: "width=1100"' name='viewport'/> बदायूँ एक्सप्रेस | तेज रफ़्तार : यूपी के अलावा पांच और राज्‍यों में अवैध मीट की दुकानों पर कसा शिकंजा

यूपी के अलावा पांच और राज्‍यों में अवैध मीट की दुकानों पर कसा शिकंजा




यूपी के अलावा पांच और राज्‍यों में अवैध मीट की दुकानों पर कसा शिकंजायूपी के अलावा पांच और राज्‍यों में अवैध मीट की दुकानों पर कसा शिकंजाउत्तर प्रदेश की देखा-देखी पांच अन्‍य भाजपा शासित राज्‍यों में भी अवैध मीट की दुकानों और बूचड़खानों को बंद कराया जा रहा है।
नई दिल्‍ली (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश में अवैध मीट की दुकानों और बूचड़खानों को बंद कराने वाली राह पर झारखंड के बाद अब भाजपा शासित चार अन्‍य राज्‍य भी चल पड़े हैं। मंगलवार को राजस्‍थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्‍यप्रदेश में भी अवैध तौर पर चलाए जा रहे बूचड़खाने व मीट की दुकानों पर प्रशासन ने हमला बोलते हुए बंद करा दिया। हरिद्वार में तीन, रायपुर में 11 और इंदौर में एक मीट की दुकानों को सील कर दिया गया है।

जयपुर नगर निगम ने कसा शिकंजा

जयपुर में नगर निगम ने ऐसी दुकानों व बूचड़खानों पर अप्रैल से कार्रवाई करने की घोषणा कर दी है। यहां की करीब 4,000 अवैध दुकानों को बंद किया जा सकता है। मीट विक्रेताओं ने दावा किया कि इनमें से 950 दुकानें वैध है, लेकिन कॉर्पोरेशन ने पिछले वर्ष 31 मार्च के बाद इनके लाइसेंस को रिन्‍यू नहीं किया। जयपुर नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि लाइसेंस को रिन्‍यू नहीं किया जा सकता है, क्‍योंकि नगर निगम ने 10 रुपये की लाइसेंस फी को बढ़ाकर 1000 रुपये करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसके लिए अब तक गैजेट नोटिफिकेशन नहीं जारी किया गया है।

लाइसेंस बना मुद्दा

न्‍यू जयपुर मीट असोसिएशन के अध्‍यक्ष अब्‍दुल राकुफ खुर्शी ने कहा, 'इसमें हमारी कोई गलती नहीं क्‍योंकि लाइसेंस के रिन्‍यूअल के लिए हमने आवेदन कर दिया था। हमारे आवेदन को स्‍वीकार नहीं किया गया। हम जयपुर नगर निगम के इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध करेंगे। नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में अवैध मीट की दुकानों व बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन दुकानों के पास पहले लाइसेंस थे उनपर कार्रवाई नहीं होगी। पर कानून के अनुसार काम नहीं किए जाने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।'

हरिद्वार में प्रशासन द्वारा की गयी छापेमारी में पता चला कि 6 में से मात्र तीन दुकानों के पास वैध लाइसेंस था। बाकि के तीन दुकानें अवैध तरीके से चलाई जा रही थीं। हरिद्वार के एसएसपी कृष्‍ण कुमार वीके ने अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया, 'नवरात्र को देखते हुए एक लोक प्रतिनिधि की ओर से आई शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गयी। वैसे मीट की दुकानें जो बगैर लाइसेंस चलाई जा रही हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जिनके पास वैध कागजात हैं उन्‍हें परेशान नहीं किया जाएगा।'

प्रदूषण का कारण हैं ये दुकानें

छत्तीसगढ़ में रायपुर म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन जोन-2 कमिश्‍नर आरके डोंगरे ने तीन दिन के भीतर 11 अवैध मीट की दुकानों को बंद करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर दुकानों को सील कर दिया जाएगा। गंदगी को सड़क के किनारे या सीवर में डालकर ये दुकानदार पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं।

इंदौर भी पीछे नहीं

इंदौर नगर निगम ने नियमों का उल्‍लंघन करने पर एक दुकान को बंद करने का आदेश दिया। निगम अधिकारी ने बताया, 'हमें कुछ दिनों से दुकान के बारे में शिकायत मिल रही थी। जब हम वहां पहुंचे तो देखा की मीट को खुले में रखा गया है और दुकान की स्‍थिति भी खराब थी।' इस बीच रांची नगर निगम ने शहर में अवैध बूचड़खानों व मीट की दुकानों को बंद करवा दिया है।

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