: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : यूपी में बीजेपी के सामने अब ‘भगवा चुनौती’ भी

यूपी में बीजेपी के सामने अब ‘भगवा चुनौती’ भी



लखनऊ
लोकसभा चुनाव 2014 में ऐतिहासिक सफलता के बाद विधानसभा चुनाव में जनमत को बरकरार रखने के लिए जूझ रही बीजेपी के सामने अब ‘भगवा चुनौती’ खड़ी हो गई है। यह ‘भगवा चुनौती’ पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक दिखाई पड़ रही है।

पूर्वांचल में जहां गोरखपुर के बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ द्वारा खड़े किये गए संगठन हिंदु युवा वाहिनी ने बगावत का स्वर बुलंद कर आधा दर्जन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी, तो वहीं एनडीए में शामिल उसके सहयोगी दल शिवसेना ने भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक दर्जन प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है।

पूर्वांचल में योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित की गई हिंदू युवा वाहिनी बीजेपी से टिकट की आस टूटने के बाद बगावत की राह पर चल पड़ी। वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह ने छह प्रत्याशियों की घोषणा कर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कई जिलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके यह निर्णय लिया गया है।


हियुवा के बैनर तले खड्डा विधानसभा से विजय गोविंद राव ‘शिशु’, कुशीनगर से राजेश्वर सिंह, पड़रौना से राजन जायसवाल, सिसवां से ज्योतिष मणि त्रिपाठी, पनियरा से सतीश सिंह व फरेंदा से जितेंद्र शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है। हिंयुवा के बगावती तेवर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ भी परेशान हैं।

शनिवार को बस्ती जिले के दौरे के दौरान बोले कुछ लोग हिंदू विरोधी ताकतों के खिलौने बन गए हैं और अपने स्वार्थ के लिए हिन्दू युवा वाहिनी जैसे राष्ट्रवादी संगठन का दुरुपयोग करना चाहते हैं। यह किसी भी स्थिति में नहीं होगा। हम राष्ट्रवादी मिशन के साथ जुड़े हैं और बीजेपी के अलावा किसी अन्य दल या संगठन को समर्थन करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। जो भी लोग इस प्रकार के कृत्य में लिप्त हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

केंद्र में अभी तक एनडीए के घटक दल में शामिल शिवसेना भी यूपी में बीजेपी के सामने एक चुनौती बनने के प्रयास में जुटी है। शिवसेना के उत्तर भारत प्रमुख विनय शुक्ला ने एनबीटी को बताया कि यूपी में पार्टी डेढ़ सौ सीटों पर अपने उम्मीदवार को उतारने का निर्णय लिया है। अभी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद, नोएडा, सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बदायूं, बरेली, मुरादाबाद के साथ कानपुर,इलाहाबाद,झांसी सहित कई जगह उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

एक दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी अब तक नामांकन भी कर चुके हैं। बकौल शिवसेना, उत्तर भारत प्रमुख यूपी में पहली बार विधानसभा चुनाव के दौरान ठाकरे परिवार भी प्रचार के लिए आएगा। छह फरवरी के बाद उद्धव ठाकरे के यूपी में किस शहर में आएंगे चुनाव प्रचार करने तय हो जाएगा। शिवसेना बीजेपी के सामने चुनौती किस तरह बनने जा रही है, इसका अंदाजा बदायूं सीट से पांच बार बीजेपी के विधायक रहे रामसेवक पाटिल को शिवसेना में शामिल कराकर टिकट देकर मैदान में उतारने के फैसले से लगाया जा सकता है।

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