: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 10/16/16

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | INDVsNZ: जीत से वनडे सीरीज का आगाज, धर्मशाला में टीम इंडिया की दिवाली, कोहली ने बनाए 85 रन







क्रिकेट |  अपना 900वां अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में टीम इंडिया को शानदार जीत मिली है. भारतीय टीम ने रविवार को धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) स्टेडियम में खेले गए 5 मैचों की श्रृंखला के पहले एकदिवसीय मैच में न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हरा दिया. विराट कोहली ने 85 रनों की पारी खेली. हार्दिक पांड्या को मैन ऑफ द मैच मिला. न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को जीत के लिए 191 रनों का लक्ष्य दिया था. इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है.
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इससे पहले भारतीय गेंदबाजों से न्यूजीलैंड की टीम को 190 रनों पर धराशायी कर दिया. न्यूजीलैंड के लिए सलामी बल्लेबाज टॉम लाथम ने नाबाद 79 रनों की पारी खेली, जबकि लंबे समय के बाद वापसी करते हुए टिम साउदी (55) ने भी अहम योगदान दिया.

भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और भारतीय गेंदबाजों ने उनके फैसले को सही ठहराते हुए न्यूजीलैंड को शुरू से ही बैकफुट पर धकेल दिया. न्यूजीलैंड के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके. भारत के लिए पदार्पण मैच खेल रहे हार्दिक पांड्या और अमित मिश्रा ने तीन-तीन जबकि उमेश यादव और केदार जाधव ने दो-दो विकेट हासिल किए.

पांड्या का शानदार डेब्यू 
भारत के इस 900वें वनडे इंटरनेशनल मैच में हार्दिक पांड्या ने डेब्यू किया है. पांड्या का इंटरनेशनल वनडे डेब्यू बेहद शानदार रहा. उन्होंने पहले ही ओवर में मार्टिल गुप्टिल का विकेट लेकर भारत को पहली सफलता दिलाई. पांचवें ओवर में उमेश यादव ने न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी उम्मीद कप्तान केन विलियम्सन का पवेलियन भेजा. अपने अगले ही ओवर में उमेश यादव ने रॉस टेलर को धोनी के हाथों कैच कराया. यादव ने टेलर को खाता भी नहीं खोलने दिया. 11वें ओवर में पांड्या की गेंद पर उमेश यादव ने कोरी एंडरसन का शानदार कैप लपका. अगले ओवर में पांड्या ने ल्यूक रोंची को खाता खोले बिना पवेलियन भेजा.


केदार जाधव ने लगातार दो गेंदों पर लिए विकेट
पांड्या और यादव के बाद अपना सिर्फ सातवां वनडे खेल रहे केदार जाधव ने मोर्चा संभाला और 18वें ओवर में लगातार दो गेदों पर न्यूजीलैंड को दो झटके दिए. जाधव ने नीशाम के तौर पर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट लिया और अगली ही गेंद पर सैंटनर को खाता खोले बिना पवेलियन का रास्ता दिखाया. 7 विकेट गिरने के बाद लाथम और ब्रेसवेल ने अपनी टीम को 100 के पार पहुंचाया, लेकिन अमित मिश्रा ने 32वें ओवर में ब्रेसवेल का विकेट लेकर मेहमान टीम को आठवां झटका दिया.


टीमें: 
भारत: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, मनीष पांडेय, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, उमेश यादव, अमित मिश्रा, अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह.

न्यूजीलैंड: केन विलियम्सन (कप्तान), मार्टिल गुप्टिल, टॉम लाथम, रॉस टेलर, कोरी एंडरसन, जिमी नीशम, टिम साउदी, मिशेल सैंटनर, डग ब्रेसवेल, ल्यूक रोंची और ईश सोढ़ी.

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बहन के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ होमगार्ड






बदायूँ  | सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने और 12 महीनों की ड्यूटी दिए जाने की मांग को लेकर चल रहा होमगार्डों का धरना-प्रदर्शन शनिवार को मालवीय आवास में जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे होमगार्ड महेंद्र पाल सिंह की तबियत शनिवार को भी बिगड़ गई। इससे वह अपनी बहन के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। इससे होमगार्डों में रोष बढ़ गया।
इसके साथ ही जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह और होमगार्ड्स मोहकम सिंह आमरण अनशन पर बैठे रहे। जिला उपाध्यक्ष सोमेंद्र सिंह ने कहा कि वे लोग चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार करने के ऐलान पर अडिग रहे। इस मौके पर अशफाक, सुरेश चंद्र, रविकुमार, राजेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, प्रेमपाल शर्मा, रामबहादुर, मौकम सिंह, राकेश कुमार, सुरेश पाल, रामवीर, जयपाल सिंह, सूरज पाल सिंह, कृष्णपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूँ,अस्पताल में जहरखुरानी की शिकार हुईं न्यायालय कर्मी






बदायूँ  | जिला अस्पताल में इलाज कराने आईं महिला जजी कर्मचारी जहरखुरानी गिरोह के निशाने पर आ गईं। गिरोह के सदस्य ने रिश्तेदार बनकर हमदर्दी दिखाई और नशीला पदार्थ खिलाकर फरार हो गया। अस्पताल कर्मियों की नजर उनपर पड़ी तो उन्हें भर्ती कराया गया। इधर, उनकी तलाश में निकले परिजन काफी परेशान होने के बाद अस्पताल पहुंचे तो मामले की जानकारी हुई।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मुहल्ला नेकपुर गली नंबर एक की रहने वाली न्यायालय कर्मी सुधा शर्मा शुक्रवार को पैर में चोट लगने पर जिला अस्पताल गई थीं। उन्होंने आर्थो सर्जन को दिखाया तो डॉक्टर ने एक्सरे की पर्ची और कुछ दवाएं लिख दीं। वह डॉक्टर के चेंबर से बाहर निकलीं तो एक युवक उनके पास आया और पैर छूने के बाद उन्हें आंटी कहने लगा। हमदर्दी दिखाते हुए युवक ने कहा कि वह अस्पताल में ही कर्मचारी है। उसे जानकारी होती तो घर पर ही डॉक्टर भेज देता। सुधा शर्मा उसकी बातों में आ गईं और दवाओं का पर्चा उसे दे दिया। वह दवाई के अलावा पिसा हुआ पदार्थ भी लेकर आया और दवाई आकर दे दी। इसके बाद उसने कहा कि एक्सरे कराने से पहले जेवरात उतारने पड़ेंगे। उन्होंने जेवरात उतारकर अपने पर्स में रखे तो पानी लेकर आए उस युवक ने पिसा हुआ पदार्थ उन्हें दवाई बताकर खिला दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गईं। उनके बेहोश होने के बाद युवक जेवरात रखा पर्स लेकर फरार हो गया। देर शाम तक घटना की तहरीर नहीं दी गई थी।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | जिला अस्पताल से दवाएं हो रहीं ब्लैक, दो पर मुकदमा





बदायूँ  |  एक बार फिर जिला अस्पताल से सरकारी दवाएं ब्लैक करने का भंडाफोड़ हुआ है। लंबे समय से सरकारी दवाओं की सप्लाई जिले भर में झोलाछाप को करके मुनाफा कमाया जा रहा था। भारी तादाद में सरकारी दवाएं पकड़े जाने के बाद दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने दो सदस्यों की जांच कमेटी बना दी है। जांच रिपोर्ट आने बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अलापुर थाने की ककराला चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने शुक्रवार रात उपरैला गांव के पास से शक होने पर कादरचौक थाने के गांव जरासी निवासी सुनील सक्सेना को हिरासत में लिया था। उसकी तलाशी ली गई तो दो बैग में भरी हुई हजारों रुपये की दवाएं बरामद हुईं। शनिवार को पूरे मामले में पड़ताल की गई तो पता लगा कि यह दवाएं जिला अस्पताल की हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों के हक पर डाका डालकर अस्पताल के कर्मचारी इन दवाओं को अपने एजेंटों के जरिए गांव-देहात झोलाछाप को सप्लाई करा रहे थे।
शनिवार को पुलिस ने सुनील सक्सेना और जिला अस्पताल के बाबू नाम के कर्मचारी के खिलाफ अलापुर पुलिस ने दवाओं की चोरी और ब्लैक की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। सुनील सक्सेना ने पूछताछ में बताया कि अस्पताल के कर्मचारी बाबू से ही वह दवाइयां खरीदता था। बाद में यह दवाइयां झोलाछाप को बेचता था। कई साल से वह यह काम कर रहा था।

अस्पताल में कर्मचारी बन काम कर रहे कई बाहरी
बदायूं। जिला अस्पताल में कई बाहरी लोग कर्मचारी बन कर काम कर रहे हैं। यह न तो ठेका के कर्मचारी हैं और न संविदा या नियमित। इसके बावजूद जिला अस्पताल प्रशासन इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा। इमरजेंसी में कई ऐसे फार्मासिस्ट हैं जिनकी इंटर्नशिप कई साल पहले खत्म हो चुकी है। इसके बाद भी वह यहां काम कर रहे हैं। यह लोग मरीजों से वसूली करने के साथ दवाओं को भी ठिकाने लगा रहे हैं।

इस तरह होता है दवाइयों का खेल
बदायूं। जिला अस्पताल में एक मुख्य स्टोर होने के साथ ओपीडी में दो दवा स्टोर है। मुख्य स्टोर से इन दोनों स्टोर को जो दवाइयां सप्लाई की जाती हैं उनका तीनों जगह रिकार्ड रहता है। वहीं मुख्य स्टोर से जिला अस्पताल के वार्डों और इमरजेंसी में सप्लाई होने वाली दवाइयों का कोई हिसाब नहीं रहता। इन्हीं दवाइयों को चोरी छिपे अस्पताल में काम कर रहे बाहरी लोग सप्लाई कर देते हैं। इन दवाओं को अस्पताल से बाहर झोलाछाप को बेच दिया जाता है।

एसीएमओ और ड्रग इंस्पेक्टर करेंगे जांच
बदायूं। सीएमओ डॉ. सुनील सक्सेना ने बताया कि सरकारी दवाइयों की ब्लैक में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। एसीएमओ नरेंद्र कुमार और औषधि निरीक्षक पवन कुमार को पूरे मामले में जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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