: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 12/13/16

आयकर के निशाने पर शहर के कई बैंक




नोटबंदी के बाद निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद बदायूं में भी आयकर विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। ब्लैक मनी को व्हाइट करने के मामले में विभाग नजर रख रहा है। सूत्रों की मानें तो 31 दिसंबर के बाद शहर में कई बैंकों में पड़ताल हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर को 500-1000 के पुराने नोटों पर पाबंदी लगा दी थी। लोगों को पुराने नोट बदलने का मौका भी दिया गया। इसके बाद 31 दिसंबर तक लोग अपने पुराने नोटों को बैंक में जमा कर सकते हैं। नोटों को बदलने के दौरान कई बैंकों पर आरोप भी लगे। हाल ही में बरेली के कुछ बैंकों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद आयकर विभाग ने यहां भी निगरानी शुरू कर दी है। जनधन खातों पर भी नजर रखी जा रही है। बता दें कि जिले में जनधन योजना के तहत करीब 6100 खाते हैं। नोट बंदी के बाद इन खातों में भी करीब 8.40 करोड़ रुपया जमा किया गया है। इतना ही नहीं निजी क्षेत्र के कुछ बैंक ऐसे हैं जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बंपर नोटों को बदला है।
माना जा रहा है कि ब्लैक मनी को जनधन खातों में खपाया गया है। इतना ही नहीं कुछ बैंकों की नोट बदले जाने के दौरान भूमिका संदिग्ध रही है। 31 दिसंबर पुराने नोटों को अपने बैंक खातों में जमा करने की आखरी तारीख है। ऐसे में आयकर विभाग 31 दिसंबर के बाद संदिग्ध भूमिका वाले बैंकों की पड़ताल शुरू कर सकता है।
सूत्रों की मानें तो संदिग्ध बैंकों से जल्द हिसाब मांगा जा सकता है। किस बैंक ने कितने नोट बदले इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।


ये ‌बस अड्डा है या कूड़ाघर





शहर के प्राइवेट बस अड्डे के शेड के चारो ओर कूड़ा करकट के ढेर लगे हुए हैं। उन्हीं के आसपास खान-पान के ठेले लगे रहते हैं, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है।
प्राइवेट बस अड्डे से निजी बसें रोजाना 100 से अधिक चक्कर लगाती हैं। इससे करीब नगर पालिका परिषद को करीब पांच हजार रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। बावजूद इसके वहां पर साफ-सफाई से लेकर अन्य सुविधाओं को नियमित मुहैया नहीं कराया जाता है। बस अड्डे पर करीब पांच हजार लोगों का रोजाना आना-जाना रहता है। इसमें तमाम लोग शेड और बसों के आसपास खड़े रहते हैं, जबकि वहीं आसपास कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। निजी बस अड्डा परिसर में शौचालय न होने की वजह से पुरुष और महिला यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वहां पर कार्यरत सफाईकर्मचारी झाड़ू लगाकर कूड़े के ढेर वहीं पर लगा देता है, जो चंद घंटों में दोबारा बिखर जाते हैं। बस अड्डे पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने और साफ-सफाई बेहतर कराने के लिए बस संचालकों ने पालिका प्रशासन से शिकायत की, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है।

निजी बस अड्डे की समस्याओं को लेकर कई बार नगर पालिका में अवगत कराया गया, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे परेशानी बढ़ती जा रही है।
-ओमकार सिंह, बस संचालक

निजी बस अड्डे पर साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच करके सफाई कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सफाई निरीक्षक को भेजकर वहां की स्थिति के बारे में जानकारी कराई जाएगी।
-लालचंद्र भारती, ईओ, नगर पालिका परिषद

छुट्टी में ठंडे हुए एटीएम, लोगों की जेबें खाली





नोटबंदी के इस दौर में बैंकों में तीन दिन का अवकाश होने की वजह से जिले के अधिकांश एटीएम बंद नजर आए। विभिन्न संस्थानों में लगे स्मार्ट एटीएम कार्डधारकों के लिए सहारा बने। वहां से दो हजार रुपये निकालकर लोगों ने रोजमर्रा के खर्चे चलाए।
सोमवार को विभिन्न बैंकों के एटीएम में कैश न होने की वजह से एटीएम कार्डधारक भटकते नजर आए। शहर के वी-मार्ट में लगे स्मार्ट एटीएम से रुपये निकालने के लिए लोगों ने लाइन लगाकर मार्ट में प्रवेश किया। दिन भर मार्ट के बाहर रुपये निकालने वालों की लाइन लगी नजर आई। वहीं, इंदिरा चौक के पास स्थित ईजी-डे के स्मार्ट एटीएम की कनेक्टीविटी खराब होने की वजह से लोगों को परेशानी हुई तो उन लोगों ने हंगामा किया। हालांकि समझाने के बाद वे लोग शांत हो गए। शहर में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की ई-लॉबी, एटीएम, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन, विजया बैंक, आईसीआईसीआई, इलाहाबाद बैंक, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी, एसबीआई के ई-कॉर्नर और एटीएम भी अधिकांश समय कैशलेस रहे। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। अवकाश के चलते चालू एटीएम में भी कैश नहीं भरा गया।

बिसौली और वजीरगंज में स्वाइप मशीन से निकाले रुपये 

बिसौली। नोटबंदी के दौर में सोमवार को अवकाश होने की वजह से जहां बैंक और एटीएम बंद रहे, वहीं एआर फिलिंग सेंटर ने स्वाइप मशीन से कैश देकर लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया। कैश निकालने के लिए एटीएम कार्डधारकों की भारी भीड़ होने की वजह पेट्रोल पंप पर मौजूद कैश नाकाफी साबित हुआ। हालांकि नोट बंदी के इस दौर में पेट्रोल पंप की ओर से यह मुहिम चलाए जाने की तारीफ चारों ओर हो रही है।
वजीरगंज। एटीएम की लंबी लाइन से लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर के फार्मर्स एग्रो सर्विस सेंटर द्वारा पॉस मशीन लगाकर दो हजार रुपये तक निकालने की सुविधा दी। एग्रो सेंटर स्वामी रविप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि अब जनता अपने एटीएम कार्ड से पॉस मशीन द्वारा दो हजार रुपये किसी भी समय निकाल सकते हैं।

जुलूस-ए-मोहम्मदी के रूट को लेकर कान्हा नगला में पथराव, 10 घायल




थाना क्षेत्र के गांव कान्हा नगला में सोमवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने के दौरान बवाल हो गया। नई परंपरा के नाम पर विरोध के बाद हुए पथराव में 10 लोग जख्मी हो गए। हालात बिगड़ते देख कई थानों से फोर्स को बुला लिया गया। एसडीएम सदर जंग बहादुर यादव और सीओ सिटी अभिषेक यादव भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बिनावर थाने के गांव कान्हा नगला में हर साल जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन होता है। इसके लिए गांव में रूट भी निर्धारित है। सोमवार को गांव में जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन हुआ। जुलूस गांव में घूम रहा था। इस बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने नई परंपरा बताकर विरोध किया। पहले तो दोनों पक्षों में तकरार हुई। इसके बाद पथराव शुरू हो गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। पथराव में 10 लोगों के चोट लगी। खबर मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए आस-पास के थानों से भी फोर्स को बुला लिया गया। एसडीएम सदर जंग बहादुर यादव और सीओ अभिषेक यादव भी गांव पहुंच गए। इसके बाद हालात सामान्य हुए। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। सभी घायल दोपहर थाने पहुंचे। बुजुर्ग मोरपाल की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। देर शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।

इस्लामगंज में पुलिस ने स्थिति संभाली

अलापुर (ब्यूरो)। थाना क्षेत्र के गांव इस्लामगंज में बारावफात पर जुलूस निकालने को लेकर तनातनी की स्थिति बनी। समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस्लामगंज में बारावफात पर कोई धार्मिक आयोजन नहीं होता है। सोमवार सुबह कुछ लोगों ने जुलूस निकालने की तैयारी की। इस बारे में दूसरे पक्ष के लोगों को पता लगा तो उन्होंने विरोध कर दिया। पुलिस को भी सूचना दे दी गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा कर आगे नहीं बढ़ने दिया। एहतियात के तौर पर गांव में दिन भर पुलिस तैनात रही।
मुजरिया (ब्यूरो)। थाना क्षेत्र के गांव सराय रामदास से लेकर कोल्हाई तक  जुलूस निकालने को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने नई परंपरा बताकर नाराजगी  जताई। हालांकि, थाना पुलिस जुलूस के आयोजन से इंकार कर रही है। एसओ मनीष  यादव का कहना है कि जिन इलाकों में पहले से जुलूस का आयोजन होता था सिर्फ  वहीं जुलूस निकाला गया है।
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पुलिस की मुस्तैदी से शांत रहा इस्लामनगर
इस्लामनगर। बारावफात के मौके पर सोमवार को इस्लामनगर कस्बा पूरी तरह से शांत रहा। पुलिस की मुस्तैदी काम आई और यहां किसी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ। एहतियात के तौर पर पुलिस ने कस्बे के 30 ऐसे लोगों को नोटिस दे दिया था। पिछले साल इस्लामनगर में जुलूस-ए-मोहम्मदी की नई परंपरा डालने की कोशिश को लेकर विवाद हुआ। इसको लेकर थाना पुलिस पहले से सतर्कता बरत रही थी। पीस कमेटी की बैठक में कोई नई परंपरा शुरू न करने की हिदायत दी गई थी। इसके बाद भी कुछ लोग नई परंपरा की तैयारी कर रहे थे। इंस्पेक्टर रामगोपाल शर्मा ने शनिवार को 30 लोगों को नोटिस देकर हिदायत दी कि अगर नई परंपरा शुरू करने वालों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। सोमवार को कुछ लोगों ने नई परंपरा का प्रयास तो किया। लेकिन, पुलिस की मुस्तैदी से वे ऐसा नहीं कर सके।
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विरोध पर जुलूस को रुकवा दिया गया। अब स्थिति सामान्य है। कोई विवाद नहीं रह गया है।
-जंग बहादुर यादव, एसडीएम सदर

बदायूं में सपा के टिकट का विरोधियों को भी इंतजार





बदायूं : विधानसभा चुनाव की तैयारियों में गरमाहट आती जा रही है। सदर सीट पर हर दल की निगाह है। यहां से सपा का उम्मीदवार कौन बनेगा इसका विरोधी पार्टियों को भी बेसब्री से इंतजार है। टिकट की लाइन में लगे दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। वजह कुछ दूसरे नामों की भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि एक सप्ताह के भीतर स्थिति साफ हो सकती है।

विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। बसपा ने तो बाकायदा प्रत्याशियों को मैदान में भी उतार रखा है। सूबे की सत्ताधारी पार्टी सपा ने भी मौजूदा विधायकों पर ही दांव लगाया है, जो सीटें रिक्त थीं उनमें से अधिकांश पर टिकट भी घोषित किया जा चुका है। सदर सीट पर सपा में अंदरखाने हर विकल्प पर मंथन चल रहा है। यह सीट सपा के खाते हैं, यह बात दीगर है कि यहां से मौजूदा विधायक अब सपा में नहीं हैं। इसलिए सपा के सामने इस सीट पर कब्जा कायम रखने की चुनौती है, इसलिए किसी मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारने की कोशिश की जा रही है। मौजूद विकल्पों पर मंथन आखिरी दौर में पहुंच चुका है, लेकिन पत्ते अभी तक नहीं खोले गए हैं। पार्टी के पदाधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। जिम्मेदारों का यही कहना है कि जल्द ही टिकट फाइनल हो जाएगा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक सपा से किसी मुस्लिम को ही सदर सीट पर टिकट मिलना लगभग तय है, लेकिन सपा का चेहरा कौन होगा इसका इंतजार किया जा रहा है।

बदायूं : दातागंज विधानसभा सीट से भाजपा के दावेदारों में यहां से चार बार विधायक रहे पूर्व विधायक अवनीश कुमार ¨सह पप्पू भैया की पत्नी राकेश कुमारी का नाम भी शामिल है। चूंकि इस सीट से पप्पू भैया कई बार चुनाव जीत चुके हैं, इसलिए इनके परिवार का क्षेत्रीय लोगों से पुराना संबंध है। पार्टी में इनकी सक्रियता भी बनी रहती है। इनके अलावा बिल्सी सीट पर अन्य दावेदारों के साथ प्रेमवती मौर्या और विनय कुमार ¨सह भी टिकट के लिए लाइन में हैं।

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