, लॉवेला चौक होते हुए गांधी ग्राउंड में पहुंची, जहां पर श्रीराम का माता जानकी के साथ विवाह हुआ। इसके साथ ही शोभायात्रा का समापन हो गया। इस दौरान रास्ते में तमाम स्थानों पर रोककर बारातियों का जलपान कराया गया। साथ ही श्रीराम के स्वरूपों की आरती उतारकर एवं चरण वंदना करने वालों का तांता लगा रहा। श्रीराम बारात के दौरान शहर का माहौल भक्ति मय हो गया। चहृुंओर श्रीराम बारात का आकर्षण नजर आया।
इन लोगों ने की व्यवस्थाएं
श्री रामलीला कमेटी के सदस्यों ने मेला और रामबारात के दौरान व्यवस्थाएं की। इसमें अध्यक्ष अजीत गुप्ता, मंत्री अरविंद कांत, रविनंदन गुप्ता, प्रेमशंकर अग्रवाल, मयूर वैश्य, सार्थक गुप्ता, गर्वित वैश्य, मुनीश अग्रवाल, राजी गुप्ता, शलभ वैश्य, दिलीप अग्रवाल, वीरेंद्र वैश्य, पंकज, पल्लव, सूर्यप्रकाश, रवि वैश्य, अमर वैश्य, नृसिंह प्रसाद, सोना गुप्ता, अखिलेश, शरद बंसल आदि मौजूद रहे।
बाराती और घराती के बारे में हुई खूब चर्चा
बदायूं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की बारात की चर्चा सुबह से लेकर शाम तक होती रही। इसमें अधिकांश लोग एकदूसरे से यह पूछते थे कि श्रीराम जी बारात में बाराती बनकर जा रहे हो या घराती बनकर। कुछ बाराती तो घराती बने। वहीं एक बड़े समूह ने दोनों ही पक्षों की ओर से बारात में शामिल होने की बात कही।
भारतमाता की सुरक्षा को लगाई तोप!
बदायूं। पाकिस्तान के खिलाफ हुई सर्जिकल स्ट्राइक का राम बारात में भी नजर आया। श्रीराम बारात में शामिल भारत माता की झांकी के सामने सुरक्षा के लिहाज से तोप लगाई गई, जो यह दर्शा रही थी कि भारत माता की ओर आंख उठाने वालों की खैर नहीं है।
यह झाकियां रहीं आकर्षण का केंद्र
बदायूं। श्रीराम बारात शोभायात्रा में भगवान राम के स्वरूप को देखकर लोग मंत्रमुग्ध रह गए। इसके साथ ही बारात में नासिक का ढोल, अमृतसर का भांगड़ा, दिल्ली से जोगा एवं जोगिन, कोट से गढ़वाल का लोक नृत्य, इटावा के घोड़े, नोएडा का बैंड, आगरा, हाथरस एवं एटा की झांकियां, वृंदावन इस्कान मंदिर से विदेशी भक्तगणों की झांकियां, पीलीभीत से आए टैंक से पुष्प वर्षा, लुधियाना का बैगपाइपर बैंड, आसाम का लोकनृत्य और गुजरात का डांडिया आकर्षण का केंद्र रहे। रामबारात की अधिकांश भीड़ इन्हें के इर्द-गिर्द नजर आई। 

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | वजीरगंज.परिवार को बंधक बनाकर चार लाख की लूट





वजीरगंज। कस्बे की देवनगर कॉलोनी में बुधवार रात आधा दर्जन सशस्त्र बदमाशों ने एक निजी चिकित्सक के घर पर धावा बोलकर 1.31 लाख की नगदी समेद चार लाख की लूट की। भागते समय बदमाशों ने पूरे परिवार को कमरे में बंद कर दिया। विरोध करने पर चिकित्सक और उसकी पत्नी को पीटा भी। खबर मिलने पर गुरुवार सुबह पुलिस ने मौका मुआयना किया।

कस्बे की देवनगर कॉलोनी निवासी चिकित्सक डॉ. डीएस चौधरी कस्बे में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। बुधवार रात वह क्लीनिक बंद करके घर आए। गाड़ी गैराज में खड़ी करने के बाद अंदर चले गए। रात में करीब एक बजे आधा दर्जन सशस्त्र बदमाश उनके घर में घुस आए। घर में घुसते ही बदमाशों ने डॉ. चौधरी और उनकी पत्नी उमा चौधरी को हथियारों के बल पर कब्जे में ले लिया। इसके बाद पूरा घर आराम से खंगाला। विरोध करने पर डॉ. चौधरी और उनकी पत्नी को पीटा। बदमाशों ने यहां करीब एक घंटे तक लूटपाट की।
डॉ. चौधरी के मुताबिक बदमाश घर से 1.31 लाख रुपये नगदी, सोने की चार चेन, एक जोड़ी कुंडल, एक जोड़ी झुमकी, पांच सोने की अंगूठी और टॉप्स लूट कर ले गए। कुछ जरूरी कागजात भी ले गए। भागते वक्त उन्हें कमरे में बंद कर दिया था।
लूट रात में पुलिस को खबर दी दोपहर में
डॉ. डीएस चौधरी के मुताबिक उनके घर में रात करीब एक बजे बदमाश घुसे थे। बदमाश पहले गैराज में पहुंचे। गैराज में एक पुराना दरवाजा है, जो घर में खुलता है। इसी दरवाजे का कुंडा बदमाशों ने तोड़ा। करीब एक घंटे तक लूटपाट के बाद बदमाश भाग गए। हालांकि, डॉ. चौधरी ने लूटपाट की खबर पुलिस को गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे दी। उनका कहना है कि मुआयना करने आए सिपाहियों को रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दे है। लेकिन एसओ नरेशपाल कश्यप इससे इंकार कर रहे हैं। 

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | मिनी मार्ट में बिकते मिले एक्सपायर मसाले






बरेली: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के छापा मारने पर एकतानगर के बरेली मिनी मार्ट में एक्सपायर मसाले की बिक्री होते मिली। कार्रवाई के नाम पर 26 किलो मसाले नष्ट करा दिए गए। मार्ट स्वामी को नोटिस भी जारी किया जाएगा। नष्ट कराए मसाले की कीमत 8100 रुपये आंकी गई।
टीम ने अभिहित अधिकारी ममता कुमारी की अगुवाई में सिविल लाइंस के दो प्रमुख स्टोरों से नमूने भी भरे गए। ईजी डे में चने की दाल और मिक्सचर को संदिग्ध पाकर दोनों का नमूना भर लिया गया। इसी तरह बाद में भाटिया डेली नीड्स से कुंट्टू के आटा का नमूना लिया गया। तीनों नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेंद्र सिंह, महेंद्र नाथ सिंह यादव, अमिला जिज्ञासू और मोनिका गुप्ता शामिल रहीं। डीओ ने बताया कि एक्सपायर मसाले बेचने वाले स्टोर का मौके पर लाइसेंस नहीं पाया गया। उसके स्वामी को नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। त्योहार में मिलावट के मद्देनजर छापे की कार्रवाई जारी रखी जाएगी। उसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए टीम पहले ही गठित कर दी गई हैं।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | दुर्गा पूजा के पंडाल में पीएम नरेंद्र मोदी की मूर्ति





लखनऊ । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात हो चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब दुर्गा पूजा के पंडालों में भी मूर्ति के रूप में विराजमान हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा में एक दुर्गा पूजा के पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मूर्ति लगाई गई है।
देश तथा प्रदेश के विभिन्न शहर तथा गांवों में नवरात्रि के महीने में दुर्गा पूजा के पंडालों में मां दुर्गा के साथ ही अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा के लगाई जाती है। इन पंडालों को सुंदर बनाने के लिए मां दुर्गा के विभिन्न रूपों को प्रतिमाओं तथा झांकियों के माध्यम से सजाया जाता है।
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बीहड़ के लिए विख्यात बांदा जिले में एक दुर्गा पूजा का पंडाल बेहद जुदा है। पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी मूर्ति लगाई गई है। इस मूर्ति के कारण शहर में यह पंडाल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां पर लोग रोज बड़ी संख्या में पीएम मोदी और मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ सेल्फी भी ले रहे हैं।
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पीएम नरेंद्र मोदी की मूर्ति को बेहद आकर्षक बनाया गया है। इस मूर्ति में प्रधानमंत्री अपने चिर-परिचित पोशाक में नजर आ रहे हैं। कुर्ता व पायजामा के साथ सदरी तथा सिर पर पगड़ी पहने हुए हैं। पीएम मोदी की मूर्ति की वजह से यह पंडाल लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बांदा शहर के कोतवाली के नजदीक बने देवी पंडाल को देखने के लिए दूर-दूर से रोजाना लोग पहुंचते हैं।
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यहां के दुर्गा समिति के लोगों का कहना है कि अभी हाल ही में भारत ने जिस तरह से सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को करार जबाब दिया है, ऐसा काम आज तक देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। इसी वजह से अब प्रधानमंत्री मोदी उनके आदर्श बन गए हैं। दुर्गा पूजा समिति के लोगों का कहना है कि उन्होंने पंडाल में मोदी की मूर्ति लगाकर उन्हें सम्मान देने की छोटी की कोशिश भर की है। पंडाल में लोग रोज बड़ी संख्या में जुट रहे हैं और मोदी की मूर्ति के साथ सेल्फी ले रहे हैं।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | झोलाछाप डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाने से महिला की मौत






बिसौली  | बिसौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बुधवार की रात को झोलाछाप डॉक्टर ने एक बीमार महिला को गलत इंजेक्शन लगा दिया। थोड़ी ही देर में महिला की हाल बिगड़ने लगी तो परिवार वाले घबरा गए। परिवार वाले जब विवाहिता को बिसौली ला रहे थे, तभी रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वापस लौटकर मृतका के परिवार वालों ने झोलाछाप डाक्टर को बंधक बनाए लिया और उससे एक लाख रूपये की मांग करने लगे। देरशाम विवाहिता का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस मामले में परिवार वालों ने थाने में तहरीर भी नहीं दी है। समाचार लिखे जाने तक डॉक्टर गांव के लोगों के ही चंगुल में था।

परचूनी दुकान का ताला तोड़कर चोरी


बिसौली: कोतवाली के गांव मिठामई निवासी मुखिया ने एक व्यक्ति से ब्याज पर बीस हजार रूपया उधार लेकर गांव में परिवार का पालन पोषण करने के लिए परचूनी की दुकान रख ली। जो बिसौली से दुकान का परचून का सामान ले गया। दुकान में पूरा सामान लगाकर वह घर चला गया। गुरूवार की सुबह जब वह दुकान पर आया तो उसका ताला टूटा हुआ था। यह देखकर उसके होश उड़ गए। जैसे-तैसे उसने दुकान का दरवाजा खोला तो देखा कि दुकान का सारा सामान गायब था। जिसकी पीड़ित मुखिया ने थाने में चोरी की तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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