: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : 12/31/16

पीएम बोले- बख्‍शे नहीं जाएंगे भ्रष्‍टाचारी, आशियाने के लिए मिलेगी बड़ी छूट




पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि दिवाली के बाद देश ने एक बड़ा फैसला लिया. उन्होंने कहा कि अब नए संकल्प और उमंग के साथ देश के लोग नए साल में कदम रखेंगे. बुराई के खिलाफ लोगों से सरकार का पूरा साथ दिया. सरकार और देशवासी भ्रष्टाचार के खिलाफ कंधा से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं.

पीएम ने अपने संबोधन में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब शहरों में 9 लाख रुपये तक का घर बनाने के लिए ब्याजदर में 4 प्रतिशत छूट दी जाएगी. जबकि 12 लाख रुपये तक लोन पर 3 फीसदी की छूट दी जाएगी. गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत साल 2017 से 33 फीसदी ज्यादा घर बनाए जाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि बड़े नोट से केवल महंगाई और कालाधन बढ़ रहा था. बड़े नोट गरीबों का हक छीन रहा था. उन्होंने कहा कि कैश अगर अर्थव्यवस्था के साथ तो देश का विकास होता है लेकिन देश में वैसा नहीं हो रहा था. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम सच्चाई से कब तक मुंह मोड़ते रहेंगे.

ये सरकार सज्जनों की मित्र है और दुर्जनों को सज्जनता के रास्ते पर लौटाने के लिए उपयुक्त वातावरण को तैयार करने के पक्ष में है. कानून अपना काम करेगा. सरकार की प्राथमिकता ईमानदार लोगों को प्रतिष्ठित करने की है.

पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए पूछा क्या आपको नहीं लगता कि देश की भलाई के लिए ईमानदारी के आंदोलन को और अधिक ताकत देने की जरूरत है.

नोटबंदी के फैसले को तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि हिंदुस्तान ने जो करके दिखाया है, ऐसा विश्व में तुलना करने के लिए कोई उदाहरण नहीं.

उन्होंने कहा, 'बैंकिंग व्यवस्था को सामान्य करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए. विशेषकर ग्रामीण इलाकों में, दूर-दराज वाले इलाकों में प्रो-एक्टिव होकर हर छोटी से छोटी कमी को दूर किया जाए'. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, कालाधन, जालीनोट के खिलाफ लड़ाई में आप एक कदम भी पीछे नहीं रहना चाहते हैं, आपका ये प्यार आशीर्वाद की तरह है.

पीएम की मानें तो देशवासियों ने जो कष्ट झेला है, वो भारत के उज्जवल भविष्य के लिए नागरिकों के त्याग की मिसाल है. हर हिंदुस्तानी के लिए सच्चाई और अच्छाई कितनी अहमियत रखती है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम कहते हैं कि 'कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी'... इस बात को देशवासियों ने जीकर दिखाया है. दीवाली के बाद की घटनाओं से ये सिद्ध हो चुका है कि करोड़ों देशवासी ऐसी घुटन से मुक्ति के अवसर की तलाश कर रहे थे. उन्होंने कहा कि दिवाली के तुरंत बाद हमारा देश ऐतिहासिक शुद्धि यज्ञ का गवाह बना.

नोटबंदी के 50 दिन पूरे होते ही सरकार ने एटीएम से कैश निकालने की लिमिट बढ़ा दी. शुक्रवार यानी 30 दिसंबर को सरकार की ओर से घोषणी की गई कि अब नए साल से लोग हर रोज एटीएम से 4500 रुपये निकाल सकेंगे. नोटबंदी के दौरान एटीएम से 2500 रुपये तक कैश निकालने की लिमिट तय की गई थी. जो 1 जनवरी बढ़ जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी. हालांकि बैंक से कैश निकालने की लिमिट नोटबंदी के बाद भी हर हफ्ते 24 हजार रुपये ही है.

गौरलतब है कि इससे पहले 8 नवंबर 2016 को शाम में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था. पीएम मोदी ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 500 और हजार रुपये के नोट को अवैध करार देते हुए उसे प्रचलन से बाहर करने की घोषणा की थी. इसके लिए उन्होंने देशवासियों से 50 दिन का वक्त मांगा था, 30 दिसंबर को ही नोटबंदी के 50 दिन पूरे भी हो गए. इस दरम्यान लोगों की परेशानी को देखते हुए नोटबंदी के साथ लिए गए फैसलों में कई बार बदलाव भी किए गए. हालांकि नोटबंदी से लोगों को नकदी की काफी दिक्कतें आईं लेकिन फिर भी वो पीएम के फैसले के साथ खड़े दिखे.

देश के नाम PM मोदी का संबोधन LIVE, आम जनता को दिया न्यूइयर गिफ्ट




नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देशवासियों के धैर्य से शुद्धि यज्ञ चला। प्रधानमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए घर देने के लिए 2 नई स्कीमों का तोहफा दिया।

LIVE UPDATE:

  1. - गर्भवती महिलाओंं के लिए 650 से ज्यादा जिलों के अस्पताल में पंजीकरण, डिलीवरी, टीकाकरण के लिए 6000 रुपये की मदद करेगी।
  2. -सीनियर सिटीज़न के खाते में 7.5 लाख तक की रकम पर सालाना 8% ब्याज़ दर फिक्स रहेगी।
  3. -गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपये की मदद देगी सरकार
  4. -अगले तीन महीने में 3 करोड़ किसान क्रेडिट कार्डों को RUPAY कार्ड में बदला जाएगा। 
  5. -जो गांव में अपना घर बनाना चाहते हैं, या विस्तार करना चाहते हैं, उन्हें 2लाख के लोन में 3%ब्याज की छूट।
  6. -प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 9 लाख तक के कर्ज पर 4 फीसदी और 12 लाख तक के कर्ज पर 3 फीसदी छूट दी जाएगी।
  7. -डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव सेंट्रल बैंक और प्राइमरी सोसायटी से जिन किसानों ने खरीफ-रबी की बुवाई के लिए कर्ज उसके 60 दिन का ब्याज सरकार देगी।
  8. -बैंक कर्मियों ने सरहानिय योगदान दिया और बईमान कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
  9. -कुछ ही घंटों के बाद हम सब 2017 का स्वागत करेंगे।
  10. -दिवाली के बाद की घटना से ये साबित हो चुका है कि देशवासी इस घुटन से बाहर आना चाहते है।
  11. -आम देशवासी देश के अंदरुनी बुराइयों से लड़ाई लड़ रहे हैं।
  12. -जब हम कहते हैं कि- कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, इस बात को देशवासियों ने जीकर दिखाया है।
  13. -गरीबी से बाहर निकलने को आतुर जिंदगी, भव्य भारत के निर्माण के लिए क्या कुछ नहीं कर सकती।
  14. -काल के कपाल पर अंकित हो चुका है कि जनशक्ति का मतलब क्या होता है?
  15. -कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, इस बात को देशवासियों ने जीकर दिखाया है।
  16. -देशवासियों ने अपने परिश्रम से उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी है।
  17. -देशवासियों ने जो कष्ट झेला है, वह भारत के उज्जवल भविष्य के लिए नागरिकों के त्याग की मिसाल है।
  18. -एक बात मैंने अनुभव की कि आपने मुझे अपना मानकर अपनी बात कही और आपका ये प्यार आशीर्वाद की तरह है।
  19. -भारतीयों ने जो कष्ट सहा, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बनेगा।
  20. -बड़े नोट कालाबाजारी और गरीबी बढ़ा रहे थे,बड़े नोट गरीबों का हक छीन रहे थे।
  21. -सरकार के पास दर्ज की गई आकंड़ों के मुताबिक सिर्फ 24 लाख लोग ये स्वीकारते हैं कि उनकी सालाना आय 10 लाख रूपये से ज्यादा है।

पीपीए के 33 विधायकों के साथ भाजपा ने अरूणाचल में सरकार गठित की




इटानगर, 31 दिसंबर :भाषा: अरूणाचल प्रदेश में नाटकीय घटनाक्रम में आज भाजपा ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में नयी सरकार का गठन किया। खांडू की अगुवाई में पीपुल्स पार्टी ऑफ अरूणाचल :पीपीए: के 33 विधायक भाजपा में शामिल हो गए।
खांडू ने विधानसभा अध्यक्ष तेंजिंग नोरबू थोंगदोक के सामने अपने 33 विधायकों की परेड करायी। विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के भाजपा में शामिल होने को मंजूरी दे दी। विधानसभा अध्यक्ष ने इनको भाजपा के सदस्य के तौर पर मान्यता प्रदान की। भाजपा के पास पहले से ही 11 विधायक थे।
पूरा नाटकीय घटनाक्रम गुरूवार को शुरू हुआ जब पीपीए के अध्यक्ष काहफा बेंगिया ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए खांडू, उपमुख्यमंत्री चौवना मेन और पांच विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।
राज्य में नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस :एनईडीए: सरकार की गठबंधन सहयोगी पीपीए ने कल टकाम पेरियो को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना था।
हालांकि राजनीतिक समीकरण तब बदल गए जब शुरूआत में पेरियो को समर्थन देने वाले पीपीए के अधिकतर विधायक बाद में खांडू के खेमे में चले गए।
पीपीए ने आज चार और पार्टी विधायकों - होनचुन न्गानदम, बमांग फेलिक्स, पुंजी मारा और पानी टराम को भी निलंबित कर दिया।
खांडू ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा, अरूणाचल प्रदेश में आखिरकार कमल खिल गया। राज्य में लोग नयी सरकार के नेतृत्व में नये साल में विकास की नयी सुबह देखेंगे।
भाजपा महासचिव राम माधव ने अरूणाचल प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने की सराहना की।
माधव ने ट्वीट किया, अरूणाचल प्रदेश 10वां भाजपा शासित राज्य और भाजपा के गठबंधन के सत्ता वाला 14वां राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू को बधाई और भाजपा परिवार में उनका स्वागत करते हैं।

EXCLUSIVE-गजब मुलायम के धोबी पछाड़ से शिवपाल चित, बसपा बैकफुट पर


सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के धोबी पछाड़ से शिवपाल यादव चित हो चुके हैं। सपा की बगावत से बसपा अब बैकफुट पर आ जायेगी। मुलायम सिंह यादव को यू ही नहीं जमीनी नेता माना जाता है उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिसका जलवा कायम हो उसका नाम मुलायम हो का नारा क्यों लगता है। फिलहाल मुलायम सिंह की रणनीति ने सीएम अखिलेश की सारी बाधा दूर कर दी है। सपा में सीएम अखिलेश व शिवपाल यादव के बीच के बीच जो मनमुटाव था वह 21 जून 2016 को सतह पर आ गया। इसी दिन बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी कौएद का सपा में विलय हुआ था जिसका सीएम अखिलेश ने विरोध किया था। इसके बाद सीएम अखिलेश यादव ने विलय की मध्यस्था कराने वाले मुलायम के करीबी नेता बलराम यादव को पार्टी से बाहर कर देते है। इसी के बाद से सपा में वर्चस्व को लेकर सीएम अखिलेश व शिवपाल यादव खुल कर सामने आ गये थे। अभी तक मुलायम सिंह यादव को अधिक दिक्कत नहीं थी लेकिन 15 अगस्त 2016 को मुलायम को तगड़ा झटका लगा था जब उन्हें विवश होकर प्रेस कांफ्रेंस में कहना पड़ा था कि यदि शिवपाल ने इस्तीफा दे दिया तो पार्टी की ऐसी-तैसी हो जायेगी। मीडिया के सामने मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल को सबसे खास बताया और सीएम अखिलेश यादव को फटकार लगायी। यहीं से मुलायम सिंह यादव ने धोबी पछाड़ दांव चलना शुरू किया था जिसका अंतिम दांव शनिवार को खेला गया और शिवपाल यादव चित हो गये। जानिए कैसे बेटे के लिए मुलायम सिंह यादव ने बनाया चक्रव्यूह और फंस गये शिवपाल मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक रूप से सीएम अखिलेश को ही फटकार लगायी और शिवपाल यादव का साथ दिया। एक तरफ सीएम अखिलेश यादव को अपने ढंग से काम करने की छूट थी तो दूसरी तरफ शिवपाल यादव का साथ मुलायम सिंह यादव निभाते गये। इससे संदेश गया कि मुलायम सिंह ने बेटे के लिए अपने भाई को नहीं छोड़ा। अंत में टिकट वितरण को लेकर जब सीएम अखिलेश यादव को सपा से निष्कासित किया गया तो भी मुलायम ने यह साबित किया कि शिवपाल के साथ मुलायम व सपा पार्टी है। शनिवार की सुबह जब शक्ति प्रदर्शन की बात आयी तो भी मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल यादव का साथ दिया। भीष्म पितामह की तरह मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद अपने बेटे को मिल रहा था और वह साथ अपने भाई का दे रहे थे। शक्ति प्रदर्शन में सीएम अखिलेश ने साबित कर दिया कि अधिकांश पार्टी के नेता, विधायक व एमएलसी उनके साथ है। मुलायम सिंह का साथ मिलने के बाद भी शिवपाल यादव अपनी ताकत नहीं दिखा पाये। मुलायम सिंह यादव के इसी धोबी पछाड़ से शिवपाल यादव चित हो गये। जिस शिवपाल यादव के इस्तीफे की धमकी देने के बाद मुलायम सिंह यादव ने पार्टी की ऐसी-तैसी होने की बात कही थी वही शिवपाल यादव बिना सपा को छोड़े हुए अपनी ताकत नहीं दिखा पाये। जबकि सीएम अखिलेश ने बड़ा समर्थन जुटा कर साबित किया कि वही मुलायम सिंह यादव व सपा के उत्तराधिकारी है। शिवपाल यादव को उनकी ताकत का अहसास हो गया। मुलायम ने भाई के लिए बेटे को पार्टी से निकाल कर एक संदेश दिया है अब बेटे के लिए शिवपाल यादव अपने भाई मुलायम सिंह यादव का साथ नहीं छोड़ पायेंगे। जानिए कैसे बीएसपी आयेगी बैकफुट पर मुलायम सिंह यादव ने मुस्लिम वोटरों को पार्टी से दूर होने से रोकने के लिए भी खास दांव चला। सपा परिवार का कलह आजम खा के सामने आने के बाद खत्म हुआ। आजम खा पहले मुलायम सिंह से मिले और फिर सीएम अखिलेश से भेंट की। इसके बाद सीएम अखिलेश की वापसी हो गयी। इससे समाज में संदेश दिया कि मुस्लिमों के बड़े नेता आजम खा की सपा पर सबसे अधिक पकड़ है और सपा में ही मुसलमानों की सुनी जाती है, ऐसे में सपा कुनबे की लडाई से नाराज मुस्लिम वोटर जो बीएसपी की तरफ जाने की सोच रहे थे उन्हें अब आजम खा के जरिए रोक कर बीएसपी को झटका दिया जा सकता है। क्या कहते हैं राजनीति विज्ञान के जानकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के राजनीति विज्ञान के पूर्व हेड प्रो.नंदलाल ने कहा कि सारी घटनाओं को देखे तो साफ हो जाता है कि मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे को हीरो बना कर सपा का सबसे बड़ा नेता बना दिया है। भाई को भी उसकी ताकत दिखायी और संदेश दिया कि सपा में रह कर वह विधायक नहीं जुटा पाये तो पार्टी से बाहर जाकर क्या कर लेते। फिलहाल सपा के नये नेता सीएम अखिलेश बन चुके हैं और अब सपा में मुलायम सिंह के बाद सीएम अखिलेश का ही डंका बजेगा।



मुलायम ने 20 घंटे में ही वापस लिया अखिलेश-रामगोपाल को पार्टी से बाहर करने का फैसला, शिवपाल ने खुद किया एलान




लखनऊ.1992 में अपने गठन के बाद सबसे बुरे दौर से गुजर रही समाजवादी पार्टी को मुलायम सिंह यादव शनिवार को संभालते दिखे। मुलायम ने अखिलेश और रामगोपाल यादव को पार्टी से बाहर करने का फैसला 20 घंटे बाद ही वापस ले लिया। इसका एलान भी खुद मुलायम ने नहीं, बल्कि शिवपाल ने पहले ट्वीट कर किया। वही शिवपाल जिन्होंने शुक्रवार को बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश को बाहर करने की बात नेताजी के कान में कही थी। मुलायम-शिवपाल के इस यू-टर्न के पीछे वजह आजम खान रहे, जो सुलह की कोशिशें करा रहे थे। इससे पहले, अखिलेश से मिलने सपा के 224 में से 200 विधायक पहुंचे। जबकि मुलायम से मिलने सिर्फ 17 विधायक आए थे। मीटिंग खत्म होने से पहले ही Dainikbhaskar.comने बता दिया था कि मुलायम क्या फैसला लेने वाले हैं। 6 बड़े डेवलपमेंट...
1#मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को 393 कैंडिडेट्स की मीटिंग बुलाई। लेकिन उनके यहां सिर्फ 17 विधायक और 103 उम्मीदवार पहुंचे। बाद में यह मीटिंग रद्द हो गई।
2#अखिलेश के घर हुई मीटिंग में 224 में से 207 विधायक शामिल हुए। 37 एमएलसी और 53 कैंडिडेट्स भी शामिल हुए।
3#इसके बाद अखिलेश मुलायम से मिलने पहुंचे। करीबी सूत्रों ने Dainikbhaskar.com को बताया कि आजम खान ने सुलह की कोशिशें कीं तो मुलायम सिंह अखिलेश का निष्कासन वापस लेने को राजी होते दिखे।
4# वहीं, जब शिवपाल को मुलायम-अखिलेश-आजम की मीटिंग के लिए बुलाया गया तो उन्होंने फोन पर कहा, 'अब क्या बचा है? हमारी तो इज्जत मिट गई।'
5# मुलायम, अखिलेश, शिवपाल और आजम की मीटिंग खत्म हुई। बाद में शिवपाल सामने आए। कहा- हम लोग नेताजी से मिलने गए थे। नेताजी का मुझे आदेश मिला है कि अखिलेश और रामगोपाल यादव को बहाल किया जाता है और उनका निष्कासन रद्द किया जाता है। हम सांप्रदायिक ताकतों से लड़ेंगे और उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएंगे। सब बातचीत करके प्रत्याशी तय करेंगे और 2017 के चुनाव में उतरेंगे। हम सब लोग बैठकर बातचीत करके लिस्ट पर फैसला लेंगे।
6# समाजवादी पार्टी की 1 जनवरी को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में होने वाली नेशनल एक्जिक्यूटिव मीट कैंसिल नहीं हुई है। रामगोपाल ने कहा कि तय कार्यक्रम के मुताबिक ही सम्मेलन होगा।
यहां से शुरू हुआ था विवाद
- बीते हफ्ते मुलायम ने अपने 325 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की। इसमें से कई नाम अखिलेश को नापसंद थे। अखिलेश ने फिर 235 कैंडिडेट्स की अपनी नई लिस्ट जारी कर दी।
- माना जाता है कि अखिलेश-रामगोपाल मिलकर शिवपाल को बाहर करने की तैयारी थे। इसकी भनक मुलायम-शिवपाल को लग गई। मुलायम ने रामगोपाल को निकालने का फैसला ले लिया। पर शिवपाल ने अखिलेश का नाम भी जुड़वा दिया। दोनों 6 साल से लिए पार्टी से निकाल दिए गए थे।

न्यूजीलैंड में सबसे पहले हुआ साल 2017 का आगाज, पूरे देश में शुरू हुआ जश्न




इंटरनेशनल .दुनियाभर में सबसे पहले न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में नए साल ने दस्तक दी। इस दौरान जबरदस्त आतिशबाजी के साथ लोगों ने जहां नए साल का स्वागत किया, वहीं रंग बिरंगी रोशनी और ‘हैप्पी न्यू ईयर’ की गूंज के साथ ऑकलैंड शहर में बड़ी तादाद में विदेशी सैलानियों ने भी नव वर्ष पर एक-दूसरे को बधाईयां दीं।
अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण, न्यूजीलैंड नए साल का स्वागत करने वाले दुनिया के पहले देशों में से एक है, क्योंकि यहां सबसे पहले 12 बजते हैं और दिन की शुरुआत हो जाती है। ऑकलैंड के बाद नए साल का आगाज ऑस्ट्रेलिया में होता है। न्यूजीलैंड में नव-वर्ष और उससे अगले दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है।
भारतीय समय के मुताबिक हमारे देश में तो यह जश्न रात 12 बजे से शुरू होगा लेकिन दुनिया के कई स्थान ऐसे है जहां रात के 12 यहां से पहले बजेगा और वहां नए साल का जश्न हमारे देश की समय से कई घंटे पहले शुरू हो जाएगा। आईए जानते हैं कि सबसे पहले
 नए साल का जश्न दुनिया में कहां मनाया जाएगा।

  1. - जापान में भारतीय समयनुसार रात साढ़े आठे बजे मनाएगा।
  2. - चीन में भारतीय समयनुसार रात 9.30 बजे शुरू होगा जश्न।
  3. - म्यांमार में रात 11.00 बजे नया साल मनाया जाएगा।
  4. - बंग्लादेश में रात 11.29 मिनट पर नए साल का जश्न मनाया जाएगा।
  5. - नेपाल रात 11.30 बजे से नए साल के जश्न में डूब जाता है।
  6. - श्रीलंका और भारत में नए साल का जश्न एक साथ शुरु होता है।
  7. - पाकिस्तान में नए साल का जश्न भारत से आधे घंटे बाद शुरू होगा।
  8. - दुबई में नए साल की शुरूआत सुबह तड़के डेढ बजे होगी।
  9. - कनाडा के शहरों में सुबह साढे आठ बजे शुरू होगा नए साल का जश्न।
  10. - ब्राजील में सुबह साढे सात बजे शुरू हुआ नए साल का जश्न।
  11. - रूस में नया साल भारतीय समयनुसार साढ़े पांच बजे मनाया जाएगा।
  12. - अमेरिका में पश्चिमी तट पर नए साल का सबसे बाद में आगाज होता है।

नोटबंदी : PM नरेंद्र मोदी शाम 7.30 बजे राष्ट्र को करेंगे संबोधित, किसानों-मजदूरों को दे सकते हैं राहत



नई दिल्ली: नोटबंदी को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी अाज शाम साढ़े सात बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. नोटबंदी पर पीएम द्वारा रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा. BJP ने भी इस बाबत ट्वीट कर जानकारी दी है.

प्रधानमंत्री द्वारा अपने भाषण में अर्थव्यवस्था के लिए एक रोडमैप पेश किए जाने की उम्‍मीद है. बीते 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने की घोषणा के बाद यह पीएम मोदी का राष्‍ट्र के नाम दूसरा संबोधन होगा.

सूत्रों के मुताबिक, नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के मौके पर पीएम देश की जनता को धन्यवाद देंगे, जिन्होंने कठिनाई के बावजूद संयम बनाए रखा. साथ ही इन 50 दिनों में सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए उनका ब्यौरा भी दिया जाएगा. नोटबंदी से हुए फायदों का ब्योरा भी दिया जा सकता है.

प्रधानमंत्री इसके साथ ही नोटबंदी को लेकर आए नए-नए आदेशों पर सफाई भी दे सकते हैं कि आखिर इतने बदलाव क्यों किए गए. दरअसल, विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि नोटबंदी से देश को नुकसान हुआ है. साथ ही बार-बार आए आदेशों से जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.


पुराने नोटों पर बैन के बाद खजाने के बाद कितने रुपये आए इसका लेखा-जोखा भी देश के सामने रख सकते हैं. उम्मीद तो यह भी की जा रही है कि पीएम किसानों और मजदूरों के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं. डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नए कदम और रियायतों पर भी फोकस रह सकता है.

इससे पूर्व शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल पेमेंट्स को आसान बनाने के लिए मोबाइल ऐप BHIM लॉन्च किया है. इस ऐप का नाम डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम पर 'भीम' रखा गया है. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तकनीक अमीरों का ही नहीं गरीबों का भी खजाना है. कैशलेस अर्थव्यवस्था पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि आपका अंगूठा, आपका बैंक और आपका अंगूठा आपकी पहचान है.

भीम ऐप एक तरह से यूपीआई ऐप का नया अवतार है जिसकी मदद से कोई भी सीधे अपने बैंक अकाउंट से डिजिटल भुगतान कर सकता है. यूपीआई पर आधारित इस ऐप की मदद से कोई भी यूज़र ऑनलाइन बैंकिंग के ज़रिए भुगतान और पैसे पा सकते हैं. यह पेमेट वॉलेट से बिल्कुल अलग है जिसके लिए आपको ऐप इंस्टॉल करके इस्तेमाल में लाने के लिए पैसे डालने पड़ते हैं.

बदायूँ भारतीय जनता पार्टी की जनपद बैठक क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जितेन्द्र सक्सेना के आवास पर सम्पन्न हुई।




आज दिनांक 31 दिसम्बर को भारतीय जनता पार्टी की बैठक क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जितेन्द्र सक्सेना के आवास पर सम्पन्न हुई।
  बैठक में क्षेत्रीय महामंत्री दुर्विजय सिंह शाक्य व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष व जिला प्रभारी कुँवर महाराज सिंह व जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य का मार्गदर्शन मिला व परिवर्तन महारैली की समीक्षा की गयी।
            क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जितेन्द्र सक्सेना ने कहा कि 1 जनवरी को रात्रि में जनपद बदायूँ के हजारों कार्यकर्ता सैकड़ों बसों व चार पहिया वाहन से लखनऊ परिवर्तन महारैली के लिए निकलेंगे।
               क्षेत्रीय महामंत्री दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नाटक व ड्रामा से जनता हो ऊब चुकी है अब  समाजवादी पार्टी की स्थिति बहुत ही खराब है प्रदेश में भाजपा की सरकार बननी चाहिए रैली में जाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता बहुत अधिक उत्साहित हैं। 
              जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने कहा कि मोदी सरकार ने जिस तरीके से गांव शहर गरीब किसान के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई है इससे प्रदेश की जनता बेहद खुश है।  जनपद बदायूँ को पार्टी ने जो लक्ष्य दिया है उसी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी बदायूँ से सैकड़ों वाहनों के साथ हज़ारों कार्यकर्ता लखनऊ की परिवर्तन महारैली में शामिल होकर उत्तर प्रदेश में परिवर्तन चाहते है और जिस तरह से सपा टूट रही है और बसपा डूब रही है निश्चित रूप से प्रदेश में अब परिवर्तन होने वाला है अब प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।
वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक विधानसभा में पार्टी के महामंत्री व उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिए गए है।
          बैठक में लोकसभा पालक अशोक भारती जिला उपाध्यक्ष अजीत वैश्य जिला महामंत्री सुधीर श्रीवास्तव राजेश्वर पटेल शारतेन्दु पाठक मुनीष अग्रवाल छोटे लाल प्रजापति आशीष शाक्य मनोज मोदी चितान सिंह आदि महत्वपूर्ण कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन जिला महामंत्री सुधीर श्रीवास्तव किया।

‘भीम’ एप, बिना इंटरनेट अंगूठा लगाकर कर सकेंगे लेन-देन



डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मोबाइल एप भीम लॉन्च किया। इसका नाम भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा गया है। मोदी ने कहा कि दो हफ्तों में आप बिना इंटरनेट के भी पेमेंट का लेन-देन कर सकेंगे। अंगूठा ही डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए काफी होगा।

ऐसेकाम करेगा भीम : इससेपैसे भेजने के लिए आपको सिर्फ एक बार अपना बैंक अकाउंट नंबर रजिस्टर करना होगा। एप के होम स्क्रीन पर जाकर आपको पैसे भेजने के ऑप्शन को चुनना होगा।

रिसीवरका मोबाइल नंबर या आधार नंबर या फिर पेमेंट एड्रेस आैर रकम डालें। अब आपका पहले से तय बैंक अकाउंट सामने जाएगा।
{क्यूआर कोड स्कैन करके भी आप किसी को पेमेंट भेज सकते हैं। 24 घंटे में 10,000 से 20,000 रु. तक का लेनदेन कर सकते हैं।

यहहै भीम एप....

भीमयानी ‘भारत इंटर फेस फॉर मनी’। यह एंड्रॉयड, आईफोन दोनों पर काम करेगा। हिंदी और अंग्रेजी भाषा को सपोर्ट करेगा। क्षेत्रीय भाषाएं भी जल्द जुड़ेंगी।

500-1000 के पुराने नोट बैंक नहीं लेंगे, आरबीआई 31 मार्च तक लेगा

नईदिल्ली | कैशकी किल्लत से जूझ रहे आम लोगों को केंद्र सरकार ने थोड़ी राहत दी है। 1 जनवरी से आप एटीएम से एक दिन में साढ़े चार हजार रुपए निकलवा पाएंगे। लेकिन एक खाते से हफ्ते में सिर्फ 24 हजार रुपए निकलवाने की सीमा अभी लागू रहेगी। बैंकों में 1000 और 500 के पुराने नोट अब जमा नहीं होंगे। अगर किसी के पास पुराने नोट बचे हैं तो 31 मार्च तक आरबीआई में जमा करवा सकता है। हजार और 500 के 10 से ज्यादा पुराने नोट रखना अब अपराध है। अध्यादेश शुक्रवार रात से लागू हो गया। पुराने नोट पकड़े जाने पर कम से कम 10 हजार रुपए या पकड़े गए नोटों की रकम का पांच गुना तक जुर्माना होगा। 

न्यू ईयर गिफ्ट, ATM से पैसे निकालने की लिमिट बढ़ी

 



कैश किल्लत से परेशान लोगों को सरकार ने नए साल का तोहफा दिया है. आरबीआई ने घोषणा की है कि जनवरी की पहली तारीख से पैसे निकालने की सीमा बढ़ा दी गई है. 1 जनवरी से लोग एटीएम से एक बार में 4500 रुपये निकाल सकेंगे.

LIVE: सपा के दंगल में अब अखिलेश के दांव पर नजर, CM आवास पर 210 से ज्यादा MLA, MLC पहुंचने का दावा




यूपी की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में सियासी घमासान लगातार जारी है और सभी की निगाहें अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अगले दांव पर टिकी हैं. सपा से निकाले जाने के बाद अखिलेश सीएम आवास पर अपने समर्थक विधायकों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. इस बैठक में शामिल होने के लिए सपा से निष्कासित रामगोपाल यादव और धर्मेंद्र यादव भी पहुंच चुके हैं.

इस बीच अखिलेश समर्थकों का दावा है कि इस बैठक के लिए अब तक 210 से 220 एमएलए व एमएससी पहुंच चुके हैं और यह संख्या अभी बढ़ने की उम्मीद है. इस बैठक में शामिल विधायकों से हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं और उनके मोबाइल फोन बाहर ही रख लिए जा रहे हैं. सूत्रों के हवाले से खबर है कि अखिलेश इस बैठक में सपा का दामन छोड़ अपनी अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर सकते हैं.

मुलायम की मीटिंग में 55 विधायकों के पहुंचने का दावा
वहीं दूसरी तरफ सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने भी पार्टी दफ्तार में राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है. मुलायम समर्थकों ने इस बैठक के लिए 55 विधायकों के पार्टी दफ्तर पहुंचने का दावा किया है. इस बैठक में शिवपाल यादव के अलावा कमाल यूसुफ, मधुकर जेटली, अशोक वाजपेयी, नारद राय और राजकिशोर सिंह जैसे अहम चेहरे शामिल हुए हैं. वहीं संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद मुलायम पार्टी के मौजूदा विधायकों और उम्मीदवारों के साथ मीटिंग करेंगे. इस बीच वरिष्ठ सपा नेता आजम खान पार्टी अध्यक्ष मुलायम के घर पहुंचे हैं.

अखिलेश और मुलायम समर्थकों में धक्का-मुक्की
इस बीच अखिलेश समर्थक भी नारेबाजी करते हुए सपा दफ्तर की तरफ पहुंच गए, जहां मुलायम समर्थकों के साथ उनकी हल्की झड़प भी हुई. हालांकि पुलिस ने तुरंत बीचबचाव कर उन्हें रोक लिया. वहीं रामगोपाल यादव ने रविवार 1 जनवरी को लखनऊ स्थित आरएमएल लॉ यूनिवर्सिटी में सपा कार्यकर्ताओं की जो आपात बैठक बुलाई थी, उसमें शनिवार को अचानक बदलाव किया गया. बदले हुए कार्यक्रम के तहत अब यह बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में होगी.

अखिलेश को कांग्रेस और आरएलडी का समर्थन
सपा में दो-फाड़ के बीच पिता-पुत्र की अलग-अलग बुलाई इस बैठक को शक्ति परिक्षण के तौर पर देखा जा रहा है और इन बैठकों में शामिल नेताओं की संख्या ही यूपी में आगे की राजनीतिक बिसात तय करेगी. यहां अखिलेश अगर अपनी अलग पार्टी का ऐलान करते हैं, तो गेंद राज्यपाल के पाले में चली जाएगी कि वह विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए कहेंगे. अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस, आरएलडी और कुछ निर्दलीय विधायक सीएम अखिलेश यादव का समर्थन करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश और मुलायम की ओर से बुलाई गई विधायकों की बैठक पर कांग्रेस पैनी नजर रखेगी. कांग्रेस यह देखेगी कि अखिलेश के साथ कितने विधायक हैं.

राहुल, अखिलेश और जयंत की बनी तिकड़ी
अब सपा में मुलायम सिंह, कांग्रेस में सोनिया गांधी और आरएलडी में अजीत सिंह नहीं बल्कि अखिलेश, राहुल और जयंत फैसले ले रहे हैं. बताया जाता है कि तीनों आपस में संपर्क में हैं. राहुल और जयंत ने अखिलेश को सपोर्ट करने का भरोसा दिया है. जयंत ने राहुल से बात करने के बाद अखिलेश को संदेश दिया कि हम सब साथ हैं.

सपा के दंगल में अखिलेश-रामगोपाल चित 
बता दें कि यूपी में तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रम के तहत सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और अपने भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया. अखिलेश द्वारा उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट जारी करने, तो वहीं रामगोपाल द्वारा पार्टी का सम्मेलन बुलाने पर मुलायम सिंह ने अनुशासनहीनता करार देते शुक्रवार को यह कार्रवाई की.

बेटे अखिलेश और भाई रामगोपाल के तेवरों से गुस्साए सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने लखनऊ में आनन-फानन में बुलाए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रामगोपाल अखिलेश यादव को गुमराह कर उनका भविष्य खत्म कर रहे हैं. साथ ही मुलायम ने कहा कि रामगोपाल के बुलाए अधिवेशन में पार्टी नेताओं और मंत्रियों के शामिल होने को भी अनुशासनहीनता माना जाएगा.

अखिलेश ने जारी की थी अपनी अलग लिस्ट
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने गुरुवार को 235 उम्मीदवारों की अपनी अलग लिस्ट जारी कर दी थी, जिसके बाद शिवपाल यादव ने 68 और नाम घोषित कर 403 में से 393 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया. रामगोपाल का कहना है कि शिवपाल की अगुवाई में ऐसे तमाम नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया है, जिनकी कोई जमीनी पकड़ नहीं है और चुनाव में उनकी जमानत तक नहीं बचेगी. इसी के खिलाफ आवाज उठाने से निष्कासन का ये गलत कदम उठाया गया है.

वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश के करीबी सूत्रों से जो खबरें आ रही हैं, उससे पार्टी के टूट की खबरों को बल मिलता है. मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा, 'हम ही असली समाजवादी पार्टी हैं. नेताजी अभी भी 

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