: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 12/20/16

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व मे अमेरिका बनेगा भारत का अहम साझेदार




डोनल्ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति होंगे। डेमोक्रैट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को पटकनी देकर रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की है। परिणामों में डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े अंतर से हिलरी को मात दी है। विभिन्न विवादों में घिरे रहे रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप की जीत ने सभी पोल सर्वे को गलत साबित कर दिया। क्योंकि अधिकतर पोल सर्वे उनके खिलाफ थे। डोनाल्ड ट्रंप ने जीतकर अमेरिका और भारतीय अमेरिकियों के बीच अपनी लोकप्रतिया साबित की है। डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में पड़े वोट लोगों में सत्ता विरोधी लहर की ओर संकेत करते हैं, जो वास्तव में बदलाव के मूड में थे। जीत के बाद ट्रंप ने अपने समर्थकों को आभार जताया। हिलेरी क्लिंटन ने भी राजनीति से ऊपर उठकर डोनल्ड ट्रंप को फोन पर बधाई देकर आपसी समरसता का परिचय दिया। इसके जवाब में डोनल्ड ट्रंप ने भी हिलेरी क्लिंटन की तारीफ की। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी डोनाल्ड ट्रंप को अमेरीका का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने बयान में कहा,  अपने प्रचार अभियान के दौरान आपने (डोनल्ड ट्रम्प) भारत के प्रति जो मित्रता जताई वह सराहनीय है। मोदी ने गर्मजोशी दिखाते हुए कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊँचाई पर ले जाने को आपके (डोनल्ड ट्रम्प) साथ काम करने लिए हम तत्पर हैं। इससे लगता है कि आने वाले समय में अमेरिका के साथ भारत के सम्बन्ध नए आयाम स्थापित करेंग।

70 वर्षीय डोनल्ड ट्रम्प ने भी अपने चुनाव अभियान के समय भारतीय मूल के मतदाताओं को लुभाने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। इसका लाभ चुनावों में डोनल्ड ट्रम्प को पूर्णरुप से मिला है।  डोनल्ड ट्रम्प ने अपने चुनाव अभियान में अपने आप को हिंदुओं का बड़ा फैन बताया इससे अधिकतर भारतीय मूल के हिंदुओं का रुझान डोनल्ड ट्रम्प कि तरफ था। और नतीजों में यह देखने को भी मिला।  डोनल्ड ट्रम्प ने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि अगर वे राष्ट्रपति बने तो भारतीय और हिंदू समुदाय व्हाइट हाउस के सच्चे दोस्त होंगे। इससे हिन्दू समुदाय और भारतीय लोगों में डोनल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ी है। डोनल्ड ट्रम्प ने भारत के प्रधानमंत्री के बारे में भी कहा था कि वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकप्रिय और महान शख्स बताया था और मोदी की नीतियों की तारीफ भी की थी। अब आने वाले समय में देखने वाला होगा कि मोदी के नेतृत्व में भारत के साथ डोनल्ड ट्रम्प के सम्बन्ध किन ऊंचाइयों पर पहुँचते हैं।
डोनल्ड ट्रम्प ने भारतीय मूल के मतदाताओं का दिल जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मशहूर नारे ाअबकी बार, मोदी सरकारस की तर्ज पर अपना नारा बनाया, 'अबकी बार, ट्रम्प सरकार' क्योंकि डोनल्ड ट्रम्प को भी पता था कि नरेंद्र मोदी भारतीय अप्रवासियों खासकर हिंदुओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। डोनल्ड ट्रम्प ने हिंदुओं के बारे में कहा था कि दुनिया और अमेरिका की संस्कृति के विकास में हिंदू समुदाय का उल्लेखनीय योगदान रहा है। इससे पूरे विश्व के हिंदुओं के बीच डोनल्ड ट्रम्प कि लोकप्रियता बढ़ी है। इसका असर अमेरिका में भी देखने को मिला।
डोनल्ड ट्रम्प ने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि अगर वे राष्ट्रपति बनते हैं तो 'भारत के साथ अमेरिका का व्यापार बढ़ाएंगे'। उन्होंने 'भारत' को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी बताया था। उन्होंने कहा था कि ट्रंप सरकार के तहत अमेरिका और भारत बेहतर मित्र बनने जा रहे हैं और आने वाले समय में अमेरिका और भारत पक्के दोस्त होंगे। उन्होंने अपने आप को मुक्त व्यापार का पक्षधर बताया था। उन्होंने भारत के साथ अपने अभूतपूर्व भविष्य की कामना करते हुए कहा था कि हम भारत के साथ बहुत व्यापार करेंगे। इससे अमेरिका के साथ भारत के व्यापार के क्षेत्र में भी संभावनाएं प्रबल होंगी। इससे लगता है कि ट्रम्प भारत को चीन को रोकने के लिए अपना अहम साझेदार बनाएंगे।

डोनल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनते ही रूस के साथ भी अमेरिका के सम्बन्ध सुधरेंगे। इसका पूरा-पूरा फायदा विश्व स्तर पर भारत को मिलेगा। क्योंकि रूस चुनाव अभियान के समय से ही डोनल्ड ट्रम्प की तारीफ और समर्थन करता रहा है। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के समय आर्थिक सुधारों और नौकरशाही में सुधारों के साथ भारत को तेज विकास के मार्ग पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की थी और कहा था कि ऐसा अमेरिका के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा था कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने का इंतजार कर हैं। डोनल्ड ट्रंप ने भारत में अपना पूरा यकीन बताया था। उन्होंने भारत और भारत के लोगों को अदभुत बताते हुए अपनी 19 महीने पहले की भारत यात्रा को उल्लेखित करते हुए कहा था कि वो कई बार भारत आना चाहते हैं।
ट्रम्प का चीन के प्रति सख्त रुख भी भारत के पक्ष में जाएगा। ट्रम्प ने अपनी चुनावी सभाओं में कहा था कि वह चीन को अपने पर्यावरण और मजदूरी स्तर को सुधारने के लिए मजबूर करेंगे। चीन को नतीजे भुगतने होंगे। चीन हमेशा से एनएसजी समेत तमाम मसलों पर बार-बार भारत पर दबाव बनाता रहता है। ट्रम्प का राष्ट्रपति चुना जाना एशिया में अपना दबदबा बनाने की कोशिश में जुटे चीन पर शिकंजा कसने के लिहाज से भारत के लिए अच्छा होगा। क्योंकि ट्रम्प चीन को रोकने के लिए भारत के हर रुख का समर्थन करेंगे। वैसे भी ट्रम्प को चीन का धुर विरोधी कहा जाता है।
डोनल्ड ट्रम्प ने अपने प्रचार अभियान के दौरान पाकिस्तान के प्रति भी अपना कड़ा रुख दिखाया था। उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि पाकिस्तान एक अस्थिर देश है और वहां मौजूद परमाणु हथियारों से पूरी दुनिया खतरे में है। ट्रम्प ने कहा था कि  पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है। उन्होंने अपने राष्ट्रपति बनने पर पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देने की बात भी कही थी। इससे लगता है कि पाकिस्तान की तुलना में भारत के प्रति अमेरिका रुख सकारात्मक रहेगा। और इसमें पाकिस्तान से निपटने के लिए भारत अमेरिका का अहम साझीदार बन सकता है। ट्रम्प के रुख को देखकर यही लगता है कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए हमेशा उनका भारत को समर्थन रहेगा। डोनल्ड ट्रम्प आने वाले समय में अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को मिलने वाले अनुदान में भी भारी कटौती कर सकते हैं।
डोनल्ड ट्रंप ने आतंकवाद के विरुद्ध अपने चुनाव अभियान के दौरान भारत की मुहिम का भी समर्थन किया था। उन्होंने इस्लामी आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल न करने को लेकर अपनी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन की आलोचना करते हुए कहा था कि, 'हम इस बात की सराहना करते हैं कि हमारा अच्छा दोस्त भारत चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ रहा है। भारत मुंबई धमाकों समेत आतंकवाद की क्रूरता देख चुका है'। उन्होंने कहा था कि, 'वह एक ऐसी जगह है, जिसे मैं प्यार करता हूं और मैं समझता हूं'। डोनल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान आईएसआईएस जैसे क्रूर आतंकवादी संगठन पर भी हमला बोला था। इससे लगता है कि डोनल्ड ट्रंप की नीतियों में आतंकवाद पहले पायदान पर रहेगा। ट्रम्प आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के खात्मे के लिए भी अहम कदम उठा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो आतंकवाद के प्रति भारत की लड़ाई और मजबूत होगी। और इससे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खात्मे के भी आसार बढ़ेंगे। जो कि पूरे विश्व में शान्ति स्थापित करने के लिए अहम होगा।
डोनल्ड ट्रम्प का व्यक्तित्व बेहद मुखर है। वो किसी भी मसले पर अपनी बेबाक राय रखते हैं और दुश्मन के सामने डटकर खड़ा रहना उनकी खासियत है। एशिया में चीन और पाकिस्तान की तुलना में डोनल्ड ट्रम्प और उनकी नीतियां भारत के ज्यादा नजदीक रह सकती हैं।  
आने वाले समय में अमेरिका का एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख रह सकता है। इसका पूरा फायदा भारत को मिलेगा। चीन को रोकने के लिए डोनल्ड ट्रम्प संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत को स्थायी सदस्यता दिलाने की भरपूर कोशिश करेंगे और एनएसजी पर भी उनका ओबामा की तरह पूरा समर्थन रहेगा। कुल मिलकर कहा जाए तो भारत के प्रति डोनल्ड ट्रम्प का रुख सकारात्मक और मित्रवत रहने की सम्भावना हैं। क्योंकि अमेरिका का हित भी इसी में है। आने वाले समय में भारत के साथ डोनल्ड ट्रम्प का रवैया एक मजबूत मित्र का रहने की है। ऐसा खुद डोनल्ड ट्रम्प भी कह चुके हैं।

उत्तराखंड में सांसद डिंपल यादव को आगामी सपा के सीएम पद की उम्मीदवार !


उत्तराखंड में डिंपल भौजी होंगी सपा के सीएम पद की उम्मीदवार !


यूपी और उत्तराखंड चुनाव के बिगुल बजने में अब कुछ ही समय बचे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी भी उत्तराखंड चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है। आपको बता दें कि सपा नेत्री आभा बड़थ्वाला ने कहा कि पार्टी यूके में 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी सीएम अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव को आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी का चेहरा बनाकर पेश करना चाहती है।
सपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डॉ. सत्यनरायण सचान ने बताया कि पार्टी की राज्य इकाई इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित करके अपने केंद्रीय नेतृत्व को भेज चुकी है जिस पर जल्द ही अंतिम फैसला आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि नेता जी भी डिंपल यादव को स्टार प्रचारक बनाने को लेकर काफी गंभीर हैं। सचान ने कहा कि डिंपल भाभी हमारी पार्टी की राष्ट्रीय नेता हैं और समय आने पर वह कभी भी पार्टी का काम संभाल सकती हैं।
साथ ही उन्होंने कहा राज्य के गांवों में पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार देने, विकास करने और स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाने के मुद्दे को लेकर सपा चुनाव में अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारेगी


मोदी सरकार ने किया ऐलान, एक बार फिर पाकिस्तान को घर में घुसकर मारेंगे



हरदोई में मंगलवार को बीजेपी की परिवर्तन रैली में गृहमंत्री गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जनता को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर तगड़ा निशाना साधा। उन्होंने पाकिस्तान को छिप कर वार करने की बजाय आमने-सामने लड़ाई करने की चुनौती दी है। दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक की बात पर पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए गृहमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम पाकिस्तान का सीना चीरने के लिए पाकिस्तानी धरती का ही इस्तेमाल करेंगे।

उन्होंने कहा कि मेरी पाकिस्तान जाने की कोई इच्छा नहीं थी, फिर भी मैं गया। मैने बस इतना सोचा कि किसी और देश में रह कर पाकिस्तान की करतूतों की चर्चा करना ठीक नहीं। रैली में गृहमंत्री ने यूपी की राजनीति पर बात करते हुए सपा-बसपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा ने यूपी को सुशासन से कोसों दूर कर दिया है।

बीजेपी यूपी में सुशासन की घर वापसी करेगी।नोटबंदी की वजह से विपक्ष के संसद न चलने देने के मुद्दे पर भी राजनाथ सिंह ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर लोकसभा और राज्यसभा नहीं चलने देगा, तो हम जनसभा के माध्यम से जनता से सीधे संवाद करेंगे।

यूपी में दबंग MLA की दबंगई की हवा बसपा ने निकाली तो सपा की हवा भरकर करने लगे दबंगई



उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के नजीबाबाद विधानसभा छेत्र से सपा का प्रत्यशी घोषित होते ही तसलीम ने अपनी दबंगई दिखानी शुरु कर दी है। तसलीम ने अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए हाईवे की संपत्ति पर कब्जा कर लिया है।

दबंगई का ठप्पा 

बिजनौर के नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक रह चुके तसलीम अहमद जो कि आगामी चुनाव 2017 मे नजीबाबाद से सपा के प्रत्याशी घोषित हुए हैं। बसपा से अपनी दबंगई के चलते निकाले गए और आज भी दबंगई मे महारत बटोर रहे है। जी हाँ नजीबाबाद से सपा के घोषित  प्रत्याशी तसलीम अहमद अपनी दबंगई के लिए जाने जाते हैं ।

हाईवे की संपत्ति पर MLA का कब्जा 

विधायक जी ने अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए हाईवे की संपत्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं। जहां पर यात्रियों की सहुलियत के लिए सरकार जगह-जगह पर किलोमीटर और दिशा- निर्देश के चिन्ह बनाती हैं। वहीं पर सरकार का ही नुमाइंदा अपनी दबंगई के चलते दिशा-निर्देश बोर्ड पर अपनी पार्टी का बैनर लगाकर अपनी ही सरकार की छवी खराब करने मे लगे हुए है। आला अधिकारियों का कहना है कि मामला उनके संज्ञान मे है, उन्होनें कहा कि जांच कर कार्यवाही की जायेगी

अगर पति-पत्नी में होते हों कभी ना खत्म होने वाले झगड़े, तो करें ये एक उपाय




पति-पत्नी में झगड़े होना कोई बड़ी बात नहीं है.... एक कहावत है कि ‘जिस घर में बर्तन हों, उनके आपस में टकराने की आवाज तो आती ही है’। इसी तरह से पति-पत्नी की भी नोक-झोंक होना लाजमी है। यह दोनों के गहरे रिश्ते को भी दर्शाता है।

लेकिन कई बार ये झगड़े भयंकर रुख भी ले लेते हैं। कभी-कभी अगर ऐसा बड़ा झगड़ा हो तो रिश्ते पर इसका अधिक बुरा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन जब ये सब रोजाना का ही दृश्य बन जाए तो समझ जाएं कि रिश्ते का अंत नजदीक है।

ऐसे में रिश्ते में घुल चुके इस मनमुटाव को खत्म करने के लिए शास्त्रीय उपायों की मदद ली जा सकती है। आज हम आपको ऐसा ही एक सरल शास्त्रीय उपाय बताने जा रहे हैं, जो यकीनन पति-पत्नी के रिश्ते में मिठास भर देगा।

इसके लिए पति या पत्नी को ही पहल करके अपने बेडरूम में एक छोटा सा बदलाव लाना होगा। कुछ कठिन नहीं करना, केवल राधा-कृष्ण जी की सुंदर तस्वीर बेडरूम में लाकर दीवार पर लगा दें।

राधा-कृष्ण को अटूट प्रेम का प्रतीक माना गया है।

शास्त्रों के अनुसार सुबह-शाम पति-पत्नी यदि इस तस्वीर के दर्शन करेंगे, तो उनका मानसिक तनाव कम होगा। दिल में प्रेम का आभास होगा और आपसी झगड़ों में कमी आएगी।
कुछ दिनों के बाद ये परेशानियां पूर्ण रूप से खत्म होती दिखाई देंगी। रिश्ते में पहले जैसी मिठास भर जाएगी।

खजुराहो ही नहीं, इन 7 मंदिरों में भी हैं ‘कामसूत्र' को दर्शाती मूर्तियां



खजुराहो मंदिर

  • मध्य प्रदेश में बना खजुराहो मंदिर कला का अद्भुत नमूना है। लेकिन इस मंदिर को यदि किसी बात से सबसे अधिक जाना जाता है तो उसका कारण है इस मंदिर पर बनीं ‘नग्न मूर्तियां’। जो भी व्यक्ति इन मूर्तियों को देखता है उसके मन में एक ही सवाल उठता है कि आखिर संभोग की अवस्था वाली मूर्तियों को मंदिर के ऊपर स्थान क्यों दिया गया।

  • दरअसल हिन्दू धर्म में संभोग या कामसूत्र को अध्यात्म का मार्ग बताया गया है। संभोग और अध्यात्म की इस परिभाषा को समझ पाना हर आम इंसान के वश में नहीं है। खजुराहो के भीतर कई सारे हिन्दू एवं जैन मंदिर स्थापित हैं।

  • लेकिन मध्य प्रदेश के खजुराहो के अलावा भी भारत में 8 अन्य खजुराहो हैं। अगर आपको यकीन नहीं होता तो चलिए एक-एक करके हम आपको उन 8 खजुराहो मंदिरों से परिचित कराते हैं जो खजुराहो मंदिर की तरह ही ‘संभोग’ को दर्शाते हैं। इसलिए इन्हें खजुराहो मंदिर जैसा ही कहा जाता है। लेकिन ये मंदिर क्यूं बने, क्या है इनका महत्व, आइए जानें.....

  • संस्कृति से पूरित राज्य उड़ीसा में एक ऐसा सूर्य मंदिर है जिसके ऊपर बनी कलाकृतियां मध्य प्रदेश के खजुराहो को भी टक्कर देती हैं। इस मंदिर पर मनुष्य और जानवर के बीच के संभोग को दर्शाया गया है।

  • मंदिर के ऊपर सात घोड़ों पर सवार सूर्य देव की भी मूर्ति है। जो कला का एक अद्भुत नमूना मानी गई है।

  • शिवजी को समर्पित है महाराष्ट्र में स्थित यह मंदिर। यहां रोजाना शिवजी की पूजा की जाती है। मंदिर के कई स्थानों पर कामोत्तेजना संबंधी चीजें आपको मिल जाएगी। इस मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि पर लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है।

  • कर्णाटक में तुंगभद्रा नदी के पास स्थित है यह मंदिर। यह मंदिर भगवान शिव के अवतार विरुपाक्ष को समर्पित है। यह मंदिर प्राचीन है इसलिए इसकी काफी मान्यता है। लेकिन भगवान शिव के अलावा इस मंदिर में दूसरी विशेष चीज है मंदिर की दीवारों पर बनी महिलाओं का नग्न मूर्तियां, जो कि पुरुषों को अपनी ओर आकर्षित करने की अवस्था में बनाई गई हैं।

  • लेकिन इसके बावजूद भी भारी संख्या में रोजाना शिव भक्त इस मंदिर में आते हैं। नवंबर में जब हम्पी त्यौहार का समय आता है, उस समय इस मंदिर में सबसे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है।

  • यूं तो कोणार्क सूर्य मंदिर को ही भारत का प्राचीनतम एवं इकलौता सूर्य मंदिर माना जाता है, लेकिन कहते हैं कि गुजरात का यह सूर्य मंदिर भी काफी पुराना है। यह मंदिर गुजरात की पुष्पावती नदी के समीप स्थित है।

  • इस मंदिर की बाहरी दीवारों पर ही कामोत्तेजना को दर्शाती बड़ी-बड़ी मूर्तियां हैं। ये मूर्तियां संभोग से लेकर संतान उत्पत्ति तक की व्याख्या करती हैं। इसके अलावा यह मंदिर अपने भव्य जल कुण्ड की वजह से भी प्रसिद्ध है, जिसे एक जमाने में पानी एकत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

  • असली खजुराहो के अलावा मध्य प्रदेश में ही एक मंदिर ऐसा है जो कामोत्तेजना की परिभाषा देती वस्तुओं से युक्त है। यह मंदिर ग्वालियर से 40 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर को ‘छोटे खजुराहो’ के नाम से भी जाना जाता है।

  • राजस्थान के थार जिले में 11वीं शताब्दी को दर्शाते कई सारे हिन्दू एवं जैन मंदिर पाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है सच्चियाय माता जी का मंदिर। यह मंदिर माता सच्चियाय को समर्पित है। मंदिर की कई दीवारों पर कामोत्तेजना को दर्शाती आकृतियां बनी हुई हैं। इतना ही नहीं, बिस्तर पर संभोग की आवस्था में लेटे स्त्री-पुरुष भी इन मूर्तियों में शामिल हैं।

स्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को या किसी और को रोता देखना, जानिए क्या है अर्थ


सपने में रोने का मतलब


  • स्वप्न शास्त्र के अनुसार हर सपने का एक खास अर्थ होता है। हम सपने में कैसे दृश्य देखते हैं, क्या महसूस करते हैं, इस सबका हमारे जीवन के साथ कहीं ना कहीं संबंध होता है। जरूरत है तो केवल इन सपनों से मिलने वाले संदेशों को समझने की

  • आज हम बताएंगे कि अगर आप सपने में खुद को रोता देखते हैं या किसी और को रोता देखते हैं तो इसका क्या मतलब होता है।

  • स्वप्न शास्त्र की राय में सपनों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: शुभ स्वप्न एवं अशुभ स्वप्न। तो चलिए जानते हैं रोने वाले सपने शुभ होते हैं या अशुभ।

  • अगर आप सपने में रोना देखते हैं तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह असल जिंदगी में आपके मान सम्मान में वृद्धि करने वाला सूचक माना जाता है। यह सपना बताता है कि वे परिस्थितियां जल्द ही आने वाली हैं, जो समाज में आपके मान सम्मान को बढ़ा देंगी।

  • किंतु और भी कुछ संकेत हैं जो सपने में रोने जैसी अवस्था के कुछ अलग ही अर्थ निकालते हैं। अगर सपने में आप खुद को रोता हुआ पाते हैं तो यह आपकी मानसिक अवस्था को दर्शाता है।

  • हो सकता है कि सपने में ऐसा कोई दृश्य चल ही नहीं रहा जिसके कारण आपको रोना पड़े, लेकिन फिर भी आप रो रहे हैं। इसका अर्थ है कि असल जिंदगी में कोई ऐसी खास वजह है जो आपको सपने में रुला रही है।

  • सपने में खुद का रोना ‘दर्द’ को दर्शाता है। लेकिन साथ ही मनोवैज्ञानिकों का यह कहना है कि असल जिंदगी में जो लोग रो नहीं पाते, उनका यह दर्द सपने में रोने से कम हो जाता है। इसलिए सपने में खुद को रोता देखना और रोते हुए ही उठना मानसिक रूप से सही है।

  • अब बात करते हैं अगले संकेत की। स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में किसी की मृत्यु पर खुद को रोता पाना उस व्यक्ति के दीर्घायु होने का सूचक है।


आज का राशिफल 20/12/2016



मेष राशि

  • स्वामी – मंगल
  • अराध्य देव – श्री गणेशजी
  • तत्व – अग्नि
  • नाम के पहले अक्षर – अ, ल, इ
  • शुभ रत्न – मूंगा
  • शुभ रुद्राक्ष – तीन मुखी

मेष राशि के जातक जन्म से ही नेतृत्व में निपुण होते है. प्रायः ऊर्जा और अति- उत्साह से सभर रहते है. हालाँकि स्वच्छ प्रकृति के मगर अधिक आत्म केंद्रित रहते है. किसी भी कार्य को योजनापूर्वक करने में माहिर हैं. संघर्ष से उचित पद, इज्जत और नाम कमाते है. किसी को अपने पक्ष में खींचने में निपुण है. जो लोग आपके अनुसार कार्य नहीं करते उनके प्रति आपकी धारणा नकारात्मक रहती है. किन्तु मेष राशि के जातक जिन पर प्रसन्न हो जाते हैं उन पर जान भी न्योछावर कर देते हैं.

वृषभ राशि

  • स्वामी – शुक्र
  • अIराध्य देव – कुलस्वामिनी
  • तत्व – पृथ्वी
  • नाम के पहले अक्षर – ब, व और ऊ
  • शुभ रत्न – हीरा
  • शुभ रुद्राक्ष – छह मुखी रुद्राक्ष

वृषभ राशि के जातकों का स्वभाव गंभीर, स्थिर और व्यव्हार कुशल रहताहै. सौंदर्य से प्रेम करने वाले और शिष्टप्रिय होते है. पुराने विचारों में मानते है. धन और नाम हासिल करते हैं. अपने पुराने विचारों की वजह से लोगों से उंच नीच रहती है. प्रभावपूर्ण वाणी आपकी विेषेषता है. सफलता प्राप्त करने के बाद भी लोगों को साथ में रख कर चलना आपकी आदत है. आप भावुक और ह्रदय से सच्चे है. तत्काल लाभ की अभिलाष रखते हैं मगर उपेक्षा के पात्र बनते है.

मिथुन राशि

  • स्वामी – बुध
  • अIराध्य देव – कुबेर
  • तत्व – हवा
  • नाम के पहले अक्षर – क, छ, घ
  • शुभ रत्न – पन्ना
  • शुभ रुद्राक्ष – चार मुखी रुद्राक्ष

मिथुन राशि के जातकों में दुसरो की प्रकृति तथा व्यवहार को तीव्रता से समझ लेते हैं. मिलनसार स्वभाव की वजह से बहुत मित्र होते हैं. किसी भी कठिन बात को बुद्धिपूर्वक आसानी से बोल लेते हैं. आकर्षक और मनोरंजक व्यक्तित्व इनकी विशेषता हैं.

किन्तु अंद्रोनी तौर पर शुभ आचार विचार वाले और एकाग्र होते हैं. किन्तु बुरी सांगत को ले कर अपनी प्रतिभा को नुक्सान करते हैं. साथ ही कुछ मित्रों की संगत से मदद भी मिलती हैं. मिथुन राशि के जातक अधिकतम उदार दिल, बलशाली, चतुर तथा भोग विलास में रस रखनेवाले होते हैं.

कर्क राशि

  • स्वामी – चन्द्रमा
  • अIराध्य देव – शंकर भगवान
  • तत्व – जल
  • नाम के पहले अक्षर – ड, ह
  • शुभ रत्न – मोती
  • शुभ रुद्राक्ष – दो मुखी रुद्राक्ष

इस राशि के लोग सौन्दर्यवान और घर परिवार से अत्यधिक मोह रखने वाले होते हैं. भावनात्मक रूप से अपने आप को सुरक्षित रहना चाहते है. इसी वजह से अपनी भावनाओं को सही मायने में प्रस्तुत करने से डरते है.

यह राशि वाले रिश्तों और परिवार में रचे रहते हैं. प्रकृति से लोगों को सुरक्षा देने वाले और अन्य लोगो को पालन पोषण देते हैं. जज्जबाती और देशभक्त तथा मातृभक्त रहते हैं. इनकी प्रकृति लोगों की समझ में जल्द नहीं आती. ऊपर से भावनाहीन मगर अंदर से मोम जैसा व्यक्तित्व और प्रेमी स्वभाव रहता हैं.

सिंह राशि

  • स्वामी – सूर्य
  • अIराध्य देव – सूर्य भगवान
  • तत्व – अग्नि
  • नाम के पहले अक्षर – म, ट
  • शुभ रत्न – माणिक्य
  • शुभ रुद्राक्ष – एक मुखी रुद्राक्ष

सिंह राशि के जातक किसी के सामने झुकना पसंद नहीं करते. स्वभाव से उत्साही, निर्भयी, क्रोधी, वीर, स्वतन्त्र और कठिन परिस्थितियों में भी विचलित न होने वाले व्यक्ति होते हैं. सन्तोषपूर्ण होने के कारन आर्थिक उन्नति नहीं कर पाते. अकेले रहना अधिक पसंद करते हैं जिसकी वजह से जीवन में कठिनाइयां रहती है. सिंह राशि के जातक अधिकतम अपने शोख़ को अपना पेश बनाते हैं. ह्रदय से आप दूसरों का भला हमेशा चाहते हैं मगर आपका अहंकार आपको दुसरो से जोड़ने में रुकावटें पैदा करता हैं. जन्म से ही आप संचालन और नेतृत्व की शक्तियां रखते हैं.

कन्या राशि

  • स्वामी – बुध
  • अIराध्य देव – कुबेर
  • तत्व – पृथ्वी
  • नाम के पहले अक्षर – प, ठ, ण
  • शुभ रत्न – पन्ना
  • शुभ रुद्राक्ष – चार मुखी रुद्राक्ष

कन्या राशि के जातक स्वभाव से अधिक दृढ़ निश्चयी और कुछ अंश तक जिद्दी भी होते हों. एक बार जो सोच लेते है उसे पूरा कर के ही दम लेते हैं. सञ्चालन में कुशल, कलाओं में निपुण और धनी रहते हैं. वाणी में मधुरता, बुद्धिमता, विचारशीलता और व्यवहारिकता इनकी खासियतें हैं. स्वच्छता के अति आग्रही और हर कार्य को व्यवस्थापूर्ण करना चाहते हैं. मेहनती और सफलता को तीव्रता से पाने वाले व्यक्ति हैं. किन्तु सांसारिक जीवन में भाग्यशाली नहीं होते. ह्रदय से रोमांटिक रहते हैं किन्तु भावनाओं को प्रदर्शित करने में विश्वास नहीं रखते. इसकी वजह से प्रेम सम्बन्धो और वैवाहिक सम्बन्धो में सफलता नहीं मिलते.

तुला राशि

  • स्वामी – शुक्र
  • अIराध्य देव – कुल स्वामिनी
  • तत्व – वायु
  • नाम के पहले अक्षर – र, त
  • शुभ रत्न – पन्ना
  • शुभ रुद्राक्ष – छह मुखी रुद्राक्ष

तुला राशि के जातक जन्मजात कुशल राजनीतिज्ञ, विचारशील और चतुर होते हैं. स्वभाव संतुलित रहता है और हर वस्तु को सम्पूर्ण समीक्षा और परिक्षण के बाद समझते हैं. आज्ञा के पालक रहते हैं. सौंदर्य और सुघड़ता को बहुत पसंद करते हैं. दूरदर्शिता से भरपूर आपका स्वभाव कार्य क्षेत्र में अच्छी तरक्की करवाता हैं.

वाणी और स्वभाव आनंदित रहने की वजह से लोगों में प्रिय बने रहते हैं. सभी राशियों में अत्यधिक आकर्षण पैदा करने वाला व्यक्तित्व रखते हैं. किन्तु कुछ परिस्थितियों में अत्यधिक हताश हो जाते हैं. निर्णय लेने से पहले आयाम और अंजाम के विषय में अत्यधिक सोचते हैं.

वृश्चिक राशि

  • स्वामी – मंगल
  • अIराध्य देव – गणेशजी
  • तत्व – जल
  • नाम के पहले अक्षर – न, य
  • शुभ रत्न – माणिक्य
  • शुभ रुद्राक्ष – तीन मुखी रुद्राक्ष

वृश्चिक राशि के जातक तीक्ष्ण बुद्धि के मालिक होते है. बोले हुए वचन को दृढ़ता से पालनेवाले, थोड़े घमंडी, किसी भी विषय का बारीकी से निरिक्षण करने में निपुण और महत्वकांशी रहते हैं. धार्मिक विचार रखते हैं और हर कार्य को कुशलतापूर्वक करते हैं. अन्य लोगो के स्वभाव, शक्तियों और कमजोरियों को तीव्रता से समझने का गुण रखते हैं. मित्र बनाने के शौकीन और प्रशंसा पाने के अभिलाषी रहते हैं. इनकी दोस्ती जितनी लाभदायी रहती है उतनी ही इनकी दुश्मनी कष्टदायक रहती हैं. मन में जो विचार है उसे प्रस्तुत करने में हिचकिचाते नहीं. स्वभाव से ईर्ष्यालु भी रहते हैं.

धनु राशि

  • स्वामी – बृहस्पति
  • अIराध्य देव – दत्तोत्रय
  • तत्व – अग्नि
  • नाम के पहले अक्षर – भ, ध, फ, ढ
  • शुभ रत्न – पुखराज
  • शुभ रुद्राक्ष – पांच मुखी रुद्राक्ष

धनु राशि के लोग शांतिप्रिय, स्पष्टवक्ता, सत्य के आग्रही, मिलनसार, निडर, वफादार और जिज्ञासु रहते हैं. सत्य और ज्ञान की खोज आपकी प्रकृति है. नेतृत्व का कौशल रखते हैं. मौज शौख के शौकीन होते है और जहाँ जाते हैं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनते हैं. अपने कौशल्य और स्वभाव से इन्हे दूसरों पर अधिकार जाताना काफी अच्छा लगता है. शौकीन और दूसरों का ख्याल रखने की प्रकृति निजी सम्बन्धो में सफलता दिलाती है. ह्रदय से बहुत दयालु और मदद करने की भावना रखते हैं.

मकर राशि

  • स्वामी – शनि
  • अIराध्य देव – शनिदेव, हनुमानजी
  • तत्व – पृथ्वी
  • नाम के पहले अक्षर – ख, ज
  • शुभ रत्न – नीलम
  • शुभ रुद्राक्ष – सात मुखी रुद्राक्ष

मकर राशि वाले धनि और सुन्दर होते हैं. कार्य को अपना जीवन मानते हैं और कार्यस्थल पर समय व्यतीत करना अधिक पसंद करते हैं. मौज शौख में काम रूचि रहती है. इस राशि के लोग दोहरे विचार रखते हैं. अपने लक्ष्य के प्रति सम्पूर्ण सम्भान और प्रयत्नशील रहते हैं. रहस्यों और आध्यात्मिक बातों में रूचि रखते हैं. कार्यों को स्वयं पूरा करने में विश्वास रखते हैं. दूसरों का हस्तक्षेप पसंद नहीं करते. ऊँचे विचार वाले और धन कमाने का अच्छा सामर्थ्य रखते हैं. उपकारों को कभी भूलते नहीं.

कुम्भ राशि

  • स्वामी – शनि
  • अIराध्य देव – शनिदेव, हनुमानजी
  • तत्व – वायु
  • नाम के पहले अक्षर – ग, स, श, ष
  • शुभ रत्न – नीलम
  • शुभ रुद्राक्ष – सात मुखी रुद्राक्ष

कुम्भ राशि के लोग अधिकतर परोपकारी और प्रेमी स्वभाव के होते है. किसी पर जल्दी मोहित हो जाते है. परोपकारी होने पर भी किसी के विरुद्ध षड़यंत्र रच सकते है. ह्रदय की बातों को छुपाने में माहिर होते है. कला, संगीत, शिल्प और साहित्य में रूचि रखने वाले हैं. भावनाओं और बातों को गुप्त रखने की वजह से मानसिक और शारीरिक रूप से कष्ट उठाते है. सौंदर्य के पुजारी होते है और आगे बढ़ने की इच्छा हमेशा रखते हैं. जो भी कार्य करते है उसे पुरे दिल से संपन्न करते हैं. किन्तु तीव्र क्रोध आपका सबसे बड़ा अवगुण है.

मीन राशि

  • स्वामी – बृहस्पति
  • अIराध्य देव – दत्तोत्रय
  • तत्व – जल
  • नाम के पहले अक्षर – द, च, थ, झ
  • शुभ रत्न – पुखराज
  • शुभ रुद्राक्ष – पांच मुखी रुद्राक्ष

मीन राशि के लोग अत्यंत शांत, सौम्य, करुणामय स्वभाव के और आकर्षक व्यक्तित्य के मालिक हैं. अपनी हर गलती पर माफ़ी मांग लेते हैं. अध्यात्म और ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं. गंभीर और दोहरे स्वभाव के बावजूद भी आपके विचार हमेशा सरल और अच्छे रहते हैं. दूसरों के बारे में इतना अधिक सोचते हैं की दुसरो के दर्द को स्वयं बर्दाश्त कर लेते है. अन्य के लिए अपने खुशियों को त्यागना पसंद करते हैं. गलत और सही के बीच में निर्णय लेने में हमेशा मानसिक रूप से त्रस्त रहते हैं. किन्तु सहानुभूति, बेफिक्र और उदार स्वभाव की वजह से लोगों में प्रिय रहते हैं.

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