: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : Live: SP साइकिल सिंबल के मसले पर चुनाव आयोग में सुनवाई शुरू, चुनाव चिह्न पर अखिलेश-मुलायम में तकरार

Live: SP साइकिल सिंबल के मसले पर चुनाव आयोग में सुनवाई शुरू, चुनाव चिह्न पर अखिलेश-मुलायम में तकरार



नई दिल्‍ली: चुनाव आयोग में सपा के साइकिल निशान पर सुनवाई चालू हो गई है. मुलायम सिंह यादव आयोग पहुंच चुके हैं. वहीं दूसरी तरफ अखिलेश खेमे की तरफ से रामगोपाल यादव, किरणमय नंदा और नरेश अग्रवाल पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच सिंबल के मसले पर वहां तकरार हुई. आयोग के बाहर मुलायम समर्थक उनके पक्ष में नारे लगा रहे हैं. आयोग में अखिलेश खेमे का पक्ष कपिल सिब्‍बल रखेंगे.

उल्‍लेखनीय है कि आज चुनाव आयोग में ट्रिब्‍यूनल की तर्ज यानी अदालत की तरह मामले की सुनवाई हो रही है.सुनवाई के दौरान तीनों चुनाव आयुक्तों के साथ चुनाव आयोग के कानूनी सलाहकार भी मौजूद रहेंगे. इस दौरान दोनों पक्षों से अपनी बात सबूतों के आधार पर रखने को कहा जाएगा. मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा सकती है.

ससे पहले मुलायम सिंह यादव ने अपने पक्ष में आयोग को मुख्य रूप से तीन दस्तावेज दिए हैं-
1. समाजवादी पार्टी का संविधान.
2. रामगोपाल यादव की बर्खास्तगी की चिट्ठी.
3. एक पत्र जिसमें कहा गया है कि रामगोपाल ने जो सम्मेलन बुलाया वह असंवैधानिक है.

उधर जवाब में दूसरे पक्ष के याचिकाकर्ता रामगोपाल यादव (अखिलेश यादव के खेमे से) ने  आयोग से कहा है कि सम्मेलन बुलाने के लिए उन्हें अधिकृत किया गया था. 55 प्रतिशत सदस्यों ने सम्मेलन के लिए सहमति दी थी जबकि संविधान के मुताबिक 40 प्रतिशत से अधिक सदस्य लिखित में दें तो पार्टी संविधान के हिसाब से आपात अधिवेशन बुलाया जा सकता है. साथ ही रामगोपाल यादव ने 200 से अधिक विधायकों और 15 से अधिक सांसदों के समर्थन की चिट्ठी भी दी है.
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इस बात की संभावना भी है कि अगर आयोग दोनों पक्षों की दलीलों से संतुष्ट नहीं होता या दोनों की दलीलों में दम लगता है तो वह चुनाव चिन्ह को जब्त भी कर सकता है. ऐसे में दोनों ही पक्षों को अगले चुनाव में साइकिल के अलावा कोई और चुनाव चिन्ह लेना होगा.

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