: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 10/21/16

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | वरुण गांधी:किसानों को कर्ज़मुक्त कराने के लिये आय बढ़ाने की ओर भी उठें ठोस कदम





उत्तर प्रदेश | मैं कभी उनसे मिला नहीं पर बीजेपी के सांसद वरुण गांधी के बारे में जो मैंने अख़बारों में पढ़ा वो मुझे आशा से भर देता है। सुल्तानपुर से सांसद, बीजेपी के इस युवा नेता ने हाशिये पर किसी तरह गुज़ारा कर रहे किसानों के उत्थान के लिए जो प्रयास शुरू किए हैं वो कौतुहल का विषय बन चुके हैं।

इकॉनोमिक्स टाइम्स अख़बार ने तो अपनी हेडलाइन में लिखा, ‘किसानों के लिए वरुण गाँधी द्वारा फंड का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश में बना मुहिम।’ वहीं न्यूज़ वेबसाइट फर्स्टपोस्ट ने लिखा, ‘किसानों की वित्तीय मदद के लिए वरुण गाँधी का प्रयास भारत को जगाने के लिए एक ज़रूरी मुहिम।’ देशभर में लोकप्रिय हो रही वरुण की मुहिम के बारे में मैंने जितना जानने की कोशिश की, एक ख़त्म होते समुदाय को बचाने के लिए वरुण के अन्य प्रयासों की भी जानकारी मिली, जो वो लगातार करते रहे हैं। ये समुदाय है देश के 60 करोड़ किसान, जिन्हें एक के बाद एक आई सरकारों ने जानबूझ कर गरीब बनाए रखा। ये समुदाय भी आर्थिक सुधारों की तपिश शांत रहकर झेलता रहा।

ऐसे समय में जब किसानों को हाशिये पर धकेल दिया गया है, एक युवा सांसद को उनकी मदद में आगे आते देखकर सुखद अनुभव होता है। मुझे बताया गया कि ये सब 2014 के आम चुनाव से कुछ महीने पहले शुरू हुआ था। वरुण गाँधी ने कर्ज़ की मार झेल रहे किसानों की वित्तीय मदद शुरू की थी। सांसद ने ऐसे परिवारों को चिन्हित किया जिनके कमाने वाले लोग पहले ही आत्महत्या कर चुके थे। उन परिवारों को भी चिन्हित किया गया जहां भुखमरी की स्थिति हो। शुरुआत में, वरुण ने हर परिवार को 50,000 रुपए की वित्तीय मदद दी, जिसमें 1.4 करोड़ रुपए का खर्च आया। ये खर्च वरुण ने अपने संसाधनों से किया।

आमतौर पर चुनावों से पहले शुरू हुए ऐसे मुहिम चुनाव के साथ ही खत्म हो जाते हैं लेकिन वरुण गाँधी के मामले में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने किसानों की मदद करना जारी रखा और इसके लिए उन्होंने वित्तीय रूप से समृद्ध लोगों मसलन डॉक्टरों, वकीलों और व्यापारियों से किसानों के लिए चंदा देने का आग्रह किया। इन सभी लोगों ने मिलकर 16.2 करोड़ रुपए जमा किए, जिससे 3,500 किसान परिवारों को कर्ज़ के जाल से बाहर निकाला गया। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार जो प्रयास किसानों को आम वित्तीय सहायता देने से शुरू हुआ था वो आज उत्तर प्रदेश के 20 ज़िलों में फैली एक मुहिम बन चुका है।
पिछले हफ्ते वरुण ने झोपड़ी में रह रहे गरीब किसानों को बाथरूम अटैच्ड एक कमरे वाले 100 मकान दान दिए हैं। इसमें एक मकान का खर्च था लगभग 1.5 लाख रुपए और वरुण की योजना आने वाले समय में ऐसे 2,000 मकान राज्य भर में बांटने की है।

किसी भी पैमाने पर नापिए ये योगदान प्रशंसनीय है। मेरा मानना है कि वरुण गाँधी बिल्कुल वही मिसाल पेश करके दिखा रहे हैं जिसका ज़िक्र एक बार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी ने किया था और वो है ‘इच्छाशक्ति की ताकत।’

‘अभी ये सीमित संसाधनों के साथ किया जा रहा सीमित प्रयास है, लेकिन आने वाले समय में मेरा लक्ष्य इसे जनमुहिम में बदलने का है। जनता से आने वाले पैसों से गरीबी झेल रहे 10,000 किसान परिवारों की मदद करने का लक्ष्य है,’ वरुण ने एक समाचार पत्र को दिए गए साक्षात्कार में यह बात कही। वरुण ने एक अलग इंटरव्यू में एक पत्रकार को ये भी समझाया था कि इन किसानों का सही चुनाव कितना ज़रूरी है। साथ ही मदद के लिए लोगों को तैयार करने में उन्हें ये समझाना कितना मुश्किल है कि अगर मदद न हुई तो ये किसान परिवार तबाह हो जाएंगे। ‘लगातार तीन फसलों तक अगर मौसम खराब होने से फसल बर्बाद हुई तो आत्महत्या के आंकड़े 50 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। जिन किसानों का चुनाव होता है वो बर्बादी की कगार पर होते हैं,’ वरुण ने साक्षात्कार में कहा।

इस प्रयास के लिए वरुण गाँधी को साधुवाद। इस मामले में उनका दृढ़ संकल्प किसी भी अन्य चीज़ से ज्यादा प्रभावी रहा। कामना है कि वरुण के इस प्रयास को और बल मिले।

किसानों की मदद करने का वरुण गाँधी का प्रयास बिल्कुल वैसा ही है जैसा दो बॉलीवुड सितारों का है। अक्षय कुमार और नाना पाटेकर भी धन जुटाकर किसानों परिवारों को कर्ज़ से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उनकी मुहिम का समर्थन करने के साथ ही ये भी मानता हूं कि उन्होंने अपनी आरामदायक ज़िंदगियों से बाहर निकलकर न सिर्फ किसानों की मदद की बल्कि देश का ध्यान भी किसानों पर घिरे संकट और बढ़ती आत्महत्याओं की ओर खींचा।

मैं इस बारे में सोच रहा था कि अगर ये तीनों किसान हितैशी लोग - वरुण गाँधी, अक्षय कुमार और नाना पाटेकर एक मंच पर आ जाएं तो ये तीनों मिलकर उस संकट को देश के सामने ला पाएंगे जो हमारा किसान हमारी मेजों पर सस्ता खाना उपलब्ध कराने के लिए बिना कुछ बोले झेल रहा है।
किसानों को कर्ज़ से बाहर निकाल पाना बहुत मुश्किल काम है। इस बारे में कोई 

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | साइबर हमला: ख़तरे में 32 लाख एटीएम पिन, चीन और अमेरिका से निकाले जा रहे पैसे






राष्ट्रीय । देश के करीब 32 लाख एटीएम के पिन चोरी होने की आशंका है। जिन बैंकों के उपभोक्ताओं के डेटा चोरी हुए हैं उनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, येस बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं। माना जा रहा है कि ये साइबर अटैक हमला चीन के हैकरों ने किया है।

अब तक 19 बैंकों ने धोखाधड़ी से पैसे निकालने की सूचना दी है। कुछ बैंकों को यह भी शिकायत मिली है कि कुछ एटीएम कार्ड का चीन व अमेरिका सहित अनेक विदेशों में धोखे से इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि ग्राहक भारत में ही हैं।

कार्ड नेटवर्क कंपनियों नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई), मास्टरकार्ड और वीजा ने भारत के तमाम बैंकों को इसकी सूचना दी है कि कुछ कार्ड्स की जानकारी चोरी हुई हैं। आरबीआई इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। आरबीआई ने वीजा और मास्टरकार्ड को निर्देश दिए हैं कि वे कस्टमर्स को हुए घाटे की भरपाई करे।

बैंक तुरंत इस फ्रॉड के बारे में हमें सूचित करें। इस जानकारी को बिना पहचान उजागर किए अन्य बैंकों के साथ भी साझा किया जाएगा।
आरबीआई
इस मामले से पहले भी यूपी में एटीएम फ्रॉड के कई मामले लगभग रोज सामने आते रहते हैं। उन्नाव के मोतीनगर मोहल्ले में रहने वालीं नीलिमा के बैंक खाते से अचानक तीस हजार रुपए निकल गए तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। नीलिमा ने बताया, "एक दिन पहले मेरे पास फोन आया और मुझसे बैंककर्मी बनकर एक व्यक्ति ने बात की और एटीएम कार्ड नंबर और पिन पूछ लिया। इसके बाद मेरे अकाउंट से अगले दिन तीस हजार रुपए निकल गए।" उन्होंने बताया कि मैंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन अभी तक पैसा वापस नहीं आया।

एटीएम पिन चोरी का कारण मालवेयर वाले एटीएम मशीन हैं। जानकारों का कहना है कि इस तरह की सेंधमारी का ये पहला मामला नहीं है लेकिन इतने बड़े स्तर पर ऐसी धोखाधड़ी होने का ये पहला मामला है। चोरी हुए डाटा में से करीब 26 लाख वीजा और मास्टर कार्ड हैं जबकि बाकी रूपे के कार्ड हैं। इनमें से कुछ कार्ड्स का चीन की कुछ जगहों पर अनाधिकारिक तौर पर इस्तेमाल हुआ है।

जहां आउटसोर्स भागीदार शामिल हैं वहां और अधिक सतर्कता की जरूरत है। यह सुनिश्चित करना होगा कि वे आपूर्ति व प्रणाली को जोखिम में नहीं डालें।
राणा कपूर, प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी, यस बैंक
कहा जा रहा है कि हिटाची पेमेंट सर्विस सिस्टम से जुड़े एटीएम का इस्तेमाल करने वाले लोगों के पिन चोरी हुए हैं। हिटाची के मुताबिक यस बैंक के लिए एटीएम नेटवर्क चलाती है। हालांकि ज्यादातर बैंक ने अभी इस तरह की किसी सेंधमारी की ऑफिशियल घोषणा नहीं की है। हालांकि यस बैंक का एटीएम नेटवर्क बहुत छोटा है लेकिन इन मशीनों से थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन के कारण कई बैंक प्रभावित हुए हैं।

यस बैंक ने एक बयान जारी कर कहा है कि बैंक ने अपने सभी एटीएम की जांच की है जिसमें सुरक्षा में सेंध का कोई मामला सामने नहीं आया है। बैंक ग्राहकों, अन्य बैंकों और एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) के साथ अपनी सेवाएं जारी रखे हुए है और सुनिश्चित करता है कि बैंक के एटीएम नेटवर्क और पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित हैं।

दूसरी तरफ रेग्युलेटरी संस्था ने बयान जारी कर कहा है कि प्रभावित सिस्टम की जांच की गई है और जिन कार्डों के डीटेल्स चोरी हुए हैं उनकी पहचान की जा चुकी है। साथ ही बैंक अपने स्तर पर सुरक्षा के लिए कदम उठा रहा है।

इन बैंकों ने वापस मंगाए कार्ड
एसबीआई जैसे कई बैंकों ने लगभग छह लाख कार्ड वापस मंगवाए हैं, वहीं बैंक आफ बडौदा, आईडीबीआई बैंक, सेंट्रल बैंक व आंध्रा बैंक ने एहतियाती कदम के रूप में डेबिट कार्ड बदले हैं। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक व यस बैंक जैसे बैंकों ने अपने ग्राहकों से एटीएम पिन बदलने को कहा है। एचडीएफसी बैंक ने भी अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे किसी भी लेनदेन के लिए केवल अपना एटीएम कार्ड इस्तेमाल करें।

मई व जून के बीच हुई है डेटा सेंध
डेटा सेंध मई व जून के बीच हुई लेकिन यह सितंबर में सामने आया। हमने अपने ग्राहकों से एटीएम पिन नंबर बदलने का आग्रह किया था लेकिन केवल सात प्रतिशत ग्राहकों ने ही अपनी पिन बदली। हमने कार्ड वापस मंगवाने का फैसला किया है क्योंकि हम अपने ग्राहकों को किसी जोखिम में नहीं डालना चाहते।

  मंजू अग्रवाल, उप प्रबंध निदेशक व मुख्य परिचालन अधिकारी, एसबीआई

हैकरों के निशाने पर बैंकिंग सेक्टर
बैकिंग सेक्टर हैकरों के निशाने पर है। इसके लिए बैंक के लोगों को ही ध्यान देना पड़ेगा। पुलिस हर मदद को तैयार है। पुलिस को साइबर सेल में अगर किसी की शिकायत आती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।

डॉ त्रिवेणी सिंह एडिशनल एसपी एटीएस, साइबर सेल, लखनऊ

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | अब हम कहां पहुंच गए पता नहीं: अखिलेश यादव





लखनऊ। समाजवादी पार्टी में ऊपर से चाहे जितना यह दिखाने की कोशिश चल रही है कि पार्टी में अब सबकुछ ठीक हो गया है, लेकिन ऐसा है नहीं। सपा संगठन से किनारे लगाए गए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को जिला अध्यक्षों से मिलते हुए अपना दर्द बयान किया।

भला ऐसे सरकार कैसे चलती है
अपने आवास कालीदास मार्ग पर सपा के जिलाध्यक्षों से मिलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक हम पहले नंबर एक पर थे, पता नहीं अब हम कहां पहुंच गए। मुलायम सिंह के साथ अपने रिश्तों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी जी जब बुलाते हैं पहुंच जाता हूं, मैं कोई संवादहीनता नहीं रखा हूं। नेताजी ने जब कहा कि मुख्य सचिव इनको बना दो तो बना दिया, कहां उसको हटा दो, हटा दिया, कहा मंत्री हटा दो तो हटा दिया, फिर कहा बना दो, भला ऐसे सरकार कैसे चलती है।

70 जिलाध्यक्ष मिलने के पहुंचे सीएम आवास
पहले सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की थी। शिवपाल ने इस बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी आमंत्रित किया था, लेकिन वे बैठक में नहीं पहुंचे थे। अब इसके बाद सीएम ने सभी जिलाअध्यक्षों को अपने 5 कालीदास स्थित आवास पर बैठक के लिए बुलाया। मुख्यमंत्री के बुलावे पर 70 जिलाध्यक्ष उनसे मिलने के लिए पहुंचे। इस दौरान कई विधायकों के अलावा मंत्री राजा भैया भी अखिलेश से मिलने उनके 5 कालीदास मार्ग आवास पर पहुंचे। सीएम अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों के साथ 3 नवंबर से शुरू होने वाली समाजवादी रथ यात्रा को लेकर भी चर्चा की। माना जा रहा है कि 24 अक्टूबर को होने वाली पार्टी बैठक में कई अहम फैसले हो सकते हैं।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब, बीएसएफ की फायरिंग में 7 रेजर्स और एक आतंकी ढेर





जम्मू। सीमापर पाकिस्तानी रेंजर्स की फायरिंग का भारत ने मुंहतो़ड़ जवाब दिया है। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के सात रेंजर ढेर हो गए हैं, जबकि एक आतंकी मारा गया है। दुश्मनों से भिड़ते हुए बीएसएफ के दो जवान भी घायल हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को फिर पाकिस्तानी रेंजरों ने सीजफायर का उल्लंघन किया। फायरिंग में बीएसएफ के दो जवान घायल हो गए। जिसके बाद भारत ने मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई की। जिसमें सात रेंजर्स की मौत की खबर है।

इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तानी सैनिकों ने संघर्षविराम का उल्लंघन कर राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित सीमा चौकियों पर मोर्टार बम दागे और छोटे हथियारों से गोलीबारी की जिसका भारतीय जवानों ने जवाब दिया था।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | डेबिट कार्ड डाटा में सेंध लगने से घबराएं नहीं लोग : वित्त मंत्रालय





नई दिल्ली  । डेबिट कार्ड डाटा में सेंध लगाने के मामले में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने त्वरित कार्रवाई का वादा किया। उन्होंने आज यह भी कहा कि 32 लाख से अधिक कार्ड से जुड़े डाटा में सेंध की आशंका से घबराने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है और रिपोर्ट मिलने के बाद उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्राहकों को घबराना नहीं चाहिए क्योंकि यह हैकिंग कंप्यूटर के जरिए की गई और इसके तह तक आसानी से जाया जा सकता है, जो भी कार्रवाई की जरुरत होगी, वह त्वरित की जाएगी।
शक्तिकांत दास सचिव आर्थिक मामले (जर्मन सरकार के एक कार्यक्रम में कहा)
देश के बैंकिंग क्षेत्र को प्रभावित करने वाली डाटा सुरक्षा में अपनी तरह की सबसे बड़ी सेंधमारी की घटना से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कई बैंकों के 32 लाख से अधिक डेबिट कार्ड प्रभावित होने की आशंका है। डाटा में यह सेंध कुछ एटीएम प्रणालियों में साइबर मालवेयर हमले के रूप में हुई है।

भारतीय स्टेट बैंक सहित अनेक बैंकों ने बड़ी संख्या में डेबिट कार्ड वापस मंगवाए हैं जबकि अनेक अन्य बैंकों ने सुरक्षा सेंध से संभवत: प्रभावित एटीएम कार्डों पर रोक लगा दी है और ग्राहकों से कहा है कि वे इनके इस्तेमाल से पहले पिन अनिवार्य रूप से बदलें।

अब तक 19 बैंकों ने धोखाधड़ी से पैसे निकालने की सूचना दी है। कुछ बैंकों को यह भी शिकायत मिली है कि कुछ एटीएम कार्ड का चीन व अमेरिका सहित अनेक विदेशों में धोखे से इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि ग्राहक भारत में ही हैं।

ग्राहकों को शांत करने की कोशिश करते हुए कल कहा था, ‘‘कुल डेबिट कार्ड में से केवल 0.5 प्रतिशत की सुरक्षा में सेंधमारी हुई है जबकि बाकी 99.5 प्रतिशत पूरी तरह सुरक्षित है और बैंक ग्राहकों को चिंता नहीं करनी चाहिए।’’ इस समय देश में लगभग 60 करोड़ डेबिट कार्ड हैं जिनमें 19 करोड तो रुपे कार्ड हैं जबकि बाकी वीजा और मास्टरकार्ड हैं।
जी सी मुरुमू अतिरिक्त सचिव वित्तीय सेवा विभाग (ग्राहकों को शांत करने की कोशिश करते हुए कल कहा था)
नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने कल कार्ड नेटवर्कों ने सभी प्रभावित बैंकों को आगाह किया है कि कुल मिलाकर 32 लाख कार्ड इस सुरक्षा सेंध से प्रभावित हो सकते हैं, इनमें से छह लाख रुपे कार्ड हैं। एनपीसीआई भारत में सभी तरह की खुदरा भुगतान प्रणालियों का शीर्ष संगठन है।

एनपीसीआई ने एक बयान में कहा है कि 641 ग्राहकों ने कुल मिलाकर 1.3 करोड़ रुपए की अवैध या फर्जी तरीके से निकासी की शिकायत की है। भारत-जर्मनी संबंधों के बारे में बात करते हुए दास ने कहा कि यूरोपीय देश की विभिन्न एजेंसियों ने 1.1 अरब यूरो की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि वित पोषण अक्षय ऊर्जा, स्वच्छ उर्जा तथा निर्मल गंगा जैसे सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में किए जा रहे हैं।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | ‘इंडिया के पहले इंटरनेट गुरु’ का आज जन्मदिन है




शम्मी कपूर का ज़िक्र जब भी होता है हमारे ज़हन में या तो 'याहू...' गूंजने लगता है या फिर अशोक कुमार के साथ उनका वो विज्ञापन 'एक बात तो कहना हम भूल ही गए..' लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि शम्मी साहब एक बेहतरीन अदाकार होने के साथ-साथ एक टेक्नोलॉजी फ्रीक भी थे। साल 1988, जब देश में शायद ही किसी के पास कंप्यूटर रहा हो, तब भी वो पर्सनल कंप्यूटर इस्तेमाल करते थे। शायद इसीलिए शम्मी साहब को फ़िल्म जगत का सबसे पारंगत कम्प्यूटर यूजर माना जाता था।

इस बारे में उनके दामाद केतन देसाई ने एक इंटरव्यू में बताया कि शम्मी साहब जब पहली बार कम्प्यूटर और प्रिंटर घर लाए थे तो दिनभर उस पर अपने प्रयोग करते रहते थे। एक बार वो (केतन देसाई) अनिल अंबानी के साथ शम्मी साहब घर गए तो सारा ताम-झाम देख कुछ समझ ना पाये। अनिल अंबानी ने पूछा, "क्या शम्मी अंकल ने घर पर ही डेस्क-टाप पब्लिशिंग शुरू कर दी है"?
ज़ाहिर है, ये वो दौर था जब पर्सनल कम्प्यूटर नाम की किसी चीज से लोग अनजान थे। शम्मीजी भारत में कम्प्यूटर और इंटरनेट के घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने वाले पहले शख्स थे, इसीलिए उन्हें भारत का पहला इंटरनेट गुरू या साइबरमैन कहा जाता है। उनका असली नाम ‘शमशेर राज कपूर’ था और आज उनका जन्मदिन है।
शम्मी कपूर
शम्मी कपूर की पैदाइश 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में हुई थी। वह महान कलाकार पृथ्वीराज कपूर और रामसरनी रमा मेहरा के दूसरे बेटे थे। शम्मी कपूर के परिवार में पत्‍‌नी नीला देवी, बेटा आदित्य राज और बेटी कंचन देसाई हैं। इससे पहले की उनकी ज़िंदगी और करियर के सफर के बारे में जाने, एक नज़र उस विज्ञापन पर जिसे देखते हुए हमारी पीढ़ी बड़ी हुई और शायद यही वो दौर था जब हमने पहली बार शम्मी साहब को टीवी स्क्रीन पर देखा।

अभिनय पारी
शम्मी कपूर ने साल 1953 में फिल्म 'ज्योति जीवन' से अपनी अभिनय पारी की शुरुआत की। साल 1957 में नासिर हुसैन की फिल्म 'तुमसा नहीं देखा' में जहां अभिनेत्री अमिता के साथ काम किया, वहीं साल 1959 में आई फिल्म 'दिल दे के देखो' में आशा पारेख के साथ नजर आए। 1961 में आई फिल्म जंगली ने शम्मी कपूर को शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया। साल 1960 के दशक तक शम्मी कपूर प्रोफेसर, चार दिल चार राहें, रात के राही, चाइना टाउन, दिल तेरा दीवाना, कश्मीर की कली और ब्लफमास्टर जैसी बेहतरीन फिल्मों में दिखाई दिए। फिल्म ब्रह्मचारी के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिला था।

रॉकस्टार शम्मी
शम्मी कपूर ने अपनी फिल्मों में बगावती तेवर और रॉकस्टार वाली छवि से उस दौर के नायकों को कई बंधनों से आजाद कर दिया था। हिंदी सिनेमा को ये उनकी बड़ी देन थ। उनके जैसे किरदार दूसरा कोई नहीं निभा पाया। शम्मी कपूर बड़े शौकीन मिजाज थे। भारत में जब इंटरनेट आने पर वह उसका इस्तेमाल करने वाले गिने-चुने कलाकारों में शामिल थे। तरह-तरह की गाडिय़ां चलाने का शौक़, शाम को गोल्फ खेलना, समय के साथ चलना वे बख़ूबी जानते थे। फि़ल्मों में शम्मी कपूर जितने जिंदादिल किरदार निभाया करते थे, उतनी ही जिंदादिली उनके निजी जीवन में दिखती थी। उनके जीवन में कई मुश्किल दौर भी आए खासकर तब जब 60 के दशक में उनकी पत्‍‌नी गीता बाली का निधन हो गया। तब वे अपने करियर के बेहद हसीन मकाम पर थे, ये और बात है कि बाद में एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होने बुरा दौर भी देखा लेकिन अपनी कोशिशों और ज़िंदादिली से जल्द ही वो वापस कामयाबी की तरफ आ गए। उनकी आखिरी फ़िल्म रॉकस्टार थी।

इंतकाल
शम्मी साहब ना सिर्फ अदाकारी बल्कि डांस के लिए भी बहुत मशहूर हुए। उनके बाद के कई अदाकारों ने उनकी ही तरह गर्दन को लचकाकर डांस करने को अपना स्टाइल बनाने के कोशिश की लेकिन कामयाब ना हो सके। स्टार शम्मी कपूर ने 14 अगस्त, 2011 को मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर दुनिया को अलविदा कह दिया।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | हिंदू रहे आगे एक से ज्यादा बीवियां रखने में मुस्लिमों के मुक़ाबले








उत्तर प्रदेश। तीन तलाक़ के मसले पर देशभर में चर्चाओं का दौर जारी है। यूनीफॉर्म सिविल कोड को लेकर भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपनी खिलाफत जाहिर कर चुका है। मगर इस तथ्य में काफी कुछ ऐसा जिस पर चर्चा होनी बहुत जरूरी है। देश में एक से ज्यादा पत्नी रखने के मामले में हिंदुओं ने मुस्लिमों को पछाड़ रखा है। ये बात तमाम आंकड़े बयां कर रहे हैं।

वर्ष 1960 की जनसंख्या गणना में हुआ खुलासा
वर्ष 1960 में की गई जनसंख्या गणना के मुताबिक़ भारतीयों मुस्लिमों की तुलना में हिंदुओं ने एक से ज्यादा पत्नी रखने की प्रथा को बढ़ावा दिया है। उस वक्त के दर्ज आंकड़े बयां करते हैं कि एक से ज्यादा बीवियां रखने के मामले में आदिवासी 15.25, बौद्ध 7.9, हिंदू 5.8 और भारतीय मुस्लिम 5.78 फीसदी थे। इन आंकड़ों पर गौर करने पर साफ विदित होता है कि भारतीय मुस्लिमों में चार शादियां जायज होने के बाद भी वे एकल पत्नी की प्रथा का पालन करने में आगे रहे हैं। वहीं, यदि आदिवासियों के आंकड़ों को हिंदुओं की प्रतिशतता से जोड़ दिया जाए तो वह 21.05 फीसदी का आंकड़ा छू लेता है। यानी एक से ज्यादा पत्नी रखने के मामले में हिंदुओं ने मुस्लिमों को काफी पीछे छोड़ रखा है।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे में भी किया खुलासा
हालांकि, उसके बाद से अब तक के आंकड़ों का कोई आधिकारिक सर्वे नहीं मिल रहा है। यह अलग बात है कि आज के परिदृश्य में मुस्लिम समुदायों ने तीन तलाक़ के मसले पर हर जिद पकड़ रखी है। वे किसी भी सूरत में महिलाओं को उनका वाजिब हक देने को तैयार नहीं हैं। यही नहीं बहुपत्नी प्रथा के संदर्भ में वर्ष 2005-06 में किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (एनएफएचएस) दर्ज किया गया है कि देश के जयादातर ग्रामीण क्षेत्रों में मर्दों ने एक से ज्यादा पत्नियां रख रखी हैं। इनमें उन परिवारों की संख्या ज्यादा थी जहां पहली पत्नी से बच्चा नसीब नहीं हो सका था। इसके अतिरिक्त वर्ष 2011 में की गई जनगणना के मुताबिक़, देश शादीशुदा पुरुषों की संख्या 28.7 करोड़ है जबकि शादीशुदा महिलाओं की संख्या 29.3 करोड़ है। ये आंकड़े भी देश में एक से ज्यादा पत्नी रखने के मामलों पर प्रकाश डालने के लिए काफी हैं। वहीं, वर्ष 2006 में एनएफएचएस की ओर से बहुपत्नी प्रथा के मामले में भी हिंदुओं की संख्या 1.7, मुस्लिम 2.5 और क्रिश्चियन समुदाय के 2.1 फीसदी लोगों ने एक से ज्यादा औरतों से शादी कर रखी थी।

पाकिस्तान सत्तर साल पहले ही इस नियम को कर चुका है खारिज
इधर भारत में भले ही इस विषय पर सभी मुस्लिम संगठन एक सुर में यूनीफॉर्म सिविल कोड की खिलाफत करते हुए तीन तलाक़ के बेतुके नियम को बरकरार रखने पर एकजुट हो गए हैं। मगर दुनिया की कई मुस्लिम देशों में इस तीन तलाक़ के नियम को खत्म कर दिया गया है। मुस्लिमों का पैरोकार होने का दावा करने वाले पाकिस्तान ने ही इस नियम को वर्ष 1956 में प्रतिबंधित कर दिया था। इसके अलावा आज करीब 22 मुस्लिम देशों में तीन तलाक़ का नियम खारिज कर दिया गया है। वहीं, बांग्लादेश में भी इस कानून को खत्म कर दिया गया है। इनके अलावा तुर्की, सउदी अरब, ट्यूनिशिया, अलजीरिया, मलेशिया सहित इराक में शिया कानून के तहत तीन तलाक़ के नियम को खारिज किया जा चुका है। इन देशों में तलाक़ के मसले को संवैधानिक तरीके से अदालत में सम्पन्न किया जाना तय किया गया है।

पाकिस्तान में क्यों प्रतिबंधित हुआ तीन तलाक़ का क़ानून
दरअसल, वर्ष 1955 में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मुहम्मद अली बोगरा ने पहली पत्नी के रहते हुए अपनी सचिव से दूसरा निक़ाह कर लिया था। जो कि उस समय विवाद का विषय बन गया था। इसके बाद ऑल पाकिस्तान विमेन एसोसिएशन ने इसके खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए देशभर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसी विषय को आधार बनाते हुए वर्ष 1956 में पाकिस्तान में पति द्वारा पत्नी को तीन बार लगातार तलाक़ बोलने को एक बार की गणना के बराबर का दर्जा दे दिया गया था। साथ ही, तलाक़ के मसले पर यह अनिवार्य कर दिया गया कि पति को पहले पत्नी को कानूनी सूचना देने के बाद ही तलाक़ दिया जा सकेगा। यानी पड़ोसी मुल्क़ पाकिस्तान में सत्तर साल पहले ही लगातार तीन बार तलाक़ देने को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था।

हिंदू धार्मिक ग्रंथों में एक से ज्यादा पत्नी के कई मामले
हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथों में एक से ज्यादा पत्नी रखने के कई मामले पाए जाते हैं। इसमें भगवान श्रीराम के पिता राजा दशरथ की तीन पत्नियों का भी जिक्र है। इसके अलावा महाभारत में भी पांडवों द्वारा एक स्त्री द्रौपदी से पांच भाइयों के विवाह का बखान किया गया है। साथ ही, कई धार्मिक ग्रंथों में देवताओं द्वारा एक से ज्यादा पत्नी रखने का भी उल्लेख किया गया है। इस बीच प्रभू श्रीराम द्वारा एकल पत्नी का व्रत रखने का भी उल्लेख रामायण और रामचरितमानस म

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिल्सी,सपा नेता डॉ श्रीकृष्ण गुप्ता टिंकू के पुत्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत







बिल्सी | N A Inter कालेज बिल्सी के पुर्ब प्रधानाचार्य के प्रपौत्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत | बिल्सी के सपा नेता डॉ श्रीकृष्ण गुप्ता टिंकू के पुत्र देवकृष्ण दादा(23) की सन्दिग्ध परिस्थति में मौत। हाइवे पर वरामय खेड़ा के पास बेहोशी की हालत में पड़ा था। सुबह 9 बजे बैंक जाने की बात कहकर घर से निकला था लेकिन बराय के पास बेहोशी की हालत में मिला।बहां से कुछ परिचित बदायूं उपचार को ले गए जहाँ डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूं,चाइनीज सामान का बहिष्कार






बदायूं :चाइनीज सामान के बहिष्कार करने की अलख अब स्कूलों तक पहुंची है। इसी संदर्भ में व्यापार मंडल ने छात्रों के बीच जानकारी दी और चाइनीज आयटमों से दूर रह कर स्वदेशी अपनाते हुए त्योहार मनाने को जागरूकता फैलाई। भगवान परशुराम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में राष्ट्रवादी उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कृष्ण गुप्ता ने कहा कि भारत और पाक के बीच लगातार ही गतिरोध व वैमनस्यता को बढ़ावा देते हुए चीन कटुता को बढ़ा रहा है। यही नहीं भारत चीन का सबसे बड़ा बाजार बन कर उभरा है तो वहीं चीन गलत तरीके से भारत के प्रति भाव रखे हुए हैं। ऐसे में देश में चीनी वस्तुओं के प्रति विरोध बढ़ना स्वाभाविक है। व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कृष्ण गुप्ता ने छात्रों को शपथ दिलाई। गुप्ता ने कहा कि चीन हमारे देश खिलाफ कटुता का भाव रखता है। ऐसे में उनके बनाए उत्पादों का बहिष्कार किया जाना चाहिए। इस मौके पर छात्रों ने शपथ ली। वहीं भारत विकास परिषद वजीरगंज के शाखा अध्यक्ष मुरली मनोहर गुप्ता ने भी कहा कि चीन की नापाक कोशिशों के विरोध में स्वदेशी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस मौके पर राम बहादुर पांडेय, भीष्मदेव मिश्रा, राजकुमार, राम किशन गुप्ता, संजय मिश्रा, कमलेश, सुरेश ¨सह, पुष्पलता, कुसुम सक्सेना, रश्मि शर्मा, अंकुश चतुर्वेदी, आर्येंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | दैनिक राशिफल 21/10/2016






  • मेष

परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। धन-संपत्ति में बढ़ोतरी होकर आत्मप्रसन्नता का अनुभव होगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।


  •  वृष

रुपयों के लेनदेन में सावधानी रखें। संतान के कार्यों से समाज में आपकी आलोचना हो सकती है। गैरजरूरी वाद-विवाद से बचकर रहें।


  •  मिथुन

परिवारजनों से सामंजस्य बनाए रखें। अधिक विश्वास किसी पर नहीं करें। अवसर चूकने से निराशा होगी। चलते हुए कार्यों में अवरोध उत्पन्न होंगे।


  •  कर्क

साझेदारी की समस्या का निराकरण होगा। पुरानी उधारी, लेनदारी में सफलता मिलेगी। बोलचाल की भाषा में सावधानी जरूरी है।


  •  सिंह

विलासिता के प्रति रुझान बढ़ेगा। अपव्यय होगा। पुरानी उधारी, लेनदारी में सफलता मिलेगी। क्रोध, उत्तेजना पर नियंत्रण रखें।


  •  कन्या

विरोधी अपने मंतव्य में कामयाब नहीं हो पाएंगे। कामकाज में आशानुकूल अवसर प्राप्त होंगे। आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगी। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।


  •  तुला

व्यापार-व्यवसाय में उन्नति के योग बनने से लाभ की आशा प्रबल होगी। पारिवारिक समस्याओं का निकाल होकर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा।


  • वृश्चिक

यात्रा, प्रवास में लाभ मिलने की संभावना बनती है। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।


  • धनु

व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में लाभ होने के योग हैं। प्रवास में सतर्कता आवश्यक। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खान-पान में सावधानी बरतें।


  • मकर

व्यापार में नई योजनाएं बनेंगी। परिवार में खुशी, उत्साह का वातावरण रहेगा। जवाबदारी के कार्य पूर्ण सफलता के साथ पूरे होंगे।


  •  कुंभ

प्रयास सार्थक होंगे। नौकरीपेशा व्यक्तियों को नौकरी में पदोन्नति की संभावना बनती है। कई दिन के रुके काम पूरे होने के योग हैं।


  •  मीन

अच्छे दिन का लाभ उठाना आपके हाथ में है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। ऋण की ओर ध्यान नहीं देना चाहिए।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | जलालाबाद के ग्राम गुनारा में मुस्लिम समाज के दबंगो की मनमानी.






शाहजहाँपुर/जलालाबाद :-मुस्लिम समाज के दबंगो की देखिये मनमानी.
गरीब ब्रजेश को बड़ी बेहरमी से पीटा जिसकी बरेली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान कल ब्रजेश कुमार की मौत हो गयी,
प्रशासन के अधिकारियो में मची अफरा तफरी पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट.
जलालाबाद के ग्राम गुनारा में भारी संख्या में 2 दिनों से पुलिस के  बड़े अधिकारी व क्षेत्राधिकारी,3 थानों के एसओ,और पीएसी बल गुनारे में तैनात रहे,
इस घटना को लेकर बजरंगदल,विश्व हिन्दू परिषद,भाजपा युवा मोर्चा ने भी इसका कड़ा विरोध किया और चेतावनी दी कि अगर इस घटना में सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये,
जलालाबाद:-कस्बे के निकट ग्राम गुनारा के ब्रजेश कश्यप पुत्र कृष्णपाल कश्यप आयु 32 वर्ष जिसे गाँव के ही बबलू,वसीम उर्फ बड़े लल्ला,मोहम्मद अहमद उर्फ भूरे यह तीन लोगो ने ब्रजेश को लाठी,हॉकी,बेल्ट व लातो से इतनी बेहरमी से पीटा जिसकी कल 19/10/16 को बरेली में इलाज के दौरान अस्पताल उसकी मौत हो गयी जिसकी जानकारी जिला प्रशासन को हुई इस घटना को प्रशासन के गहरे नजरिये से लिया और तुरन्त पुलिस प्रशासन के यह अधिकारियो क्षेत्राधिकारी जलालाबाद,कोतवाली जलालाबाद पूरा स्टॉप,एसओ अल्हागंज,एसओ मिर्जापुर,एसओ कलान,को जलालाबाद के गुनारा गाँव में भेजा गया इन प्रशासन के अधिकारियो ने बिना कोई लापरवाही न देते हुऐ 2 दिनों से गुनारे में छावनी जैसे हालात बने हुये है ताकि कोई भी बलबा न हो सके,
आज सुबह भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज कश्यप भी मृतक ब्रजेश के घर पर पहुँचे और दुख़ व्यक्त किया साथ में मौजूद प्रशासन के अधिकारियो को चेतावनी दी की जल्द से जल्द तीसरा आरोपी नही पकड़ा गया तो जिले में विशाल धरना प्रदर्शन देगे,
पुलिस ने तीनो अपराधियो के ऊपर 302 की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और दो आरोपियों वसीम उर्फ बड़े लल्ला और मोहम्मद अहमद (भूरे)को पकड़ कर जेल भेज दिया है तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम बराबर गाँव में दबिश दे रही है


देवेश भारद्वाज Bp tv news ब्यूरो चीफ शाहजहाँपुर 

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिल्सी में ब्राह्माण महासभा की कार्यकारिणी गठित








बिल्सी  : अखिल भारत वर्षीय ब्राह्माण महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित राम शंकर भारद्वाज ने बिल्सी में कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। नगर अध्यक्ष के तौर अनिल दीक्षित को जिम्मेदारी दी गई है। मुन्नालाल शर्मा को तहसील अध्यक्ष बनाया गया है। राहुल चौबे ने बताया कि राहुल शर्मा को अखिल भारतीय परशुराम युवा मंच का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। इस मौके पर अजय मिश्रा, कौशलानंद पांडेय, सूर्यपाल अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।



बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | पांच तक ही शामिल किए जाएंगे स्नातक क्षेत्र के नाम





बदायूँ, | जिलाधिकारी पवन कुमार ने विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूचियों के शुद्ध करने के लिए सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुरानी वोटर लिस्ट में जिन व्यक्तियों के नाम पहले से ही शामिल हैं, उन्हें भी वर्तमान में तैयार की जा रही खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में अपना नाम सम्मलित कराने के लिए निर्धारित प्रारूप-18 पर आवेदन करना होगा।
गुरुवार को कलक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी हवलदार यादव के साथ बैठक करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को आयोग की मंशा से अवगत कराया और कहा कि एक नवबंर, 2016 की अर्हता तिथि के आधार पर बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियां नए सिरे से तैयार किए जाने को एक अक्तूबर को लोक सूचना का प्रकाशन और 15 अक्तूबर को पुन: प्रकाशन किया जा चुका है। निर्वाचन नामावलियों में नाम पंजीकृत कराने के लिए ऐसा प्रत्येक व्यक्ति जो भारत का नागरिक है और सामान्य रूप से निर्वाचन-क्षेत्र का निवासी है। दिनांक एक नवंबर 2016 से पूर्व कम से कम तीन वर्ष भारत के संघ क्षेत्र के किसी विश्वविद्यालय से स्नातक हो अथवा इसी के समतुल्य अन्य कोई अर्हता रखता हो, वह निर्वाचन नामावली में नाम सम्मिलित किए जाने के लिए पात्र होगा। नए सिरे से तैयार की जा रही निर्वाचक नामावलियों में नाम होने के बावजूद भी नए सिरे से नाम शामिल कराने के लिए पात्र व्यक्तियों को निर्धारित प्रारूप-18 पर आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में 23,124 मतदाता थे। निर्वाचन के लिए जनपद में 35 मतदेय स्थल और 22 मतदान केंद्र बनाए गए थे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए विश्वविद्यालय या संबंधित संस्थान द्वारा प्रदत्त मूल डिग्री/डिप्लोमा प्रमाण पत्र अथवा उसकी प्रति अतिरिक्त पदाभिहीत अधिकारियों द्वारा सत्यापन उपरांत आवेदन के साथ फोटोग्राफ सहित उपलब्ध कराना होगी। 25 अक्तूबर को द्वितीय प्रकाशन होगा। पांच नवंबर तक ही फार्म-18 प्राप्त किए जाएंगे। 19 नवबंर तक मुद्रण कार्य के बाद 23 नवंबर को सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा। 23 नवबंर से आठ दिसंबर तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 26 दिसंबर तक आपत्तियों के निस्तारण के बाद 30 दिसंबर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रभात कुमार, नेशनल कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष धीरपाल कश्यप, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष हेमेंद्र गौतम, भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री अशोक भारती तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कृष्णगोपाल गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिसौली,बेटी के प्रेमी को जहर खिलाकर मार डाला







बिसौली  |  बिसौली कोतवाली के साहनपुर गांव में युवती के परिवार वालों ने उसके प्रेमी को जहर खिलाकर मार डाला। मृतक नीरज के पिता की तहरीर पर पुलिस ने युवती के माता-पिता और भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से गांव में तनाव का माहौल है। एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है। एसपी देहात संजय राय ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव साहनपुर के नीरज (26) पुत्र महेशपाल का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती दूसरे समुदाय की है। युवती के परिवार वाले इसके खिलाफ थे। बुधवार सुबह युवती का पिता और भाई नीरज के घर पहुंचे और उसे बुलाकर अपने साथ ले गए। शाम को नीरज बदहवास हालत में अपने घर लौटा। उसके मुंह से झाग आने के साथ उसे उल्टियां भी हो रही थीं। घरवालों के पूछने पर नीरज ने बताया कि युवती के माता-पिता और भाई ने उसे पकौड़ी में विषाक्त पदार्थ खिला दिया है।
परिवार के लोग नीरज को लेकर बिसौली सीएचसी आ रहे थे। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रात करीब 11 बजे महेशपाल बिसौली कोतवाली पहुंचा। उसने युवती के माता-पिता और भाई के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। पुलिस ने मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम में विषाक्त से मौत की आशंका जताई गई है। विसरा भी प्रिजर्व किया गया है। मामला दो समुदायों का होने की वजह से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एहतियात के तौर पर यहां पुलिस को तैनात कर दिया गया है।

तहरीर के आधार पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले में विवेचना के बाद सच सामने आ जाएगा। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संजय राय, एसपी देहात

जिले में ऑनर किलिंग की तीसरी वारदात
बदायूं। सिर्फ दो महीने में ऑनर किलिंग की यह तीसरी वारदात है। अपने ही अपनों के खून के प्यासे बन रहे हैं। दो महीने में चार जान जा चुकी हैं। ऑनर किलिंग के तीन मामलों में दो मामले अलग-अलग समुदाय के हैं।
सहसवान कोतवाली के गांव नदायल में 17 सितंबर की रात परिवार वालों ने प्रेमी और प्रेमिका की हत्या कर दी थी। संभल के थाना गुन्नौर के गांव जल्लूपुर निवासी कफील नाम का युवक नदायल में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। इन दोनों को परिवार वालों ने देख लिया। गुस्सा इतना बढ़ा कि दोनों की हत्या कर दी। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में पुलिस ने लीपापोती कर गांव के चौकीदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद बुजुर्ग दंपति को जेल भेज दिया। जबकि, ऑनर किलिंग की यह वारदात कुछ और ही बयां कर रही थी।
ऑनर किलिंग की दूसरी वारदात नौ अक्तूबर को बिल्सी के गांव धनौली में हुई। यहां भी प्रेमी और प्रेमिका अलग-अलग समुदायों के थे। गांव के ही गुड्डू का युवती से प्रेम प्रसंग था। कुछ महीनों पहले वह परिवार के साथ दिल्ली चला गया था। नौ अक्तूबर की रात वह गांव में अपनी प्रेमिका से मिलने आया था। यहां प्रेमिका के पिता ने देख लिया और गुड्डू की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले में पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब बिसौली के गांव साहनपुर में ऑनर किलिंग की यह तीसरी वारदात है।

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