: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 12/29/16

बरेली जंक्शन पर आज से मिलेगा फ्री वाई-फाई





बरेली : अपना बरेली जंक्शन भी रेलवे के उन विशेष स्टेशनों की सूची में दर्ज होगा, जिनमें मुफ्त वाई-फाई सुविधा उपलब्ध है। बुधवार को केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से और स्थानीय सांसद व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार जंक्शन पर दोपहर ढाई बजे इस सुविधा का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार दोपहर में दो बार बदलाव के बाद अधिकृत तौर पर अंतिम कार्यक्रम तय हुआ। रेलटेल की टीम दिनभर सभी एक्सेस प्वाइंट से वाई-फाई की रेंज चेक करने में जुटी रही। जंक्शन पर नवंबर के अंत में वाई-फाई का काम शुरू हुआ था। ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के बाद चार-पांच दिसंबर से इसका ट्रायल शुरू हुआ था। बुधवार को रेलमंत्री सुविधा आमजन को सौंपेंगे। मुरादाबाद डिवीजन से पहले दोपहर 12 बजे उद्घाटन कराने की तैयारी थी, लेकिन मंगलवार दोपहर में ही फिर बदलाव हुआ। अब रेल मंत्री का कार्यक्रम दोपहर ढाई बजे तय हुआ। उद्घाटन समारोह में महापौर आइएस तोमर, विधायक राजेश अग्रवाल भी बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित किए गए हैं।

जनता बना चुकी सत्ता परिवर्तन का मन




बदायूं : भारतीय जनता पार्टी की बैठक में 2 जनवरी को लखनऊ में होने वाली परिवर्तन महारैली को लेकर चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामाबाई अंबेडकर मैदान में होने वाली महारैली को संबोधित करेंगे। हर बूथ के कार्यकर्ता वहां जाएंगे। जिनसे प्रधानमंत्री सीधे तौर पर संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि महारैली से उत्तर प्रदेश में चुनाव का बिगुल बजेगा। प्रदेश की जनता ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है। भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। जिसके लिए सभी पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल महामंत्री व सेक्टर प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। बैठक में सुधीर श्रीवास्तव, मुनीश, पुष्पेंद्र, अंकित मौर्य आदि मौजूद रहे।   

सदर सीट पर सपा ने खेला मुस्लिम कार्ड




बदायूं : सपा के गढ़ में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अचानक बढ़ गई हैं। फाइनल टिकट जारी कर सपा ने सदर के साथ दातागंज और बिल्सी के समीकरण भी बदल दिए हैं। सदर में अपनी सीट पर कब्जा बरकार रखने की नीयत से मुस्लिम कार्ड खेला है। जबकि बिल्सी में टिकट बदलकर अपने पुराने प्रत्याशी को ही फिर मैदान में उतारा है जबकि दातागंज युवा प्रत्याशी पर दांव लगाया है। सपा का टिकट घोषित हो जाने से पखवारे भर से लगाए जा रहे तमाम कयासों और अटकलों पर भी विराम लग गया है।
सपा मुखिया मुलायम ¨सह का बदायूं से गहरा रिश्ता है। उनके भतीजे सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस रिश्ते को और प्रगाढ़ बनाया है। वर्तमान में जिले की छह में से चार सीटें सत्ताधारी पार्टी सपा के पास हैं। तीन सीटों बिसौली में आशुतोष मौर्य, सहसवान में ओमकार ¨सह यादव और शेखूपुर में आशीष यादव मौजूदा विधायकों को अपेक्षा के अनुरूप टिकट मिल गया है। सदर सीट सपा के लिए चुनौती बनी हुई है, वजह यह है कि मौजूदा विधायक आबिद रजा पार्टी से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह पिछले दिनों कांग्रेस से आए फखरे अहमद शोबी को मैदान में उतारा है। सदर सीट पर शोबी चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। पिछली बार वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे तब उन्हें चौथा स्थान मिला था। इससे पहले 2007 के चुनाव में भी वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे तब भी उन्हें चौथा स्थान ही प्राप्त हुआ था। उसके पहले 2002 में भी वह चुनाव लड़े थे तब भी स्थिति कुछ इसी तरह की रही थी। उसके पहले 1996 में बसपा के टिकट पर भी भाग्य आजमा चुके हैं। अब सपा ने उन्हें मौका दिया है, प्रत्याशी के साथ पार्टी के लिए भी इस सीट को बचाये रखने बड़ी चुनौती होगी।
सहसवान से विधायक ओमकार ¨सह सरकार में राज्यमंत्री हैं, बिसौली विधायक आशुतोष मौर्य भी मजबूत स्थिति में हैं और शेखूपुर से विधायक आशीष यादव भी दो बार से विधायक हैं। इन लोगों को टिकट मिलना पहले से ही तय था और अपेक्षा के अनुरूप इनका टिकट फाइनल हो गया है। बिल्सी में सपा ने पहले उदयवीर शाक्य को टिकट देकर मैदान में उतार दिया था। हालांकि उनके टिकट को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं, जब विमल कृष्ण अग्रवाल को बिल्सी विधानसभा क्षेत्र का प्रभार सौंपा गया था तभी साफ हो गया था कि वही चुनाव लड़ेंगे। आज उनका टिकट भी घोषित हो गया। विमलकृष्ण बिल्सी से पिछला चुनाव लड़ चुके हैं और दूसरे नंबर पर रहे थे। दातागंज में पहले पार्टी ने पूर्व विधायक प्रेमपाल ¨सह के युवा पुत्र अवनीश यादव को टिकट दिया है, लेकिन इनका टिकट काटकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना ¨सह के पुत्र कैप्टन अर्जुन ¨सह को मैदान में उतारा है। यह जिला पंचायत सदस्य हैं और कुछ दिनों पहले ही उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। सपा की तस्वीर साफ हो जाने के बाद अब विपक्षी दलों में भी रणनीति बनने लगी है। अब सभी की निगाहें भाजपा के टिकट पर लगी हैं।
सदर सीट पर सपा किसी मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतारेगी यह तो पहले से तय था। इसलिए आधा दर्जन लोग टिकट की दौड़ में शामिल थे। दौड़ में शामिल नेताओं में कुछ सांसद धर्मेंद्र यादव का खुद को करीबी बता रहे थे तो कुछ सपा मुखिया मुलायम ¨सह यादव के करीब होने की बात कह रहे थे। कुछ दिनों पहले ही फखरे अहमद शोबी सपा में शामिल हुए थे और अब टिकट भी मिल गया। पहले से तैयारी कर रहे सपा नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

समाजवादी पार्टी में दंगल पार्ट-2 : अब अखिलेश यादव के जवाब देने की बारी, बुलाई विधायकों और मंत्रियों की बैठक

 



नई दिल्ली: यूपी में समाजवादी पार्टी के अंदर चल रहे दंगल में आमने-सामने खड़े हैं चाचा और भतीजा. इस सियासी महाभारत में बुधवार को जिस तरह से मुलायम सिंह यादव ने 325 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की और तमाम अखिलेश समर्थकों को टिकट नहीं दिया और मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के टिकट काट दिए वह एक नए दंगल की ओर इशारा कर रहा है.

यह लिस्ट आने की देर थी भला अखिलेश यादव कहां चुप रहने वाले थे. अखिलेश ने आवास विकास परिषद की उपाध्यक्ष सुरभि शुक्ला और राजकीय निर्माण निगम के सलाहकार संदीप शुक्ला को बर्ख़ास्त कर दिया. दोनों को ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का बेहद ख़ास माना जाता है. संदीप शुक्ला को सुल्तानपुर सदर से अखिलेश के क़रीबी अभिषेक वर्मा की जगह टिकट दिया गया है. यही नहीं आज अखिलेश यादव ने सुबह 11 बजे अपने सभी विधायकों और मंत्रियों को अपने घर बुलाया है.

मुलायम ने किया साफ लिस्ट में कोई बदलाव नहीं होगा
वहीं मुलायम ने बुधवार को लिस्ट जारी करते हुए यह भी साफ कर दिया है कि इस लिस्ट में अब कोई बदलाव नहीं होगा जबकि अखिलेश ने मुलायम से कुछ नामों पर फिर से विचार करने की अपील की है. अखिलेश को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किए जाने को लेकर मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर कहा कि हम पहले से मुख्यमंत्री का उम्मीदवार तय नहीं करते हैं. इस बीच महागठबंधन की अटकलों को मुलायम सिंह यादव ने सिरे से खारिज कर दिया.

नेताजी से बात करेंगे अखिलेश
झांसी आए अखिलेश ने पार्टी उम्मीदवारों की सूची पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिन जिताऊ प्रत्याशियों के टिकट कटे हैं उनके बारे में वह नेता जी से बात करेंगे. अखिलेश ने कहा कि पार्टी की जारी की गई सूची में क्या है उनकी जानकारी में नहीं है. उन्होंने कहा कि वह (मुलायम) समझते हैं कि सूची में वह लोग हैं जो जीत सकते हैं.अखिलेश ने कहा कि मैंने भी एक ऐसी ही सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी थी. साथ ही उन्हें जानकारी की थी कि वह जीत सकते हैं और उन नामों पर चर्चा हो. उन्होंने कहा कि अभी नई सूची आई है.. कुछ ऐसे नाम है, जिनकी टिकट कटी है. मैं फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहूंगा कि ऐसे लोग जिन्होंने काम अच्छा किया है जो अपने क्षेत्र में जीत सकते हैं, उन पर विचार किया जाए.

सपा में टिकटों पर टकराव : शिवपाल के करीबियों को टिकट, अखिलेश समर्थकों को झटका

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने आगामी यूपी चुनावों के मद्देनजर 325 प्रत्‍याशियों की सूची बुधवार को जारी की. इस सूची में ऐसे कई विवादित चेहरों को जगह मिली है जिनके नामों पर कथित रूप से मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव को आपत्ति रही है.

UP में 7 चरणों में हो सकते हैं चुनाव, तारीखों का ऐलान 4 को!

 


चुनाव आयोग 4 जनवरी को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है. पहले चरण में उत्तराखंड और पंजाब में चुनाव कराए जाएंगे. यूपी में 7 चरणों में हो सकता है चुनाव.

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने तारीखों को फाइनल कर लिया है. गृह मंत्रालय की बैठक में चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होनी है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चुनाव होने है.

जल्द ही सगाई करेंगे उत्तराखंड पहुंचे विराट-अनुष्का!



मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जल्द ही सगाई कर सकते हैं. फिलहाल विराट-अनुष्का साल के आखिरी दिनों को सेलिब्रेट करने के लिए ऋषिकेश से 17 किलोमीटर दूर नरेंद्रनगर के होटल आनंदा में ठहरे हैं.

लाइव हिन्दुस्तान डॉट कॉम में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आनंदा होटल सूत्रों ने कहा है कि अमिताभ बच्चन, अनिल अंबानी, टीना अंबानी और दो क्रिकेटर भी इसी होटल में गुरुवार को आ सकते हैं. एक जनवरी को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी होटल पहुंच सकते हैं. ऐसे में चर्चा बढ़ गई है कि विराट-अनुष्का नए साल में सगाई कर सकते हैं. विराट-अनुष्का ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर मोर-मोरनी को दाने खिलाते हुए फोटो शेयर की हैं.

हालांकि, अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हरीश रावत इस मौके को टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. विराट कोहली उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसडर भी हैं. दोनों के राज्य में आने पर रावत ने ट्वीट कर उनकी यात्रा के यादगार होने की उम्मीद भी जताई.

हालांकि, कुछ वक्त पहले दिए इंटरव्यू में अनुष्का ने जल्द शादी नहीं करने के संकेत दिए थे. उधर, नरेंद्रनगर के थाना प्रभारी ने कहा है कि बच्चन या अंबानी परिवार के यहां आने की कोई सूचना नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर होटल प्रबंधन की ओर से फोर्स मांगी गई तो उपलब्ध कराई जाएगी.

31 दिसंबर को राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं पीएम नरेंद्र मोदी, किसानों और मजदूरों के दे सकते हैं बड़ी राहत : सूत्र




नई दिल्ली: 31 दिसंबर की शाम को पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के मौके पर पीएम देश की जनता को धन्यवाद देंगे, जिन्होंने कठिनाई के बावजूद संयम बनाए रखा. साथ ही इन 50 दिनों में सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए उनका ब्यौरा भी दिया जाएगा.

नोटबंदी के बाद बार-बार आए आदेशों पर भी दे सकते हैं बयान
नोटबंदी के बाद आए आदेशों को लेकर विपक्ष के हमले का सामने करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी यह जानकारी भी दे सकते हैं कि उन्होंने इतने बदलाव क्यों किए.

नोटबंदी से हुए फायदे गिनवाएंगे
नोटबंदी को लेकर जनता को हुई कठिनाई के बावजूद पीएम इससे हुए फायदों को भी गिनवा सकते हैं. दरअसल, नोटबंदी के बाद से देशभर में छापेमारी जारी है.लगातार कालाधन बरामद किया जा रहा है.

किसानों और मजदूरों को राहत का ऐलान संभव

नोटबंदी से सबसे ज्यादा दिक्कत बीपीएल परिवारों, किसानों, मजदूरों को हुई है. सरकार उनके लिए राहत का ऐलान भी कर सकती है. जनधन खातों को लेकर भी महत्वपूर्ण ऐलान संभव है. कहा जा रहा है कि नोटबंदी से बेरोजगारी बढ़ सकती है, इसलिए पीएम इस संबंध में भी बड़ी घोषणा कर सकते हैं.

उधर कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए कसी कमर
इस बीच ये खबरें भी आ रही हैं कि सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने भी कमर कस ली है. वह सरकार पर अपने आक्रामक रुख को बनाए रखना चाहती है. उसी कड़ी में 2 और 3 जनवरी को शीर्ष स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के नेता सरकार को घेरेंगे. उसके बाद 3 और 4 जनवरी को राज्यों की राजधानियों में कांग्रेस प्रदर्शन करेगी. उसके बाद 5 और 6 जनवरी को जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला जाएगा.

LIVE: सपा में अब टिकट पर घमासान, समर्थक विधायकों के साथ CM अखिलेश की बैठक शुरू




यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह के कुनबे में अब टिकट बंटवारे को लेकर फिर लड़ाई छिड़ गई है. मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए सपा के 325 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की तो अखिलेश के कई समर्थकों का पत्ता साफ कर दिया. चाचा शिवपाल की पसंद को लिस्ट में देखकर सपा में फिर अंदरखाने लड़ाई शुरू हो गई है. सीएम अखिलेश ने अपने समर्थक विधायकों की बैठक बुलाई है. लखनऊ में ये बैठक शुरू हो चुकी है.

समर्थकों के टिकट कटने पर नाराजगी
इस बैठक में धर्मेंद्र यादव, अरविंद गोप और अभिषेक मिश्रा समेत तमाम समर्थक शामिल हो रहे हैं. इस बैठक में वे विधायक और मंत्री शामिल हो रहे हैं जिनके टिकट काट दिए गए हैं. अखिलेश ने बुधवार शाम भी तीन मंत्रियों और दर्जनों विधायकों के साथ लंबी मीटिंग की थी. बैठक के बाद एक विधायक ने कहा कि हम नेताजी के निर्देशों का पालन करेंगे.

अखिलेश उठा सकते हैं बड़ा कदम
सूत्रों की माने तो अखिलेश यादव जल्द ही अयोध्या में मंत्री पवन पाण्डेय, बलिया में रामगोविंद और बाराबंकी अरविंद सिंह गोप के समर्थन में बड़ी रैली कर सकते हैं. यही नहीं अगर बात नहीं बनी और अखिलेश यादव के करीबियों को अगर टिकट नहीं दिया जाता तो सीएम अपने चहेतों को निर्दलीय ताल ठोकने की हरी झंडी दे सकते हैं और वो इन सीटों पर वह उनके समर्थन में रैली भी करने का फैसला ले सकते हैं.

अखिलेश के करीबियों का पत्ता साफ
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव द्वारा जारी लिस्ट में अखिलेश के कई समर्थकों के नाम नहीं हैं. इनमें- पवन पांडे, अरविंद गोप, अरुण वर्मा जैसे विधायकों का पत्ता साफ हो गया जो अखिलेश के काफी करीबी माने जाते हैं. दूसरी ओर से इस लिस्ट में चाचा शिवपाल यादव के समर्थकों की प्रभुत्व साफ तौर पर दिख रहा है. शिवपाल के खेमे के ओम प्रकाश सिंह, साहेबी फातिमा यहां तक कि बाहुबली अतीक अहमद का नाम भी लिस्ट में शामिल है.

पार्टी अध्यक्ष करें फिर से विचार: अखिलेश
दूसरी ओर टिकट बंटवारे से नाराज अखिलेश यादव ने पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह से फिर से लिस्ट पर विचार करने की अपील की है. अखिलेश यादव ने टिटक बंटवारे पर कहा- मेरी जानकारी में नहीं है कि लिस्ट में क्या है. मैं समझता था कि जो जीत सकते हैं. मैंने भी एक सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को दी थी. जिसमें जानकारी के बाद ये जीत सकते हैं और उन नामों पर चर्चा हो उन नामों को मैने राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिये थे. अभी नई सूची आई है कुछ ऐसे नाम है जिनकी टिकट कटी है. मैं फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहूंगा कि ऐसे लोग जिन्होंने काम अच्छा किया है जो अपने क्षेत्र में जीत सकते है उन पर विचार किया जाए.

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