: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 12/06/16

अब 100 रुपए के नए नोट जारी करेगा आरबीआई






नई दिल्ली। नोटबंदी से हो रही कैश की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है। आरबीआई अब जल्द ही 100 रुपए के नए नोट जारी करेगा। आरबीआई ने कहा है कि पुराने 100 रुपए के नोट भी कानूनी रूप से मान्य होंगे। इन नोटों को जल्दी ही जारी किया जाएगा।
100 रुपए का ये नोट 2005 की महात्मा गांधी सीरीज में ही छापे जाएंगे। इन पर मौजूदा गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे। इन नए नोटों के बाकी डिजाइन और सिक्यॉरिटी फीचर्स 100 के नोट की तरह ही होंगे। इसके अलावा इन नोटों में बढ़ते क्रम में अंक दर्ज होंगे।
इससे पहले आरबीआई ने 20 और 50 रुपये के नए नोटों को जारी किए जाने का भी ऐलान किया था। इन नोटों में सुरक्षा के नए फीचर शामिल किए जाएंगे। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद 500 और 2000 के नए नोट आरबीआई ने जारी किए हैं।

अयोध्या विवाद: पढ़ें- कब-कब, क्या-क्या हुआ?






लखनऊ। अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में छह दिसंबर यानी आज की तारीख अहम है। 24 साल पहले इसी दिन विवादित ढांचे को ढहा दिया गया था जिसका मुकदमा आज भी लंबित है। पढ़ें-विवाद की शुरुआत से लेकर अब तक का प्रमुख घटनाक्रम-

  • 1528: अयोध्या में एक ऐसे स्थल पर मस्जिद का निर्माण किया गया जिसे हिंदू भगवान राम का जन्म स्थान मानते हैं। समझा जाता है कि मुग़ल सम्राट बाबर ने ये मस्जिद बनवाई थी जिस कारण इसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था।
  • 1853: हिंदुओं का आरोप कि भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण हुआ। इस मुद्दे पर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच पहली हिंसा हुई।
  • 1859: ब्रिटिश सरकार ने तारों की एक बाड़ खड़ी करके विवादित भूमि के आंतरिक और बाहरी परिसर में मुस्लिमों और हिदुओं को अलग-अलग प्रार्थनाओं की इजाजत दे दी।
  • 1885: मामला पहली बार अदालत में पहुंचा। महंत रघुबर दास ने फैजाबाद अदालत में बाबरी मस्जिद से लगे एक राम मंदिर के निर्माण की इजाजत के लिए अपील दायर की।
  • 23 दिसंबर, 1949: करीब 50 हिंदुओं ने मस्जिद के केंद्रीय स्थल पर कथित तौर पर भगवान राम की मूर्ति रख दी। इसके बाद उस स्थान पर हिंदू नियमित रूप से पूजा करने लगे। मुसलमानों ने नमाज पढ़ना बंद कर दिया।
  • 16 जनवरी, 1950: गोपाल सिंह विशारद ने फैजाबाद अदालत में एक अपील दायर कर रामलला की पूजा-अर्चना की विशेष इजाजत मांगी। उन्होंने वहां से मूर्ति हटाने पर न्यायिक रोक की भी मांग की।
  • 5 दिसंबर, 1950: महंत परमहंस रामचंद्र दास ने हिंदू प्रार्थनाएं जारी रखने और बाबरी मस्जिद में राममूर्ति को रखने के लिए मुकदमा दायर किया। मस्जिद को ‘ढांचा’ नाम दिया गया।
  • 17 दिसंबर, 1959: निर्मोही अखाड़ा ने विवादित स्थल हस्तांतरित करने के लिए मुकदमा दायर किया।
  • 18 दिसंबर, 1961: उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक के लिए मुकदमा दायर किया।
  • 1984: विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने बाबरी मस्जिद के ताले खोलने और राम जन्मस्थान को स्वतंत्र कराने व एक विशाल मंदिर के निर्माण के लिए अभियान शुरू किया। एक समिति का गठन किया गया।
  • 1 फरवरी, 1986: फैजाबाद जिला न्यायाधीश ने विवादित स्थल पर हिदुओं को पूजा की इजाजत दी। ताले दोबारा खोले गए। नाराज मुस्लिमों ने विरोध में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।
  • जून 1989: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने वीएचपी को औपचारिक समर्थन देना शुरू करके मंदिर आंदोलन को नया जीवन दे दिया।
  • 1 जुलाई, 1989: भगवान रामलला विराजमान नाम से पांचवा मुकदमा दाखिल किया गया।
  • 9 नवंबर, 1989: तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने बाबरी मस्जिद के नजदीक शिलान्यास की इजाजत दी।
  • 25 सितंबर, 1990: बीजेपी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक रथ यात्रा निकाली, जिसके बाद साम्प्रदायिक दंगे हुए।
  • नवंबर 1990: आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया गया। बीजेपी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की सरकार से समर्थन वापस ले लिया। सिंह ने वाम दलों और बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाई थी। बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
  • अक्टूबर 1991: उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह सरकार ने बाबरी मस्जिद के आस-पास की 2.77 एकड़ भूमि को अपने अधिकार में ले लिया।
  • 6 दिसंबर, 1992: हजारों की संख्या में कार सेवकों ने अयोध्या पहुंचकर बाबरी मस्जिद ढाह दिया, जिसके बाद सांप्रदायिक दंगे हुए। जल्दबाजी में एक अस्थाई राम मंदिर बनाया गया। प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने मस्जिद के पुनर्निर्माण का वादा किया।
  • 16 दिसंबर, 1992: मस्जिद की तोड़-फोड़ की जिम्मेदार स्थितियों की जांच के लिए एम.एस. लिब्रहान आयोग का गठन हुआ।
  • जनवरी 2002: प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यालय में एक अयोध्या विभाग शुरू किया, जिसका काम विवाद को सुलझाने के लिए हिंदुओं और मुसलमानों से बातचीत करना था।
  • अप्रैल 2002: अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर उच्च न्यायालय के तीन जजों की पीठ ने सुनवाई शुरू की।
  • मार्च-अगस्त 2003: इलाहबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अयोध्या में खुदाई की। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का दावा था कि मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष होने के प्रमाण मिले हैं। मुस्लिमों में इसे लेकर अलग-अलग मत थे।
  • सितंबर 2003: एक अदालत ने फैसला दिया कि मस्जिद के विध्वंस को उकसाने वाले सात हिंदू नेताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जाए।
  • अक्टूबर 2004: आडवाणी ने अयोध्या में मंदिर निर्माण की बीजेपी की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • जुलाई 2005: संदिग्ध इस्लामी आतंकवादियों ने विस्फोटकों से भरी एक जीप का इस्तेमाल करते हुए विवादित स्थल पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने पांच आतंकवादियों को मार गिराया।
  • जुलाई 2009: लिब्रहान आयोग ने गठन के 17 साल बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
  • 28 सितंबर 2010: सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहबाद उच्च न्यायालय को विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली याचिका खारिज करते हुए फैसले का मार्ग प्रशस्त किया।
  • 30 सितंबर 2010: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

स्क्रीन पर दिखेगा किस प्रत्याशी को वोट पड़ा




बरेली: विधानसभा चुनाव में पहली बार वीवी पैट यानी वोटर वेरीफाइड पेपर ट्रायल मशीन का इस्तेमाल होने जा रहा है। मतदाता स्क्रीन पर देख सकेंगे कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के जिस बटन को दबाया है, उनका वोट उसी मतदाता को पड़ा है। दोनों मंडलों के नौ जिलों के अफसरों को इस मशीन का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (ईसीआइएल) के डीजीएम के. मोहन रेड्डी औैर उनके साथ आए आठ इंजीनियर की टीम ने वीवी पैट के बारे में जानकारी देकर बारीकियां समझाईं। उसे चलाने और इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से कनेक्ट करने का तरीका बताया। प्रशिक्षण में सभी जिलों के ईवीएम प्रभारी बुलाए गए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से विशेष कार्याधिकारी अतीक अहमद सिद्दीकी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने सभी अफसरों को वीवी पैट की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के अंत में सवाल व जवाब भी हुए। सही जवाब देने वाले अफसरों को प्रोत्साहित किया गया। उपजिला निर्वाचन अधिकारी एसपी सिंह भी मौजूद रहे।
सात सेकेंड तक दिखेगा प्रिंट
वीवी पैट मशीन ईवीएम से कनेक्ट रहेगी। जैसे ही मतदाता वोट डालेगा, सात सेकेंड के लिए स्क्रीन पर उस प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिन्ह दिखाई देगा। रसीद प्रिंट होने के बाद मशीन में ही स्टोर हो जाएगी। आयोग ने यह फैसला मतदाताओं में विश्वास जगाने के लिए किया है। उन्हें संतुष्टि रहेगी कि जिस प्रत्याशी का बटन दबाया उसी को वोट गया है।

बरेली छात्रा के खाते से ट्रांसफर कर लिए 86 हजार






बरेली : कैंट के ठिरिया निजावत खां निवासी कलाम फातिमा साहू रामस्वरूप कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसका बड़ा भाई मुशर्रत अरब में नौकरी करता है। वहां से वह वह बहन के लिए पैसे भेजता है। इस दौरान करीब छात्रा के खाते में 1 लाख 13 हजार रुपये थे। रविवार दोपहर छात्रा के मोबाइल पर फोन आया। खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए कहा कि उसका एटीएम बंद होने वाला है। चालू कराने के लिए उसे एटीएम नंबर व पासवर्ड बताना होगा। छात्रा ने सारी जानकारी दे दी। जिसके बाद सोमवार सुबह तक उसके खाते से 14 बार में करीब 86 हजार रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गए। सुबह छात्रा के मोबाइल पर फिर फोन आया। कोड मांगा तो छात्रा को शक हुआ। वह कैंट स्थित एसबीआइ बैंक पहुंची और खाते की जानकारी ली तो उसे ठगी का पता चला। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है

एसडीएम ने रोका मजार पर विवादित निर्माण






नवाबगंज : रसूला तालिब हुसैन गाव में एक धार्मिक स्थल पर निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ने निर्माण कार्य पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी।
रसूला तालिब हुसैन गांव के पास सैयद रुमालुद्दीन उर्फ मैदान शाह मियां की मजार है। इस मजार पर रहकर अकबर अली अल्वी शाह देखरेख करते हैं। सोमवार सुबह उन्होंने मजार के पास निर्माण कार्य शुरू करा दिया। दूसरे पक्ष के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और इसकी सूचना एसडीएम राजेश कुमार को दी। एसडीएम बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। देखा कि एक कमरे का निर्माण कराया जा रहा है। एसडीएम ने तत्काल निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया और कहा कि अगले आदेश तक यहां कोई निर्माण नहीं होना चाहिए। दो माह पूर्व मुहर्रम में जुलूस निकालने का लेकर यहां बवाल हुआ था। जिसमें पथराव से लेकर फाय¨रग तक हुई थी। एसडीएम ने कहा कि दोनों पक्षों को समझाकर फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है। मामले की जांच के बाद कोई अगला आदेश दिया जाएगा।
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नोएडा मेट्रो ने निकालीं 745 नौकरियां





नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्टेशन कंट्रोलर/ ट्रेन ऑपरेटर, कस्टमर रिलेशन असिस्टेंट, जूनियर इंजीनियर/ इलेक्ट्रिकल, अकाउंट असिस्टेंट के 745 पदों पर नोटिफिकेशन जारी किया है। इन पदों के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।

वेबसाइट: www.delhimetrorail.com

ऑनलाइन अप्लाई: 15 दिसंबर तक
फीस सबमिशन: 19 दिसंबर तक

बदायूं : वी-मार्ट के आउटलेट्स ने अपने ग्राहकों के लिए विशेष सुविधा दी है। एटीएम की तरह कार्ड स्वाइप





बदायूं : वी-मार्ट के आउटलेट्स ने अपने ग्राहकों के लिए विशेष सुविधा दी है। एटीएम की तरह कार्ड स्वाइप करके दो हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ग्राहकों की खरीदारी की रकम उन्हें दी जा रही है। साथ ही कार्ड से पेमेंट को जागरूक किया जा रहा है।
वी-मार्ट में रोज तकरीबन सौ लोगों को भुगतान किया जा रहा है। उच्च स्तर से मुहैया कराई गई ईडीसी मशीन में एटीएम कार्ड को स्वाइप किया जाता है और ग्राहक अपना पिन कोड डालते हैं। साथ ही मूल आईडी दिखाकर उसकी छायाप्रति जमा की जाती है। वी-मार्ट के मैनेजर विवेक शर्मा ने बताया कि हेड आफिस के आदेश पर लोगों को सहूलियत देने के लिए एटीएम की सुविधा शुरु की गई है।
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रसूखदारों के लिए रात में खुला बैंक, काले धन को किया गया सफेद



ग्रेटर नोएडा में रात नौ बजे बैंक खुलाकर काले धन को सफेद किया गया। इस काम के लिए बैंक में प्रबंधक समेत अन्‍य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
नोएडा [ धर्मेंद्र चंदेल ]। नोटबंदी का फायदा उठाने के लिए शहर के कई बैंकों पर फर्जी तरीके से धन कुबेरों और रसूखदारों के पुराने नोट बदलने के आरोप लग रहे हैं। कमीशन के लालच में बैंक कर्मियों ने अपनी नौकरी भी दाव पर लगा दी। बीस से तीस फीसद कमिशन लेकर नोट बदलने की चर्चा है। इनमें एक बैंक नोएडा का है।
आरोप है कि बैंक प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने रात में नौ बजे बैंक खोलकर एक धनकुबेर के 24 लाख रुपये के पुराने नोट बदलकर नए नोट दिए
हिरासत में भेजे गए कालेधन की 'सफेेदी' में शामिल एक्सिस बैंक के 2 मैनेजर
ग्रेटर नोएडा के पांच बैंकों पर भी इस तरह के आरोप लग रहे हैं। बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा के पांच निजी बैंकों ने करीब छह करोड़ रुपये धनकुबेरों का कमीशन लेकर बदला है।
जिलाधिकारी एनपी सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम वित्त केशव कुमार व सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा को जांच सौंपी गई है। तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। डीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि आरोप सही पाए गए तो नोट बदलने वाले बैंक प्रबंधक व कर्मचारी सलाखों के पीछे जाएंगे। उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।
दरअसल, नोटबंदी के आदेश के 27 दिन बाद भी बैंकों के बाहर लोगों की कतार कम नहीं हो रही है। ज्यादातर बैंकों पर आरोप लग रहे हैं कि वह पर्याप्त नकदी न होने का बहाना बनाकर लोगों को टरका रहे हैं। केंद्र सरकार ने एक सप्ताह में खाते से 24 हजार रुपये निकालने की सीमा तय की है, लेकिन बैंक प्रबंधक मात्र दो से चार हजार रुपये लोगों को दे रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि बैंक प्रबंधक बचे नोटों को कमीशन लेकर बदल रहे हैं, इसलिए लोगों को कम पैसे दिए जा रहे हैं। खासकर निजी बैंकों पर इस तरह के आरोप अधिक लग रहे हैं। वहीं कालाधन खपाने के लिए धन कुबेर भी तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। रिश्तेदारों और गरीबों के जनधन खाते में पैसा जमा किया गया।
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नोटबंदी के आदेश के बाद पहले सप्ताह में बैंकों ने पुराने नोट बदले थे। नोट बदलने के लिए बैंकों के बाहर कई दिनों तक लंबी कतार लगी। उद्यमी और बिल्डरों पर भी आरोप लगे कि उन्होंने श्रमिकों और मजदूरों को नोट बदलवाने के लिए कतार में लगा दिया।
एक आइडी से बदले गए कई बार नोट
जानकारों का कहना है कि बैंक में जमा की गई लोगों की आइडी भारतीय रिजर्व बैंक अथवा केंद्र सरकार को नहीं भेजी गई। उन्हें ऑनलाइन किया गया। बैंक प्रबंधकों ने इसका फायदा उठाते हुए जमा आइडी से हर रोज चार-चार हजार रुपये निकाले गए दर्शाए, जबकि हकीकत में लोगों ने एक-एक अथवा दो-दो बार पुराने नोट बदले। बैंक कर्मियों ने लोगों की एक-एक आइडी से लगातार आठ-दस बार पुराने नोट बदले।
फर्जी आइडी का सहारा लेकर भी बदले गए नोट
बाहर से फर्जी तरीके से मंगाई गई आइडी का सहारा लेकर भी पुराने नोट बदले गए। जानकारों का कहना है कि कुछ बैंकों ने गांवों की मतदाता सूची मंगाकर उसमें दर्ज लोगों के नाम और आइडी नंबर को ऑनलाइन कर पुराने नोट बदल दिए। हकीकत में लोगों को यह भी पता नहीं है कि उनकी आइडी से बैंकों से नोट बदले गए हैं।

बबुआ को सपने में भी आकर डराता है बसपा का हाथी : मायावती





लखनऊ । बसपा प्रमुख मायावती आज गोमतीनगर के डा. अंबेडकर स्मारक परिसर में बाबा साहब को श्रद्धांजलि करते हुये सपा और भाजपा को निशाने पर लिया। कहा सपा मुखिया,बबुआ के परिवार की तरक्की बाबा साहब की देन है। सपा परिवार एहसान फरामोश,स्मारक मे लगी मूर्तियों पर अभद्र बयान देते है बबुआ।स्मारक स्थल पर लगे पत्थरों को बबुआ पैसे की बर्बादी बताते,ऐसा ही रहा तो बबुआ देश में लगी सभी प्रतिमाओं पर तंज कसेगा। सपा मुखिया,बबुआ को अर्थहीन बाते करने से पहले सोचना चाहिए,क्या जनेश्वर मिश्र पार्क में लगी मूर्तियां खड़ी नही है। मायावती ने कहा कि क्या जनेश्वर पार्क में लगी मूर्तियां अपना स्थान बदलती रहती है,बाबा साहब की जयंती पर छुट्टी कभी रद्द कर देते,कभी लागू कर देते है।
मोदी के फैसले से जनता बन गयी फकीर
बीजेपी की सोच और कार्यशैली पर सवाल,बीजेपी के लोगों की नीति और नियत हमेशा विरोधी,मंडल कमीशन की रिपोर्ट में बीजेपी ने विरोध किया। मोदी अपने फैसले से फकीर नही बने,जनता को बनाया, आगामी विधान सभा चुनाव में जनता सबको आइना दिखाएगी,देश की जनता को बीजेपी ने कंगाल और फकीर बनाया। 90% लोग BJP की नीतियो के विरोध मे,नोटबंदी के फैसले से लोग उबर नही पा रहे,नोटबंदी से पहले BJP ने पूंजीपतियो का कालाधन मैनेज किया। CONG,BJP दलितों को आरक्षण नही देना चाहती, आर्थिक आधार पर BSP आरक्षण के पक्ष में, ढाई साल बीतने पर भी बीजेपी ने वादे पूरे नही किए। CONG,BJP की नीतियां दलित विरोधी,आरक्षण का मुद्दा BSP ने कई बार संसद मे उठाया,कांग्रेस,बीजेपी ने आरक्षण के मुद्दे को नहीं माना। दलित वर्ग BJP के बहकावे मे न आए, दलितों पर अत्याचार को समाज भुला नही सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च जाति के हैं
मथुरा,दादरी,मुजफ्फरनगर कांड को लोग भूल नहीं सकते। निजी क्षेत्र में BJP आरक्षण नही देना चाहती,BJP शासित राज्यों में निजी कंपनियों को ठेका,बीजेपी बाबा साहब के नाम का प्रयोग कर रही। बाबा साहेब और आदर सम्मान नहीं देना चाहती बीजेपी,बाबा साहेब के परिनिर्वाण दिवस पर BJP ने विवादित ढांचा गिराया। भाजपा एंड कंपनी चाहती कि उनके धार्मिक स्थल सुरक्षित रहें, बाबा साहेब के सिद्धांतों की विरोधी है भारतीय जनता पार्टी। प्रधानमंत्री के जातिवादी षड़यंत्र के झांसे में न आएं लोग,विरोधी पार्टियां निम्न वर्ग को अपने पैरों पर खड़ा नहीं होनें देंगी। वोटों के खातिर नरेंद्र मोदी ने चोला बदला,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च जाति के हैं,मोदी ने उच्च लोगो के लिए दलितो का शोषण किया।
बबुआ हमारे चुनाव चिन्ह का फ्री में कर रहा प्रचार
कहा कि टिकट के राजस्व से सपा सरकार को भारी राजस्व मिल रहा,सपा अपने परिवार के मनोरंजन के लिए सैफई में मनाती महोत्सव। सरकार जिसे फिजूलखर्ची बताती,वहां रोज सैंकड़ों लोग घूमने पहुंचते,स्मारकों पर खर्च की वसूली के लिए टिकट की व्यवस्था की ऐसी बातें सिर्फ के नासमझ बबुआ ही कर सकता है,बबुआ के बयानों से पार्टी को काफी लाभ मिल रहा। बबुआ के बयानों से हमारे चुनाव चिन्ह का फ्री में प्रचार हो रहा,हाथी के चलने या खड़े रहने की बात कोई अनोखी नहीं। सपा सरकार का सीएम वास्तव में बबुआ है,अपने भाषण में हाथियो का जिक्र करना नहीं भूलता,लगता है सपने में भी हाथी बबुआ को परेशान करते।
मुस्लिम समाज के लोगों की सुरक्षा बाबा साहेब की देन
कांग्रेस और बीजेपी ने पिछड़े समाज को बांटने की कोशिश की,विरोधी पार्टियां दलितों और पिछड़ों में फर्क पैदा करती हैं। बसपा के शासन काल में लोगों को उनके अधिकार मिले,कांग्रेस ने पिछड़े वर्ग के लोगों का शोषण किया
आजादी के बाद लंबे अरसे तक कांग्रेस सत्ता में रही,कांग्रेस के शासन काल में अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिला। सभी लोगों को बीजेपी,RSS से सावधान रहने की जरूरत,आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सभी को एकत्रित होना जरूरी। मुस्लिम समाज के लोगों की सुरक्षा बाबा साहेब की देन,BJP और RSS के लोगों को बाबा साहेब का संविधान पसंद नहीं। संघर्ष के बाद बाबा साहेब ने खुद को काबिल बनाया,बाबा साहब ने लोगों को गुलामी से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। केंद्र,राज्य सरकार को संविधान के तहत सबको हक देना चाहिए,संविधान के अनुछेद 340 के तहत सरकारों को काम करना चाहिए । विरोधी पार्टियां बाबा साहेब को लेकर भ्रम फैलाती हैं,अंग्रेजों की हुकूमत के दौरान बाबा साहेब ने सबको पहचान दिलाई। अनुछेद 340 के तहत सरकारों को कमीशन का गठन करना चाहिए,कांग्रेस की सरकार ने एससी,एसटी को पूरी तरह आरक्षण नहीं दिया। पदोन्नति मे आरक्षण बसपा के संघर्ष की देन,राज्यसभा से पास बिल,लोकसभा मे अटका,कांग्रेस की लापरवाही से मंडल कमीशन रिपोर्ट लागू नही।
सपा सरकार के आर्थिक फैसलों की होगी जांच
बसपा सरकार में किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा,विज्ञापन में खर्च धनराशि की भी जांच करायी जायेगी। BSP सरकार 

LIVE: जयललिता के निधन पर राष्ट्रीय शोक, चेन्नई पहुंचे प्रधानमंत्री


कोर्ट का आदेशः पूर्व ‌CM आवास खाली न करें तो फोर्स खाली कराएं आवास






नैनीताल हाईकोर्ट ने साफ कहा कि 15 फरवरी तक पूर्व मुख्यमंत्री अगर सरकारी आवास खाली नहीं करते तो इसके बाद पुलिस फोर्स का उपयोग कर सरकारी आवास खाली कराए जाएं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंड पीठ ने मामले की सुनवाई की। पूर्व मुख्यमंत्रियों को प्रदेश में दी जा रही सुविधाओं के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद खंडपीठ ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 फरवरी तक आवास खाली करने का निर्देश दिया।
खंडपीठ ने कहा कि इस तिथि के बाद पुलिस बल का उपयोग कर आवास खाली कराए जाएं। इस आशय का शपथ पत्र 14 दिसंबर तक दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

ननिहाल में रह रही किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म






जरीफनगर थाने के कस्बा दहगवां स्थित अपनी ननिहाल में रह रही किशोरी से दो लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात रविवार दोपहर की है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने नन्हे नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा गया है। आरोपी किशोरी के गांव का ही पड़ोसी है। दूसरा आरोपी फिलहाल पुलिस पकड़ से बाहर है।
संभल जिले की गुन्नौर कोतवाली के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी करीब दो महीने से जरीफनगर थाने के कस्बा दहगवां स्थित अपनी ननिहाल में रह रही थी। किशोरी के गांव का ही रहने वाला नन्हें पुत्र रियासत रविवार को बाइक से उसकी ननिहाल पहुंचा। उसने किशोरी के पिता की तबियत बहुत ज्यादा खराब होने की बात कह कर उसे साथ चलने को कहा। किशोरी उसके झांसे में आ गई। नन्हें किशोरी को बाइक पर बैठा कर दांदरा की ओर ले गया। रास्ते में नन्हे का एक अन्य साथी भी मिल गया। वह भी बाइक पर बैठ गया। रास्ते में दोनों ने बाइक रोकी और किशोरी को लेकर ईख के खेत में गए। आरोप है कि यहां किशोरी के साथ दोनों ने दुष्कर्म किया।
किशोरी के मामा की तहरीर पर पुलिस ने मामले में नन्हे को नामजद करते हुए दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। नन्हे को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उसका दूसरा साथी फरार है। पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है। एसओ नरेशपाल यादव ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि दुष्कर्म हुआ है या नहीं। दहगवां के पड़ोसी गांव धर्मपुर में नन्हें की बुआ का घर है।
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तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा गया है। दूसरे आरोपी की भी जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
-संजय राय, एसपी देहात
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प्रेम प्रसंग की भी हो रही चर्चा
जरीफनगर। किशोरी संभल जिले के थाना गुन्नौर के एक गांव की रहने वाली है। दो महीने पहले ही उसके परिवार वालों ने उसको ननिहाल भेज दिया था। आरोपी नन्हे का घर गांव में पीड़िता के घर के पास ही है। चर्चा है कि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था। प्रेम प्रसंग के चलते ही किशोरी को उसके परिवार वालों ने ननिहाल भेजा था। ताकि नन्हे और उसके बीच बात नहीं हो सके।

पुलिस और प्रशासन ने हटवाया अतिक्रमण





जेसीबी चलने के दौरान पुलिस को देखकर शांत रहे लोग 
 शहर के अतिक्रमण पर जिला और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। पुलिस बल को देखकर अतिक्रमणकारी दुकानदार जेसीबी को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
शहर में रोडवेज बस अड्डे के सामने से अतिक्रमण हटाया जाना शुरू किया। सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव एवं एसपी सिटी अनिल यादव के निर्देशन में अतिक्रमण हटाना शुरू हुआ, जो लॉवेला चौक से होता हुआ छह सड़का तक चला। इसके बाद गोपी चौक होते हुए तहसील तक सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटा दिया गया। पुलिस, नगर पालिका और जिला प्रशासन के संयुक्त अभियान में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को चलता देखकर तमाम दुकानदारों ने अस्थाई अतिक्रमण को खुद ही हटा लिया। सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव ने कहा कि शहर में दुकानदार अपना अतिक्रमण खुद ही हटा लें, प्रशासन के हटाए जाने पर अतिक्रमण करने के लिए लगाए गए मेज एवं अन्य सामान भी जब्त कर लिया जाएगा।

बेसिक स्कूल में स्मार्ट क्लास की शुरूआत अनुकरणीय:डीएम






गोठा स्कूल में कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास का शुभारंभ
 बेसिक शिक्षा के इतिहास में नए आयाम स्थापित करते हुए पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोठा में सोमवार को नव विकसित कंप्यूटर प्रयोगशाला व स्मार्ट क्लास प्रारंभ की गई। डीएम पवन कुमार ने इसका उद्घाटन किया। साथ ही विद्यालय की ओर से प्रथम बार प्रकाशित गोठा संकल्प नामक पुस्तिका का सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा शशि देवी शर्मा के साथ विमोचन किया।
डीएम कुमार ने कहा कि एक नई पहल है। इससे विद्यार्थियों को वस्तु स्थिति के अनुसार शिक्षण में मदद मिलेगी। साथ ही नवाचार व आधुनिक जानकारियां भी बच्चें हासिल करेंगे। कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को केवल साक्षर बनाने का ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए। बल्कि बच्चे का समग्र विकास हो। बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने कहा कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोठा में अपने आप को सामुदायिक सहभागिता की मिसाल के रूप में स्थापित किया है। इसके लिए विद्यालय परिवार, प्रबंध समिति व ग्रामवासी बधाई के पात्र हैं। इससे पूर्व शिक्षक मनोज कुमार वार्ष्णेय व रामकटोरी को सम्मानित किया गया। ब्लाक प्रमुख सुमिता वार्ष्णेय, बीईओ उमेंद्र दत्त त्रिपाठी ने भी विचार रखे। उसहैत चेयरमैन गौरव कुमार ने स्कूल को इन्वर्टर बैटरी प्रदान करने की घोषणा की देवकीनंदन सेनानी विद्यालय की ओर से सभी विद्यार्थियों को एक-एक लंच बॉक्स दिया गया। पोशाकी लाल वार्ष्णेय नेे विद्यालय को कंप्यूटर की पुस्तकें भेंट की। बच्चों ने मां तुझे सलाम, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोहा। इस मौके पर सुधा सिंह, गोपाल सिंह, विद्या देवी, सुनीता मिश्रा, महेश चंद्र पाठक, तेजपाल सिंह, वेदपाल सिंह, कृपाल सिंह, देवेंद्र गुप्ता, अशोक गुप्ता, गुरवचन सिंह, योगेश दुबे, गजेंद्र सिंह, नेत्रपाल सिंह चौहान, प्रगति कमल आदि मौजूद रहे।

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