: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 12/04/16

बाबरी विध्वंस के 25 साल: हिंदू भक्तों के लिए मालाएं बना रहे हैं अयोध्या के मुस्लिम





अपने पुराने रेडियो पर रामकथा सुनते हुए 65 वर्षीय मोहम्मद सलीम सालों से लकड़ी की खड़ाऊं बनाते हैं। वह कहते हैं, 'मुझे याद नहीं कि मैंने पहली खड़ाऊं कब बनाई थी। लेकिन जो भी साधू मुझसे यह खरीदते हैं, मेरे हुनर की तारीफ करते हैं। जब साधु मेरा नाम पूछते हैं तो वह मुस्कुराते हैं और हर साल खड़ाऊं खरीदने मेरे पासा आते हैं।' सलीम का परिवार तीन पीढ़ियों से अयोध्या में हिंदू भक्तों के लिए खड़ाऊं बनाता है। सलीम कहते हैं, 'मुझे अयोध्या में काम करते हुए कभी कोई परेशानी नहीं हुई। हर कोई जानता है कि मुस्लिम हूं और फिर भी वो मुझसे ही खड़ाऊं खरीदते हैं।'

हालांकि 6 दिसंबर, 1992 के दिन सलीम और उनके परिवार को अयोध्या से भागना पड़ा था और उनके मकान-दुकान को गिरा दिया गया था। सलीम की तरह ही अयोध्या में कई मुस्लिम उस दिन को दुख से याद करते हैं लेकिन वह खुशी से हिन्दू भक्तों के लिए पूजा की मालाएं और खड़ाऊं बनाते हैं। एक और खड़ाऊं बनाने वाले कारीगर हाशिम ने कहा, 'लोग तेरहवीं पर 13 जोड़ी खड़ाऊं खरीदते हैं।' हनुमानगढ़ी के बाबू बाजार में पूजा का सामान बेचने वाली नीमा खातून कहती हैं, '6 दिसंबर का दिन हम सब के लिए दुखद और आतंकित करने वाला था।'

आलमगढ़ी में 12 मुस्लिम परिवार मंदिरों और पूजा की मालाओं के लिए फूलों की खेती करते हैं। गुड़िया ने बताया, 'हम रोजाना हनुमानगढ़ी के मंदिर के लिए गेंदे और गुलाब की मालाएं बनाते हैं। हो सकता है कि जमीन के लिए यहां लड़ाई हो लेकिन काम के मामले में किसी भी हिन्दू या मुस्लिम में कोई मतभेद नहीं है।' 6 दिसंबर के बारे में गुड़िया कहती है, 'वो दिन अलग था। हमने कोई काम नहीं किया और न ही हम घर से बाहर निकले थे। हमारे घर को भी तोड़ दिया गया था।'

13860 करोड़ वाले शाह ने कहाः दूध का दूध, पानी का पानी करूंगा






अहमदाबाद। आयकर घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत दो महीने पहले 13,680 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा करने वाले गुजरात के कारोबारी महेश शाह ने शनिवार को कहा कि कुछ कारोबारियों व राजनेताओं ने अपने पैसे की घोषणा करने के लिए उनका इस्तेमाल किया, जिनके नाम वह जल्द ही सामने लाएंगे।
रविवार को इनकम टैक्स अधिकारियों ने छोड़ शाह को दिया
बीते 29 नवंबर को फरार होने के लगभग एक सप्ताह बाद शाह अहमदाबाद में टेलीविजन चैनल ईटीवी के स्टूडियो में दिखाई दिए, जहां आयकर विभाग ने प्रॉपर्टी डीलर शाह को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। रविवार को पूछतछ के बाद महेश शाह को छोड़ दिया गया। इनकम टैक्स अधिकारियों ने कहा कि उनको कल फिर बुलाया गया है। इससे पहले उन्होंने टेलीविजन चैनल से कहा कि आईडीएस के तहत मैंने 13,860 करोड़ की संपत्ति की जो घोषणा की है, वह मेरे नहीं हैं।
दूध का दूध, पानी का पानी करेंगे शाह
शाह से जब अधिकारियों ने पूछा कि क्या आपने बड़ी गलती कर दी है इस पर उन्होंने कहा कि हां, गलती तो कर दी है लेकिन अब दूध का दूध और पानी का पानी कर दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं भगोड़ा नहीं हूं। मेरे परिवार को परेशान किया जा रहा था इसलिए यहां आना पड़ा।
जिनके पैंसे हैं वो सब हिन्दुस्तानी
टैक्स नहीं भरने के सवाल पर उन्होंने बताया कि मैं 29 नवंबर को 1560 करोड़ रु. की पहली किस्त भरने जा रहा था। पर आखिरी वक्त में मेरे लोग पीछे हट गए। तो मुझे भी हटना पड़ा। शाह के मुताबिक सब भरोसे वाले लोगों के पैंसे है और सब के सब हिन्दुस्तानी हैं।
जिनके पैसे हैं उनके नाम नहीं बताने पर उन्होंने कहा कि इंतजार कीजिए। सब साफ हो जाएगा औऱ मीडिया को सारी जानकारी मिल जाएगी।
गिरफ्तारी से पहले शाह ने कही ये बात
कारोबारी ने कहा कि ऐसा करने के लिए किसी ने मुझे मजबूर नहीं किया था, बल्कि इस संपत्ति की घोषणा करने के लिए मुझे कमीशन देने का वादा किया गया था। शाह ने कहाकि जिन लोगों के पैसों की घोषणा आईडीएस के तहत की गई थी, वे अपनी बात से पीछे हट गए, जिस कारण मैं पहली किस्त अदा नहीं कर सका।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी का अहसास हो चुका है और आयकर विभाग को सभी सूचनाएं मुहैया कराने के बाद जल्द ही वह सारा खुलासा कर देंगे। शाह ने कहा कि जिनके पैसों की घोषणा की गई है, वे कारोबारी और राजनीतिज्ञ हैं।
शाह (67) तब सुर्खियों में आए, जब आम माफी योजना के तहत घोषित संपत्ति की पहली किश्त देने में नाकाम होने के बाद आयकर अधिकारियों ने उनके आवास तथा अहमदाबाद स्थित उनके कार्यालय पर छापेमारी की थी।
आयकर अधिकारियों के समक्ष घोषणा को सामने रखने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट तहमूल सेठना ने शुक्रवार को कहा कि अपने मुवक्किल से उनकी अंतिम बातचीत 29 नवंबर को हुई थी। आईडीएस के अंतिम दिन 30 सितंबर की रात शाह आयकर कार्यालय गए थे।
उन्होंने 14 अक्टूबर को आईडीएस के तहत सांविधिक फॉर्म नंबर-2 दिया था। आयकर विभाग ने बाद में फॉर्म नंबर-2 के प्रतिवेदन की पुष्टि की थी, जिसका मतलब होता है कि आयकर विभाग ने उनकी घोषणा को स्वीकार कर लिया है।

हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस: PM बोले- आतंकवाद को पनाह देने वालों के खिलाफ भी करें कड़ी कार्रवाई





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृतसर में रविवार को हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर सभी देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में सबको एकजुट होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से अफगानिस्तान की शांति को खतरा है और पूरे क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिश की जा रही है. पीएम ने कहा कि सीमापार से चल रहे आतंकवाद की पहचान करनी होगी और इससे मिलकर लड़ना जरूरी है.

अफगानिस्तान में शांति लाना है मकसद
पीएम मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के साथ मिलकर 6ठें हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का उद्घाटन करना हमारे लिए खुशी की बात है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत के करीबी रिश्ते हैं और उसकी मदद करना हमारा मकसद है. उन्होंने कहा कि हम अफगानिस्तान में शांति लाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ आतंकवादियों के खिलाफ ही नहीं बल्कि आतंकवाद को आर्थिक सपोर्ट करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी होगी.
गनी बोले- मदद के लिए भारत का शुक्रिया
अशरफ गनी ने सम्मलेन के उद्घाटन के मौके पर कहा कि भारत अफगानिस्तान को बिना शर्त आर्थिक सहयोग दे रहा है और इसके लिए उन्होंने भारत का शुक्रिया अदा किया. गनी ने सपोर्ट के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी धन्यवाद कहा.

आतंकवाद पर गनी के निशाने चढ़ा पाकिस्तान
अशरफ गनी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तालिबान ने स्वीकार किया है कि उसे पाकिस्तान से सपोर्ट मिल रहा है. गनी ने कहा कि अफगानिस्तान में पिछले साल सबसे ज्यादा मौतें हुईं, जो स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि यूनाइटिड नेशन्स की तरफ से नामित किए गए करीब 30 आतंकी संगठन अफगानिस्तान में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट है बेहत अहम
अशरफ गनी ने कहा कि भारत, अफगानिस्तान और इरान के लिए चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट कनेक्टिविटि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

भारत ने अफगानिस्तान को दिया मदद का भरोसा
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, अफगानिस्तान में भारत की तरफ किए जा रहे निर्माण और सुरक्षा को मजबूत करने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. बैठक में पीएम मोदी ने गनी को भरोसा दिलाया कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की तरफ से सहयोग जारी रहेगा.

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां पहुंचे विभ‍िन्न देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया. अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाउद्दीन रब्बानी ने इस मौके पर कहा कि आतंकवाद और कट्टरपंथ जैसे मुद्दों से निपटने के लिए अभी बहुत काम करने की जरूरत है.
स्वर्ण मंदिर जाएंगे सरताज अजीज
इस सम्मेलन में भी पाकिस्तान अलग-थलग पड़ता नजर आया. सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज रविवार को स्वर्ण मंदिर जाएंगे और सम्मेलन शुरू होने से पहले ही वो स्वर्ण मंदिर के लिए रवाना हो गए.

एक दिन पहले ही अमृतसर पहुंचे थे मोदी और गनी
पीएम मोदी और अशरफ गनी सालाना 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को ही अमृतसर पहुंच गए थे. रविवार को इस सम्मेलन में करीब 40 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे जिनमें अशरफ गनी भी शामिल हैं.

पीएम मोदी और अशरफ गनी मिलकर इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और गनी दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं.

कोहरे में भिड़े ट्रक और बस, 10 लोग घायल






मुरादाबाद-फर्रुखाबाद पर ट्रक और बस की आमने-सामने की टक्कर में बस में सवार 10 लोग घायल हो गए। हादसा शनिवार सुबह करीब सात बजे घने कोहरे की वजह से हुआ। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। करीब एक घंटे के बाद क्रेन के सहारे दोनों वाहनों को हटाने के बाद पुलिस यातायात सामान्य कर सकी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर है।

बदायूं डिपो की अनुबंधित बस सवारियों को लेकर चंदौसी की ओर जा रही थी। रास्ते में हाईवे पर वजीरगंज थाने के कस्बा सैदपुर के पास मुरादाबाद की ओर से आ रहे ट्रक की बस से आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस में करीब 30 सवारियां थीं। इनमें 10 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद आस-पास के लोग मौके पर जमा हो गए। बस से सवारियों को बाहर निकाला। खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने एंबुलेंस के जरिए घायल नाजमा बेगम पत्नी अख्तर, जितेंद्र कुमार पुत्र गंाग प्रसाद, प्रमोद कुमार पुत्र बनारसीदास, नाजिम पुत्र मेहंद, इलियास पुत्र बन्ने, मुनेंद्र पुत्र राजेश्वर सिंह समेत 10 लोगों को अस्पताल पहुंचाया। बाकी लोगों को मामूली चोटें आई थीं। गंभीर हालत में नजमा, शोनू, नाजिम और जितेंद्र को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। बाद में पुलिस ने एंबुलेंस मंगकर दोनों वाहनों को हाईवे से हटवाया। तब यातायात सामान्य हो सका। ट्रक चालक पंजाब प्रांत के जसवान सिंह पुत्र सुच्चा सिंह भी मामूली घायल हुआ। वह जमशेदपुर से स्टील लेकर पंजाब जा रहा था। फिलहाल दोनों वाहन पुलिस के कब्जे में हैं।

जिले में 16 से बढ़कर 19 हो गए ब्लैक स्पॉट
बदायूं। जिले में अब तक हाईवे और अलग-अलक लोकल रोड पर 16 ब्लैक स्पॉट थे। बदायूं-बरेली हाईवे फोरलेन होने के बाद इस हाईवे से दो ब्लैक स्पॉट कम हो गए। लेकिन, उप संभागीय परिवहन विभाग ने नए सिरे से सर्वे करने के बाद पांच नए एक्सीडेंट प्वाइंट बनाए हैं।
जिले में पांच नए एक्सीडेंट प्वाइंट के बारे में उप संभागीय परिवहन विभाग ने लोक निर्माण विभाग को भी सूचना दे दी थी। इन स्थानों पर व्हाइट पट्टी के साथ रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाने के लिए कहा था। इसके बावजूद अब तक इन स्थानों पर कोई काम नहीं हुआ है। कोहरे का सीजन शुरू हो गया है। इसी सीजन में हादसों की तादाद बढ़ जाया करती है। एआरटीओ अमिताभ राय ने बताया कि पूरे जिले में अभियान चलाया जा रहा है। नए स्पॉट के संबंध में लोक निर्माण विभाग को बता दिया गया है। वह खुद भी नजर बनाए हैं।

110 केंद्रों पर 53757 परीक्षार्थी देंगे यूपी बोर्ड परीक्षा





माध्यमिक शिक्षा परिषद की यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शनिवार को बरेली मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया गया। इसमें परीक्षा केंद्र और परीक्षार्थियों की संख्या के बारे में जानकारी भी ली गई। जिले में अभी तक कुल 102 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन शनिवार को इन्हें बढ़ाकर 110 कर दिया गया।

बोर्ड परीक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि घोषित होने के बाद डीआईओएस ने सभी परीक्षा केंद्रों के बारे में आपत्तियां मांगी थीं। कुछ परीक्षा केंद्रों की आपत्तियां आईं। जिन पर विचार करने के बाद परीक्षा केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 110 कर दिया गया। वहीं इस बार जिले में परीक्षार्थियों की संख्या गत वर्ष के मुकाबले कम हो गई। पिछले वर्ष जिले में कुल 62 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। जो इस वर्ष करीब आठ हजार घटकर 53757 रह गई। सूत्रों की माने तो ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि छात्र संख्या के मुकाबले परीक्षा केंद्र अधिक होने से परीक्षा में धांधली की गुंजाइश कम रहेगी। बता दें कि इस वर्ष जिले में हाईस्कूल में कुल 32839 और इंटरमीडिएट में 20918 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। हाईस्कूल में छात्रों की संख्या 20244 और छात्राओं की संख्या 12234 है, जबकि इंटरमीडिएट में छात्रों की संख्या 11616 और छात्राओं की संख्या 8595 है। इस वर्ष व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की संख्या में कुछ इजाफा हुआ है। हाईस्कूल में कुल 361 और इंटरमीडिएट में 710 परीक्षार्थी हिस्सा ले रहे हैं।

आज का राशिफल 04-12-2016





मेष राशि
स्वामी – मंगल
अराध्य देव – श्री गणेशजी
तत्व – अग्नि
नाम के पहले अक्षर – अ, ल, इ
शुभ रत्न – मूंगा
शुभ रुद्राक्ष – तीन मुखी
मेष राशि के जातक जन्म से ही नेतृत्व में निपुण होते है. प्रायः ऊर्जा और अति- उत्साह से सभर रहते है. हालाँकि स्वच्छ प्रकृति के मगर अधिक आत्म केंद्रित रहते है. किसी भी कार्य को योजनापूर्वक करने में माहिर हैं. संघर्ष से उचित पद, इज्जत और नाम कमाते है. किसी को अपने पक्ष में खींचने में निपुण है. जो लोग आपके अनुसार कार्य नहीं करते उनके प्रति आपकी धारणा नकारात्मक रहती है. किन्तु मेष राशि के जातक जिन पर प्रसन्न हो जाते हैं उन पर जान भी न्योछावर कर देते हैं.

वृषभ राशि
स्वामी – शुक्र
अIराध्य देव – कुलस्वामिनी
तत्व – पृथ्वी
नाम के पहले अक्षर – ब, व और ऊ
शुभ रत्न – हीरा
शुभ रुद्राक्ष – छह मुखी रुद्राक्ष
वृषभ राशि के जातकों का स्वभाव गंभीर, स्थिर और व्यव्हार कुशल रहताहै. सौंदर्य से प्रेम करने वाले और शिष्टप्रिय होते है. पुराने विचारों में मानते है. धन और नाम हासिल करते हैं. अपने पुराने विचारों की वजह से लोगों से उंच नीच रहती है. प्रभावपूर्ण वाणी आपकी विेषेषता है. सफलता प्राप्त करने के बाद भी लोगों को साथ में रख कर चलना आपकी आदत है. आप भावुक और ह्रदय से सच्चे है. तत्काल लाभ की अभिलाष रखते हैं मगर उपेक्षा के पात्र बनते है.

मिथुन राशि
स्वामी – बुध
अIराध्य देव – कुबेर
तत्व – हवा
नाम के पहले अक्षर – क, छ, घ
शुभ रत्न – पन्ना
शुभ रुद्राक्ष – चार मुखी रुद्राक्ष
मिथुन राशि के जातकों में दुसरो की प्रकृति तथा व्यवहार को तीव्रता से समझ लेते हैं. मिलनसार स्वभाव की वजह से बहुत मित्र होते हैं. किसी भी कठिन बात को बुद्धिपूर्वक आसानी से बोल लेते हैं. आकर्षक और मनोरंजक व्यक्तित्व इनकी विशेषता हैं.

किन्तु अंद्रोनी तौर पर शुभ आचार विचार वाले और एकाग्र होते हैं. किन्तु बुरी सांगत को ले कर अपनी प्रतिभा को नुक्सान करते हैं. साथ ही कुछ मित्रों की संगत से मदद भी मिलती हैं. मिथुन राशि के जातक अधिकतम उदार दिल, बलशाली, चतुर तथा भोग विलास में रस रखनेवाले होते हैं.

कर्क राशि
स्वामी – चन्द्रमा
अIराध्य देव – शंकर भगवान
तत्व – जल
नाम के पहले अक्षर – ड, ह
शुभ रत्न – मोती
शुभ रुद्राक्ष – दो मुखी रुद्राक्ष
इस राशि के लोग सौन्दर्यवान और घर परिवार से अत्यधिक मोह रखने वाले होते हैं. भावनात्मक रूप से अपने आप को सुरक्षित रहना चाहते है. इसी वजह से अपनी भावनाओं को सही मायने में प्रस्तुत करने से डरते है.

यह राशि वाले रिश्तों और परिवार में रचे रहते हैं. प्रकृति से लोगों को सुरक्षा देने वाले और अन्य लोगो को पालन पोषण देते हैं. जज्जबाती और देशभक्त तथा मातृभक्त रहते हैं. इनकी प्रकृति लोगों की समझ में जल्द नहीं आती. ऊपर से भावनाहीन मगर अंदर से मोम जैसा व्यक्तित्व और प्रेमी स्वभाव रहता हैं.

सिंह राशि
स्वामी – सूर्य
अIराध्य देव – सूर्य भगवान
तत्व – अग्नि
नाम के पहले अक्षर – म, ट
शुभ रत्न – माणिक्य
शुभ रुद्राक्ष – एक मुखी रुद्राक्ष
सिंह राशि के जातक किसी के सामने झुकना पसंद नहीं करते. स्वभाव से उत्साही, निर्भयी, क्रोधी, वीर, स्वतन्त्र और कठिन परिस्थितियों में भी विचलित न होने वाले व्यक्ति होते हैं. सन्तोषपूर्ण होने के कारन आर्थिक उन्नति नहीं कर पाते. अकेले रहना अधिक पसंद करते हैं जिसकी वजह से जीवन में कठिनाइयां रहती है. सिंह राशि के जातक अधिकतम अपने शोख़ को अपना पेश बनाते हैं. ह्रदय से आप दूसरों का भला हमेशा चाहते हैं मगर आपका अहंकार आपको दुसरो से जोड़ने में रुकावटें पैदा करता हैं. जन्म से ही आप संचालन और नेतृत्व की शक्तियां रखते हैं.

कन्या राशि
स्वामी – बुध
अIराध्य देव – कुबेर
तत्व – पृथ्वी
नाम के पहले अक्षर – प, ठ, ण
शुभ रत्न – पन्ना
शुभ रुद्राक्ष – चार मुखी रुद्राक्ष
कन्या राशि के जातक स्वभाव से अधिक दृढ़ निश्चयी और कुछ अंश तक जिद्दी भी होते हों. एक बार जो सोच लेते है उसे पूरा कर के ही दम लेते हैं. सञ्चालन में कुशल, कलाओं में निपुण और धनी रहते हैं. वाणी में मधुरता, बुद्धिमता, विचारशीलता और व्यवहारिकता इनकी खासियतें हैं. स्वच्छता के अति आग्रही और हर कार्य को व्यवस्थापूर्ण करना चाहते हैं. मेहनती और सफलता को तीव्रता से पाने वाले व्यक्ति हैं. किन्तु सांसारिक जीवन में भाग्यशाली नहीं होते. ह्रदय से रोमांटिक रहते हैं किन्तु भावनाओं को प्रदर्शित करने में विश्वास नहीं रखते. इसकी वजह से प्रेम सम्बन्धो और वैवाहिक सम्बन्धो में सफलता नहीं मिलते.

तुला राशि
स्वामी – शुक्र
अIराध्य देव – कुल स्वामिनी
तत्व – वायु
नाम के पहले अक्षर – र, त
शुभ रत्न – पन्ना
शुभ रुद्राक्ष – छह मुखी रुद्राक्ष
तुला राशि के जातक जन्मजात कुशल राजनीतिज्ञ, विचारशील और चतुर होते हैं. स्वभाव संतुलित रहता है और हर वस्तु को सम्पूर्ण समीक्षा और परिक्षण के बाद समझते हैं. आज्ञा के पालक रहते हैं. सौंदर्य और सुघड़ता को बहुत पसंद करते हैं. दूरदर्शिता से भरपूर आपका स्वभाव कार्य क्षेत्र में अच्छी तरक्की करवाता हैं.

वाणी और स्वभाव आनंदित रहने की वजह से लोगों में प्रिय बने रहते हैं. सभी राशियों में अत्यधिक आकर्षण पैदा करने वाला व्यक्तित्व रखते हैं. किन्तु कुछ परिस्थितियों में अत्यधिक हताश हो जाते हैं. निर्णय लेने से पहले आयाम और अंजाम के विषय में अत्यधिक सोचते हैं.

वृश्चिक राशि
स्वामी – मंगल
अIराध्य देव – गणेशजी
तत्व – जल
नाम के पहले अक्षर – न, य
शुभ रत्न – माणिक्य
शुभ रुद्राक्ष – तीन मुखी रुद्राक्ष
वृश्चिक राशि के जातक तीक्ष्ण बुद्धि के मालिक होते है. बोले हुए वचन को दृढ़ता से पालनेवाले, थोड़े घमंडी, किसी भी विषय का बारीकी से निरिक्षण करने में निपुण और महत्वकांशी रहते हैं. धार्मिक विचार रखते हैं और हर कार्य को कुशलतापूर्वक करते हैं. अन्य लोगो के स्वभाव, शक्तियों और कमजोरियों को तीव्रता से समझने का गुण रखते हैं. मित्र बनाने के शौकीन और प्रशंसा पाने के अभिलाषी रहते हैं. इनकी दोस्ती जितनी लाभदायी रहती है उतनी ही इनकी दुश्मनी कष्टदायक रहती हैं. मन में जो विचार है उसे प्रस्तुत करने में हिचकिचाते नहीं. स्वभाव से ईर्ष्यालु भी रहते हैं.

धनु राशि
स्वामी – बृहस्पति
अIराध्य देव – दत्तोत्रय
तत्व – अग्नि
नाम के पहले अक्षर – भ, ध, फ, ढ
शुभ रत्न – पुखराज
शुभ रुद्राक्ष – पांच मुखी रुद्राक्ष
धनु राशि के लोग शांतिप्रिय, स्पष्टवक्ता, सत्य के आग्रही, मिलनसार, निडर, वफादार और जिज्ञासु रहते हैं. सत्य और ज्ञान की खोज आपकी प्रकृति है. नेतृत्व का कौशल रखते हैं. मौज शौख के शौकीन होते है और जहाँ जाते हैं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनते हैं. अपने कौशल्य और स्वभाव से इन्हे दूसरों पर अधिकार जाताना काफी अच्छा लगता है. शौकीन और दूसरों का ख्याल रखने की प्रकृति निजी सम्बन्धो में सफलता दिलाती है. ह्रदय से बहुत दयालु और मदद करने की भावना रखते हैं.

मकर राशि
स्वामी – शनि
अIराध्य देव – शनिदेव, हनुमानजी
तत्व – पृथ्वी
नाम के पहले अक्षर – ख, ज
शुभ रत्न – नीलम
शुभ रुद्राक्ष – सात मुखी रुद्राक्ष
मकर राशि वाले धनि और सुन्दर होते हैं. कार्य को अपना जीवन मानते हैं और कार्यस्थल पर समय व्यतीत करना अधिक पसंद करते हैं. मौज शौख में काम रूचि रहती है. इस राशि के लोग दोहरे विचार रखते हैं. अपने लक्ष्य के प्रति सम्पूर्ण सम्भान और प्रयत्नशील रहते हैं. रहस्यों और आध्यात्मिक बातों में रूचि रखते हैं. कार्यों को स्वयं पूरा करने में विश्वास रखते हैं. दूसरों का हस्तक्षेप पसंद नहीं करते. ऊँचे विचार वाले और धन कमाने का अच्छा सामर्थ्य रखते हैं. उपकारों को कभी भूलते नहीं.

कुम्भ राशि
स्वामी – शनि
अIराध्य देव – शनिदेव, हनुमानजी
तत्व – वायु
नाम के पहले अक्षर – ग, स, श, ष
शुभ रत्न – नीलम
शुभ रुद्राक्ष – सात मुखी रुद्राक्ष
कुम्भ राशि के लोग अधिकतर परोपकारी और प्रेमी स्वभाव के होते है. किसी पर जल्दी मोहित हो जाते है. परोपकारी होने पर भी किसी के विरुद्ध षड़यंत्र रच सकते है. ह्रदय की बातों को छुपाने में माहिर होते है. कला, संगीत, शिल्प और साहित्य में रूचि रखने वाले हैं. भावनाओं और बातों को गुप्त रखने की वजह से मानसिक और शारीरिक रूप से कष्ट उठाते है. सौंदर्य के पुजारी होते है और आगे बढ़ने की इच्छा हमेशा रखते हैं. जो भी कार्य करते है उसे पुरे दिल से संपन्न करते हैं. किन्तु तीव्र क्रोध आपका सबसे बड़ा अवगुण है.

मीन राशि
स्वामी – बृहस्पति
अIराध्य देव – दत्तोत्रय
तत्व – जल
नाम के पहले अक्षर – द, च, थ, झ
शुभ रत्न – पुखराज
शुभ रुद्राक्ष – पांच मुखी रुद्राक्ष
मीन राशि के लोग अत्यंत शांत, सौम्य, करुणामय स्वभाव के और आकर्षक व्यक्तित्य के मालिक हैं. अपनी हर गलती पर माफ़ी मांग लेते हैं. अध्यात्म और ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं. गंभीर और दोहरे स्वभाव के बावजूद भी आपके विचार हमेशा सरल और अच्छे रहते हैं. दूसरों के बारे में इतना अधिक सोचते हैं की दुसरो के दर्द को स्वयं बर्दाश्त कर लेते है. अन्य के लिए अपने खुशियों को त्यागना पसंद करते हैं. गलत और सही के बीच में निर्णय लेने में हमेशा मानसिक रूप से त्रस्त रहते हैं. किन्तु सहानुभूति, बेफिक्र और उदार स्वभाव की वजह से लोगों में प्रिय रहते हैं.

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