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3 लाख भारतीयों को छोड़ना पड़ सकता है US, ट्रम्प ने सख्त किए इमिग्रेशन रूल्स




वॉशिंगटन.अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे लाखों लोगों पर देश से बाहर किए जाने का खतरा पैदा हो गया है। इनमें ऐसे भी लोग शामिल हैं, जो ट्रैफिक रूल्स तोड़ने जैसे छोटे मामले में कभी अरेस्ट हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने मंगलवार को इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट को सख्त बनाने वाली पॉलिसी को लेकर दो मेमो जारी किए। इसके बाद से बिना डॉक्युमेंटेशन के रह रहे सवा करोड़ इमिग्रेंट्स पर निकाले जाने का खतरा बढ़ गया है। 3 लाख भारतीय अमेरिकियों को भी खतरा...

- होमलैंड सिक्युरिटी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी जॉन केली ने इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट को लेकर दो मेमो जारी किए हैं।
- इसके तहत, अमेरिका में गैरकानूनी रूप से रह रहे इमिग्रेंट्स देश छोड़ने की लिस्ट में सबसे पहले आएंगे।
- साथ ही, उन इमिग्रेंट्स को भी शामिल किया जाएगा, जो किसी क्राइम के दोषी पाए गए हों या फिर किसी मामले के सस्पेक्ट हों।
- इसमें चोरी और बॉर्डर क्रॉस करने जैसे मामलों में भी अरेस्ट हुए इमिग्रेंट्स को शामिल किया जाएगा।
- इसके बाद से बिना डॉक्युमेंटेशन के रह रहे सवा करोड़ इमिग्रेंट्स पर निकाले जाने का खतरा बढ़ गया है। इमिग्रेशन पॉलिसी में इस बदलाव का असर 3 लाख भारतीय अमेरिकियों पर भी पड़ेगा।
- नई गाइडलाइन के तहत पकड़े जाने वाले लोगों को साबित करना होगा कि वे अमेरिका में लगातार दो साल से रह रहे थे। साबित नहीं कर पाने पर उन्हें बिना किसी अदालती कार्यवाही के देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।
- बता दें कि ये निर्देश ट्रम्प के इलेक्शन कैम्पेन में किए गए वादों का नतीजा है, जिसमें उन्होंने इमिग्रेशन लॉ को और मजबूत करने को कहा था।
दो कैटेगरी में रखे गए इमिग्रेंट्स
- ओबामा के दौर में देश में गैरकानूनी तौर पर रह रहे इमिग्रेंट्स को अकेला छोड़ दिया जाता था।
- अब इमिग्रेंट्स को दो कैटेगरी में रखा गया है। एक वो जिन्होंने बिना परमिशन बॉर्डर क्रॉस किया और दूसरे वो जो देश में वीजा में तय वक्त से ज्यादा दिनों तक रह रहे।
- ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के नए मेमो के मुताबिक, गैरकानूनी तरीके से बॉर्डर क्रॉस कर यूएस आना क्राइम है। ऐसे इमिग्रेंट्स को सबसे पहले यूएस छोड़ना होगा।
- हालांकि, वीजा से ज्यादा वक्त तक रहने को अपराध नहीं माना जाएगा। लिहाजा, ऐसे इमिग्रेंट्स को देश निकाले के लिए तैयार की जाने वाली प्रायोरिटी लिस्ट में नहीं रखा जाएगा।
मेक्सिको भेजने की होगी कोशिश
- नई गाइडलाइन में एक पुराने कानून को भी लागू करवाने की बात की गई है, जिसके तहत सीमा पर पकड़े गए लोगों को जबरन मेक्सिको भेजा जा सकता है, वो चाहे जिस भी देश के हों।
- हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि अमेरिका के पास विदेशी लोगों को जबरन मेक्सिको भेजने का अधिकार है या नहीं।
मेक्सिको का रिएक्शन
- अमेरिका में मेक्सिको के एम्बेसडर गेरोनिमो गुतिरेज ने पॉलिसी में यह बदलाव बेहद गंभीर बताया है।
- उन्होंने कहा कि ये बदलाव फॉरेन रिलेशन डिपार्टमेंट, मेक्सिको सरकार और वहां के सभी लोगों के लिए चिंता की बात है।
पहले 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर लगाया था बैन
- इससे पहले ट्रम्प ने 27 जनवरी को 7 मुस्लिम देशों के लोगों के इमिग्रेशन पर बैन लगाया था, उनमें इराक, ईरान, लीबिया, सूडान, सीरिया, सोमालिया और यमन थे।
- तब व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ द स्टाफ रींस प्रीबस ने कहा था, "हमने इन 7 देशों को चुना तो इसकी एक खास वजह है।"
- "कांग्रेस और ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन, दोनों ने इन 7 देशों की पहचान कर रखी थी कि वहां खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।"
- प्रीबस ने कहा था, "अब आप कुछ अन्य ऐसे देशों की ओर भी इशारा कर सकते हैं, जहां एक तरह की समस्याएं हैं, जैसे पाकिस्तान और कुछ अन्य देश।"
- "शायद हमें इसे और आगे ले जाने की जरूरत है। फिलहाल, इन देशों में जाने और वहां से आने वाले लोगों की गंभीरता से जांच-पड़ताल की जाएगी।"

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