: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 11/11/16

बिल्सी के बाबा इंटरनेशल स्कूल में बरेली के राममूर्ति मेडिकल कॉलेज की तरफ से निश्शुल्क शिवि







 : बिल्सी के बाबा इंटरनेशल स्कूल में बरेली के राममूर्ति मेडिकल कॉलेज की तरफ से निश्शुल्क शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों को नियमित तौर पर दांतों की सफाई करने के बारे में अहम टिप्स दिए गए। ताकि जीवन में स्वाद को महसूस किया जा सके। शिविर में डॉ.रूपिम दंग, डॉ.अमित सक्सेना, आई सर्जन, डॉ.अनित्य ईएनटी, डा.आरसी गुप्ता फिजीशियन, डॉ.सचिन पाठक ने बच्चों का दंत परीक्षण किया। विद्यालय के चेयरमैन नरेंद्र बाबू वाष्र्णेय ने चिकित्सकों के दल तथा विद्यालय में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के लिए आभार व्यक्त किया। निदेशक अनुज वाष्र्णेय ने कहा कि स्वास्थ्य मानव जीवन में बहुत उपयोगी हैं बिना इसके कुछ भी नहीं है। विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने बताया कि हमें अपनी किसी भी बीमारी को छोटा नहीं समझना चाहिए उसका तुरंत परीक्षण कराना चाहिए। विद्यालय प्रशासक वीपी ¨सह ने बताया कि आने वाले समय में भी विद्यालय के बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इस तरह के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन होता रहेगा। इस मौके पर शिविर में स्कूली बच्चों सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

रोडवेज बस से 30 रुपये में पहुंचेंगे मेला ककोड़ा





बदायूं : परिवहन निगम की ओर से मेला ककोड़ा के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था की जाएगी। मेला तक यात्रियों को पहुंचाने व लाने के लिए 15 बसों को लगाया गया है। यात्रियों की उपलब्धता में 12 नवंबर को डिपो से बसों को रवाना किया जाएगा। मेला में एक बस अड्डा बनाया गया है। जहां डिपो के नौ कर्मचारियों की तैनाती की जा चुकी है। बसों के कुशल संचालन के लिए टाइम टेबल बनाया गया है। मेला तक पहुंचने का किराया तीस रुपये निर्धारित किया गया है।
मेला ककोड़ा में गंगास्नान के लिए यात्रियों को ले जाने को पिछले वर्ष पांच बसें लगाई गई थीं। जिससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिसके चलते सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक में बसों की संख्या 15 कर दी है। यात्रियों की संख्या ज्यादा होने पर अन्य बसों का भी संचालन कराया जाएगा। मेला ककोड़ा में बने बस स्टैंड पर कर्मचारियों को भेज दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से टैक्समुक्त कराए जाने से लोगों को राहत मिली है। जिसके चलते मेला का किराया तीस रुपये हुआ। टोल होने पर किराए में बढ़ोत्तरी की जाती। बसों में मौजूद ईवीएम मशीन में किराया दर्ज कराया जा रहा है। यात्रियों का मैनुअल टिकट नहीं काटा जाएगा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों की संख्या बढ़ाई है। किसी भी यात्री को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। समस्या होने पर बस अड्डा पर तैनात निगम के कर्मचारियों से शिकायत की जा सकती है।
मेला के पास बनाया जाएगा स्टापेज
मेला ककोड़ा से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर दूर से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर निगम का स्टापेज बनाया जाएगा। मुख्य मार्ग से गुजरने वाली रोडवेज यात्रियों को यहां उतार व चढ़ा सकेगी। गंजडुंडवारा की ओर जाने वाली दस बसों को निर्देशित किया गया है।

जूता चुराई की रस्म में साली ने भी नहीं लिया पांच सौ का नोट, बैंक पहुंचा दूल्हा








बदायूं । शादी में जूता चोरी की रस्म के दौरान पांच सौ का नोट लेने से साली ने इंकार कर दिया। दूल्हे को खुद बैंक जाकर अपनी व्यथा सुनानी पड़ी।अब तो सालियों ने भी जूता चुराई की रस्म में पांच सौ व हजार के नोट लेने से मना कर दिया है। एक मामला बदायूं में आया है यह मामला सुबह से चर्चा में बना हुआ है। बैंक ने दूल्हे को सौ के नोट मुहैया कराए, तब कहीं जाकर साली ने जूता लौटाया और दुल्हन की विदाई हो सकी। यह मामला सुबह से चर्चा में बना हुआ है।
कस्बा निबासी नेकपाल की बेटी सुषमा की बुधवार रात टनकपुर (चंपावत) से बारात आई थी। सुबह फेरों के वक्त जूता चुराई की रस्म हुई। दूल्हा जितेंद्र ने जब जूता वापस मांगा तो साली ने नेग मांगा। इस पर जितेंद्र ने उसे पांच सौ के नोट दिए। जिसको लेने से साली ने मना कर दिया जिससे बारात की विदाई फंस गई।


बदायूँ,नोट बदलने के फार्म बेचते पुलिस ने दो लोगों को दबोच






बदायूँ,  |  पांच सौ और एक हजार रुपये के बदले बैंकों से दूसरे नोट लेने के लिए ग्राहकों को एक निर्धारित प्रारुप का फार्म भर कर देना हो रहा है। कुछ लोगों ने बैंक आने वाले लोगों के लिए इस प्रारूप के फार्म की भी बिक्री शुरू कर दी। प्रति फार्म पांच रुपये बेचा जा रहा था। डीएम पवन कुमार, एसएसपी महेंद्र यादव, एसपी सिटी अनिल यादव ने निरीक्षण के दौरान एसबीआई जोगीपुरा के पास फार्म बेचते हुए राजेश और वैभव नाम के दो लोगों को दबोच कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। प्रभारी कोतवाल अर्जुन सिंह यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई है।

बदायूँ,कोर्ट के लॉकअप में भिड़े बंदी, मोहर्रिर से भी मारपीट






बदायूँ, | जिला जेल से कोर्ट में पेशी पर लाए गए दो बंदी आपस में ही भिड़ गए। दोनों के बीच मारपीट होने पर कोर्ट के लॉकअप में अफरा-तफरी के साथ कोर्ट परिसर में भी हड़कंप मच गया। बीच बचाव कराने पर बंदियों ने लॉकअप मोहर्रिर मुश्ताक अली से भी मारपीट कर दी। बाद में किसी तरह से मामले को सुलझाया गया। इस संबंध में लॉकअप मोहर्रिर की ओर रिपोर्ट दज कराई गई है।

उझानी कोतवाली के गांव ननाखेड़ा निवासी आमिर हत्या समेत कई मामलों में आरोपी है। बुधवार को उसको एडीजे दशम की कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। बिल्सी थाने के गांव अंबियापुर के श्रीराम उर्फ सिरिया को भी पेशी पर कोर्ट लाया गया था। बताते हैं कि जेल में ही पुलिस के ट्रक में बैठते वक्त आमिर और श्रीराम के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस कर्मियों ने यहां तो मामले को निपटा दिया। इसके बाद सभी बंदियों के साथ दोनों को कोर्ट के लॉकअप में बंद कर दिया गया।
कुछ देर के बाद कोर्ट के लॉकअप में ही आमिर और श्रीराम के बीच मारपीट हो गई। लॉकअप में बंदियों के बीच मारपीट होने से कोर्ट परिसर में भी हंगामा मच गया। कोर्ट मोहर्रिर मुश्ताक अली फोर्स के साथ बीच-बचाव करने पहुंचे तो दोनों ने उसने भी मारपीट कर दी। बाद में फोर्स बुलाकर इस पर काबू किया गया। पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
... तो सिरिया लॉकअप में कर रहा था मोबाइल पर बात
बदायूं। कोर्ट के लॉकअप में बंद बंदियों की मानें तो श्रीराम उर्फ सिरिया लॉकअप से कोर्ट लॉकअप की खिड़की से कोई मिलने आया था। उनसे सिरिया को मोबाइल दिया। सिरिया मोबाइल पर बात कर रहा था। इसकी शिकायत आमिर ने पुलिस कर्मियों से कर दी। इसी बात से सिरिया खिसिया गया। कुछ देर के बाद दोनों में मारपीट हो गई। हालांकि, लॉकप स्टाफ इससे इंकार कर रहा है।
कोर्ट परिसर का मामला है। जेल से बाहर बंदी पुलिस अभिरक्षा में होता है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात करने पर पता बंदियों के बीच मारपीट होने की बात पता लगी है।-अरविंद पांडेय, जेलर

अमर उजाला पोल : आज भी यही सवाल, क्या लगेगी काले धन पर लगाम?





बदायूँ  | कालाधन को लेकर 500 और एक हजार के नोट बैन करने के बाद बेशक हजार सवाल फिजा में तैर रहे हों लेकिन मुख्य मुद्दा यही है कि क्या इससे कालेधन पर लगाम लग पाएगी। सरकार के आदेश के बीच हर कोई इस सवाल का जवाब तलाश रहा है। जनता में सरकार के इस निर्णय को लेकर जबरदस्त बेचैनी है, आमजन की इसी बेचैनी को समझा अमर उजाला डॉटकॉम ने।

इसी को देखते हुए जनता से काफी गहरे तक जुड़े इस मुद्दे पर हमने "क्या 500 और 1000 के नोट बंद करने से काले धन पर लगाम लगेगी?" शीर्षक से ऑनलाइन पोल करवाया। सवाल आमजन के मन का था तो जाहिर सी बात है लोगों की भागीदारी भी जबरदस्त रहनी थी। लेकिन जिस तरह लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी उसने तमाम पुराने रिकार्ड तोड़ दिए।

आलम ये रहा कि 24 घंटे के पोल के दौरान 25 हजार से ज्यादा लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। यानि हर घंटे हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी राय दी। पोल के मामले में 25 हजार के मार्क को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मुद्दे पर लोगों की रुचि और राय को देखते हुए हमने निर्णय लिया है कि इस सवाल को अगले 24 घंटे तक और जनता के बीच में रखा जाएगा।

आज हम कोई नया सवाल नहीं पूछेंगे बल्कि इसी सवाल पर आपकी राय एक बार और जानने का प्रयास किया जाएगा। तो ऐसे में अगर जनता और सरकार से जुड़े इस ज्वलंत मुद्दे पर आप भी अपनी राय रखना चाहते हैं तो हमारी वोटिंग प्रक्रिया अभी जारी है आप अपनी राय रख सकते हैं।

बैंकों में जबरदस्त भीड़, लेनदेन को करना पड़ा इंतजार






बदायूँ | एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बाद पहली बार जब बैंक शाखाएं खुलीं तो लोगों की भारी भीड़ बैंकों में नजर आई। लोगों सुबह नौ बजे से बैंक खुलने की खबर अखबारों में पढ़कर सुबह साढ़े आठ बजे से ही शहर की 32 बैंक शाखाओं सहित जिले की 188 बैंक शाखाओं के बाहर डेरा जमा दिया। शहर और देेहात क्षेत्रों में अधिकांश बैंक शाखाएं खुल तो गईं, लेकिन वहां पर कनेक्टीविटी की समस्या के चलते सुबह लेनदेन और नोट बदलने का काम नहीं हो सका, जबकि भारी भीड़ बैंक परिसर के अंदर और बाहर जमी रही। कुछ बैंकों ने रुपये बदलने वालों को अंदर ही नहीं जाने दिया, जबकि कुछ बैंक शाखाओं ने अपनी बैंक ग्राहकों को प्राथमिकता दी। कुछ बैंकों शाखाओं में ताले लटका दिए गए।

शहर में पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडीकेट बैंक समेत कई बैंकों ने सुबह नौ बजे के करीब बैंक शाखाएं खोल दीं। वहीं, यूनियन बैंक, यूको बैंक, जिला सहकारी बैंक, अर्बन कोऑपरेटिव, आईसीआईआई बैंक 10 बजे ही खुलीं। अधिकांश बैंकों में काम देर से ही शुरू हो सका। बैंकों के आसपास भारी भीड़ अपने नंबर आने के इंतजार में जमी रही। दोपहर तक कुछ बैंकों में स्थिति संभल गई, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक की अधिकांश शाखाओं में भीड़ देर शाम तक जमा रही। लाइन में लगने वाले अधिकांश लोगों को आखिरकार धनराशि मिल ही गई, तो वे लोग खुशी-खुशी वापस हो गए। रुपये निकालने के लिए पुलिसकर्मी भी लाइन में लगे नजर आए।
एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि बैंकों ने अपने बैंक  शाखा के ग्राहकों पर ज्यादा फोकस रखा। इन बैंकों में रुपये जमा करने वालों की संख्या खासी रही, जबकि एसबीआई, पीएनबी, सिंडीकेट आदि बैंकों में निकालने वालों की खासी भीड़ जमा रही। शहर के साथ ही दातागंज, उझानी, सहसवान, बिसौली, बिल्सी, जरीफनगर, अलापुर, ककराला आदि क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं में भी ग्राहकों की भीड़ रही, लेकिन कहीं भी स्थिति बेकाबू नहीं हुए।

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