: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 10/24/16

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | सोना हुआ थोड़ा सस्ता, चांदी की कीमत में भी गिरावट






नई दिल्‍ली: विदेशों में कमजोरी के रुख के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने का भाव 105 रुपये की गिरावट के साथ 30,415 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया हालांकि शादी विवाह के मौसम और त्यौहारों की मांग से यह हानि कुछ सीमित रही.

औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते चांदी 200 रुपये नीचे खिसक कर 43,000 रुपये के स्तर से नीचे 42,800 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुए. बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में सोने में गिरावट का रुख रहा जहां डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमत प्रभावित हुई.

उन्होंने कहा कि निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में वृद्धि कर सकता है जिससे वैकल्पिक निवेश के बतौर बहुमूल्य धातुओं की मांग प्रभावित हुई और सोने पर दवाब बढ़ गया. वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोने का भाव 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,265 डॉलर प्रति औंस रह गये.

राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 और 99.5 प्रतिशत शुद्धता की कीमत 105-105 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,415 रुपये और 30,265 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए. शनिवार के कारोबार में इस बहुमूल्य धातु की कीमत में 120 रुपये की तेजी आई थी. हालांकि सीमित सौदों के बीच गिन्नी के भाव 24,400 रुपये प्रति 8 ग्राम पर अपरिवर्तित बंद हुए.

सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 200 रुपये की गिरावट के साथ 42,800 रुपये प्रति किग्रा और साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 355 रुपये की गिरावट के साथ 42,145 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई. हालांकि चांदी सिक्कों की कीमत लिवाल 73,000 रुपये और बिकवाल 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा के पूर्वस्तर पर ही बंद हुए.

बदायूं-बिजनौर हाईवे किनारे हाईवे पर जलभराव को लेकर प्रदर्शन





उघैती  | उघैती कस्बे में बदायूं-बिजनौर हाईवे किनारे बना नाला चोक होने के कारण सड़क पर जलभराव होने से दो-दो फिट गहरे गड्ढे हो गए। जिससे इस सड़क पर सवारियों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के लोगों ने कई बाद लोनिवि सहित उच्चाधिकारियों से शिकायती की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जबकि कस्बे के लोग प्रदेश के राज्य ग्राम्य विकास मंत्री ओमकार ¨सह से भी मिल चुके है लेकिन कस्बे के लोगों को अब तक निराशा ही हाथ लगी है। कस्बे के लेागों में आक्रोश व्याप्त है। रविवार को दर्जनों कस्बे के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में संजीव गुप्ता, डॉ.राजवीर ¨सह, पूर्व प्रधान पुष्पेंद्र शाक्य, नेत्रपाल ¨सह, अर¨वद, हप्पू, देवेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | पार्टी बैठक में बरसे शिवपाल, कहां- वह हेलीकॉप्टर तुम्हारे बाप का था क्या?





उत्तर प्रदेश :- अखिलेश और शिवपाल के बीच का झगड़ा सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। इसी झगड़े को सुझाने के लिए पार्टी कार्यालय में बुलाई गई बैठक में शिवपाल सिंह यादव सीएम अखिलेश यादव उनके समर्थकों और रामगोपाल यादव पर जमकर बरसते नजर आए।

भाषण की शुरुआत में शिवपाल ने अपने पुराने दिनों की याद करते हुए कहा कि उन्होंने नेता जी के साथ मिलकर पार्टी को खड़ा करने में गांव-गांव जाकर साइकिल से चिट्ठियां बांटी हैं।

फिर अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने इस सरकार में भी हेलीकॉप्टर एक-एक जिले का दौरा किया है। इस पर किसी समर्थक ने पूछा कि वह हेलीकॉप्टर किसका था, ये बात सुनकर वह गुस्सा गए और उलटा पलटवार करते हुए पूछा कि क्या वह हेलीकॉप्टर तुम्हारे बाप का था।

शिवपाल की यह बात सुनकर वहां बैठे लोग भी मुस्कराए बिना न रह पाए। इसके बाद शिवपाल ने कहा कि पार्टी में गुंडों और धूर्तों की भरमार है। जिन लोगों के पास कल तक साईकिल नहीं थी वह आज फॉर्च्युनर जैसी कार में घूम रहे हैं।

शिवपाल ने मुलायम सिंह यादव की ओर मुखातिब होकर कहा कि आप आदेश दें ऐसे लोगों को तुरंत निकाल कर बाहर कर दूंगा। इतना ही नहीं उन्होंने अखिलेश सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि विधायक और मंत्री जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और पूछा कि कैबिनेट से बर्खास्त किस गलती की वजह से किया गया है।

आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव ने अपने भाषण के बाद अखिलेश को शिवपाल से गले मिलने को कहा और मामले को शांत कराने की कोशिश की।

लेकिन इसके बाद अखिलेश यादव ने मंच संभाला और जैसी ही कहा कि अमर सिंह ने उनके खिलाफ मीडिया में खबर प्लांट कराई है, यह बात सुनकर शिवपाल ने उनके हाथों से माइक छीन और कहा कि यह सारे आरोप झूठे हैं। मामला बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को अलग कराया।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | यूपी में एक को परिवार दूसरे को कुर्सी, लेकिन हमें राज्य की चिंता : महोबा में मोदी





महोबा.नरेंद्र मोदी आज महोबा पहुंचे। मोदी ने कहा, 'बुंदेलखंड के ज्यादातर लोग गुजरात में रहते हैं। यूपी में कभी सपा तो कभी बसपा। उनकी दुनिया तो चलती रही लेकिन आपका कुछ नहीं हुआ। एक को परिवार की चिंता है तो दूसरे को कुर्सी की चिंता है। लेकिन हमें यूपी की चिंता है।' बुंदेलखंड में पानी की कमी के कारण मिट्टी सूखी...
 मोदी ने कहा, "मैथिलीशरण गुप्त, वृंदावन लाल वर्मा को नमन करता हूं। हमें ऐसा आशीर्वाद मिले, ताकि बुंदेलखंड की सारी मुसीबतें दूर हो सकें।"
"यहां तो नदी भी है, गुजरात में तो नर्मदा और ताप्ती ही है।"
"हमने कोशिश की। 15 साल के परिश्रम के बाद पानी का संकट दूर हुआ है।"
"जल प्रबंधन के अभाव में यहां मिट्टी सूखी है। किसान तबाह हो गया। अगर पानी का प्रबंध कर दिया तो यहां का किसान मिट्टी में से सोना उपजा सकता है।"
यहां के लिए एक काम का सपना अटलजी ने देखा था। बाद में ऐसे लोग आए जिनको अपनी चिंता तो रहती है, लोगों की चिंता नहीं रहती। नदियों को जोड़ने की योजना थी। जहां बाढ़ आती है, उनका पानी सूखी नदियों में जाएगा।"
"अटल जी का सपना था केन-बेतवा नदी को जोड़ने का। उमाजी के नेतृत्व में ये काम हो रहा है।"
 "बुंदेलखंड के पानीदार लोग हैं। उन्हें पानी दिया तो सब बदल देंगे। बुंदेलखंड के ज्यादातर लोग गुजरात में रहते हैं। मैं उनसे पूछता था किस बुंदेलखंड के हैं, मध्य प्रदेश वाले या उत्तर प्रदेश वाले। वे कहते- उत्तर प्रदेश वाले, क्योंकि वहां रोजगार नहीं होता।"
"यूपी में कभी सपा तो कभी बसपा। उनकी तो दुनिया चलती रही, लेकिन आपका कुछ नहीं हुआ। आपको सपा-बसपा के चक्कर से बाहर निकलना होगा।"
"जब चुनाव आता है तो बसपा वाले सपा पर आरोप लगाते हैं। लेकिन बसपा ने सत्ता में रहने के दौरान किसी सपा वाले को जेल भिजवाया था। आप अपनी बार लूटो, मैं अपनी बार लूटूंगा। सपा-बसपा में यही खेल चलता है।"
'हमें यूपी के लोगों की चिंता'
"आज भी देश में ईमानदार अफसर और पुलिस है। लेकिन इन्हें ताकत देने की जरूरत होती है। इस चुनाव में यूपी का पिक्चर बहुत साफ है। जैसे लोकसभा चुनाव में आपने पूर्ण बहुमत दिया, वैसा ही अब कीजिए। मैं यूपी और देश की जनता का आभारी हूं, जो उन्होंने दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार दी।"
- "एक तरफ वो लोग हैं जिन्हें परिवार बचाने की चिंता हैं। दूसरी तरफ वो लोग हैं जिन्हें कुर्सी की चिंता है। तीसरी ताकत हम हैं जिन्हें यूपी बचाने की चिंता है। अब फैसला आपको करना है। खासतौर पर नौजवानों को फैसला करना है। आपको अपने भाग्य का विचार करना है।"
- "आपके पूर्वजों ने सपा-बसपा के बारे में सोचा होगा। लेकिन आप यूपी और बुंदेलखंड की चिंता कीजिए। कुछ मुठ्ठी भर लोग आपका हक छीन रहे हैं। यहां के माफिया से भिड़ने की ताकत सपा-बसपा में नहीं है। यहां जमीन सुधार के नहीं, जमीन हड़पने के काम होते हैं।"
'एमपी ने केंद्र के पैसे का सही इस्तेमाल किया'
- "एमपी का बुंदेलखंड आगे है, क्योंकि वहां सरकार ने केंद्र के पैसे का पूरा उपयोग किया। एमपी में सरकार ने 90 फीसदी धन का उपयोग किया। लेकिन यहां यूपी में 40 फीसदी ही धन का उपयोग हुआ। और कोई हिसाब नहीं है। पैसा कहां गया? कुछ पता नहीं।"
- "एमपी सरकार ने 47 हजार कुओं का काम पूरा किया। दरअसल, सपा बसपा के खिलाफ और बसपा सपा के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती।"
- "यूपी ने देश को अनेक प्रधानमंत्री दिए। मुझे भी इसी प्रदेश ने बनाया। इस प्रदेश का मुझ पर हक है। मुझे आपका कर्ज चुकाना है। मोदी राज करने नहीं, सेवा करने पैदा हुआ है।"
-"'माताओं-बहनों की रक्षा होनी चाहिए। हिंदू अगर गर्भ में बेटी को मारे तो उसे जेल होनी चाहिए। मुस्लिम बहनों को उनका हक मिलना चाहिए।"
- "सुप्रीम कोर्ट ने तलाक पर हमसे पूछा। हमने कहा, संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। कुछ पार्टियां वोट के चक्कर में मुस्लिम बहनों के साथ अन्याय कर रही हैं।"
- "मीडिया से अनुरोध है कि वो विद्वान मुसलमानों को बुलाएं, क्योंकि मुसलमानों में अच्छे लोग हैं। दिल्ली में बैठे लोगों को समझ में आ गया है कि यूपी ने अपनी किस्मत बदलने का फैसला कर लिया है।"
बनारस में क्या बोले मोदी?
- मोदी ने मोदी ऐप की जानकारी दी। नंबर बताया 1922। लोगों से कहा- सेना को संदेश भेजें।
- मोदी ने कहा, 'सेना को अनुभव होना चाहिए कि उनके देशवासी उन पर कितना गर्व करते हैं। दुनिया के कई देशों में सेना को देखकर लोग ताली बजाकर स्वागत करते हैं। हमारे यहां विशिष्ट हालात में ही ये होता है। हमारे यहां भी यह नाता बना रहना चाहिए। मैंने देशवासियों और सेना को यही संदेश भेजा है।'
- 'हम काशीवालों ने छोटी दिवाली मना ली। 29 सितंबर को जब देश की सेना ने पराक्रम किया तो काशी झूम उठा था।'
- 'ये ऐसी सरकार है जो शिलान्यास भी करती है और उद्घाटन भी खुद ही करती है। 

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार |मैनपुरी,दीया जलाकर शहीदों को दें श्रद्धांजलि







मैनपुरी: सेना के जवानों का संघर्षों से भरा हुआ जीवन हमारे लिए किसी सीख से कम नहीं है। अपने खुद के चुने हुए रास्ते पर चलकर मर मिटने की चाहे कोई छोटी बात नहीं है। जीवन में कठिन से कठिन परिस्थिति से जूझने के लिए हमें सैनिकों से प्रेरणा लेनी चाहिए। हर समय देश की रक्षा के लिए दीवार बनकर खड़े रहने का ऐसा जुनून आपको और कहीं भी देखने के लिए नहीं मिलेगा। लगातार निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्यों पर अडिग और निडर होकर देश की रखवाली में लगे रहना। चाहे कोई भी त्योहार हो लेकिन एक जवान अपना कर्तव्य कभी नहीं भूलता। उसके लिए सभी दिन एक समान होते हैं और वह इंतजार करता है तो बस एक ही बात का कब उसे अपनी मातृभूमि के लिए बलिदान देने का अवसर प्राप्त होगा। समय आने पर वह दिखा देता है कि उनके रहते भारत की तरफ कोई आंख उठाकर भी नहीं देख सकता है। हम संकल्प लें कि देश की रक्षा करने में अपनी प्राणों की आहूति देने वाले वीर सपूतों के सम्मान में इस दीपावली पर हम एक दीया जरूर जलाएंगे। हमें अन्य लोगों से भी अपील करनी चाहिए कि वे भी वीर शहीदों की याद में लोगों को दीया जलाने के लिए जागरूक करें।

डॉ. राकेश गुप्ता, संस्थापक लार्ड कृष्णा मानव सेवा समिति, मैनपुरी।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | लखनऊ में चल रही उठापटक के बीच सपा के गढ़ बदायूँ शांत







बदायूं : लखनऊ में चल रही उठापटक के बीच सपा के गढ़ बदायूं में सन्नाटा ही पसरा रहा। जिले के सभी एमएलसी और विधायक लखनऊ बुला लिए गए हैं। जिले के पदाधिकारी प्रदेश मुख्यालय पर नजर जमाए हुए हैं। जिलाध्यक्ष से लेकर अन्य पदाधिकारी अभी कुछ खुलकर बोलने से परहेज कर रहे हैं, उत्तर प्रदेश श्रम संविदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना डॉ.यासीन उस्मानी ने जरूर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ कर लखनऊ में चल रही लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के संकेत दिए हैं।

सपा के लिहाज से बदायूं प्रदेश के प्रमुख महत्वपूर्ण जिलों में शामिल है। सपा मुखिया मुलायम ¨सह यादव खुद यहां से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं और यहां से विधायक रहते हुए मुख्यमंत्री भी बने थे। इस समय उनके भतीजे धर्मेंद्र यादव दोबारा यहां से सांसद हैं। सांसद धर्मेंद्र यादव की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बेहद करीबी उजागर होती रही है। सांसद की पहल पर ही मुख्यमंत्री ने जिले को राजकीय मेडिकल कॉलेज दिया है और बरेली-बदायूं फोरलेन का भी निर्माण कराया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास में मुलायम ¨सह यादव भी शामिल हुए थे। यह बात दीगर है कि तब पूरा परिवार एक साथ था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल गई हैं। मौजूदा हालात में कौन किसके साथ है यह अंदाजा लगाना मुश्किल है। उत्तर प्रदेश श्रम संविदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना डॉ.यासीन उस्मानी ने साफ कर दिया है कि वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हैं, लेकिन बाकी पदाधिकारी अभी ढुलमुल जवाब ही दे रहे हैं। सपा के कुछ युवा नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि वह सांसद धर्मेंद्र यादव के साथ हैं। सांसद जो निर्णय लेंगे वह उनके साथ रहेंगे।

सपा के संस्थापक सदस्य बनवारी ¨सह यादव जब से पार्टी बनी है तभी से जिलाध्यक्ष हैं। मुलायम ¨सह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में उन्हें मिनी मुख्यमंत्री के रूप में जाना जाता था। इस समय भी वह जिलाध्यक्ष के साथ एमएलसी भी हैं। सपा मुखिया के बुलावे पर वह भी लखनऊ पहुंचे हैं। दूरभाष पर बात हुई तो पार्टी के घटनाक्रम पर कुछ बोलने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि सब ठीक हो जाएगा।

उत्तर प्रदेश श्रम संविदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना डा.यासीन अली उस्मानी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी मुखिया मुलायम का वारिस बताते हुए कहा कि उन्होंने पांच साल के कार्यकाल में शानदार काम किया है। बदायूं के लिए भी उन्होंने बड़ी सौगात दी हैं। मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग उनके साथ है। सीधे-सीधे तो नहीं कहा, लेकिन इशारों में उन्होंने साफ कर दिया कि वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हैं।

जिला महासचिव सुरेश पाल ¨सह चौहान भी शुरुआती दौर से पार्टी से जुड़े हुए हैं। लखनऊ के हालिया घटनाक्रम पर उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि जो हो रहा है वह अच्छा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात पर कुछ टिप्पणी करना ठीक नहीं है। ईश्वर से कामना यही करते हैं कि सबकुछ ठीक हो जाए। पहले की तरह पार्टी के सभी नेता एक मंच पर आ जाएं।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूं.लाइसेंस नहीं फिर भी लगते हैं बारूद के ढेर





बदायूं : दीवाली जब जब करीब आती है तो रईस आतिशबाज की छोटी बिटिया शाजिया की आंखों में वह मंजर ताजा हो जाता है जिसमें उसने सब कुछ खो दिया था। हृदय विदारक इस हादसे को भले ही चार साल होने को जा रही हैं लेकिन अपनों को खोने का गम मासूम के दिल से नहीं निकला है। जिम्मेदारों की अनदेखी की वजह से हुए इस हादसे में उस मासूम से माता-पिता का साया छिना था। एक के बाद एक तीन लाशें पल भर में बिछ़ीं तो वह पड़ोस के ही अपने एक रिश्तेदार के घर पर थी। हालांकि इस हादसे के बाद प्रशासन ने घनी बस्तियों में चल रहे आतिशबाजी के कार्य को बंद किया तो सभी लाइसेंस भी निरस्त कर दिए थे। कड़ी चौकसी बरती गई लेकिन समय बदलने के साथ ही अब उस ओर कोई मानीट¨रग नहीं की जा रही है। इसी ढील का नतीजा है कि फिर से घनी बस्तियों में चोरी छिपे बारूद के ढेर लगने लगे हैं।

खुफिया एजेंसियों की नजर से दूर शहर में करीब आधा दर्जन ठिकानों पर आतिशबाजी बनाने का कार्य किया जा रहा है। घनी बस्तियों में होने वाले इस काम से किसी भी वक्त कोई और विस्फोट हो सकता है। इस बात को लेकर आसपास के लोग काफी ¨चतित हैं। दीवाली करीब आते ही आतिशबाज चोरी छिपे आतिशबाजी तैयार कर रहे हैं तो इस धंधे से जुड़े व्यापारियों ने अभी से गोदाम भरने शुरू कर दिए हैं। फायर ब्रिगेड से न तो कोई एनओसी ली गई है और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई अनुमति। फिर भी पूरी तैयारी के साथ बड़े पैमाने पर यह धंधा किया जा रहा है। कबूलपुरा, सोथा, लालपुल के आसपास धंधेबाज दीवाली के करीब आते ही सक्रिय हैं जिससे लोग काफी भयभीत हैं। लोगों को इस बात का भय है कि बस्तियों में किसी वक्त कोई विस्फोट हुआ तो पता नहीं क्या से क्या हो जाए। सबसे खास बात यह है कि त्योहार करीब आने के बाद भी जिम्मेदारों ने कोई सर्च आपरेशन नहीं चलाया है।

शहर में त्योहार करीब आते ही चाइनीज पटाखों की भी खेप उतरने लगी है। यह पटाखे इंसान की आंखों को खतरा पैदा करते हैं तो दमा और सांस की भी बीमारियों को बढ़ावा देते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो तेज आवाज के साथ सतरंगी छटा बिखेरने वाले यह चाइनीज पटाखे काफी खतरनाक हैं। घनी बस्तियों में इनके चलाने से लोग बीमारी की जद में आ जाते हैं। डॉक्टर इन पटाखों से दूर रहने की सलाह अभी से दे रहे हैं।

शस्त्र कार्यालय से दीपावली पर आतिशबाजी की बिक्री करने के लिए आवेदकों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। शहर में गांधी ग्राउंड में सामूहिक रूप से आतिशबाजी की दुकानें लगाने की तैयारी है। इसी तरह तहसीलों और कस्बों में भी खुली जगह में आतिशबाजी की दुकानें लगाई जाएंगी। शस्त्र कार्यालय में आ रहे आवेदनों पर एसडीएम और सीओ की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर ही लाइसेंस निर्गत किए जाएंगे।

किसी के पास आतिशबाजी में पटाखे आदि बनाने का लाइसेंस नहीं है। इस बात की जानकारी हमने जुटा ली है। घनी बस्तियों के बीच अगर कोई चोरी छिपे आतिशबाजी तैयार कर रहा है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि त्योहार के करीब कोई अप्रिय घटना न होने दी जाए।


  •  अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूं,विवाद में युवक को चाकू मारा







बदायूं : सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में कूड़ा डालने को लेकर हुए विवाद में दो लोगों ने एक युवक को चाकू मारकर घायल कर दिया। मुहल्ला नेकपुर का रहने वाला उमेश चंद्र मिश्रा घर के बाहर कूड़ा डाल रहा था। इसी बात को लेकर पड़ोसियों से विवाद हो गया। पड़ोस के ही दो लोगों ने उसको चाकू मारकर घायल कर दिया। घायल को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूं में तो सांसद के साथ खड़ी है सपा





बदायूं : लखनऊ में भले ही कलह मची है, लेकिन जिले में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता सांसद धर्मेंद्र यादव के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। शायद इसीलिए तत्काल कोई प्रतिक्रिया करने से भी परहेज कर रहे हैं। पदाधिकारी और कार्यकर्ता अब सांसद का रुख भांप रहे हैं, उन्हीं का इशारा मिलने पर ही कार्यकर्ता आगे की रणनीति बनाकर काम करेंगे।

सपा में शुरुआती दौर से ही जिलाध्यक्ष बनवारी ¨सह यादव खुद धर्मेंद्र यादव को बदायूं लेकर आए थे। सांसद भी उनका पूरा सम्मान देते रहे हैं। राज्यमंत्री ओमकार ¨सह यादव, विधायक आशुतोष मौर्य, आशीष यादव भी सांसद के करीबी लोगों में गिने जाते हैं। जनपद के युवा नेताओं का झुकाव भी सांसद के प्रति ही दिखाई पड़ता है। पिछले सात वर्षों में उन्होंने जिले को बहुत कुछ दिया भी है। राजकीय मेडिकल कालेज किसी ने सपने भी नहीं सोचा था वह चालू हो चुका है। शहर में ओवरब्रिज, फोरलेन और बाईपास उन्हीं की देन है। इन हालातों में सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सांसद के साथ दिखाई पड़ रहे हैं। मसलन उनका झुकाव जिधर होगा उधर जिले के सपाई भी दिखाई देंगे। दूसरा पहलू यह है कि जिले के कई वरिष्ठ नेताओं से सपा मुखिया मुलायम ¨सह यादव का सीधा जुड़ाव है, अगर मुलायम ¨सह यादव उन लोगों को कोई आदेश देते हैं तो शायद वह इंकार नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में उनके लिए दुविधा की स्थिति जरूर खड़ी हो सकती है।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिसौली,रामलीला में कलाकारों ने किया सुग्रीव की मित्रता का मंचन





 बिसौली |  बिसौली नगर में श्री प्राचीन रामलीला में चल रही रामलीला में रामलीला ड्रामेटिक क्लब हतसा के कलाकारों ने सुग्रीव मित्रता का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम ने शरण में आए सुग्रीव की सहायता की। भगवान श्री राम ने शरणागत सुग्रीव के लिए बालि का वध कर दिया। बाली की भूमिका गिरीश मिश्रा, राम की जितेश मिश्रा, लक्ष्मण की हरिओम मारीच व रावण की ज्ञानेश शंखधार ने निभायी। सभी कलाकारों ने अपने अपने पात्रों का सजीव मंचन किया। इसके साथ ही रामलीला मैदान में लगा मेला भी अपने पूरे शबाब पर है। बच्चों के मनोरंजन के लिए मिक्की माउस और झूले आदि लगाए गए हैं। इस अवसर पर कृष्णकांत मिश्रा, अनुज कांत मिश्रा, शशिकांत शर्मा, राजेश ¨सह, अशोक शंखधार, मुकेश मिश्रा, ब्रजवासी जगतपाल, सुभाष राजोरिया गोपी वल्लभ आदि मौजूद थे। संचालन राजेंद्र मिश्र ने किया।

उझानी प्रतिनिधि के अनुसार रामलीला मंच पर जटायू मरण, शबरी कृपा, बालि वध व सुग्रीव मित्रता का सजीव मंचन किया गया। वही स्त्री पुरूष बच्चों की भीड़ लगी रही।

कादरचौक क्षेत्र पंचायत के गांव भूड़ा भदरौल में चल रही रामलीला में सांकेत कुंज नैमिषधाम के कलाकारों ने सुनीलाचार्य के मार्गदर्शन में जटायू मरण, शबरी कृपा, बालि वध व सुग्रीव मित्रता का सजीव मंचन किया। भगवान श्रीराम ने भिलनी के अथाह प्रेम में उसके झूठे बेर खाकर ऊंच-नीच की भावना को खत्म करने का संदेश दिया। इस मौके पर रामलीला अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा, ग्रीश चंद्र शर्मा, सतीश चंद्र, रमेश चंद्र सक्सेना, रामनरेश उपाध्याय, वुद्धपाल राठौर, कल्लू खां, हरप्रसाद बघेल, गोकरण बघेल, सावन गौड़ आदि का विशेष सहयोग रहा।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बदायूँ,राजनीति का नहीं, परिवार का है विवाद : ओमकार सिंह




बदायूँ  | समाजवादी पार्टी में चल रही उठापटक पर स्थानीय नेता सकते में हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं। रविवार को अधिकतर नेताओं ने अपने मोबाइल फोन के स्विच आफ कर रखे थे। बमुश्किल ग्राम्य विकास मंत्री ओमकार से सिंह से इस बाबत बात हुई तो उन्होंने इसे पारिवारिक विवाद बताया। उनका कहना है कि तीन में सब ठीक हो जाएगा। वहीं श्रम सविंदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. यासीन अली उस्मानी ने कहा कि इस घमासान पर वह बहुत दुखी और चिंतित हैं। उनका कहना है कि फिरकापरस्त ताकतें काम कर रही हैं। केंद्र में बीजेपी की सरकार है। ऐसे में सभी कोशिश करेंगे कि पार्टी में दो धड़े न बने। पार्टी में चल रहे घमासान को शांत करे दोबारा सत्ता में वापसी की जाएगी।

बंदरबांट का है झगड़ा   
रुपये और सत्ता का बंदरबांट करने को झगड़ा हो रहा है। सपा का अंतिम समय चल रहा है। दीपक बुझने से पहले तेज लौ करता है और उसके बाद बुझ जाता है। इसी तरह सपा का सूर्य अस्त होने वाला है।
हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष भाजपा 
सत्ता के लिए नाटक  
सपा नाटकबाजी कर रही है, जिससे लोगों को बेवकूफ बनाकर दोबारा सत्ता में आया जा सके। सपा में कोई भी अनर्गल बयान दे देता है। यह पार्टी अब समाप्ति की ओर है।
हेमेंद्र गौतम, जिलाध्यक्ष बसपा  
यह चुनावी स्टंट है
सपा का पारिवारिक झगड़ा महज चुनावी स्टंट है। सत्ता के लिए घमासान किया जा रहा है। अब तक शांत रहने वाले लोग एकदूसरे पर इल्जाम लगा रहे हैं। यह केवल सपा की पार्टी सुधारने की कोशिश है, लेकिन जनता इसमें फंसने वाली नहीं है। 
साजिद अली, कांग्रेस 
जिला स्तर पर भी सपा में मच चुका घमासान
समाजवादी पार्टी में प्रदेश स्तर मचे घमासान से पहले जिले की सपा कार्यकारिणी में घमासान मच चुका है। इसमें शहर विधायक आबिद रजा को निगम के अध्यक्ष पद से हटाया गया था। उस वक्त जो आग लगी थी, उसकी चिंगारी जिले में अभी तक सुलग रही है। इसे बुझाने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन मामला अब भी गर्म बना हुआ है। इस बारे में सदर विधायक आबिद रजा से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में कोई भी बयान देने से साफ इंकार कर दिया।


बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | बिसौली,पशु व्यापारियों से 1.77 लाख की लूट, गोली मारी









सहसवान। बिसौली रोड पर गांव लवेदपुर के पास बदमाशों ने बाइक सवार दो पशु व्यापारियों से असलहों के बल पर 1.77 लाख रुपये लूट लिए। विरोध करने पर एक पशु व्यापारी को गोली मार दी। घायल व्यापारी को अस्पताल मेें भर्ती कराया गया है। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव किया। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दहगवां निवासी पशु व्यापारी मुस्लिम और ओवेस पशु व्यापारी हैं। दोनों रविवार सुबह बाइक से खितौरा साप्ताहिक बाजार में पशुओं की खरीद करने जा रहे थे। रास्ते में गांव लवेदपुर के पास दोनों को छह बदमाशों ने घेर लिया। बदमाशों ने असलहों के बल पर पशु व्यापारियों से 1.77 लाख रुपये लूट लिए। विरोध किया तो मुस्लिम को गोली मार दी और भाग गए। ओवेस किसी तरह मुस्लिम को लेकर सहसवान अस्पताल पहुंचा। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दहगवां के लोगों को जब घटना की जानकारी हुई तो सैकड़ों लोग सहसवान पहुंच गए। इन्होंने यहां कोतवाली का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कांबिंग भी की, लेकिन बदमाशों का पता नहीं लगा। ओवेस की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बदमाशों की तलाश की जा रही है।

तहरीर के आधार पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मुजरिया और सहसवान दोनों वारदातों का जल्द वर्कआउट कर दिया जाएगा। इनके संबंध में कुछ क्लू मिले हैं।  
केके सरोज, सीओ सहसवान
 जिले में सिलसिलेवार लूट की वारदातें बनीं चुनौती
जिले में अचानक लूट की वारदातों में इजाफा पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। चार दिन पहले भी दहगवां के तीन पशु व्यापारियों के साथ मुजरिया क्षेत्र में यही घटना हुई थी। जरीफनगर के कस्बा दहगवां के पशु व्यापारी फखरे आलम, नदीम और राशिद 19 अक्तूबर को बाइक से मुजरिया थाने के गांव कोल्हाई के साप्ताहिक पशु नखासे में पशुओं की खरीद करने आ रहे थे। रास्ते में मुजरिया थाने के गांव मेवाड़ी के पास बदमाशों ने फखरे आलम से एक लाख, राशिद से 90 और नदीम से 26 हजार रुपये लूट लिए थे। विरोध करने पर फखरे आलम को गोली मार दी थी। उसका अलीगढ़ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि चार दिन  में पांच पशु व्यापारियों से लूट हुई है। लूट की इन घटनाओं ने पुलिस की किरकिरी कर दी है।
गल्ला व्यापारी से लूट का भी खुलासा नहीं
उसावां थाने के कस्बा म्याऊं निवासी गल्ला व्यापारी गोविंद पाठक ने इनोवा कार सवार चार बदमाशों ने 18 अक्तूबर की रात 3.20 लाख रुपये लूट लिए थे। गोविंद पाठक और उनके ड्राइवर धर्मेंद्र को बाजरा के खेत में बांध कर डाल दिया था। गोविंद पाठक वारदात वाली रात बरेली से पेमेंट लेकर लौट रहे थे। इस मामले का भी पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है।

बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार | आज का दैनिक राशिफल 24/10/2016






  • मेष

नवीन उपलब्धियों के साथ अनायास लाभ के योग बनेंगे। शुभ कार्यों में संलग्न होने से सुयश एवं सम्मान मिलेगा। पराक्रम बढ़ेगा।



  •  वृष

समय का दुरुपयोग न करें। आर्थिक चिंता के कारण मन में असंतोष रहेगा। व्यय में कटौती का प्रयास करें। व्यापार-व्यवसाय मध्यम रहेगा।



  •  मिथुन

प्रयास में आलस्य व विलंब नहीं करें। भूमि, आवास की समस्याओं में वृद्धि की आशंका है। आपसी मामलों को सावधानी से हल करना होगा।



  •  कर्क

आमदनी के अनुरूप खर्च करें। संभावित नुकसान, परेशानी को नजरअंदाज न करें। कटु वचनों का प्रयोग न करें।



  •   सिंह

लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें, सफलता मिलेगी। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा।



  •  कन्या

प्रिय व्यक्ति से भेंट होगी। बुद्धिमानी से कई रुके कार्य पूर्ण होने के योग बनेंगे। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी रखें। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी।



  •   तुला

परिश्रम की तुलना में सफलता कम मिलेगी। चिंता, व्याकुलता व भागदौड़ रहेगी। आपके कार्यों की आलोचना होगी। दुस्साहस नहीं करें।



  •  वृश्चिक

आशा के अनुरूप स्थिति बनेगी। वाहन क्रय करने के योग बनेंगे। व्यापार का विस्तार संभव है। उलझनों से मुक्ति मिलेगी। संत समागम होगा।



  •  धनु

आज विशेष लाभ होने की संभावना है। अनुकूल समाचार मिलेंगे। संतान की ओर से सुखद स्थिति बनेगी। कानूनी काम होंगे।



  •   मकर

दिखावे एवं आडंबरों से दूर रहें। परिवार में मांगलिक कार्यों की योजना बनेगी। आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्ज नहीं लें। कार्यक्षेत्र में नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे।

   कुंभ
पारिवारिक वातावरण सहयोगात्मक रहेगा। नई योजनाओं का क्रियान्वयन हो सकेगा। बड़े लोगों से भेंट होगी। स्वाध्याय में रुचि बढ़ेगी।


  •  मीन

उचित मार्गदर्शन लेना होगा। अधिक लोभ, लालच न करें। व्यवहारकुशलता से अधिकारियों के सम्मानपात्र बन सकेंगे।

zhakkas

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