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मुलायम सिंह का बड़ा बयान- अखिलेश ही होंगे अगले CM, पार्टी ना टूटी है- ना टूटेगी




लखनऊ.समाजवादी पार्टी के साइकिल सिंबल पर दावेदारी को लेकर मुलायम सिंह यादव सोमवार को इलेक्शन कमीशन पहुंचे। इसके बाद रात को मीडिया से बातचीत में उन्‍होंने कहा- समाजवादी पार्टी एक ही है। चुनाव के बाद अगले सीएम अखिलेश यादव ही रहेंगे। इसमें कोई कन्‍फ्यूजन नहीं है। समाजवादी पार्टी ना टूटी है और ना टूटेगी। उधर, अखिलेश गुट की तरफ से रामगोपाल ने इलेक्शन कमीशन के अफसरों से मुलाकात की। बता दें कि आयोग ने दोनों पक्षों को पार्टी सिंबल विवाद पर 9 जनवरी तक एफिडेविट देने को कहा था। मुलायम ने कहा था- मैं जाते ही ठीक कर दूंगा...

- मुलायम ने सोमवार को कहा- "आप तो जानते हैं कि एक-दो लोग हैं जिन्होंने हमारे लड़के को बहका दिया है। मेरी अखिलेश से काफी बात हुई। सुबह बात हुई। अब जा रहा हूं। देखता हूं क्या कहता है?
- "हमारे और मेरे पुत्र के बीच कोई विवाद नहीं है। यह मामला मेरे और मेरे बेटे के बीच हैं। एक शख्स है जो मतभेद लाने की कोशिश कर रहा है। मैं जाते ही ठीक कर दूंगा।"
- न्यूज एजेंसी ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि मुलायम ने ईसी को बताया कि रामगोपाल यादव ने जो पार्टी का अधिवेशन बुलाया था। वह पार्टी के संविधान के मुताबिक नहीं था। इसलिए, उसमें लिए गए फैसले वैध नहीं है।
- अमर सिंह और शिवपाल यादव के साथ मुलायम इलेक्शन कमीशन पहुंचे थे।
- इस बीच, मुलायम सिंह ने राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी को लेटर लिखकर रामगोपाल यादव से राज्यसभा में एसपी के नेता का दर्जा वापस लिए जाने की मांग की है।
रामगोपाल ने कहा- ईसी सिंबल पर फैसला जल्द लें
- अखिलेश गुट की तरफ से रामगोपाल यादव ने ईसी से करीब 2:30 बजे मुलाकात की।
- मीटिंग के बाद रामगोपाल ने बताया कि हमने इलेक्शन नजदीक होने का हवाला देते हुए ईसी से जल्द ही सिंबल पर फैसला लेने की अपील की है।
- हालांकि, उन्होंने मुलायम सिंह के किसी भी बयान पर कमेंट करने से मना कर दिया।
सीज हो सकता है सिंबल
- दोनों ही खेमे सिंबल को लेकर अड़े हैं। जानकारों का कहना है कि इलेक्शन कमीशन इस पर जल्दी फैसला नहीं ले सकता है। जांच करने के लिए उसे वक्त चाहिए।
- ऐसे में जांच जारी रहने तक आयोग साइकिल निशान को फ्रीज कर दोनों गुटों को नया चुनाव चिह्न दे सकता है।
मुलायम ने खुद को बताया सपा का राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष
- वहीं, रविवार शाम मुलायम सिंह ने दिल्‍ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इसमें उन्‍होंने कहा था- "मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं, शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष हैं और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हैं।"
- "हमने रामगोपाल को 30 दिसंबर को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था। रामगोपाल ने जो सम्मेलन बुलाया वो फर्जी है।"
मुलायम ने जड़ा पार्टी ऑफिस पर ताला, अखिलेश की नेमप्लेट हटाई
- लखनऊ में मुलायम ने कहा था, "पार्टी के अंदर कोई विवाद नहीं है, तो समझौता कैसा?"
- रविवार को दिल्ली रवाना होने से पहले लखनऊ के पार्टी ऑफिस में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और नरेश उत्‍तम की प्रदेश अध्‍यक्ष के नाम से लगी नेमप्‍लेट को हटवा दिया था।
- इसके बाद मुलायम के नाम वाली राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और शिवपाल के नाम वाली प्रदेश अध्‍यक्ष की प्‍लेट दोबारा लगाई गईं। पार्टी ऑफिस के कमरों में ताला लगवाकर मुलायम दिल्‍ली रवाना हो गए।
- मुलायम ने अपने ऑफिसर ऑन स्‍पेशल ड्यूटी (ओएसडी) जगजीवन से ऑफिस की चाबियां लेकर रख लीं। इस दौरान अखिलेश खेमे के वर्कर्स नारेबाजी करते रहे।
- जब मीडिया ने पूछा कि क्या अखिलेश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें रहेंगे?" इस पर मुलायम बोले, "क्या मैं इतना बेवकूफ दिखता हूं।"
- मुलायम दिल्ली पहुंचे और सीधे अमर सिंह के घर गए। यहां पार्टी वर्कर्स से भावुक होते हुए कहा, "मेरे पास गिनती के विधायक हैं। अखिलेश विद्रोही है पर मेरा बेटा है। वो जो कर रहा है, उसे करने दो।"
अखिलेश गुट ने डेढ़ लाख से ज्यादा डॉक्युमेंट्स ईसी को सौंपे
- 7 जनवरी को सपा के सिंबल मामले में रामगोपाल यादव अपना पक्ष रखने के लिए इलेक्‍शन कमीशन के ऑफिस पहुंचे थे।
- यहां रामगोपाल 7 बक्सों में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा डॉक्युमेंट्स भरकर लाए थे। रामगोपाल ने चुनाव आयोग के सामने 6 बक्‍सों में 4,600 व्‍यक्तिगत एफिडेविट पेश किए।
- उन्होंने कहा, "इलेक्शन कमीशन ने हमें 9 तारीख तक का वक्त दिया था। लेकिन हमने सभी जरूरी कागजात सबमिट कर दिए।"
- उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और साइकिल पर हमारा हक है।
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